Ratlam News: रतलाम के करमदी रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से रोज 12 एमएलडी पानी निकल रहा है। कलेक्टर ने गुणवत्ता जांची। भविष्य में इस पानी से तालाब भरने की योजना है।
रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News; रतलाम में जल संरक्षण की दिशा में एक नई पहल की तैयारी है। शहर के करमदी रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से प्रतिदिन करीब 12 एमएलडी यानी 1 करोड़ 20 लाख लीटर उपचारित पानी निकल रहा है। भविष्य में इस पानी का उपयोग शहर के तालाबों को भरने के लिए किया जाएगा।
शुक्रवार, 30 अक्टूबर को मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर अजय कटेसरिया और महापौर प्रहलाद पटेल ने सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान कलेक्टर ने खुद टीडीएस मशीन से उपचारित पानी की जांच की और उसकी गुणवत्ता को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।

निरीक्षण के दौरान जल संरक्षण के साथ क्षेत्र की स्थानीय समस्याएं भी सामने आईं। आसपास की महिलाओं ने निराश्रित मवेशियों से होने वाली परेशानियों की शिकायत की, जिस पर कलेक्टर ने नगर निगम अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
रोज निकल रहा 12 एमएलडी पानी, तालाबों में होगा उपयोग
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने जानकारी दी कि करमदी रोड स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट से प्रतिदिन लगभग 12 एमएलडी उपचारित पानी निकलता है। एक एमएलडी का मतलब दस लाख लीटर प्रतिदिन होता है। इस हिसाब से प्लांट से रोज करीब 1.2 करोड़ लीटर पानी निकल रहा है।
प्रशासन की योजना है कि भविष्य में इस उपचारित पानी का उपयोग तालाबों को भरने के लिए किया जाए। इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और भूजल स्तर सुधारने में भी मदद मिल सकती है।
फिलहाल यह भविष्य की योजना है। किन तालाबों में पानी पहुंचाया जाएगा और इसकी व्यवस्था कब तक शुरू होगी, इसकी जानकारी निरीक्षण के दौरान साझा नहीं की गई।
कलेक्टर ने खुद टीडीएस मशीन से जांचा पानी
सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अजय कटेसरिया ने उपचारित पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए स्वयं टीडीएस मशीन का इस्तेमाल किया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए टीडीएस की जांच भी महत्वपूर्ण है। प्लांट से निकलने वाले पानी की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।
टीडीएस जांच से पानी में घुले कुल ठोस पदार्थों की मात्रा का पता चलता है। हालांकि पानी की संपूर्ण गुणवत्ता और किसी विशेष उपयोग के लिए उसकी उपयुक्तता तय करने के लिए अन्य निर्धारित परीक्षण भी जरूरी होते हैं।
महिलाओं ने बताई निराश्रित मवेशियों की समस्या
प्लांट के निरीक्षण के दौरान क्षेत्र की महिलाओं ने कलेक्टर से मुलाकात कर निराश्रित मवेशियों के कारण होने वाली परेशानियों की जानकारी दी।
महिलाओं की शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर ने नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त अनिल भाना सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
जल संरक्षण के लिए उपयोगी हो सकता है उपचारित पानी
शहरों में सीवरेज के पानी को उपचारित कर दोबारा उपयोग में लाना जल प्रबंधन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे साफ पानी के स्रोतों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
रतलाम में प्रतिदिन निकलने वाले 12 एमएलडी उपचारित पानी का निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुसार उपयोग किया जाए तो यह जल संरक्षण की दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।
तालाबों में पानी पहुंचाने से पहले उसकी गुणवत्ता, पर्यावरणीय मानकों और आवश्यक व्यवस्थाओं का ध्यान रखना भी जरूरी होगा
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