PM Narendra Modi Diwali 2024: प्रधानमंत्री मोदी ने लगातार 11वीं बार जवानों के बीच मनाई दिवाली, कच्छ में बीएसएफ, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के जवानों संग बिताए खास पल

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। PM Narendra Modi Diwali 2024: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल भी अपनी परंपरा को कायम रखते हुए दिवाली जवानों के बीच मनाई। इस बार वे गुजरात के कच्छ पहुंचे, जहां बीएसएफ, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के जवानों के साथ इस खास अवसर को साझा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi in Diwali) ने जवानों को मिठाई बांटी और उनके साथ उत्सव मनाया। यह लगातार 11वां वर्ष है जब प्रधानमंत्री ने जवानों के साथ दिवाली मनाई है, उनके इस कदम ने सैनिकों (Indian Army) के बीच आत्मीयता का विशेष संचार किया है। पीएम मोदी पिछले 11 सालों से हर दिवाली के मौके को खास बना देते हैं. एक-दो बार छोड़ दें तो बीते 8-10 सालों में पीएम मोदी का दीपावली त्यौहार दिल्ली से दूर ही मनता है। पीएम मोदी ने थल, जल और वायु तीनों सेनाओं को कच्छ से बड़ा संदेश दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा की कच्छ के क्रीक क्षेत्र में लक्की नाला में बीएसएफ, सेना, नौसेना और वायु सेना के हमारे बहादुर कर्मियों के साथ दिवाली मनाकर खुशी हुई। यह क्षेत्र चुनौतीपूर्ण भी है और दुर्गम भी। दिन अत्यधिक गर्म होते हैं और ठंड भी पड़ती है। क्रीक क्षेत्र में अन्य पर्यावरणीय चुनौतियाँ भी हैं। हमारे सुरक्षाकर्मी दुर्गम स्थानों पर भी डटे रहते हैं और हमारी रक्षा करते हैं। हमें उन पर बहुत गर्व है। हमारा संकल्प है नेशन फर्स्ट, भारतीय सेना के जवानों के बीच दिवाली मनाता हूं तो मेरी दिवाली की मिठास कई गुना बढ़ जाती है। दुश्मन जब भारतीय सेना को देखता है तो उसे उसके मंसूबों का अंत दिखता है। इस दौरान महिला सैनिक जवानों ने पीएम के सामने देशभक्ति गीत भी प्रस्तुत किए। मोदी ने सभी को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए, अपने हाथों से मिठाई खिलाई। मोदी की यह विशेष परंपरा 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से जारी है, जब वे पहली बार सियाचिन पहुंचे थे। जानिए कब और कहां गए मोदी – 1. 2014 – प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार सियाचिन पहुंचे और वहां तैनात जवानों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाई और उनका हौसला बढ़ाया।   2. 2015 – इस वर्ष प्रधानमंत्री मोदी अमृतसर में जवानों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे थे। उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाई और भारतीय सैनिकों के अदम्य साहस की सराहना की। 3. 2016 – पीएम मोदी ने लगातार तीसरे साल हिमाचल प्रदेश में चीन बॉर्डर के पास ITBP के जवानों के बीच दिवाली का जश्न मनाया। उन्होंने सीमावर्ती इलाके में तैनात जवानों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। 4. 2017 – इस वर्ष मोदी जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर पहुंचे और वहां सैनिकों के साथ दिवाली मनाई। यह दौर उन सैनिकों के लिए एक यादगार पल बन गया, जिन्होंने प्रधानमंत्री को अपने साथ पाया। 5. 2018 – मोदी दिवाली के मौके पर उत्तराखंड के केदारनाथ पहुंचे और वहां के हरशिल गाँव के निकट तैनात भारतीय सशस्त्र बल और ITBP के जवानों के साथ दिवाली मनाई। 6. 2019 – प्रधानमंत्री इस साल जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र पहुंचे और LoC पर तैनात सैनिकों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने सीमा की रक्षा में जुटे जवानों के साहस की सराहना की। 7. 2020 – इस बार पीएम मोदी राजस्थान के जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट पर तैनात सैनिकों के बीच दिवाली मनाने पहुंचे। उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाई और भारतीय सीमा की सुरक्षा को लेकर उनकी भूमिका की प्रशंसा की। 8. 2021 – प्रधानमंत्री मोदी जम्मू-कश्मीर के नौशेरा सेक्टर पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि वे एक प्रधानमंत्री के तौर पर नहीं बल्कि सैनिकों के परिवार के सदस्य के तौर पर आए हैं। 9. 2022 – मोदी इस वर्ष कारगिल में सैनिकों के साथ दिवाली मनाने पहुंचे। उन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी और वर्तमान में सीमा पर तैनात जवानों के साथ यह पर्व मनाया। 10. 2023 – इस साल प्रधानमंत्री हिमाचल प्रदेश के लेपचा पहुंचे और वहां जवानों के साथ दिवाली का जश्न मनाया। 11. 2024 – प्रधानमंत्री ने गुजरात के कच्छ में बीएसएफ, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के जवानों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने जवानों को मिठाई खिलाई और उनके साथ बातचीत कर देश के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इन दौरों से न केवल सैनिकों का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि देशवासियों को एकता, सुरक्षा और देशभक्ति के प्रति सजग रहने का संदेश भी दिया है। उनके इस विशेष प्रयास ने हर वर्ष जवानों को नई ऊर्जा दी है और देश के नागरिकों को गर्व का अनुभव कराया है।

