BREAKING Ratlam News: रतलाम में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, लाखों रुपये का डोडाचूरा बरामद

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Ratlam News: रतलाम के बड़ावदा थाना क्षेत्र में पुलिस ने 290 किलो डोडाचूरा और बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली जब्त की। कार्रवाई के दौरान दो आरोपी मौके से फरार हो गए।

रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बड़ावदा थाना पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान एक संदिग्ध ट्रैक्टर-ट्रॉली से 290 किलोग्राम डोडाचूरा बरामद किया है। जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत करीब 14 लाख 50 हजार रुपये बताई गई है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोकने की कोशिश की, लेकिन चालक ट्रैक्टर लेकर भाग निकला। पीछा किए जाने पर चालक और उसका साथी ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गए। पुलिस ने वाहन की तलाशी ली तो ट्रॉली में प्लास्टिक के कट्टों में भरा डोडाचूरा मिला।

फिलहाल पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी है।

गश्त के दौरान पुलिस को देखकर भागे आरोपी

जावरा एसडीओपी संदीप कुमार के अनुसार, बड़ावदा थाना पुलिस की टीम नियमित रात्रि गश्त पर थी। इसी दौरान एक बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली संदिग्ध स्थिति में दिखाई दी।

जब पुलिस ने वाहन रोकने का संकेत दिया तो चालक तेजी से वाहन लेकर भाग निकला। पुलिस टीम ने पीछा किया, जिसके बाद आरोपी ग्राम सिंदुरकिया स्थित शासकीय मिडिल स्कूल के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली छोड़कर झाड़ियों की ओर भाग गए।

13 कट्टों में मिला 290 किलो डोडाचूरा

पुलिस ने मौके पर छोड़ी गई ट्रॉली की तलाशी ली। जांच के दौरान ट्रॉली में रखे 13 प्लास्टिक के कट्टों में अवैध मादक पदार्थ डोडाचूरा मिला।

तौल कराने पर इसका कुल वजन 290 किलोग्राम निकला। पुलिस के अनुसार इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 14.50 लाख रुपये है।

एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज

बरामद डोडाचूरा और बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली को पुलिस ने जब्त कर लिया है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।

पुलिस अब ट्रैक्टर-ट्रॉली के मालिक और फरार आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।

संभावित ठिकानों पर दबिश

पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपी कार्रवाई के दौरान अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही वाहन के स्वामित्व और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।

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