मध्य प्रदेश सरकार ने ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत 4165 युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय मिलेगा और उन्हें प्रशासनिक काम का अनुभव भी मिलेगा।
भोपाल- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश सरकार ने युवाओं को प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़ने और उन्हें व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से एक नई योजना शुरू करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 10 मार्च को हुई कैबिनेट बैठक में ‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ लागू करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
इस योजना के तहत चयनित युवाओं को हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली से जोड़ना और सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की सही जानकारी प्राप्त करना है।
4165 युवाओं को मिलेगा मौका
राज्य सरकार ने इस कार्यक्रम के तहत 4,165 युवाओं को इंटर्न के रूप में जोड़ने का लक्ष्य तय किया है।
प्रत्येक विकासखंड (ब्लॉक) से लगभग 15 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा और उन्हें हर महीने 10 हजार रुपये मानदेय प्रदान किया जाएगा।
सरकार का मानना है कि इससे युवाओं को रोजगार का अनुभव मिलेगा और सरकारी योजनाओं की निगरानी भी मजबूत होगी।
अटल सुशासन संस्थान करेगा संचालन
इस कार्यक्रम का संचालन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान के माध्यम से किया जाएगा। यह संस्थान युवाओं को प्रशिक्षण देगा और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जोड़ेगा।
इंटर्न को करना होगा यह काम
‘सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम’ के तहत चयनित युवाओं को ब्लॉक स्तर पर कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जाएंगी। इनमें शामिल हैं:
- सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जमीनी स्थिति का आकलन
- योजनाओं से लोगों को हो रहे लाभ की जानकारी जुटाना
- योजनाओं में आने वाली समस्याओं की रिपोर्ट तैयार करना
- स्थानीय स्तर पर जागरूकता और फीडबैक सिस्टम मजबूत करना
- यह सुनिश्चित करना कि योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रही है या नहीं
युवाओं को मिलेगा प्रशासन का अनुभव
सरकार का मानना है कि इस योजना से युवाओं को शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली समझने का अवसर मिलेगा। वहीं सरकार को भी जमीनी स्तर से वास्तविक फीडबैक मिलेगा, जिससे योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
एमपी कैबिनेट के अन्य अहम फैसले
कैबिनेट बैठक में कई अन्य महत्वपूर्ण निर्णय भी लिए गए:
- मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना के तहत प्रदेश की 46 लाख संपत्तियों की रजिस्ट्री नि:शुल्क की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार लगभग 3000 करोड़ रुपये का स्टाम्प शुल्क वहन करेगी।
- केंद्र द्वारा तय गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपये के साथ प्रदेश सरकार 40 रुपये बोनस देगी, जिससे किसानों को 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे।
- उड़द दाल पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की मंजूरी।
- पचमढ़ी को ग्रीन डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने का फैसला।
- ESI अस्पतालों के लिए 51 पदों की स्वीकृति, जिनका खर्च भारत सरकार उठाएगी।
- एक जिला एक उद्योग और कुटीर उद्योग से जुड़ी योजनाओं को 2031 तक जारी रखने के लिए 33,240 करोड़ रुपये की मंजूरी।
