यह दौरा खास है! : मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सभा रतलाम में, 4 नवंबर की तैयारियां अंतिम दौर में

पढ़िए खास खबर…आखिर क्यों मालवा में मोदी की दिलचस्पी?,भाजपा के बिगड़ते समीकरणों को मोदी फेक्टर का सहारा! पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/भोपाल/रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी है। 17 नवंबर को मतदान होना है ऐसे में सभी चुनावी पार्टियां अपने स्टार प्रचारकों को उतारने का प्लान बना रही है, जिसमें भाजपा सबसे आगे है। सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को मध्यप्रदेश के रतलाम में अपनी पहली सभा को संबोधित करेंगे। 2023 के विधानसभा चुनाव की प्रदेश में पीएम की पहली सभा रतलाम में होगी। जिसमें मोदी 9 से अधिक विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के समर्थन में जनता से अपील करेंगे। इसके बाद पीएम की प्रदेश में 1 और बड़ी सभा हो सकती है जो की ग्वालियर संभाग में हो सकती है। मगर दिलचस्प यह है कि इंदौर, ग्वालियर, भोपाल जैसे महानगरों को छोड़कर मोदी का पहला रुख मालवा के रतलाम में है। मोदी की सभा के जरिये सभी 16 विधानसभा सीटों पर माहौल बनाने की रणनीति भाजपा ने बनाई है।पीएम मोदी छत्तीसगढ़ से चुनावी रैली की शुरूआत कर चुके है। पीएम को स्टार प्रचारक के रूप में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना व मिज़ोरम में भी समय देना है। एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी पहले बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से चुनावी सभा का शंखनाद करने वाले थे, लेकिन किन्ही कारणों से यह कार्यक्रम टल गया, अब वे रतलाम आ रहे हैं। इस साल प्रधानमंत्री मोदी का मध्य प्रदेश में यह 12वां दौरा कार्यक्रम होगा। प्रधानमंत्री मोदी रतलाम के समीप ग्राम बंजली में सभा को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर रतलाम शहर भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने पदाधिकारियों की बैठक ली। मालवा में क्यों जरूरी मोदी फेक्टर :मध्यप्रदेश के चुनाव को भाजपा हल्के में नहीं लेना चाहती है। यही कारण है की इस बार केंद्रीय नेतृत्व सीधे तौर पर दखल दे रहा है। भाजपा का मालवा पर इस बार विशेष फोकस है, क्योंकि यहां भाजपा की परंपरागत सीटे है। मालवा के अंतर्गत आगर, देवास , धार , इंदौर , झाबुआ , मंदसौर , नीमच , राजगढ़ , रतलाम , शाजापुर , उज्जैन आदि जिले आते है। मालवा में विशेषकर जातीय समीकरण गहरा प्रभाव रखता है और इसी बेल्ट में आदिवासी बहुल आबादी क्षेत्र है। इसके अलावा इंदौर के आसपास नीमच तक राजपूत समाज का प्रभाव भी अधिक है। अपनी – अपनी मांगों को लेकर दोनों ही समाज सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मुखर है और इनके संगठनों के नेता अब चुनावी मैदान में उतर चुके है। भाजपा और कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी नाराजगी व नजरअंदाजगी के चलते इनके साथ हो गए है।ऐसे में भाजपा कोई रिस्क ना लेते हुए। मालवा पर विशेष फोकस बनाए हुए। भाजपा के फायर ब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, जिससे भाजपा को लगता है की मोदी फेक्टर जनता पर काम करेगा और उसका सत्ता का समीकरण नहीं बिगड़ेगा। भाजपा जीते हुए अपने गढ़ को नहीं हारना देना चाहती है। रतलाम की 5 में से 4 सीट पर असमंजस :फिलहाल रतलाम में जावरा, आलोट, सैलाना व रतलाम ग्रामीण में भाजपा के बागी और सामाजिक संगठनों के निर्दलीय प्रत्याशी एक बड़ी मुसीबत बन सकते है। हाल ही में हुए पंचायत और निकाय चुनाव में सभी लोग इसका उदाहरण देख चुके है। मंदसौर व नीमच में भी अंचल क्षेत्र भाजपा से दूरी बनाने के मूड में है। उज्जैन की बड़नगर सीट पर भी यही हाल है। झाबुआ – पेटलावद सीट पर आदिवासी प्रभाव अधिक है। सैलाना व रतलाम ग्रामीण से झाबुआ तक जयस प्रभावी है उसी तरह करणी सेना भी अपना प्रभाव बनाये हुए है। हाल ही में दोनों सामाजिक संगठनों ने राजनीति में अपना – अपना समर्थन एक दूसरे को देकर एक नई उलझन पैदा कर दी है।

