रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शासन की अधिकांश हितग्राही योजनाओं को जमीन पर उतारने वाले पटवारी संवर्ग में उपेक्षा और अनदेखी को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय गुलाब चक्कर पर प्रांतीय पटवारी संघ की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की सभी तहसीलों से पटवारी एवं पदाधिकारी शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि बीते कई महीनों से पटवारियों द्वारा किसानों की फसल नुकसानी का सर्वे कर राहत राशि वितरण का कार्य दिन-रात मेहनत करके पूरा किया गया। वहीं अब उन्हें जनगणना, मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR), भावांतर योजना, सीएम हेल्पलाइन रिपोर्ट, खाद वितरण एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का भी दबाव झेलना पड़ रहा है। इन सभी कार्यों के कारण पटवारियों का मूल राजस्व कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि
- राहत राशि की करोड़ों रुपये किसानों तक पहुँचाने में पटवारियों का अहम योगदान रहा है।
- फिर भी उन्हें समयमान वेतनमान, सेवा अभिलेख सत्यापन, गोपनीय चरित्रावली, महंगाई भत्ता एरियर, मानदेय और स्वत्वों के भुगतान के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
- जिले के कई पटवारियों को अभी तक अक्टूबर माह का वेतन भी प्राप्त नहीं हुआ है।
बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही पटवारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मुलाकात कर इन समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन प्रस्तुत करेगा।

बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य:
वरिष्ठ पटवारी ध्रुवलाल निनामा, संतोष राठौड़, रमेश सोलंकी, तहसील अध्यक्षगण एवं जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जिला सचिव दीपक राठौड़ ने किया एवं आभार प्रदर्शन राजेश भाटी द्वारा किया गया।
जिलाध्यक्ष ने बताया कि किसानों की फसल नुकसानी के समय पटवारियों द्वारा दिन-रात राहत राशि वितरण किया गया, जिसकी सराहना किसान संगठनों ने भी की है। आगामी दिनों में संघ द्वारा सामाजिक गतिविधियों के अंतर्गत रक्तदान शिविर आयोजित करने की घोषणा भी की गई।
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