रक्तदान के बाद अब मतदान की बारी: जन अभियान परिषद ने किया रक्तदान शिविर आयोजित, 13 मई को शत प्रतिशत मतदान की ली शपथ

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। म.प्र. जन अभियान परिषद द्वारा स्वर्गीय ठा. सज्जनसिंह  सोलंकी की द्वितीय पुण्यतिथि पर रक्‍तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर शहर के मानव सेवा समिति रक्‍त केन्‍द्र पर रखा गया। शिविर से पहले परिषद के सदस्यों ने मतदाताओं को जागरूक करने के उद्देश्य से वाहन रैली निकाली। जिसके बाद शिविर स्थल पर पहुंचकर शतप्रतिशत मतदान कि शपथ ली। इस दौरान समाजकार्य विषय के विद्यार्थियों का उत्‍कृष्‍ट कार्य करने के लिए सम्‍मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि श्रंगेरी मठ के दंडी स्‍वामी संतश्री आत्‍मानंद जी सरस्‍वती, मानव सेवा समिति अध्‍यक्ष मोहनलाल मुरलीवाला, विशेष अतिथि विजेन्‍द्र सिंह चौहान रहे। वहीं अध्‍यक्षता परिषद के जिला समन्‍वयक रत्‍नेश विजयवर्गीय के द्वारा की गई। मुख्‍य अतिथि श्रंगेरी मठ दंडी स्‍वामी संतश्री आत्‍मानंद सरस्‍वती ने कहा कि भारत कि संस्‍कृति और संस्‍कार सदैव परहित के लिये प्रेरित करते है आज युवाओं ने रक्‍तदान ऐसे लोगों के लिये जिन्‍हे वे जानते भी नही और उनके रक्‍त से उनकी जान भी बचाई जा सकती है और उन्‍होने कहा कि आने वाली 13 मई को प्रत्येक मतदाता को मतदान अवश्‍य करना चाहिए।  यह हमारे राष्ट्र व धर्म के विकास के लिए बहुत आवश्यक है। मानव सेवा समिति के अध्यक्ष मोहनलाल मुरलीवाला ने कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए उनका सम्मान किया और कहा ऐसे कार्यकर्ता लगातार ऐसे कार्य करते रहेंगे तो समाज में एक नया बदलाव आएगा। जिला समन्वयक रत्नेश विजयवर्गी ने सामाजिक कार्यों के उदाहरण देते हुए कहा कि हम सब वर्ष भर की अनेक गतिविधियों के माध्यम से समाज और शासन की योजनाओं के लिए लगातार प्रचार प्रसार के साथ-साथ सकारात्मक माहौल पैदा करने हेतु समाज सेवा के कार्य करते आए है। विकासखंड रतलाम समन्वयक शैलेंद्र सिंह सोलंकी के नेतृत्व में समाज सेवा में श्रेष्ठ कार्य करने वाली एमएसडब्ल्यू की सक्रिय छात्रा राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका श्रीमती सीमा अग्निहोत्री का परिषद के पदाधिकारी द्वारा स्मृति चिन्ह देखकर सम्मानित किया गया। श्रीमती अग्निहोत्री ने कहा कि यह पाठ्यक्रम मेरे समाज सेवा के कार्य को आगे बढ़ाने के लिए एक सार्थक रहा है विकासखंड समन्वयक शैलेंद्र सिंह सोलंकी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए परिषद की टीम के द्वारा वर्ष भर किए गए सामाजिक कार्यों की जानकारी उपस्थित समस्त समाजसेवियों को दी। इस अवसर पर परिषद के सीएससीएलडीपी छात्र-छात्राएं, नगर/ग्राम प्रस्फुटन समिति के कार्यकर्ता एवं परामर्शदाता आशीष यादव, प्रदीप बिडवाल सामाजिक कार्यकर्ता नरेंद्र श्रेष्ठ, ओमप्रकास  पाटीदार, महावीर बैरागी आदि उपस्थित रहे।

चेतन्य की बढ़ी चमक : इन बड़ी बातों से काश्यप को मिला केबिनेट, सर्वे में टॉप 10 रहे विधायक की पॉलिटिकल कहानी