मैदान में मयंक : पारस दादा के समर्थन में निकले युवा नेता मयंक जाट, विजय तिलक लगाकर लोगों ने किया स्वागत

मयंक जाट के मोर्चा संभालते ही राजनीतिक गलियारों में चुनावी चर्चा हुई तेज पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव में शहर के कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा “दादा” के चुनाव प्रचार ने अब गति पकड़ ली है। इसी बीच युवक कांग्रेस के जिलाध्यक्ष और कांग्रेस के कद्दावर नेता मयंक जाट ने भी मोर्चा संभाल लिया है। हालांकि मयंक शुरू से ही प्रचार में जुटे है मगर मंगलवार शाम कांग्रेस नेता मयंक जाट बगैर प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ जनसपंर्क पर निकले। मयंक के इस जनसंपर्क के बाद से चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। वहीं राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई है। चर्चा इसलिए भी तेज है क्योंकि निकाय चुनाव में महापौर प्रत्याशी रहे जाट ने भाजपा के सामने एक चुनौती खड़ी कर दी थी। निकाय चुनाव में भाजपा ने अपनी लीड भी खो दी थी। मयंक युवाओं में चर्चित चेहरा है उसके अलावा महिला वर्ग व छोटे बच्चों में भी मयंक का अपना फेन बेस मजबूत बना हुआ है। अब विधानसभा चुनाव में एक और पारस सकलेचा प्रचार का मोर्चा संभाले है तो दूसरी और मयंक जाट। सकलेचा के समर्थन में युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष मयंक जाट ने गांधी नगर स्थित श्री राधाकृष्ण मन्दिर में भगवान का आशीर्वाद लेने के बाद वार्ड 1 व 2 में  जनसम्पर्क किया। इस दौरान क्षेत्र में बच्चों से लेकर बड़े तक मयंक के स्वागत में जुट गए। बालिकाओं ने विजय तिलक लगाकर जनसंपर्क पर आए कार्यकर्ताओं का स्वागत किया। वहीं दूसरी और कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा ने चांदनी चौक में जनसंपर्क किया। मयंक जाट ने बताया कि जनता का प्रेम व आशीर्वाद कांग्रेस के साथ है। शहर में विकास के नाम पर भोली भाली जनता को केवल ठगा गया। जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है और यह परिवर्तन जनता अपने मत का प्रयोग कर बहुत जल्द लाने वाली है। रतलाम सहित प्रदेश में कांग्रेस अपनी सरकार बनाने जा रही है। भाजपा से गरीब व अमीर सभी तबके के लोग परेशान है। जनसंपर्क में शहर कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र कटारिया, कार्यकारी अध्यक्ष शैलेंद्र सिंह अठाना, प्रेमलता दवे, सुजीत उपाध्याय, संजय दवे आदि कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित थे।

चुनावी रण में डॉक्टर साहब : ग्रामीण में भाजपा – कांग्रेस के विकल्प बनकर निर्दलीय उतरे डॉ. अभय ओहरी?, चौपालों से जमा रहे रंग

