BREAKING रतलाम में युवती सम्मेलन: संस्कारों से सशक्त समाज बनाने का संदेश, छात्राओं ने दिखाई सांस्कृतिक प्रतिभा

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रतलाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने युवती सम्मेलन आयोजित किया। कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति, पंच परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण और राष्ट्र निर्माण पर चर्चा हुई।

रतलाम- पब्लिक वार्ता, 

न्यूज़ डेस्क। रतलाम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की नगर इकाई द्वारा युवती सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘संस्कार से सामर्थ्य, संस्कृति से शक्ति’ की थीम पर आयोजित इस सम्मेलन में भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में युवतियों की भूमिका को लेकर विचार साझा किए गए।

सम्मेलन का मुख्य विषय ‘पंच परिवर्तन’ रखा गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारियों का महत्व समझाया। साथ ही समाज में महिलाओं की भागीदारी और उनके योगदान पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

युवतियों की भूमिका और भारतीय संस्कृति पर हुई चर्चा

सम्मेलन में विश्व हिंदू परिषद की प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. माला सिंह ठाकुर और राष्ट्रीय सेविका समिति की प्रांत बौद्धिक प्रमुख प्रतिभा सोनटक्के प्रमुख रूप से उपस्थित रहीं।

कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति और पारिवारिक संस्कारों के महत्व पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों में युवतियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

सम्मेलन के माध्यम से यह विचार सामने रखा गया कि संस्कारों से सशक्त समाज का निर्माण होता है और सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण राष्ट्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पंच परिवर्तन रहा सम्मेलन का मुख्य विषय

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने सम्मेलन के लिए पंच परिवर्तन को केंद्रीय विषय बनाया। इसके माध्यम से छात्राओं को व्यक्तिगत जीवन के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित किया गया।

आयोजकों के अनुसार, सम्मेलन का उद्देश्य युवतियों को भारतीय संस्कृति, पारिवारिक मूल्यों और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना था।

अभाविप का मानना है कि संस्कारित और जागरूक युवतियां समाज को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इसी सोच के साथ सम्मेलन में स्वर्णिम भारत के निर्माण में युवा पीढ़ी के योगदान पर जोर दिया गया।

छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिखाई प्रतिभा

सम्मेलन में विचार-विमर्श के साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी स्थान दिया गया। छात्राओं ने विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई।

कार्यक्रम में अभाविप नगर अध्यक्ष जयश्री राठौर और जिला छात्रा प्रमुख काशीष चौहान भी उपस्थित रहीं। सम्मेलन का संचालन मनस्वी चौहान ने किया।

आयोजन के लिए रतलाम के विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों से 500 से अधिक छात्राओं की भागीदारी अपेक्षित थी। हालांकि, कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं की वास्तविक संख्या की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में नहीं दी गई है।

समाज और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भागीदारी पर जोर

सम्मेलन के माध्यम से छात्राओं को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि शिक्षा के साथ सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक मूल्यों की समझ भी आवश्यक है।

आयोजकों ने युवतियों को समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करने को सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य बताया।

कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के संरक्षण, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक दायित्वों जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।

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