रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: शहर के औद्योगिक क्षेत्र थाना अंतर्गत विरियाखेड़ी इलाके से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। रतलाम पब्लिक स्कूल में कक्षा पांचवीं में पढ़ने वाला 12 वर्षीय छात्र सनी उर्फ शेखर पुत्र मोहनलाल डामोर बुधवार दोपहर अपने घर में मृत अवस्था में पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह पिता मोहनलाल डामोर रोज़ की तरह काम पर चले गए थे, जबकि मां शारदा भी अपने कार्य पर निकल गई थीं। उस समय सनी घर में अकेला था। दोपहर करीब 2 बजे जब मां घर लौटीं, तो उन्होंने बेटे को अचेत अवस्था में देखा, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा है। प्रारंभिक जांच में मामला बेहद संवेदनशील माना जा रहा है और हर पहलू से जांच की जा रही है।
परिवार ने बताया कि सनी इकलौता बेटा था। इससे पहले एक संतान की कम उम्र में बीमारी के कारण मृत्यु हो चुकी थी। सनी पढ़ाई के साथ-साथ मोबाइल गेमिंग में भी रुचि रखता था। परिवार इस घटना से गहरे सदमे में है।
मनोचिकित्सक की राय
मनोचिकित्सक डॉ. प्रहलाद पाटीदार का कहना है कि हाल के वर्षों में कम उम्र के बच्चों में मानसिक दबाव तेजी से बढ़ा है। परीक्षा का तनाव, असफलता का डर और मोबाइल गेमिंग की अधिकता बच्चों के मन पर गहरा असर डाल सकती है। इस उम्र में बच्चे भावनात्मक रूप से पूरी तरह परिपक्व नहीं होते, जिससे वे समस्याओं को अस्थायी रूप में नहीं देख पाते।
समाज और अभिभावकों के लिए संदेश
विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बच्चों से नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, उनके व्यवहार में आने वाले बदलावों पर ध्यान देना चाहिए और जरूरत पड़ने पर काउंसलिंग की मदद लेनी चाहिए।
यदि कोई बच्चा या किशोर मानसिक दबाव में है, तो समय पर बात करना और सहायता लेना बेहद जरूरी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।