नेता नहीं आपके बीच आपका बेटा और सेवक बनकर आया हूं – डॉ. ओहरी पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रतलाम ग्रामीण से निर्दलीय नामंकन दाखिल करने के बाद जयस नेता डॉ. अभय ओहरी ने भी विधानसभा के चुनावी रण में अपना बिगुल फूंक दिया है। डॉ. ओहरी लगातार ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा करने में व्यस्त है। इनकी चौपाल पर चर्चा के अंदाज ने सबको हैरत में डाला हुआ है। डॉ. ओहरी के मैदान में आने के बाद ग्रामीण में तीसरे विकल्प के कयास लगने तेज हो गए है। डॉ ओहरी के जनसपंर्क को “बदलाव के लिए तैयार है हम” अभियान का नाम दिया गया है। चौपाल बैठकों में आने वाले नागरिक अपनी – अपनी समस्याओं से डॉ. ओहरी को अवगत करवा रहे है। मंगलवार को डॉ. अभय ओहरी ने समर्थकों के साथ 4 पंचायतों में जनसपंर्क किया। जिसमें राजपुरा, सरवनी खुर्द, बिबड़ोद, रामपुरिया व पलसोड़ी में चौपाल बैठक आयोजित की गई। इस दौरान पूर्व विधायक श्रीमति लक्ष्मीदेवी खराड़ी ने डॉ. ओहरी का स्वागत कर जीत के लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। डॉ. ओहरी ने लक्ष्मीदेवी खराड़ी के पैर छूकर जीत का आशीर्वाद लिया। डॉ. ओहरी ने चौपाल पर दिए एक भाषण में खुद के पीछे हटने से साफ मना कर दिया है। ओहरी ने बताया कि इस बार ग्रामीण की जनता बदलाव चाहती है। ग्रामीण का हर व्यक्ति ना भाजपा को पसंद करता है और ना ही कांग्रेस को। विपक्षी दलों द्वारा एक नई अफवाह को जन्म दिया जा रहा है। जिससे ग्रामीण की भोली भाली जनता को बरगलाया जा सके।विपक्षी दल के लोग कान खोलकर सुन ले की मेरे द्वारा किसी भी कीमत पर नामांकन फार्म वापस नहीं लिया जाएगा। चुनावी मैदान से अब हम पीछे नहीं हटेंगे और जनता का हमें पूरा समर्थन है। इस बार पूरा विश्वास है कि जनता अपना आशीर्वाद देकर हमारी विजयी सुनिश्चित करेगी। ग्रामीण करेगा तरक्की, वादा है! :डॉ. ओहरी ने जनता से संवाद करते हुए कहा कि में नेता नहीं आपके बीच आपका बेटा और सेवक बनकर आया हूं। लगातार सत्ता व शासन से आपकी मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों की लड़ाई में आपके साथ खड़ा रहा और आगे भी खड़ा रहूंगा। पिछले जितने विधायक जीतकर आए उन्होंने ग्रामीण की हमारी भोली भाली जनता को केवल झूठे वादे और आश्वासन दिया। आपका आशीर्वाद मुझ पर बना रहा तो निश्चित ही हमारा ग्रामीण क्षेत्र उम्मीद से अधिक तरक्की करेगा यह वादा भी है और इरादा भी। समस्याओं से घिरा मेरा ग्रामीण परिवार अब बदलाव के लिए तैयार है। जनसंपर्क में जयस के कार्यकर्ता व ग्रामीण बड़ी संख्या में मौजूद रहे।


युवा कांग्रेस जिला महासचिव शिल्पा सिसोदिया ने थामा भाजपा का हाथ, भावना गुर्जर को मिली जिम्मेदारी

