Ratlam News: पटवारियों की अनदेखी पर नाराज़गी: राहत राशि बांटने वालों को अब वेतन व अधिकारों का इंतज़ार

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शासन की अधिकांश हितग्राही योजनाओं को जमीन पर उतारने वाले पटवारी संवर्ग में उपेक्षा और अनदेखी को लेकर गहरा आक्रोश है। स्थानीय गुलाब चक्कर पर प्रांतीय पटवारी संघ की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें जिले की सभी तहसीलों से पटवारी एवं पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि बीते कई महीनों से पटवारियों द्वारा किसानों की फसल नुकसानी का सर्वे कर राहत राशि वितरण का कार्य दिन-रात मेहनत करके पूरा किया गया। वहीं अब उन्हें जनगणना, मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR), भावांतर योजना, सीएम हेल्पलाइन रिपोर्ट, खाद वितरण एवं अन्य प्रशासनिक कार्यों का भी दबाव झेलना पड़ रहा है। इन सभी कार्यों के कारण पटवारियों का मूल राजस्व कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि बैठक में निर्णय लिया गया कि शीघ्र ही पटवारी संघ का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मुलाकात कर इन समस्याओं के समाधान के लिए ज्ञापन प्रस्तुत करेगा। बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्य: वरिष्ठ पटवारी ध्रुवलाल निनामा, संतोष राठौड़, रमेश सोलंकी, तहसील अध्यक्षगण एवं जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार उपस्थित रहे। बैठक का संचालन जिला सचिव दीपक राठौड़ ने किया एवं आभार प्रदर्शन राजेश भाटी द्वारा किया गया। जिलाध्यक्ष ने बताया कि किसानों की फसल नुकसानी के समय पटवारियों द्वारा दिन-रात राहत राशि वितरण किया गया, जिसकी सराहना किसान संगठनों ने भी की है। आगामी दिनों में संघ द्वारा सामाजिक गतिविधियों के अंतर्गत रक्तदान शिविर आयोजित करने की घोषणा भी की गई।

Ratlam News: रतलाम में प्रांतीय पटवारी संघ का निर्वाचन निर्विरोध संपन्‍न, लक्ष्मीनारायण पाटीदार फिर से बने जिलाध्यक्ष

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: प्रांतीय पटवारी संघ, जिला रतलाम के जिला व तहसील स्तरीय पदाधिकारियों का निर्वाचन शनिवार को देवश्री गार्डन में गरिमामयी माहौल में सम्पन्न हुआ। जिलेभर से आए पटवारियों की एकता और उत्साह के साथ हुए इस निर्वाचन में जिलाध्यक्ष, जिला सचिव, जिला कोषाध्यक्ष सहित सभी 9 तहसीलों के पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित हुए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजेश भाटी ने परिणामों की घोषणा करते हुए बताया कि पटवारियों के सर्वसम्मत समर्थन से लक्ष्मीनारायण पाटीदार पुनः जिलाध्यक्ष चुने गए हैं। वहीं, दीपक राठौड़ को जिला सचिव और दुर्गेश हैदरिया को जिला कोषाध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध चुना गया। तहसील स्तरीय निर्वाचित पदाधिकारी इस प्रकार हैं: निर्वाचन उपरांत आयोजित वार्षिक सम्मेलन में प्रांतीय पटवारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष अश्विन सैनी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिले के वरिष्ठ पटवारियों एवं नव निर्वाचित पदाधिकारियों का सम्मान किया गया। सम्मेलन में सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों ने संगठन के भविष्य की योजनाएं और अपना विजन साझा किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश पाटीदार ने किया तथा आभार प्रदर्शन एम. एल. कोलवार द्वारा किया गया।

Ratlam News: अधिकारों की मांग को लेकर पटवारियों ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: प्रांतीय पटवारी संघ, रतलाम शहर तहसील शाखा ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। पटवारियों का कहना है कि शासन द्वारा लगातार नए-नए अभियान चलाए जा रहे हैं, जिनमें उन्हें बिना किसी प्रशिक्षण के शामिल किया जाता है। साथ ही, इन अभियानों के लिए तैयार किए गए सॉफ्टवेयरों में तकनीकी समस्याएं बनी रहती हैं, जिससे उनका कार्य अधिक जटिल हो जाता है।   वर्तमान में फार्मर रजिस्ट्र्री और ई-केवाईसी अभियान से बढ़ी परेशानी   संघ के तहसील अध्यक्ष राजेश रावल ने बताया कि इस समय फार्मर रजिस्ट्र्री और भूमि के ई-केवाईसी अभियान चल रहा है। इसके अलावा, पटवारियों को सुबह 6 बजे से काम शुरू करना पड़ता है, जिसमें 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में प्रश्न पत्र निकालने, सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निपटारा, गिरदावरी, वेट लैंड सीमांकन और अन्य प्रशासनिक कार्य भी शामिल हैं। इन सबके चलते पटवारियों पर अत्यधिक कार्यभार है, लेकिन उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।   मुख्य मांगें:   1. अतिरिक्त हलकों का मानदेय: कई पटवारियों को वर्षों से अतिरिक्त हलकों का मानदेय नहीं मिला है। इसके लिए कई बार ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन अभी तक भुगतान नहीं हुआ है।   2. फार्मर रजिस्ट्र्री एवं ई-केवाईसी हेतु स्थायी व्यवस्था: तहसील में स्थायी केंद्र बनाए जाएं, ताकि शहर में निवासरत भूमिस्वामी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकें।   3. ग्राम स्तर पर मोबाइल नंबर अपडेट कैंप: ई-केवाईसी के लिए आधार से मोबाइल नंबर लिंक होना आवश्यक है, लेकिन अपडेट न होने से किसान परेशान हैं। इसके समाधान के लिए ग्राम स्तर पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएं।   4. न्यायालयीन आदेश समय पर उपलब्ध कराना: न्यायालयीन आदेशों में देरी से किसानों को परेशानी होती है और पटवारियों पर लापरवाही के आरोप लगते हैं।   5. कोर्ट कार्यवाही में होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति: पटवारियों को सिविल न्यायालय और हाईकोर्ट में जाने पर व्यक्तिगत खर्च उठाना पड़ता है। इसे शासकीय खर्च में शामिल किया जाए।   6. कोटवारों का बकाया वेतन: पिछले दो माह से कोटवारों को वेतन नहीं मिला है, इसे अविलंब जारी किया जाए।   अन्य मांगें:   – स्वामित्व योजना के मानदेय एवं डीए एरियर का भुगतान।   – पटवारियों की सीआर एवं सर्विस बुक की प्रतिलिपि उपलब्ध कराना।   – समयमान वेतनमान लागू करना।   – पटवारियों की आईडी से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान।   इस अवसर पर जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार, वरिष्ठ पटवारी ध्रुवलाल निनामा, संतोष राठौड़ सहित तहसील के कई पटवारी उपस्थित रहे।