रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों और कानूनी जानकारी की आवश्यकता को देखते हुए रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड एडवांस्ड स्टडीज में “कानूनी जागरूकता एवं साइबर अपराध” विषय पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी और कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में अभिभाषक संघ के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश शर्मा, तथा विशिष्ट वक्ता के रूप में अधिवक्ता प्रतीक गौतम एवं अधिवक्ता पंकज रजक उपस्थित रहे।
वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “आज के समय में डेटा सबसे बड़ी पूंजी है और इसकी सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। कानूनी जानकारी के अभाव में लोग आसानी से साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं।” उन्होंने विद्यार्थियों को बैंक विवरण, ओटीपी साझा न करने की सलाह दी और डीपफेक व हनीट्रैप जैसे नए साइबर खतरों से सतर्क रहने का संदेश दिया।
अधिवक्ता प्रतीक गौतम ने सोशल मीडिया, इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग के दौरान होने वाली कानूनी भूलों की जानकारी देते हुए कहा कि लापरवाही से किया गया एक पोस्ट भी कानूनी परेशानी का कारण बन सकता है।
वहीं अधिवक्ता पंकज रजक ने ऑनलाइन फ्रॉड की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने एवं वैधानिक प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष सोनी ने अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में रॉयल महाविद्यालय के अनेक प्राध्यापकगण उपस्थित रहे, जिनमें डॉ. अमित शर्मा, प्रो. कपिल केरोल, प्रो. मृदुला उपाध्याय, प्रो. समीक्षा मेहरा, प्रो. ममता यादव सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संदीप सिद्ध द्वारा किया गया।