नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Budget 2026 Sasta-Mehnga: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में आम बजट 2026 (Union Budget 2026) पेश किया। यह उनके कार्यकाल का लगातार 9वां बजट रहा। बजट भाषण में उन्होंने कई बड़े ऐलान किए, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ने वाला है। सरकार ने कई वस्तुओं पर कस्टम ड्यूटी घटाने की घोषणा की है, जिससे रोजमर्रा की कई चीजें सस्ती होंगी, वहीं कुछ सेक्टर्स में महंगाई भी बढ़ सकती है।

वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार उन वस्तुओं पर ड्यूटी कम कर रही है, जो भारत में निर्मित होती हैं या जिनका देश में उत्पादन बढ़ाया जाना है। खासतौर पर लेदर, टेक्सटाइल, डिफेंस और ग्रीन एनर्जी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।
Budget 2026 में ये सामान होंगे सस्ते

बजट के ऐलान के बाद निम्नलिखित वस्तुओं की कीमतों में राहत मिलने की संभावना है—
- कपड़े और टेक्सटाइल उत्पाद
- लेदर आइटम और चमड़े से बने जूते-बैग
- सिंथेटिक फुटवियर
- कैंसर और शुगर की 17 जरूरी दवाएं (ड्यूटी फ्री)
- बीड़ी
- लिथियम आयन सेल
- मोबाइल बैटरियां
- सोलर ग्लास
- मिक्स्ड गैस सीएनजी
- इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV)
- माइक्रोवेव ओवन
- विमानों का ईंधन
- विदेश यात्रा
सरकार ने व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात होने वाली वस्तुओं पर टैरिफ दर 20% से घटाकर 10% कर दी है, जिससे कई आयातित सामान सस्ते होंगे।
मोबाइल, जूते और पढ़ाई पर मिलेगी राहत
कच्चे चमड़े और इससे जुड़े उत्पादों पर कस्टम ड्यूटी घटने से जूते, बेल्ट और बैग सस्ते हो सकते हैं। वहीं मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स जैसे बैटरियों के सस्ते होने से मोबाइल फोन की कीमतों में भी गिरावट आ सकती है।
बजट में विदेश में पढ़ाई करने वालों को भी बड़ी राहत दी गई है। टीसीएस (TCS) की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है, जिससे विदेश में पढ़ाई करना सस्ता होगा। इसके अलावा स्पोर्ट्स से जुड़े उपकरणों पर भी कस्टम ड्यूटी घटाई गई है।
इन सेक्टर्स में बढ़ सकती है महंगाई
जहां एक ओर कई चीजें सस्ती होंगी, वहीं कुछ वस्तुएं महंगी भी हो सकती हैं। कस्टम ड्यूटी बढ़ने से इन सेक्टर्स में असर दिखेगा—
- शराब
- स्क्रैप
- खनिज (Minerals)
इन उत्पादों की कीमतों में आने वाले समय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर क्या कहता है बजट 2026?
बजट 2026 में सरकार ने मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थ, ग्रीन एनर्जी और एजुकेशन को प्राथमिकता दी है। आम लोगों के लिए कई जरूरी चीजों को सस्ता करने का प्रयास किया गया है, जबकि कुछ सेक्टर्स में टैक्स बढ़ाकर राजस्व बढ़ाने की रणनीति अपनाई गई है।
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