रतलाम के औद्योगिक क्षेत्र में एक शादीशुदा पड़ोसी की घिनौनी करतूत सामने आई है। डरा-धमकाकर 5 महीने तक नाबालिग का शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी अब पुलिस की गिरफ्त में है।
रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले से रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। औद्योगिक क्षेत्र थाना इलाके में रहने वाली एक 17 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ उसके ही पड़ोसी ने पांच महीनों तक हैवानियत की। आरोपी राजेश, जो खुद शादीशुदा है और एक बेटी का पिता है, उसने पीड़िता का जीवन नर्क बना दिया।
घटना की शुरुआत करीब 5 महीने पहले 23 दिसंबर 2025 को हुई थी। पीड़िता जब अपने घर के बाथरूम में नहाने गई थी, तभी बगल में रहने वाला आरोपी राजेश दीवार फांदकर अंदर घुस आया। वहां उसने किशोरी के साथ जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर आरोपी ने उसे जान से मारने और गांव में बदनाम करने की धमकी दी, जिससे सहमी नाबालिग चुप रह गई।

डर का फायदा उठाकर 5 महीने तक किया शोषण
पहली घटना के बाद आरोपी के हौसले बुलंद हो गए। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपी राजेश उसे लगातार धमकियां देता रहा। “उसने कहा था कि अगर किसी को बताया तो वह मुझे खत्म कर देगा।” इसी डर की आड़ में आरोपी पिछले 5 महीनों (दिसंबर 2025 से अप्रैल 2026) तक लगातार पीड़िता का शारीरिक शोषण करता रहा। वह अक्सर बाथरूम की दीवार फांदकर अंदर घुस जाता और किशोरी के साथ गलत काम करता।
प्रेग्नेंसी किट ने खोला राज: अस्पताल की सलाह पर दर्ज हुई FIR
इस घिनौने अपराध का खुलासा तब हुआ जब नाबालिग गर्भवती हो गई। मार्च महीने से मासिक धर्म (पीरियड) रुकने के बाद पीड़िता को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होने लगीं। जब वह अस्पताल जांच के लिए पहुंची, तो प्रेग्नेंसी किट में रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
अस्पताल प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए पीड़िता को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसके बाद पीड़िता ने हिम्मत जुटाई और अपने माता-पिता को आपबीती सुनाई। रविवार रात परिजनों के साथ थाने पहुंचकर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
पुलिस की कार्रवाई: पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए औद्योगिक क्षेत्र पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। रविवार रात एक महिला अधिकारी ने पीड़िता के बयान दर्ज किए, जिसके आधार पर आरोपी राजेश के खिलाफ सख्त धाराओं में कार्रवाई की गई है।
“आरोपी के खिलाफ धारा 62(2) (m), 351(3) और पॉक्सो (POCSO) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपी को सख्त सजा दिलाने के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।”
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