Ratlam News: रतलाम में सराफा व्यापारी से हुई 5.5 करोड़ की लूट का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया। 6 आरोपी गिरफ्तार, सोने-चांदी के जेवर बरामद।
रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: बिलपांक थाना क्षेत्र में बस के भीतर सराफा व्यापारी से हुई करोड़ों रुपये की लूट के मामले में रतलाम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। घटना के महज 48 घंटे के भीतर पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटे गए सोने और चांदी के आभूषणों का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के कब्जे से सोने के 238 नग जेवरात, वजन 4.167 किलोग्राम, जबकि चांदी के 183 नग जेवरात, वजन 4.047 किलोग्राम बरामद हुए हैं। डिब्बों सहित बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 5.5 करोड़ रुपये बताई गई है।

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इस पूरे मामले में पुलिस ने 300 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले। इसके साथ ही साइबर और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रैक किया गया। पुलिस का दावा है कि CCTV, डिजिटल इनपुट और मैदानी जांच के संयुक्त प्रयास से आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।
बस में व्यापारी से छीना था जेवरों से भरा बैग
पुलिस के अनुसार, रतलाम निवासी अर्पित चोरड़िया सोने-चांदी के आभूषणों का कारोबार करते हैं। वे बड़नगर के व्यापारियों के साथ भी व्यापार करते हैं।
13 अगस्त 2026 को अर्पित बड़नगर में व्यापारिक काम से गए थे। विभिन्न व्यापारियों को सोने के आभूषण देने के बाद रात करीब 8:20 बजे बीके यादव बस से रतलाम के लिए रवाना हुए।
रात करीब 9:15 से 9:30 बजे के बीच बस जब हनुमान चौकी और उमरथाना फंटा क्षेत्र के पास पहुंची, तभी बड़नगर से बस में सवार दो लोग व्यापारी के पास पहुंचे और उनका बैग छीनने का प्रयास किया।
अर्पित ने बैग पकड़कर विरोध किया और शोर मचाया। इसके बाद तीन अन्य आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की। आरोपी बैग छीनकर बस से फरार हो गए।
बैग में सोने-चांदी के आभूषणों के साथ नकदी और जरूरी दस्तावेज भी रखे थे।
300 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच शुरू की। घटनास्थल से लेकर बड़नगर तक आने-जाने वाले रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग जुटाई गई।
जांच टीमों ने 300 से अधिक CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। इसके अलावा बस चालक, परिचालक और क्लीनर सहित अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई।
सायबर सेल ने मोबाइल और अन्य तकनीकी इनपुट का विश्लेषण कर संदिग्धों की गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। तकनीकी साक्ष्यों और मैदानी जांच के आधार पर पुलिस ने संदिग्धों की पहचान की।
हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र से पकड़े गए आरोपी
पुलिस को 15 अगस्त को सूचना मिली कि घटना में शामिल आरोपी हिम्मतगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं और लूट का सामान भी उनके पास है।
सूचना के आधार पर पुलिस टीमों ने घेराबंदी कर छह संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सभी छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- राहुल पिता सोदान गुर्जर, उम्र 24 वर्ष, निवासी ग्राम ऊनी, थाना बिलपांक, रतलाम
- अभिजीत उर्फ अभय पिता दिनेश गुर्जर, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्राम ऊनी, रतलाम
- यशवंत पिता कैलाश गुर्जर, उम्र 28 वर्ष, निवासी बालागंज, बरगुण्डा गली, मंदसौर
- राहुल उर्फ वीर गुर्जर पिता सुरेश गुर्जर, उम्र 25 वर्ष, निवासी दिलीपनगर, रतलाम
- रवि उर्फ बबला गुर्जर पिता देवीसिंह गुर्जर, उम्र 27 वर्ष, निवासी ग्राम जमुनिया, रतलाम
- मोहम्मद उमर उर्फ पप्पु पिता इमाम बख्श, उम्र 42 वर्ष, निवासी आनंद कॉलोनी, रतलाम
पुलिस के अनुसार मामले में रोहित नायक निवासी रामरहिम नगर, रतलाम और गौरव गुर्जर निवासी हरसोला, इंदौर फरार हैं। उनकी तलाश जारी है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में बनीं विशेष टीमें
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। टीमों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ ही CCTV फुटेज, भौतिक साक्ष्य और तकनीकी जानकारी को एक साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रतलाम शहर के मार्गदर्शन में अधिकारियों की अलग-अलग टीमों ने काम किया।
पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई में साइबर सेल, बिलपांक थाना, डीएसबी तथा अन्य पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस टीम को किया जाएगा पुरस्कृत
रतलाम पुलिस ने मामले का तेजी से खुलासा करने वाली टीम की सराहना की है। पुलिस के अनुसार, इस चुनौतीपूर्ण प्रकरण के खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जाएगा।
मामले में आगे क्या?
पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। साथ ही फरार बताए गए दोनों आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वारदात की पूरी योजना किस तरह बनाई गई और इसमें अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।