EPFO Rules: तीन साल बाद बंद नहीं होता PF का ब्याज, 58 साल की उम्र तक मिलती रहेगी कमाई – EPFO ने दूर किया भ्रम

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नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। EPFO Rules: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) को लेकर लंबे समय से चल रही एक बड़ी गलतफहमी पर EPFO ने पूरी तरह से विराम लगा दिया है। कई लोगों को अब तक यह भ्रम था कि नौकरी छोड़ने के तीन साल बाद PF खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है।

EPFO के मौजूदा नियमों के अनुसार, नौकरी छोड़ने या बदलने के बाद भी EPF खाते में जमा राशि पर 58 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता रहता है, चाहे खाते में नया योगदान हो या न हो। यानी अगर किसी कर्मचारी ने नौकरी छोड़ दी है और PF की राशि नहीं निकाली है, तो वह पैसा खाली नहीं पड़ा रहता, बल्कि उस पर हर साल घोषित दर से ब्याज जुड़ता रहता है।

उदाहरण से समझें नियम

अगर कोई कर्मचारी 40 वर्ष की उम्र में नौकरी छोड़ देता है और अपना PF नहीं निकालता, तो उसे घबराने की जरूरत नहीं है। उसका EPF खाता अगले 18 वर्षों तक यानी 58 साल की उम्र तक ब्याज कमाता रहेगा। यह नियम सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू होता है।

58 साल के बाद क्या होता है?

EPFO के नियमों के मुताबिक, जैसे ही PF धारक की उम्र 58 वर्ष पूरी होती है, उसका EPF खाता ‘इनऑपरेटिव अकाउंट’ की श्रेणी में चला जाता है। इसके बाद उस खाते पर ब्याज मिलना बंद हो जाता है। इसलिए EPFO सलाह देता है कि 58 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद PF की राशि निकाल लेना ही बेहतर होता है।

58 साल तक नौकरी करने वालों के लिए अलग नियम

जो कर्मचारी 58 वर्ष की आयु तक लगातार नौकरी में बने रहते हैं और रिटायर होते हैं, उनके लिए नियम थोड़ा अलग है। ऐसे कर्मचारियों के EPF खाते पर रिटायरमेंट के बाद अगले 3 साल यानी 61 वर्ष की आयु तक ब्याज मिलता रहता है। हालांकि 61 साल पूरे होते ही यह खाता भी इनऑपरेटिव हो जाता है।

तीन साल वाला नियम क्यों बना भ्रम?

पहले यह नियम था कि अगर EPF खाते में लगातार तीन साल तक कोई योगदान नहीं होता, तो उसे इनऑपरेटिव मान लिया जाता था। इसी वजह से यह गलतफहमी फैल गई कि तीन साल बाद ब्याज मिलना बंद हो जाता है। लेकिन EPFO ने इस नियम में बदलाव कर दिया है और अब इनऑपरेटिव खातों पर भी 58 साल की उम्र तक ब्याज दिया जाता है।

क्या करना समझदारी है?

अगर कोई कर्मचारी लंबे समय तक नौकरी में नहीं है और आगे योगदान की संभावना नहीं है, तो वह PF राशि को नए नियोक्ता के पास ट्रांसफर कर सकता है या नियमों के अनुसार निकाल सकता है। हालांकि, हड़बड़ी में PF निकालने की जरूरत नहीं है, क्योंकि 58 साल तक उस पर ब्याज मिलता रहेगा।

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