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। प्रदेश में चुनाव का शंखनाद हो चुका है। ऐसे में राजनीतिक दलों में नेताओं का आना और जाना भी लगातार जारी है। वहीं दलों में नवीन नियुक्तियां भी की जा रही है। भाजपा ने महिला मोर्चा में शहर विधानसभा सोशल मीडिया प्रभारी का दायित्व भावना गुर्जर को सौंपा है। इसी बीच युवा कांग्रेस की महासचिव शिल्पा सिसोदिया भाजपा मे शामिल हो गई है। पैलेस रोड़ स्थित भाजपा कार्यालय में जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा ने शिल्पा सिसोदिया को सदस्यता दिलवाई। जिलाध्यक्ष लुनेरा ने कहा कि विधानसभा चुनाव मे जीत दर्ज कर भाजपा पुनः सरकार बनाने जा रही है। सरकार ने हर वर्ग का कल्याण किया है, और आने वाले वर्षो मे भाजपा देश को दुनिया की तीसरी महाशक्ति बनाने के लिए संकल्पित है। युवाओं के लिए भाजपा की नीति बहुत कल्याणकारी है, इससे प्रभावित होकर आज कई कार्यकर्ता कांग्रेस छोड़ भाजपा मे शामिल हो रहे है। भावना गुर्जर को सोशल मीडिया की जिम्मेदारी :भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम पटवा ने भावना गुर्जर को रतलाम शहर विधानसभा मे महिला मोर्चा का सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया । यह नियुक्ति प्रदेश अध्यक्ष माया नारोलिया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा एवं प्रदेश सदस्य अनिता कटारिया की सहमति से की गई। भावना इससे पूर्व नमो ग्रुप की जिलाध्यक्ष रही है। 

“बा” पर भरोसा : ग्रामीण से पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को भाजपा से टिकट, जमकर मना जश्न

टिकट मिलने की खबर से पहले खेत पर कर रहे थे बुवाई, सबसे पहले पंहुचे संघ कार्यालय पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी ने अपनी पांचवी सूची जारी कर दी है। पांचवी सूची में 92 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। पांचवी सूची में नामों का ऐलान करने के साथ ही भाजपा प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर सीटों पर अपने 228 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर चुकी है।भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को तीसरी बार रतलाम ग्रामीण विधानसभा से अपना उम्मीदवार घोषित किया। टिकट की घोषणा के दौरान मथुरालाल डामर खेत में बुवाई के काम को देख रहे थे। लिस्ट आने की सूचना के बाद उनके घर के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लग गया। अंचल व हाईकमान के बीच डामर “मथुरा बा” के नाम से मशहूर है। डामर को भाजपा में सरल व सादगी वाला नेता कहा जाता है। भाजपा के अलावा डामर का संघ से पुराना नाता रहा है, टिकट होने के बाद देर रात सबसे पहले डामर राजस्व कॉलोनी स्थित संघ कार्यालय पहुंचे और करीब आधा घंटे से अधिक वहां रुके। जिसके बाद वे पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता हिम्मत कोठारी के निवास पर पहुंचे। पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को भारतीय जनता पार्टी द्वारा रतलाम ग्रामीण विधानसभा से उम्मीदवारी की घोषणा के बाद समर्थकों ने उनके निवास पर पहुंच उनका स्वागत किया। सभी ने एक – दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से कई कार्यकर्ता डामर के स्वागत के लिए पंहुचे। कार्यकर्ताओं ने “अबकी बार 60 हजार” पार का नारा लगाया। इस दौरान डामर को समर्थकों ने कंधे पर उठा लिया और ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए। आपको बता दे वर्तमान विधायक दिलीप मकवाना भी टिकट की दौड़ में थे मगर पार्टी ने ग्रामीण में डामर पर भरोसा जताया। डामर कल रविवार को सुबह काछी बड़ौदा (रूनीजा) स्थित गणेश मंदिर, विरुपाक्ष महादेव बिलपांक व सातरूंडा स्थित कंवलका माता मंदिर पर दर्शन पूजन करेंगे। डामर के स्वागत के लिए पहुंचे समर्थकों ने पहले आतिशबाजी की और फिर ढोल की थाप पर जमकर थिरके। जश्न के दौरान भाजपा नेता, कार्यकर्ताओं के साथ धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के साथ समर्थक भी उपस्थित रहे। डामर के स्वागत का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस दौरान कोई फूलों की माला, तो कोई दुप्पट्टा औढ़ाकर और साफा पहनाकर स्वागत-अभिनंदन करता दिखाई दिया। मथुरालाल डामर ने बताया कि पार्टी ने जो भरोसा जताया है, उसके लिए शीर्ष नेतृत्व का आभर है। 2013 में जो जनता ने आशीर्वाद दिया था इस बार वो दोगुना मिलेगा। गांव के किसान भाइयों, गरीबों और प्रत्येक व्यक्ति के लिए विकास कार्य करना प्राथमिकता रहेगी।

