त्योहार और शादियों के सीजन में सोना खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान! जिससे आपको ना उठाना पड़े कोई नुकसान. Gold खरीदने में असली नकली के अलावा भी है जरूरी बातें…
पब्लिक वार्ता,
न्यूज डेस्क। Gold Check: भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आते ही सोने की खरीदारी में बढ़ोतरी देखी जाती है। विशेष रूप से धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। सोना सिर्फ आभूषण ही नहीं, बल्कि निवेश और पारिवारिक धरोहर का भी प्रतीक है। हालांकि, सोना खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि सही मूल्य और शुद्धता मिले।
सोने की शुद्धता की जांच
सोना खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण बात उसकी शुद्धता की जांच करना है। इसके लिए हॉलमार्क सबसे विश्वसनीय तरीका है। हॉलमार्क यह दर्शाता है कि आपके सोने की गुणवत्ता प्रमाणित है। इसे देखते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें:
1. BIS मार्क: यह दर्शाता है कि सोने की शुद्धता को प्रमाणित किया गया है। यह ग्राहकों को विश्वास दिलाता है कि वे शुद्ध सोने के आभूषण खरीद रहे हैं।
2. कैरेट की पहचान: सोने की शुद्धता को कैरेट से मापा जाता है। 22 कैरेट सोना सबसे आम है, जिसमें 91.6% सोना होता है। कैरेट को 14k, 18k और 22k के रूप में दर्शाया जाता है, जो क्रमशः 58.5%, 75%, और 91.6% सोने की मात्रा को दर्शाता है।
3. UID नंबर: नया UID नंबर आभूषण के निर्माता और हॉलमार्किंग केंद्र को ट्रैक करने में मदद करता है, जिससे आभूषण की शुद्धता और पारदर्शिता की पुष्टि होती है।
आभूषण खरीदते समय बिल की जांच
बिल पर सोने के वजन, एलॉय की मात्रा और हॉलमार्क के चार्ज का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। 2 ग्राम से कम वजन के आभूषणों और मेडिकल इस्तेमाल के लिए बने सोने पर हॉलमार्क अनिवार्य नहीं है। इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही खरीदारी करें।
डिजिटल और गोल्ड बॉन्ड विकल्प
फिजिकल सोने के अलावा डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बॉन्ड भी सोने में निवेश के लोकप्रिय विकल्प हैं। ये विकल्प आपको सुरक्षित और व्यवस्थित निवेश का मौका देते हैं, जहां भंडारण और सुरक्षा की चिंता नहीं होती। सोने की खरीदारी करते समय जागरूक और समझदारी से काम लें ताकि आप अपने त्योहारों की खुशी और निवेश दोनों का आनंद उठा सकें।
Pure Gold Check: शादी या त्योहार पर आप भी सोना खरीद रहे है, तो हो जाए सावधान!, खरीदने से पहले जान ले ये बातें
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