BREAKING रॉयल कॉलेज में छात्रों को मिले करियर बनाने के टिप्स, ट्रैफिक डीएसपी ने समझाया जिंदगी बचाने का मंत्र

📖 1 min read

रतलाम- पब्लिक वार्ता,

 न्यूज़ डेस्क। रतलाम के रॉयल कॉलेज में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ बेहतर भविष्य बनाने और जिम्मेदार नागरिक बनने का संदेश दिया गया। बीएससी लाइफ साइंस विभाग द्वारा आयोजित ‘आगाज़’ कार्यक्रम में सड़क सुरक्षा, रोजगार के अवसर और व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञों ने छात्रों का मार्गदर्शन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत यातायात जागरूकता के संदेश के साथ हुई। मुख्य वक्ता ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने विद्यार्थियों को सड़क पर सुरक्षित रहने के जरूरी नियम समझाए। उन्होंने हेलमेट और सीट बेल्ट के उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर परिणाम दे सकती है।

इस अवसर पर साईं श्री इंटरनेशनल स्कूल की प्राचार्य डॉ. श्वेता विनचुरकर और जिला रोजगार अधिकारी अभिषेक कटारा ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया। दोनों अतिथियों ने पढ़ाई के साथ व्यक्तित्व निखारने, कौशल विकसित करने और करियर की सही दिशा चुनने के महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

ट्रैफिक डीएसपी ने दिलाई सड़क सुरक्षा की शपथ

कार्यक्रम में ट्रैफिक डीएसपी आनंद स्वरूप सोनी ने यातायात नियमों के पालन को प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने कहा कि सड़क पर वाहन चलाते समय सावधानी बरतना केवल अपनी ही नहीं, बल्कि दूसरों की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है।

उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने का महत्व समझाया। साथ ही कॉलेज के स्टाफ और विद्यार्थियों को सुरक्षित यातायात की शपथ दिलाई।

इस दौरान सड़क सुरक्षा से जुड़ी रोचक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ सवालों के जवाब दिए। सही उत्तर देने वाले छात्रों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया।

असफलता से घबराएं नहीं, चुनौतियों को अवसर बनाएं

कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि डॉ. श्वेता विनचुरकर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता हासिल करने के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है। अनुशासन, सकारात्मक सोच और नैतिक मूल्यों का भी उतना ही महत्व है।

उन्होंने छात्रों को समझाया कि असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखना चाहिए। प्रत्येक चुनौती व्यक्ति को कुछ नया सीखने और आगे बढ़ने का अवसर देती है।

डॉ. विनचुरकर ने समय प्रबंधन, लक्ष्य के प्रति एकाग्रता और आत्मविश्वास को व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानकर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।

जिला रोजगार अधिकारी ने बताए नौकरी और स्वरोजगार के अवसर

कार्यक्रम में जिला रोजगार अधिकारी अभिषेक कटारा ने युवाओं को रोजगार की बदलती जरूरतों से परिचित कराया। उन्होंने बताया कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में केवल डिग्री हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है।

विद्यार्थियों को अपनी रुचि और करियर के अनुसार तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी विकसित करना चाहिए। इससे सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में बेहतर अवसर प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

कटारा ने रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास के विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को करियर की तैयारी के दौरान अपनी क्षमताओं को लगातार बेहतर बनाने की सलाह दी।

विद्यार्थियों को इन विषयों पर मिला मार्गदर्शन

सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन

हेलमेट और सीट बेल्ट का महत्व

समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच

व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास

सरकारी एवं निजी क्षेत्र में करियर की तैयारी

रोजगार, स्वरोजगार और कौशल विकास

तकनीकी और सॉफ्ट स्किल्स की उपयोगिता

लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का दिया संदेश

बीएससी लाइफ साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. कपिल केरोल ने विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि सफलता के लिए निरंतर सीखना और अपनी क्षमताओं में सुधार करना जरूरी है। विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ अन्य उपयोगी गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करनी चाहिए।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक उपस्थित रहे।

प्रो. मिताली पुरोहित और प्रो. अलका उपाध्याय ने किया संचालन

आगाज़ कार्यक्रम का मंच संचालन प्रो. मिताली पुरोहित और प्रो. अलका उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अतिथियों के विचार सुने और विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।

समापन अवसर पर कॉलेज प्रशासक दिनेश राजपुरोहित ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शिक्षा के साथ जीवन कौशल पर भी जोर

रॉयल कॉलेज में आयोजित आगाज़ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ व्यावहारिक जानकारी हासिल करने का अवसर बना। सड़क सुरक्षा से लेकर रोजगार की तैयारी और व्यक्तित्व विकास तक, अलग-अलग विषयों पर मिले मार्गदर्शन ने छात्रों को जिम्मेदारी, अनुशासन और भविष्य की चुनौतियों के प्रति जागरूक किया।

↑
0%