Hormuz Strait News: होर्मुज से भारत को राहत: ईरान ने दी मंजूरी, तेल-गैस लदे 20 जहाज जल्द पहुंचेंगे

Hormuz Strait News: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच ईरान ने भारत सहित 5 देशों के जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी। फंसे 20 भारतीय तेल-गैस जहाजों के लौटने से सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद।

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Hormuz Strait News: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। ईरान ने रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाजों को गुजरने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद वहां फंसे भारत के तेल और गैस से लदे जहाजों के देश पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।

क्या है पूरा मामला?

वेस्ट एशिया में युद्ध जैसे हालात के चलते दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल (Crude) और LNG की सप्लाई होती है, वहां आवाजाही बाधित होने से कई देशों की चिंता बढ़ गई थी। भारत के भी लगभग 20 जहाज इस रूट पर फंसे हुए थे।

ईरान ने किन देशों को दी अनुमति

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया है कि होर्मुज पूरी तरह बंद नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत सहित पांच मित्र देशों—चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान—के जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा।

उनके मुताबिक, ये देश “गैर-शत्रुतापूर्ण” श्रेणी में आते हैं और इन्होंने सुरक्षित मार्ग के लिए ईरान से संपर्क किया था। हालांकि अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों पर रोक जारी रहेगी।

पहले भी मिले थे संकेत

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान पहले ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद और अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठनों को संदेश भेजकर सीमित आवाजाही की अनुमति देने के संकेत दे चुका था। इसमें कहा गया था कि केवल सुरक्षित और गैर-शत्रु देशों के जहाजों को ही गुजरने दिया जाएगा।

भारत के लिए क्यों अहम है यह फैसला?

  • होर्मुज में फंसे भारत के 20 जहाज अब जल्द देश पहुंच सकेंगे
  • तेल और गैस की सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद
  • ऊर्जा संकट की आशंका कम होगी
  • बाजार में कीमतों पर भी असर पड़ सकता है

शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कोई बड़ी कमी नहीं है और अधिकांश पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है।

क्या खत्म होगा तेल-गैस संकट?

विशेषज्ञों के अनुसार, अगर स्थिति और खराब नहीं होती है और जहाज सुरक्षित पहुंच जाते हैं, तो भारत में तेल-गैस की आपूर्ति जल्द स्थिर हो सकती है। हालांकि मिडिल ईस्ट की स्थिति अभी भी संवेदनशील बनी हुई है।