MP News: मध्यप्रदेश के इस शहर में मुर्दे नहीं दीपक जलाते है; दिवाली पर फुलझड़ियों व रंगोलियों से सजता है श्मशान, जानिए क्या है वजह

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। MP News: मध्यप्रदेश के रतलाम में दिवाली से एक दिन पहले श्मशान दीपक से जगमगाते हुए दिखेगा। यहां रंगोलियां बनाई जाती है, आतिशबाजियां होती है। आमतौर पर श्मशान में जाने से लोग कतराते है, वो भी किसी खास त्योहार वाले दिन। लेकिन यहां इसके बिल्कुल उल्टा है। शहर का प्रसिद्ध त्रिवेणी मुक्तिधाम बुधवार शाम को दीपदान के आयोजन से जगमगा उठा। पूरे परिसर को रंगोली और दीपों से सजाया गया, जहां बच्चों ने फुलझड़ियां जलाकर और लोगों ने आतिशबाजी करके इस विशेष मौके को मनाया। महिलाओं ने ढोल की थाप पर पारंपरिक नृत्य कर माहौल को उल्लासमय बना दिया। त्रिवेणी मुक्तिधाम के अलावा शहर के भक्तन की बावड़ी और जवाहर नगर मुक्तिधाम में भी दीपों का यह उजाला देखने को मिला। आयोजन को करने वाले संस्था के प्रमुख सदस्य गोपाल सोनी ने बताया, “दीपावली का यह 5 दिवसीय पर्व न केवल हमारे घर-आंगन को रोशन करता है, बल्कि पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का भी एक माध्यम है। हम मुक्तिधाम में दीप जलाकर, रंगोली सजाकर, और आतिशबाजी कर पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं। इससे हम यह प्रार्थना करते हैं कि यदि हमारे पूर्वज अंधकार में हों, तो वे प्रकाश की ओर जाएं।” सोनी के अनुसार, इस परंपरा का आरंभ 2006 में हुआ था, और अब यह हर वर्ष बड़े उत्साह से मनाई जाती है। मोनिका शर्मा, जो अपने परिवार के साथ इस अवसर पर आईं, ने बताया, “पहले मुक्तिधाम में आने से लोग हिचकते थे, लेकिन अब यह परंपरा का हिस्सा बन गया है और सभी लोग इसमें शामिल होकर दीपदान करते हैं।” इस आयोजन का धार्मिक महत्व भी है। कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर किए जाने वाले इस दीपदान का उद्देश्य यमराज से यमयातना से मुक्ति प्राप्त करना है। गोपाल सोनी ने बताया, “नरक चतुर्दशी के इस दिन यमराज को दीपदान करने का विधान है, जिससे हमारे पूर्वजों को शांति प्राप्त होती है। माना जाता है कि राजा बलि ने इस दिन का वरदान मांगा था कि जो व्यक्ति इस दिन यमराज को दीपदान करेगा, वह दुखों से मुक्त रहेगा।” पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्वजों की प्रसन्नता से देवताओं का आशीर्वाद मिलता है और पितृदोष भी समाप्त हो जाता है। रतलाम में इस अद्वितीय आयोजन ने न केवल पूर्वजों की स्मृति को जीवित रखा है बल्कि समाज में आस्था और परंपरा के महत्व को भी उजागर किया है।