भाजपा को झटका : ग्रामीण में भाजपा के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ, नाराजगी बनी वजह

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद दल बदल की राजनीति का दौर शुरू हो चुका है। रतलाम ग्रामीण में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। मंगलवार को जिले के सागोद गांव में 35 भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली। इसका बड़ा कारण कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी बताई जा रही है। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल सहित कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे। कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले दिनेश गुर्जर ने बताया कि भाजपा के शासन में रहवासी क्षेत्रों में कोई कार्य नहीं किए गए। जिस कॉलोनी में हम रहते है उसे ही अवैध घोषित करते हुए कई बार नोटिस दे दिए गए। लेकिन भाजपा के किसी नेता ने हमारी सुध नहीं ली। गौरतलब है कि सागोद गांव से भाजपा प्रत्येक चुनाव में लीड लेती है। यहां करीब 1400 वोटर्स है।

रतलाम का रण : हाईकमान ने शहर में विधायक चेतन्य काश्यप पर जताया भरोसा, तीसरी बार भाजपा का बने चेहरा

सूची आते ही कार्यकर्ताओं ने शुरू की आतिशबाजी, बांटी मिठाईयां पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनावों को लेकर जहां आयोग ने सोमवार को तारीखों का एलान किया वहीं दूसरी और भाजपा ने भी उम्मीदवारों की अपनी तीसरी सूची जारी की। जिसमें रतलाम शहर विधानसभा के लिए विधायक चेतन्य काश्यप पर तीसरी बार भरोसा जताया गया है। यह तीसरी बार होगा जब रतलाम शहर विधानसभा से चेतन्य काश्यप की उम्मीदवारी भाजपा से तय हुई है। शहर विधानसभा पर भाजपा के टिकट उम्मीदवारी की तमाम अटकलें अब समाप्त हुई। भाजपा ने रतलाम की 5 में से 2 विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इससे पहले दूसरी सूची में सैलाना से संगीता चारेल का टिकट तय हुआ है। आलोट, जावरा और रतलाम ग्रामीण में भाजपा किसको टिकट देगी यह अब भी सस्पेंस है। फिलहाल रतलाम में भाजपा के टिकट बंटवारे को लेकर सैलाना में और रतलाम शहर में कोई गुटबाजी या अंदरूनी विरोध सामने निकलकर नहीं आया है। उम्मीदवारी की घोषणा होते ही कई भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं ने विधायक काश्यप के निवास पहुंचकर उन्हें बधाई दी। इसके अलावा कार्यकर्ताओं ने जमकर आतिशबाजी की और नाचते हुए मिठाइयां बांटी। शहर विधायक काश्यप ने पार्टी द्वारा उन्हे पुनः रतलाम शहर से प्रत्याशी बनाए जाने पर शीर्ष नेतृत्व को धन्यवाद दिया। कार्यकर्ताओं ने नारे लगाते हुए विधायक निवास से जुलूस निकाला, जो कि शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा। शहर के विभिन्न चौराहों पर आतिशबाजी की गई। मध्यप्रदेश के विधानसभा चुनाव में राजपत्र अधिसूचना जारी होने की तारीख -21अक्टूबर, नामांकन करने की अंतिम तारीख -30 अक्टूबर,नामांकन की जांच की तारीख -31 अक्टूबर, उम्मीदवारी वापस लेने की तारीख-2 नवंबर, मतदान की तारीख-17 नवंबर व मतगणना की तारीख -3 दिसंबर रहेगी।  