रतलाम को चहुंमुखी विकास के उच्चतम शिखर पर पहुंचाना – मंत्री काश्यप पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर विधायक चेतन्य काश्यप को कैबिनेट में जगह मिलते ही शहर में जश्न का माहौल था। काश्यप के शपथ ग्रहण करते ही आतिशबाजी कर पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकतार्ओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाई। मंत्री मंडल में शामिल होने की सूचना के बाद भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारी भी भोपाल पहुंचे। गौरतलब है की मध्यप्रदेश के मंत्री मंडल में रतलाम शहर विधानसभा क्षेत्र को डेढ़ दशक बाद प्रतिनिधित्व मिला है। इससे पहले हिम्मत कोठारी यहां से विभिन्न पदों पर मंत्री रहे है। काश्यप को अब विभाग मिलने का इंतजार है, सूत्रों की माने तो उन्हें उद्योग, नगरीय प्रशासन या फिर वित्त की जिम्मेदारी दी जा सकती है। नवनियुक्त मंत्री चेतन्य काश्यप ने कहा की इस सम्मान के साथ रतलाम को चहुंमुखी विकास के उच्चतम शिखर पर पहुंचाने और देश के प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनाने का महती दायित्व भी आया है। जिसे पूरी लगन और मेहनत से हमें एक टीम के रूप में काम करके निभाना है । प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री डॉ यादव की आकांक्षाओं और अपेक्षा को पूरा करना हमारा दायित्व है। हम सब एक टोली के रूप में इन दायित्वों का निर्वहन करेंगे और सफल होंगे। मंत्री पद की दौड़ में क्यों रहे आगे?मंत्री पद की दौड़ में आगे रहने का प्रमुख कारण काश्यप की बेदाग छवि और मजबूत राजनीतिक पकड़ रही। काश्यप की पार्टी के शीर्ष नेताओं से अच्छी बॉन्डिंग होने के साथ ही संघ व उसके अनुसांगिक संगठनों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी गहरे संबंध है। दो कार्यकाल में मंत्री बनने की इच्छा हर बार रही लेकिन पार्टी के निर्णय को स्वीकार किया कभी विरोध में नहीं दिखे। प्रदेश के भी सभी नेताओं से घनिष्ठता रही कभी किसी गुट के नहीं कहलाए। काश्यप ने अपने वेतन का त्याग लगातार तीसरे कार्यकाल में भी किया। हालांकि यह निर्णय दूसरे विधायक और सांसदों के लिए असहज जरूर रहा है। विधानसभा क्षेत्र में अत्यंत लोकप्रिय माने जाते है। दो साल के कार्यकाल में जनता से जुड़ा कोई नेगेटिव फेक्टर हाईकमान तक नहीं पहुंचा। पार्टी सर्वे में भी टॉप 10 विधायक बने रहे। अब तक हमेशा से विकास के विषय पर ही राजनीति करते आए। विवादास्पद व सांप्रदायिक मामलों में नहीं बोले ना बोलना पसंद करते है। अपनी टीम को मैनेजमेंट से चलाने में महारत हासिल है हर छोटे मुद्दे और कार्य पर खुद मोनिटरिंग करते है। राजनीति के अलावा समाजसेवा की एक बड़ी भूमिका रही। प्रत्येक वर्ग व जरूरतमंद व्यक्ति को फाउंडेशन से सहायता दिलाने में आगे रहते है। लगातार तीन बार विधायक रहे और तीनों ही बार लीड बढ़ी ना कि घटी। मंत्री बने काश्यप का अब तक का सफररतलाम शहर विधायक चेतन्य काश्यप शुरू से औद्योगिक व सामाजिक जीवन में रहे। वर्ष 2004 से समाजसेवा से राजनीतिक क्षेत्र में प्रवेश किया। रतलाम विधानसभा में बीते तीन चुनाव में सर्वाधिक मत से जीते। पहले चुनाव में 40, 000 से, दूसरे चुनाव में 43,000 से और तीसरे चुनाव में 60,000 की लीड लेकर जीत दर्ज की। जन सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य व खेल के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा। वर्ष 2014 में झाबुआ आदिवासी संसदीय उम्मदीवार के चुनाव संयोजक रहे और आजादी के बाद पहली बार यह सीट भाजपा के खाते में आई। भाजपा के स्वयं सेवी संगठन, प्रकोष्ठ, एनजीओ सेल के राष्ट्रीय संयोजक एवं राष्ट्रीय कार्यसमिति के 6 वर्ष तक सदस्य रहे और म.प्र. में भाजपा के कोषाध्यक्ष भी रहे। वर्ष 2006 में मप्र लोकसभा व विधानसभा परिसिमन के संयोजक रहे। मप्र राज्य योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे। अयोध्या में बन रहे श्री राम मंदिर के लिए 1 करोड़ रूपए की निधि अपने परिवार की ओर से प्रदान की। क्रीड़ा भारती के राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष है एवं रतलाम, मंदसौर, नीमच जिलों में 16 स्थान पर खेल चेतना मेला का बड़ा आयोजन 20 वर्षों से कर रहे है। इन्होंने गरीबी से मुक्ति, विकास की युक्ति के रूप में 100 गरीब परिवार को निःशुल्क आवास देकर अहिंसा ग्राम की स्थापना की थी, इस मॉडल से ये प्रदेश में काफी चर्चा में भी आए थे। हाल ही में इनके द्वारा कुपोषण अभियान के तहत पोष्टिक आहार आंगनवाड़ी के माध्यम से पहुंच रहा है। आंकड़ों के अनुसार 1400 बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराया है। विधायकी रहते जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना करवाई। कोराना काल में झाबुआ, मंदसौर, नीमच एवं अन्य क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए यह लाभदायक बना। मालवा क्षेत्र में जैन समाज के प्रमुख व्यक्तित्व है। वर्ल्ड जैन कन्फेडरेशन के चेयरमेन है और जीतो के संस्थापक है। 2004 में बार्सिलोना में विश्व धर्म संसद मे जैन प्रतिनिधि मण्डल का नेतृत्व किया। उसमें ‘अपरिग्रह’ दर्शन पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। इंडिया फस्ट फाउंडेशन के ट्रस्टी है, जिसका दिल्ली में शोध संस्थान है।

