Ratlam News: धामनोद फूड पॉइजनिंग मामला: पूरणदास बैरागी की मावा भट्टी सील, खराब मावा नष्ट, जांच रिपोर्ट भोपाल लैब भेजी गई

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क | Ratlam News: रतलाम जिले के ग्राम धामनोद में आयोजित एक गोद भराई कार्यक्रम में भोजन और नाश्ता खाने के बाद कई मेहमानों को फूड पॉइजनिंग के लक्षण — उल्टी और दस्त — की शिकायत हुई। घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर मिशा सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा और तहसीलदार संदीप इवने ने जांच के दौरान पाया कि पूरणदास बैरागी की मावा भट्टी बिना खाद्य पंजीयन के संचालित की जा रही थी। निरीक्षण के समय भट्टी पर रखा खराब मावा नष्ट करवाया गया और आगामी आदेश तक मावा भट्टी को सील कर दिया गया। कार्यक्रम में बने खाद्य पदार्थों के सभी नमूने राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे गए हैं। प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा और मिलावट नियंत्रण को लेकर प्रशासन की सख्ती चर्चा का विषय बनी हुई है।

दिवाली पर रहे सावधान! : रतलाम जिले में मिलावट का जहर, प्रतिष्ठित दुकानों व फैक्ट्रियों के सैंपल फेल

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। दिवाली पर रहे सावधान! : त्योहारों का मौसम आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन इस बीच एक गंभीर खतरा भी मंडरा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा हाल ही में की गई जांच में 13 खाद्य पदार्थों को मानकों पर खरा नहीं पाया गया। कलेक्टर राजेश बाथम के निर्देशन में लिए गए 109 खाद्य सैंपलों की रिपोर्ट ने त्योहार की खुशियों पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। दीवाली जैसे महत्वपूर्ण त्यौहार के समय पर मिलावटखोरों का यह खेल लाखों लोगों की सेहत और जान से खिलवाड़ प्रतीत हो रहा है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश जमरा ने बताया कि जिन संस्थाओं के नमूने अवमानक पाए गए हैं, उनमें कई प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं। इनमें बिलपांक स्थित ग्रीन ईडन सिस्टमैटिक प्राइवेट लिमिटेड का चना दाल, जावरा के राजश्री नमकीन सेंटर के सेव, ढोढर के श्री गणेश रेस्टोरेंट का सेव, जावरा के श्री राधे नमकीन की मावा बर्फी, रावटी के जाट दूध डेरी का मिक्सड दूध, रतलाम के सज्जन मिल रोड स्थित फायदा बाजार का काबुली चना, पिपलौदा के मां आशापुरा मिल्क चिलिंग सेंटर का मिक्सड दूध, परवलिया के होटल ग्रीन प्लाजा का पनीर, सज्जन पद के साइन मिलकर प्रोसेसिंग प्लांट का भैंस का दूध, सैलाना के हकीम ब्रदर का रिफाइंड सोयाबीन ऑयल, सैलाना के देवेंद्र स्वीट्स का मावा पेडा, ढोढर के बालाजी नाश्ता सेंटर की मिठाई और पीर हिंगोरिया के नाथूलाल मावा भट्टी का भैंस का दूध शामिल हैं। सवाल उठता है कि क्या ऐसे समय में जब लोग अपने परिवार के साथ त्यौहार की खुशियाँ मना रहे हैं, मिलावटखोर अपनी जेबें भरने के लिए उनकी जिंदगी से खेल रहे हैं? क्या ये मिलावट सिर्फ सस्ती चीजों तक सीमित है या फिर ये हमारे त्योहारी खाद्य पदार्थों में भी जहर घोल रहे हैं? प्रशासन ने सभी संबंधित उत्पादकों को सुधार के लिए एक माह की समय सीमा दी है। अगर इस अवधि में अपील नहीं की गई, तो उनके खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत न्यायालय में मामला दर्ज किया जाएगा। लेकिन सवाल यह भी उठता है कि जब तक कार्रवाई होगी, तब तक कितने और लोग इन मिलावटी उत्पादों का शिकार बनेंगे? खाद्य सुरक्षा की यह ढीली निगरानी लाखों लोगों के जीवन से खेल रही है। इस दीवाली, जहाँ लोग मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन करते हैं, वहां इस तरह की घातक मिलावट समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है। जनता को इस बारे में सतर्क रहना होगा और प्रशासन को इस पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि त्यौहार की खुशियाँ किसी के लिए दुखदाई न बनें।