Ratlam’s Lakshmi Temple : MP के इस शहर में है कुबेर का खजाना! ; प्रसाद में बंटते है कड़क नोट और गहने

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam’s Lakshmi Temple: आपसे कोई पूछे की कुबेर का खजाना कहां है? तो आपको जवाब नहीं मिलेगा। लेकिन मध्यप्रदेश के रतलाम शहर का एक ऐसा मंदिर है जिसे आप देख ले तो आपको आपका जवाब जरूर मिल जाएगा। रतलाम के माणक चौक स्थित महालक्ष्मी मंदिर दिवाली पर कुछ ऐसे ही नजर आता है। इस मंदिर में इतना धन – दौलत देखकर हर कोई इसे कुबेर के खजाने से ही जोड़ता है। लेकिन असल में यह कुबेर का खजाना नहीं बल्कि भक्तों का धन है जो महालक्ष्मी को अर्पण किया जाता है। दरअसल दीपावली (Diwali) के पर्व पर रतलाम का ऐतिहासिक महालक्ष्मी (Ratlam Lakshmi Mandir) मंदिर देशभर में अनूठा आकर्षण बना हुआ है। यहां महालक्ष्मी की मूर्ति को सजाने के लिए भक्तों द्वारा दिए गए करोड़ों रुपये के नोट और आभूषणों से पूरा मंदिर परिसर कुबेर के खजाने की तरह जगमगा उठा है। यह देश का इकलौता मंदिर है जहां दीपावली पर भक्तों द्वारा दिए गए गहनों और नकदी से सजावट की जाती है। नोटों और आभूषणों की अद्भुत सजावटमंदिर में इस वर्ष दीपावली सजावट की शुरुआत 14 अक्टूबर, शरद पूर्णिमा से ही हो चुकी थी। विभिन्न मूल्यवर्ग के नोट, 1 रुपये से लेकर 500 रुपये तक के नए-नए नोट, मंदिर के हर कोने में सजाए गए हैं। ये नोट और आभूषण भक्तों द्वारा स्वेच्छा से श्रद्धा के साथ दिए जाते हैं। मंदसौर, नीमच, इंदौर, उज्जैन, नागदा, खंडवा, देवास सहित राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, जम्मू कश्मीर आदि तक से भक्तजन धन और आभूषणों के साथ मंदिर में माता महालक्ष्मी का श्रृंगार करने पहुंचते हैं। श्रद्धालु अपने घरों की तिजोरी से नकदी और गहने लेकर मंदिर में सजावट के लिए जमा कराते हैं। यहां तक कि कई भक्त तो 5 लाख रुपये तक नकद भी श्रद्धापूर्वक रखते हैं। इन नोटों से मंदिर के लिए विशेष वंदनवार बनाए जाते हैं, जिससे पूरा गर्भगृह कुबेर के खजाने जैसा दिखाई देने लगता है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाममंदिर में इतने विशाल खजाने की सुरक्षा के लिए 4 गार्ड और सीसीटीवी कैमरे तैनात हैं। साथ ही, मंदिर के निकट स्थित माणक चौक पुलिस थाना 24 घंटे मंदिर की सुरक्षा में मुस्तैद रहता है। भक्तजनों की संपत्ति की पवित्रता बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन हर प्रकार का एहतियात बरतता है। जितने विश्वास से भक्त यहां सजावट के लिए धन व आभूषण अर्पित करते है, उतने ही विश्वास से लेने भी आते है। हैरानी की बात है की आज तक कभी किसी के धन वापसी करते समय कोई विघ्न नहीं आया है। श्रद्धालुओं के नोट और आभूषण सुरक्षित, रजिस्टर में एंट्री के साथ टोकनमंदिर प्रशासन भक्तों की संपदा की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रबंध करता है। प्रत्येक भक्त के नोट और आभूषणों का नाम, पता और मोबाइल नंबर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाता है। इसके साथ ही, भक्त का पासपोर्ट आकार का फोटो भी लगाया जाता है और टोकन देकर यह संपत्ति उन्हें बाद में सुरक्षित रूप से लौटाई जाती है। यह व्यवस्था इतनी पुख्ता है कि आज तक किसी भी भक्त की संपदा में कोई हेरफेर नहीं हुआ है। दीपावली के बाद प्रसाद में लौटाए जाएंगे गहने और नकदीसबसे विशेष और रहस्यमय पहलू यह है कि दीपावली का पर्व समाप्त होते ही भाई दूज के दिन भक्तों को उनका धन और गहने “प्रसाद” के रूप में लौटा दिए जाते हैं। मान्यता है कि जिनके धन से महालक्ष्मी का श्रृंगार होता है, उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। दो शताब्दियों पुरानी परंपरामंदिर के कुलदीप त्रिवेदी के अनुसार लगभग 200 वर्ष पहले राजा रतन सिंह ने अपने राज्य की समृद्धि और प्रजा की खुशहाली के लिए यह परंपरा शुरू की थी। उन्होंने अपनी संपदा पांच दिनों तक देवी महालक्ष्मी के चरणों में अर्पित करने का संकल्प लिया, जो आज तक निभाया जा रहा है। इसी क्रम में इस मंदिर में महालक्ष्मी के आठ स्वरूपों—अधी लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, लक्ष्मीनारायण, धन लक्ष्मी, विजयलक्ष्मी, वीर लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी और ऐश्वर्य लक्ष्मी—की प्रतिमाएं स्थापित हैं। वास्तविक कुबेर के खजाने जैसा भव्य रूपदीपावली पर पूरे सप्ताह तक यह मंदिर वैभव और आस्था का अनोखा प्रतीक बन जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यहां दिए गए धन से महालक्ष्मी के आशीर्वाद से उनका घर और जीवन समृद्धि से भर जाता है।