मतगणना का दिन : रविवार को कॉलेज रोड के इस रास्ते पर रहेगा डायवर्जन, नागरिकों को करना पड़ेगा इस रास्ते का उपयोग

पब्लिक वार्ता – रतलाम,कुलदीप माहेश्वरी। दिनांक 03.12.2023 को विधानसभा चुनाव के परिणाम हेतु शहर के मध्य स्थित शासकीय आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज में प्रातः 07.00 बजे से मतगणना का कार्य प्रारंभ होगा। मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा मतगणना मे लगे प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों का आगमन प्रातः 05.00 बजे से शुरु हो जाएगा। इसके अतिरिक्त विधानसभा चुनाव में भाग ले रहे प्रत्याशियों एवं वरिष्ठ अधिकारियों का आगमन भी होगा । मतगणना ड्यूटी के दौरान पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों/कर्मचारियों तथा मतगणना मे लगे प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों के प्रवेश एवं पार्किंग के संबंध में यातायात पुलिस रतलाम द्वारा निम्नानुसार पार्किंग प्लॉन एवं डायवर्शन प्लॉन तैयार किया है जो कि दिनांक 03.12.2023 को प्रात 05.00 बजे से लागू कर दिया जायेगा रुट डायवर्सन प्लान01. आरोग्यम हॉस्पिटल तिराहे से नगर निगम तिराहा अमरेश्वर महादेव मंदिर गेट नम्बर 03 तक समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबंधित रहेंगे। उक्त क्षेत्र नो व्हीकल जोन रहेगा ।02. छत्री पुल से नगर निगम व आर्ट्स एण्ड साइंस काँलेज की ओर जाने वाले सामान्य वाहन दिनांक 03.12.2023 के प्रातः 05.00 बजे से डायवर्ट किये जाएंगे, जो दो बत्ती चौराहा से न्यू रोड गुरुद्वारा की ओर से लोकेन्द्र टाँकीज होते हुए शहर के अन्दर जा सकेंगे।03. रतलाम विकास प्राधिकरण हाथी खाना की ओर से वाहन नगर निगम तिराहा एवं आर्ट्स एवं साइंस काँलेज की ओर नही जा सकेंगे। गुलाब चक्कर,पुराना कलेक्टोरेट होते हुए आ जा सकेंगे।04. नाहरपुरा तिराहा से नगर निगम की ओर आने वाले समस्त चार पहिया, तीन पहिया  एवं दो पहिया अण्डागली होते हुए शहर सराय की ओर से आ जा सकेंगे।05. लोकेन्द्र टाकीज से आरोग्यम, आर्ट एंड साँईंस कालेज की ओर आने वाले समस्त प्रकार के वाहन शहर सराय होते हुए आ जा सकेंगे। प्रवेश एवं पार्किंग व्यवस्था01. विधानसभा चुनाव प्रेक्षक महोदय एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के वाहन आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज के सामने गेट नम्बर-02 से प्रवेश कर गेट के पास ही अपने वाहन पार्क करेंगे। 02. मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा मतगणना मे आने वाले प्रत्याशियों के प्रतिनिधियों का प्रवेश नगर निगम तिराहा अमरेश्वर महादेव मंदिर के सामने आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज के सामने गेट नम्बर-03 से होगा ।03. मतगणना में आने वाले प्रत्याशियों/उनके प्रतिनिधियों एवं मीडिया (प्रेस) के वाहनों की नगर निगम के अन्दर पार्किंग व्यवस्था की गई है।04. मतगणना ड्यूटी में लगे पुलिस/शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के वाहन गेट नम्बर 02 से प्रवेश के उपरान्त आर्ट्स एण्ड साईंस कॉलेज की पार्किंग में वाहन पार्क किये जावेंगे।05.रतलाम शहर,रतलाम ग्रामीण, जावरा, आलोट एवं सैलाना विधानसभा क्षेत्र की मतगणना सुनने के लिये आने वाले आम नागरिको के दो पहिया एवं चार पहिया वाहनों के लिए नगर निगम के अन्दर पार्किंग व्यवस्था की गई है।08. विधानसभा क्षेत्र की मतगणना सुनने के लिये आने वाले आम नागरिको के दो पहिया वाहन रतलाम की छत्रीपुल के पास प्रिंस प्लाजा पर वाहन पार्किंग व्यवस्था रहेगी।                 मतगणना ड्यूटी में लगे शासकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों एवं उनके प्रतिनिधियों व आम नागरिको से अपील है कि उपरोक्तानुसार मतगणना दिनांक 03.12.2023 को यातायात पुलिस रतलाम द्वारा की गई  पार्किंग व्यवस्था तथा यातायात डायवर्शन व्यवस्था मे आवश्यक सहयोग करे।