विधानसभा चुनाव 2023 : जिला प्रशासन दे रहा तैयारियों को अंतिम रूप, कल से शुरू होगी वोटिंग टीम की ट्रेनिंग

हर खबर पर प्रशासन रखेगा नजर, क्या है MCMC और क्यों रहेगा सतर्क? पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव 2023 के लिए रतलाम जिले के वोटिंग टीम का प्रशिक्षण 8 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। तीन दिन कि ट्रेनिंग रतलाम पब्लिक स्कूल में होगी। इसमें लगभग 3 हजार कर्मचारी प्रशिक्षण लेंगे। आने वाले कुछ दिनों में मतदान की तारीखों का एलान भी संभवतः हो जाएगा। जिसके बाद आचार संहिता लागू होने के साथ निर्वाचन आयोग अहम भूमिका में आ जाएगा। चुनाव आयोग ऑब्जर्वर की मीटिंग कर चुका है, जिसमें अनुमान लगाया जा रहा है कि पांच राज्यों में होने वाले चुनावों को लेकर तारीख व व्यवस्थाओं पर निर्णय लिया गया।कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्रकुमार सूर्यवंशी ने बताया कि वोटिंग के लिए जो टीम होगी उनकी ट्रेनिंग 8 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक रखी गई है। करीब 35 मास्टर ट्रेनर्स कर्मचारियों को वोटिंग करवाने से जुड़ी ट्रेनिंग देंगे। इसमें रिजर्व कर्मचारी भी सम्मिलित होंगे। ट्रेनिंग लेने वालों में पीठासीन अधिकारी तथा मतदान अधिकारी क्रमांक एक सम्मिलित होंगे। सभी कर्मचारियों को निर्वाचन आयोग के निर्देश अनुसार निष्पक्ष एवं स्वतंत्र निर्वाचन संपन्न करने के लिए गंभीरता के साथ प्रशिक्षण लेने हेतु निर्देशित किया गया है।वहीं ट्रेनिंग में अनुपस्थित रहने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।  एमसीएमसी (MCMC) कक्ष का निरीक्षण :आगामी विधानसभा निर्वाचन 2023 को देखते हुए जिला पंचायत परिसर में जिला स्तरीय मीडिया सर्टिफिकेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी (MCMC) कक्ष बनाया गया है। कलेक्टर सूर्यवंशी ने शनिवार को जिला एमसीएमसी कक्ष पहुंचकर निरीक्षण किया। कलेक्टर द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश मौजूद जिला जनसंपर्क अधिकारी शकील अहमद खान को दिए गए।आपको बता दे कि जिला एमसीएमसी कक्ष में प्रिंट तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में प्रकाशित, प्रसारित पेड़ न्यूज़ की मॉनीटरिंग की जाएगी। इसके लिए कक्ष में समाचार पत्रों के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक टीवी चैनल की निगरानी के लिए टेलीविजन सेट्स लगाए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक खबरों की रिकॉर्डिंग हेतु रिकॉर्डर की व्यवस्था भी की गई है। इसके साथ ही कलेक्टर द्वारा 24 घंटे मॉनिटरिंग हेतु 3 शिफ्ट में कर्मचारी तैनात किए गए हैं। जिला एमसीएमसी द्वारा प्रिंट मीडिया के अलावा स्थानीय लोकल चैनल के साथ ही प्रादेशिक तथा राष्ट्रीय टीवी चैनल पर प्रसारित खबरों की भी मॉनिटरिंग की जाएगी।

MP ELECTION 2023 : आज कांग्रेस जन आक्रोश यात्रा का शहर में डेरा, क्या बीजेपी का गढ़ भेद पाएगी यह एंट्री?