Festival Special Train: पश्चिम रेलवे ने त्‍योहारों में यात्रियों की सुविधा के लिए विशेष ट्रेनों का संचालन किया

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Festival Special Trains: त्‍योहारी सीजन के दौरान यात्रियों की बढ़ती संख्‍या को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने उधना-कटिहार-उज्‍जैन स्‍पेशल, उधना-दानापुर-वडोदरा अनारक्षित स्‍पेशल, और उधना-प्रयागराज-उधना अनारक्षित स्‍पेशल ट्रेनों का संचालन करने का निर्णय लिया है। ये ट्रेनें यात्रियों की सुविधा के लिए एक-एक फेरे में चलेंगी। 1. उधना-कटिहार-उज्‍जैन स्‍पेशल (गाड़ी संख्‍या 09047/09048):गाड़ी संख्‍या 09047 उधना-कटिहार स्‍पेशल 01 नवंबर को उधना से रात 00:20 बजे रवाना होगी और 02 नवंबर को दोपहर 14:00 बजे कटिहार पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्‍या 09048 कटिहार से 02 नवंबर को शाम 17:00 बजे चलकर 03 नवंबर को रात 23:30 बजे उज्‍जैन पहुंचेगी। यह ट्रेन भरुच, वडोदरा, रतलाम, नागदा और उज्‍जैन सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इस ट्रेन में सेकंड एसी, थर्ड एसी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के कोच होंगे। 2. उधना-दानापुर-वडोदरा अनारक्षित स्‍पेशल (गाड़ी संख्‍या 09053/09054):गाड़ी संख्‍या 09053 उधना-दानापुर स्‍पेशल 31 अक्टूबर को सुबह 10:00 बजे उधना से रवाना होगी और अगले दिन 01 नवंबर को रात 23:30 बजे दानापुर पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्‍या 09054, 02 नवंबर को सुबह 04:00 बजे दानापुर से चलकर 03 नवंबर को दोपहर 12:00 बजे वडोदरा पहुंचेगी। इस ट्रेन का रतलाम, उज्‍जैन, बीना और कई अन्य स्टेशनों पर ठहराव रहेगा। इसमें 16 स्लीपर कोच होंगे जो पूरी तरह अनारक्षित होंगे। 3. उधना-प्रयागराज-उधना अनारक्षित स्‍पेशल (गाड़ी संख्‍या 09011/09012):गाड़ी संख्‍या 09011 उधना-प्रयागराज स्‍पेशल 31 अक्टूबर को सुबह 07:00 बजे उधना से रवाना होगी और अगले दिन 01 नवंबर को सुबह 09:15 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्‍या 09012, 01 नवंबर को दोपहर 12:30 बजे प्रयागराज से चलकर 02 नवंबर को शाम 16:05 बजे उधना पहुंचेगी। इस ट्रेन में 20 सामान्य श्रेणी के कोच होंगे जो पूरी तरह अनारक्षित होंगे। यात्रियों से अनुरोध है कि वे इन ट्रेनों के ठहराव और समय की अधिक जानकारी के लिए [www.enquiry.indianrail.gov.in](http://www.enquiry.indianrail.gov.in) पर विजिट करें।

