Indian Railways PPP Policy: भारतीय रेलवे 10 साल पुरानी PPP पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। कंसेशन पीरियड 50 साल तक बढ़ाने और जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे लेने के प्रस्ताव से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा और इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से विकसित होगा।
नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Indian Railways PPP Policy: यात्रियों की सुविधाओं और रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने के लिए भारतीय रेलवे अब अपनी 10 साल पुरानी प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप (PPP) पॉलिसी में बड़ा बदलाव करने की तैयारी कर रहा है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य निजी निवेशकों को ज्यादा सुरक्षा देना, जोखिम कम करना और रेलवे प्रोजेक्ट्स को तेजी से पूरा करना है।
रेलवे की नई रणनीति के तहत दो बड़े बदलाव प्रस्तावित किए गए हैं, जिनसे प्राइवेट कंपनियों के लिए रेलवे परियोजनाओं में निवेश करना पहले से ज्यादा आसान और आकर्षक हो जाएगा।

50 साल तक बढ़ सकता है कंसेशन पीरियड
फिलहाल रेलवे के PPP प्रोजेक्ट्स में कंसेशन पीरियड 20 से 35 साल के बीच होता है। अब रेलवे इसे बढ़ाकर 50 साल तक करने का प्रस्तावला रहा है।
इससे निजी कंपनियों को अपने निवेश की लागत निकालने के लिए ज्यादा समय मिलेगा और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में निवेश करने का भरोसा भी बढ़ेगा।
रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw पहले ही गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल (GCT) के लिए 50 साल का कंसेशन पीरियड घोषित कर चुके हैं, जिसे इस नई पॉलिसी की शुरुआत माना जा रहा है।
जमीन अधिग्रहण की जिम्मेदारी रेलवे की होगी
मौजूदा व्यवस्था में PPP प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और खर्च का बोझ निजी कंपनियों पर पड़ता है, जबकि जमीन रेलवे की होती है। इस कारण कई प्रोजेक्ट्स में देरी हो जाती है।
प्रस्तावित बदलाव के अनुसार अब जमीन अधिग्रहण की पूरी जिम्मेदारी रेलवे खुद ले सकता है। यह कदम हाईवे प्रोजेक्ट्स के अनुभव को देखते हुए उठाया जा रहा है, जिससे परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
35 हजार करोड़ से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स
रेलवे ने मार्च 2028 तक PPP मॉडल के तहत 15 बड़े प्रोजेक्ट्स को चुना है, जिनकी कुल लागत करीब 35,817 करोड़ रुपये है। इन परियोजनाओं में नई रेल लाइन बिछाना, ट्रैक डबल करना और स्टेशन रीडेवलपमेंट जैसे काम शामिल हैं।
वहीं, 2012 की मौजूदा PPP पॉलिसी के तहत दिसंबर 2025 तक 18 प्रोजेक्ट्स (16,686 करोड़ रुपये) पूरे हो चुके हैं, जबकि 7 प्रोजेक्ट्स (16,362 करोड़ रुपये) पर अभी काम जारी है।
रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा बड़ा फायदा
नई PPP पॉलिसी लागू होने से रेलवे प्रोजेक्ट्स में निजी निवेश बढ़ेगा, काम की गति तेज होगी और रेलवे का इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ ही देश में लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
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