Ratlam News: रतलाम में रेलवे भूमि पर बनी अवैध मजार हटाई गई, जेसीबी से कार्रवाई कर स्थान समतल, टीन शेड व जाली जब्त

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रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शहर के लक्ष्मणपुरा स्थित पीएंडटी कॉलोनी क्षेत्र में रेलवे की भूमि पर बनाए गए अवैध धार्मिक निर्माण पर बुधवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। रेलवे और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने जेसीबी की मदद से अवैध मजार को हटाकर पूरे क्षेत्र को समतल कर दिया। साथ ही मौके पर लगाए गए टीन शेड और लोहे की जाली को जब्त कर लिया गया।

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जानकारी के अनुसार, लक्ष्मणपुरा पीएंडटी कॉलोनी में रेलवे के वर्षों पुराने सरकारी मकान बने हुए हैं। इन्हीं में से एक मकान के भीतर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा मजार का निर्माण कर दिया गया था। बाद में उस स्थान को धार्मिक स्थल का स्वरूप देने के लिए टीन की चादरों का शेड और जाली लगाकर कवर कर दिया गया। रेलवे को इस अवैध निर्माण की जानकारी दो दिन पूर्व मिली, जिसके बाद जिला प्रशासन को सूचित किया गया।

सूचना मिलते ही बुधवार सुबह जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, रेलवे, आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी चलाकर अवैध मजार को हटाया गया और जमीन को पूरी तरह समतल कर दिया गया। जब्त किया गया टीन शेड और जाली रेलवे अपने साथ ले गया।

इस कार्रवाई के दौरान अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव, एएसपी राकेश खाखा, आरपीएफ कमांडेंट आर.के. शर्मा, सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया, जीआरपी थाना प्रभारी मोतीराम चौधरी, थाना औद्योगिक क्षेत्र प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी और स्टेशन रोड थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह जादौन सहित बड़ी संख्या में पुलिस और रेलवे के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

क्या बोले अधिकारी
अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि “दो दिन पहले रेलवे क्षेत्र में धार्मिक स्ट्रक्चर बनाकर अतिक्रमण किया गया था। रेलवे से सूचना मिलने पर कार्रवाई की गई। किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की स्थिति न बने, इसके लिए प्रशासन मौके पर मौजूद रहा।”
एएसपी राकेश खाखा ने कहा कि “जीआरपी से सूचना मिली थी कि रेलवे भूमि पर अवैध रूप से धार्मिक स्थल का निर्माण किया गया है, जिसका प्रभाव शहर की शांति व्यवस्था पर पड़ सकता था। मौके पर रहकर निर्माण को हटाया गया है। मामले की जांच रेलवे द्वारा की जा रही है।”

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि रेलवे एवं शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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