Ratlam News: ग्राहकों के विश्वास ने मनाई DPK ज्वेलर्स की पहली धनतेरस, ग्राहकों को मिला आकर्षक कलेक्शन और किफायती मेकिंग चार्ज

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: रतलाम में नव-स्थापित डीपी ग्रुप के डीपीके ज्वेलर्स (DPK Jewellers Ratlam) ने अपनी पहली धनतेरस पर भव्य शुरुआत की है। शुभ मुहूर्त में आभूषण खरीदने की परंपरा को निभाने के लिए बड़ी संख्या में ग्राहक इस शो रूम में पहुंचे। डीपीके ज्वेलर्स ने 15,000 से अधिक डिज़ाइनों का विशाल कलेक्शन और मात्र 2.90% से शुरू होने वाले मेकिंग चार्ज के साथ ग्राहकों का ध्यान आकर्षित किया। पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन उपलब्धशो रूम में पारंपरिक और आधुनिक डिज़ाइनों की ज्वेलरी रेंज में सोने और डायमंड के आभूषण शामिल हैं, जो हर वर्ग के ग्राहकों को पसंद आए। महिलाओं के बीच सोने की चूड़ियां, कंगन, अंगूठियां, और हार काफी लोकप्रिय रहे, जबकि युवा पीढ़ी ने स्टाइलिश डिज़ाइनों में रुचि दिखाई। शो रूम की भव्य सजावट और उत्कृष्ट ग्राहक सेवा ने ग्राहकों के अनुभव को और भी खास बना दिया। सोने की खदान के मालिक भी पहुंचेरतलाम के प्रतिष्ठित व्यक्तियों में शुमार और ओवैस मेटल एंड मिनरल्स प्रोसेसिंग लिमिटेड के सैय्यद अख्तर अली भी शो रूम पहुंचे। उन्होंने डीपी वायर ग्रुप के प्रमुख कांतिलाल कटारिया से मुलाकात की और संचालक अरविंद कटारिया, प्रशांत पोरवाल एवं सुजय कटारिया को नई शुरुआत की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने डीपीके ज्वेलर्स की इस सफलता की सराहना करते हुए इसे उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। आपको बता दे राजस्थान के बांसवाड़ा में सैय्यद अख्तर अली की कंपनी सोने की खदान का संचालन करती है। बेहतरीन सेवा के लिए रहेंगे समर्पितडीपीके ज्वेलर्स के संचालक प्रशांत पोरवाल और सुजय कटारिया ने इस सफलता का श्रेय अपने ग्राहकों को देते हुए कहा, “हम अपने ग्राहकों का आभार व्यक्त करते हैं, जिन्होंने हमारी इस नई शुरुआत में अपना विश्वास और समर्थन दिया। आगे भी हम उन्हें उच्च गुणवत्ता और अनोखे डिज़ाइन के साथ बेहतरीन सेवाएं प्रदान करने के लिए समर्पित रहेंगे।” डीपीके ज्वेलर्स की इस सफल शुरुआत ने न केवल व्यवसाय के लिए एक मजबूत नींव रखी है, बल्कि ग्राहकों के दिलों में भी एक खास जगह बनाई है। उनकी उच्च गुणवत्ता, अनुकूल कीमतें और आकर्षक डिज़ाइनों ने इस धनतेरस पर उन्हें रतलाम के ज्वेलरी बाजार में एक नई पहचान दी है।

Diwali 2024: जानें दिवाली की सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजाविधि

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Diwali 2024 Date, Time, Muhurat and Poojavidhi: दिवाली का पर्व हर साल कार्तिक माह की अमावस्या को धूमधाम से मनाया जाता है। इस साल पंचांग भेद के कारण दिवाली दो दिनों तक मनाई जाएगी—31 अक्टूबर और 1 नवंबर को। दीपावली पर मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा का खास महत्व होता है। जानिए दिवाली की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त, और पूजाविधि। कब है दिवाली?पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत 29 अक्टूबर को धनतेरस से हो चुकी है। इसके बाद 31 अक्टूबर को छोटी दिवाली और फिर दिवाली का मुख्य पर्व मनाया जाएगा। कुछ स्थानों पर दिवाली 31 अक्टूबर को, तो कुछ जगहों पर 1 नवंबर को मनाई जाएगी। दिवाली के अगले दिन, 2 नवंबर को गोवर्धन पूजा और 3 नवंबर को भाई दूज के साथ यह उत्सव समाप्त होगा। दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त– अमावस्या तिथि प्रारंभ: 31 अक्टूबर, दोपहर 3:52 बजे– अमावस्या तिथि समाप्त: 1 नवंबर, शाम 6:16 बजे– लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त:  – 31 अक्टूबर, शाम 5:36 बजे से शाम 6:16 बजे तक    – शाम 6:27 बजे से रात 8:32 बजे तक– निशिता काल पूजा:  – 31 अक्टूबर, रात 11:39 बजे से 12:31 बजे तक दिवाली पूजाविधि1. साफ-सफाई: दिवाली की पूजा से पहले घर की सफाई करें, विशेषकर ईशान कोण का ध्यान रखें, जिसे देवी-देवताओं का स्थान माना गया है।2. पूजा की तैयारी: लकड़ी की चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति स्थापित करें। साथ ही कुबेर देवता की तस्वीर भी लगाएं।3. कलश की स्थापना: चौकी पर जल से भरे कलश में कौड़ियां, सिक्के, सुपारी, और गंगाजल डालें। कलश पर स्वास्तिक का निशान बनाकर मोली लपेटें और आम के पत्ते लगाएं।4. लक्ष्मी पूजन: मां लक्ष्मी के सामने लाल कपड़े की थैली में 5 कौड़ी, 5 गोमती चक्र, हल्दी की गांठ रखें। पूजन के बाद इसे तिजोरी में रखें।5. दीप जलाना: गणेशजी, लक्ष्मी जी, और कुबेर देवता के सामने घी का 5 या 11 दीपक जलाएं। घर के कोनों में सरसों के तेल के दीपक लगाएं।6. मंत्र जाप और पाठ: गणेश अथर्वशीर्ष और श्री सूक्तम का पाठ करें और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए पूजा समाप्त करें। डिस्क्लेमर: इस आलेख में दी गई जानकारी परंपरागत मान्यताओं पर आधारित है। इसे अपनाने से पहले किसी विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

Ratlam News: मंत्री काश्यप ने दीप मिलन समारोह में कहा; रतलाम निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन ग्लोबल समिट में रखेंगे