शहर विधायक के सामने टिकट नहीं बल्कि इस बात की चिंता!, दोनों दलो के बीच चुनावी शंखनाद शुरू पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। प्रदेश में इस वक्त विधानसभा चुनाव 2023 (MP ELECTION 2023) की तैयारियां जोर शोर से जारी है। चुनावी साल में जहां एक तरफ बीजेपी जन आशीर्वाद यात्रा निकाल रही है तो वहीं दूसरी और इसी के मुकाबले कांग्रेस ने जन आक्रोश यात्रा शुरू की है। कांग्रेस की जन आक्रोश यात्रा ने गुरुवार को आलोट से जिले में प्रवेश किया। आज यात्रा शहर में अपना डेरा डालेगी। कांग्रेस का दावा है कि यह यात्रा बीजेपी के कुशासन के खिलाफ है। यात्रा की कमान बेबाक छवि रखने वाले कांग्रेस के पूर्व मंत्री और कद्दावर नेता जीतू पटवारी संभाले हुए है। यात्रा में AICC प्रभारी कुलदीप इंदौरा, MPCC जिला प्रभारी अमिताभ मंडलोई, विधायक कुणाल चौधरी व सैलाना विधायक हर्ष विजय गहलोत शामिल होंगे। बड़ा सवाल यही है की क्या आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस रतलाम में अपना परचम लहरा पाएगी? बीजेपी के लिए रतलाम शहर विधानसभा सेफ व सेक्योर सीट मानी जाती है। कहा जाता है कि यहां आंख बंद करके वोट बीजेपी में ही गिरते है। चाहे बीजेपी का उम्मीदवार कोई भी हो, इससे फर्क नहीं पड़ता। खेर कांग्रेस में फिलहाल ऐसी कोई चर्चा नहीं है जिसमें रतलाम शहर के लिए उम्मीदवार तय माना जा सके! सवाल इसलिए भी वाजिब है क्योंकि निकाय चुनाव में सामने आए परिणाम ने सभी को चोंका दिया था। कांग्रेस के प्रत्याशी मयंक जाट ने बीजेपी के चेहरे पर चुनाव के दौरान शिकन ला दी थी। वहीं बीजेपी का वोट परसेंट भी बहुत अधिक गिर गया। जहां किसी समय 24 हजार का मार्जिन से जितने वाली बीजेपी को केवल 8 हजार पर ही संतुष्ट होना पड़ा। इसके बाद से सतर्क हो चुकी बीजेपी की हाइकमान ने रतलाम शहर को लेकर जमकर जोड़ घटाव किए है। बीजेपी विधानसभा चुनाव 2023 में कोई रिस्क नहीं लेना चाहती। वहीं शहर विधायक चेतन्य कश्यप भी अपने टिकट को लेकर तो आश्वस्त है मगर उन्हें चिंता अपने वोट मार्जिन की है। 2018 में इन्होंने 43 हजार से अधिक वोटों से कांग्रेस को शिकस्त दी थी। लेकिन निकाय चुनाव के बाद से यह मार्जिन बना लेना मुश्किल दिखाई पड़ता है। बहरहाल इसके बाद से राजनीति में शाम-दाम-दंड-भेद का खेल भी बीजेपी का शुरू हो चुका है। बीजेपी सीट बचाने के अलावा अपना मार्जिन बढाने या बनाने में जमकर कोशिश करेगी। वहीं कांग्रेस रतलाम शहर में कमीशनखोरी, भ्र्ष्टाचार, सड़क, सीवरेज व पानी जैसी मूलभूत समस्याओं पर बीजेपी को निशाना बनाएगी। फिलहाल देखना यह दिलचस्प होगा कि क्या बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा की तरह कांग्रेस की यह जन आक्रोश यात्रा भी फेल रहेगी या जनता इससे सच में जुड़ेगी। बकौल जनता 14 दिन पहले निकली बीजेपी की जन आशीर्वाद यात्रा केवल कार्यकर्ता और स्वागत यात्रा बनकर ही रह गई थी। वैसे ही कहीं कांग्रेस की इस यात्रा के हाल ना हो!