Ratlam News: रतलाम में 47 लाख का साइबर फ्रॉड लिंक, डिजिटल अरेस्ट स्कैम में 3 गिरफ्तार

तमिलनाडु के कोयंबटूर में डिजिटल अरेस्ट स्कैम से 67 लाख की ठगी, 47 लाख रतलाम के बैंक खाते में ट्रांसफर। पुलिस ने 3 आरोपियों को किया गिरफ्तार।

रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: तमिलनाडु के कोयंबटूर में हुए बड़े डिजिटल अरेस्ट साइबर फ्रॉड मामले में रतलाम कनेक्शन सामने आया है। ठगी गई करीब 67.75 लाख रुपए की राशि में से 47.75 लाख रुपए रतलाम के एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस मामले में रतलाम पुलिस ने खाताधारक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

कोयंबटूर के व्यक्ति से 67 लाख की ठगी

मामले के अनुसार, कोयंबटूर निवासी केसी श्रीधर ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपियों ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाया और 67,75,301 रुपए की ठगी कर ली।

जांच में सामने आया कि ठगी की राशि का एक बड़ा हिस्सा रतलाम के फेडरल बैंक खाते में जमा हुआ है, जिससे अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड नेटवर्क का खुलासा हुआ।

रतलाम के तीन आरोपी गिरफ्तार

रतलाम पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि यह बैंक खाता माणकचौक निवासी प्रथम मित्तल (23) के नाम पर है। 25 मार्च 2026 को उसके खाते में 47,75,301 रुपए जमा हुए थे।

पूछताछ में प्रथम ने बताया कि उसने अपने साथियों हेमंत रायक उर्फ मोनू और शुभम रेडा के कहने पर कमीशन के लालच में अपना खाता उपलब्ध कराया था। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

म्यूल अकाउंट का हुआ इस्तेमाल

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उक्त बैंक खाता “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसे अकाउंट का उपयोग साइबर अपराधी ठगी के पैसे को छिपाने और ट्रांजेक्शन ट्रैकिंग से बचने के लिए करते हैं।

पुलिस कर रही नेटवर्क की तलाश

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार के अनुसार, इस मामले में अन्य राज्यों से जुड़े साइबर अपराधियों की भी तलाश की जा रही है। NCRP और I4C पोर्टल के जरिए डेटा एनालिसिस कर नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।

साइबर ठगी से बचने के लिए सावधानी

पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि—

  • किसी भी अज्ञात कॉल से सावधान रहें
  • खुद को सरकारी अधिकारी बताने वालों पर भरोसा न करें
  • बैंक डिटेल्स या OTP किसी के साथ साझा न करें
  • लालच में आकर किसी को अपना बैंक अकाउंट इस्तेमाल करने न दें

किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।