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य काश्यप (MSME Minister Chetanya Kasyap) ने दीप मिलन समारोह आयोजित किया। जिसमें रतलाम के पत्रकारों को आमंत्रित किया गया। समारोह में पत्रकारों से चर्चा में उन्होंने बताया की प्रदेश में उद्योगों के विकास के लिए पांच नेशनल कॉन्क्लेव आयोजित किए गए, जिससे औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिला है। इन कॉन्क्लेव के माध्यम से दस हजार उद्यमियों से संवाद स्थापित किया गया और हर विधानसभा क्षेत्र में उद्योगों की संभावनाओं वाले क्षेत्रों की पहचान के लिए जनप्रतिनिधियों को निर्देशित किया गया है। पत्रकार दीप मिलन समारोह में मंत्री काश्यप ने बताया कि सरकार ने 16 स्थानों पर भूमि चिन्हित कर ली है, जहां सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार नई पीढ़ी के युवा उद्योगपतियों को प्रोत्साहन देने के लिए संकल्पित है। रतलाम निवेश क्षेत्र का ग्लोबल समिट में प्रेजेंटेशनमंत्री काश्यप ने रतलाम के विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 17 करोड़ के पहले टेंडर के बाद अब 320 करोड़ का दूसरा टेंडर जारी किया गया है, जिसमें पानी, बिजली, और सड़कों की व्यवस्था की जाएगी। निवेश क्षेत्र में लगभग 350 से 400 प्लॉट लघु उद्योगों के लिए आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि फरवरी में भोपाल में होने वाली ग्लोबल समिट में रतलाम के निवेश क्षेत्र का प्रेजेंटेशन दिया जाएगा। 8-लेन एक्सप्रेस-वे के पास होने के कारण इस क्षेत्र में उद्योगों के स्थापित होने की संभावनाएं और अधिक बढ़ गई हैं। रतलाम में एयरपोर्ट और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास मंत्री काश्यप ने यह भी बताया कि रतलाम में एयरपोर्ट के लिए भूमि चिन्हित की जा चुकी है। निवेश क्षेत्र के लिए पानी का प्रबंध कनेरी डेम से किया जाएगा, जिससे औद्योगिक विकास को समर्थन मिलेगा। फार्मा कंपनियों के लिए यहां पर्याप्त अवसर मौजूद हैं। अगले पांच सालों में इस औद्योगिक क्षेत्र के कारण रतलाम में नए अवसरों का विकास होगा, जिससे यह क्षेत्र प्रदेश और देश के औद्योगिक मानचित्र पर अपना स्थान बनाएगा। नगर निगम द्वारा शहर में 50 बीघा भूमि पर एक रिजनल पार्क का निर्माण भी किया जा रहा है। मीडिया की सकारात्मक भूमिकासमारोह के दौरान मंत्री काश्यप ने रतलाम की मीडिया की सराहना करते हुए कहा कि शहर के विकास में मीडिया की भूमिका हमेशा सकारात्मक रही है, और भविष्य में भी यह योगदान जारी रहने की कामना की।

Local For Vocal: MP का ये IPS अधिकारी ठेले पर मिट्टी के दीपक लेने पहुंचा, अब हो रही वाह वाही!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Local For Vocal:  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के “वोकल फॉर लोकल” अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रतलाम एसपी अमित कुमार ने दीपावली (Diwali) के अवसर पर स्थानीय विक्रेताओं से खरीदारी की मिसाल पेश की। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए शहर का दौरा करते हुए एसपी अमित कुमार (IPS Amit Kumar) महालक्ष्मी मंदिर क्षेत्र माणक चौक पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क किनारे दीपक बेच रही महिला से खरीदारी की। एसपी अमित कुमार के साथ माणकचौक थाना प्रभारी सुरेन्द्र गड़रिया और अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। ठेले पर दीपक बेच रही महिला की दुकान पर रुककर उन्होंने स्वयं दीपक खरीदे और उसका भुगतान भी किया। उनकी इस पहल को देखकर आस-पास मौजूद लोग भी रुक गए और इस सकारात्मक उदाहरण की सराहना की। एसपी अमित कुमार ने कहा कि दीपावली के इस पर्व पर लोगों को “वोकल फॉर लोकल” का समर्थन करते हुए स्थानीय दुकानदारों से खरीदारी करनी चाहिए, जिससे छोटे व्यापारियों को भी आर्थिक सहयोग मिल सके।

MP News : ईएसबी की युवाओं को बड़ी खुशखबरी, दिवाली पर 1000 से ज्यादा पदों के लिए परीक्षाएं

भोपाल – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। MP News : कर्मचारी चयन मंडल (ESB) ने कुछ महीने पहले अपना भर्ती कैलेंडर जारी किया था, जिसमें केवल एक भर्ती परीक्षा की विज्ञप्ति जारी हो सकी थी। इसके बाद से कई महत्वपूर्ण परीक्षाएं अटकी हुई थीं, जिससे लाखों उम्मीदवारों में चिंता फैल गई थी कि क्या बाकी परीक्षाएं होंगी भी या नहीं। हालांकि, हाल ही में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईएसबी इस दिवाली पर उम्मीदवारों को बड़ी सौगात देने जा रहा है। जल्द ही ईएसबी 1 हजार से ज्यादा पदों पर भर्तियां शुरू कर सकता है। कैलेंडर के अनुसार परीक्षाओं की स्थिति:– माध्यमिक शिक्षक चयन परीक्षा– अगस्त 2024– समूह 4 उपसमूह 3 मेडिकल सोशल वर्कर एवं अन्य समकक्ष पद भर्ती परीक्षा– अक्टूबर 2024– महिला एवं बाल विकास पर्यवेक्षक परीक्षा– अक्टूबर 2024– समूह 2, उपसमूह 3 सहायक संपरीक्षक एवं अन्य समकक्ष पद भर्ती परीक्षा – नवंबर 2024– सहायक उपनिरीक्षक, प्रधान आरक्षक चयन परीक्षा – दिसंबर 2024– वनरक्षक, क्षेत्रक रक्षक एवं जेल प्रहरी परीक्षा – जनवरी 2025 केवल एक परीक्षा हुई, कई अब भी लंबितईएसबी ने कैलेंडर में शामिल केवल एक परीक्षा, समूह 3 सब इंजीनियर, सहायक मानचित्रकार, तकनीशियन एवं अन्य समकक्ष पदों के लिए आयोजित की है। इसके बाद उम्मीदवारों में चिंता बढ़ी कि शेष परीक्षाएं कब होंगी। इस बीच हाईकोर्ट में भी एक याचिका दायर की गई है, जिसमें अयोग्य उम्मीदवारों के चयन पर सवाल उठाए गए हैं। ईएसबी की परीक्षा प्रक्रिया पर उठते सवालों के बीच संस्थान जल्द ही अधिक भर्तियों की घोषणा करने की तैयारी कर रहा है। आने वाली भर्तियों में पदों की संख्या बढ़ सकती हैसूत्रों के अनुसार, ईएसबी इस साल के अंत तक समूह 5 के लिए एक भर्ती परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है, जिसमें 500 से ज्यादा पद संभावित हैं। यदि अन्य विभागों से भी मांगपत्र जल्द आते हैं तो यह संख्या 1000 से अधिक हो सकती है। इसके अलावा, समूह 4 में 300 पद और समूह 1 में मेडिकल सोशल वर्कर के लिए 100-150 पदों पर भर्तियों की उम्मीद है। रिजल्ट में देरी क्यों?वनरक्षक और जेल प्रहरी परीक्षा के रिजल्ट में देरी का कारण कई विभागों से प्राप्त होने वाले मांगपत्रों में देरी है। ईएसबी का कहना है कि शासन ने पदों को विभिन्न ग्रुपों में बांटा है और 50 से अधिक विभागों के समकक्ष पद शामिल किए हैं। कई विभागों के मांगपत्र अभी पाइपलाइन में हैं, जिससे अधिक पदों के लिए परीक्षा आयोजित करने में समय लग रहा है।

Ratlam News: नेहरू युवा केंद्र द्वारा आयोजित ‘यह दिवाली माय भारत के साथ’ कार्यक्रम में बाजार एवं अस्पताल स्वच्छता अभियान संपन्न

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Ratlam News: नेहरू युवा केंद्र, रतलाम ने व्यापारी संघ और जिला अस्पताल के सहयोग से “यह दिवाली माय भारत के साथ” कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें स्वच्छता अभियान को लेकर विशेष जागरूकता फैलाई गई। इस आयोजन का उद्देश्य स्वच्छता और सामाजिक एकजुटता को बढ़ावा देना था। बाजार में स्वच्छता अभियानबाजार क्षेत्र में स्वच्छता अभियान का आयोजन जिला युवा अधिकारी सौरभ श्रीवास्तव के निर्देशन में किया गया। इसमें व्यापारी संघ के समन्वय से सफाई के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से अरुण जैन, कुशल राजपूत, युवराज देवड़ा, मुकेश जैन, सुफियान, आकाश अग्रवाल, हार्दिक अग्रवाल, मुकेश जी जैन और आदित्य तिवारी सहित कई युवा कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। अस्पताल में स्वच्छता अभियानदूसरी ओर, जिला अस्पताल के समन्वय में आयोजित अभियान में युवाओं ने अस्पताल परिसर की स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाई। इसमें नितिन बैरागी, हिमांशु चौहान, आदित्य चौहान, तोहिद खान, धर्मेंद्र नेक, और विकास जाट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें अस्पताल के आरएमओ अभिषेक सर का विशेष सहयोग भी प्राप्त हुआ। केंद्र के सौरभ श्रीवास्तव ने बताया आगे भी इसी तरह के समन्वय और प्रयासों के माध्यम से समाज में स्वच्छता और एकता की भावना को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल सभी लोगों ने दीवाली की हार्दिक शुभकामनाएं दी और इस पर्व को स्वच्छता और समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ मनाने का संकल्प लिया।

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