निर्विघ्न मतदान संपन्न : जिले में प्रत्यशियों की चुनावी परीक्षा खत्म, अब 3 दिसंबर तक रिजल्ट का इंतजार

शहर में सबसे कम रहा मतदान प्रतिशत, कई अच्छी तस्वीरों के अलावा त्रुटियां भी आई सामने पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में अपनी – अपनी किस्मत आजमाने उतरे प्रत्याशियों की चुनावी परीक्षा समाप्त हुई। अब सभी को 3 दिसंबर के दिन जारी होने वाले रिजल्ट का इंतजार है। रतलाम जिले में मतदान का अनुमानित आंकड़ा जारी हो चुका है। इसी के साथ प्रदेशभर में चुनावी बिगुल का शोर भी थम गया। रतलाम जिले में शाम 7 बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार करीब 83.62 प्रतिशत मतदान हुआ। रतलाम जिले की सैलाना विधानसभा में सबसे अधिक 89.50 प्रतिशत, रतलाम ग्रामीण 86.25 प्रतिशत, जावरा 85.48 प्रतिशत, आलोट 83.33 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया। वहीं शहर की विधानसभा सीट पर 73.55 प्रतिशत मतदान हुआ, जो कि 5 विधानसभाओं में सबसे कम रहा। कई स्थानों पर समय समाप्त होने के बाद लंबी कतारें लगी रही। जहां नियमानुसार कतार में खडे लोगों को टोकन वितरित कर मतदान करवाया गया। रतलाम जिले में निर्विघ्न रूप से मतदान संपन्न हुए। कहीं से भी कोई अप्रिय स्थिति बनने जैसी बात सामने नहीं आई। मतदान के दौरान सुबह 7 बजे से लेकर शाम की 6 बजे तक कई तस्वीरे सामने आई। कई स्थानों पर ईवीएम मशीन ने काम करना बंद कर दिया। जिसके बाद तुरंत उसे बदलकर मतदान जारी रखा गया। मतदान कर रहे कई लोगों के नाम दूसरे मतदान केंद्रों पर ट्रांसफर हो जाने से उन्हें काफी परेशानी हुई वहीं कई को यह जानकारी भी नहीं लग पाई की उनका नाम दूसरे केंद्र पर है। इसके अलावा कई लोगों के नाम डिलीट करने की भी समस्या सामने आई। मतदान के समय पुलिस प्रशासन खासा मुस्तेद दिखाई दिया। बुजुर्गों को बेलेट पेपर की विशेष सुविधा देने के बाद भी उन्होंने इंकार किया और मतदान वाले दिन उत्साह से भाग लिया। कई दिव्यांग लोग भी केंद्र पर मतदान करते नजर आए। ग्रामीण व ट्राइबल क्षेत्रों में लोगों की लंबी लाइन नजर आई। लोगों ने बढ़चढ़कर लोकतंत्र के इस महापर्व में हिस्सा लिया। प्रथम बार मतदान कर रहे युवाओं को प्रशासन की और से प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। खबर लिखे जाने तक लीड कॉलेज में मत पेटियां जमा करने का दौर जारी रहा।

उत्साह के साथ मतदान : नागरिक पहुंच रहे लोकतंत्र के महायज्ञ में आहूति देने, अब तक जिले में 68 प्रतिशत वोटिंग

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। नागरिक लोकतंत्र के महायज्ञ में आहुति देने के लिए सुबह से मतदान केंद्र पहुंच रहे है। हालांकि सुबह सुबह शुरुआती दो घंटों में कम वोटिंग ने प्रशासन के साथ ही राजनीतिक दलों की चिंता बढा दी थी। जिसके बाद मतदाताओं के आने से सभी ने राहत की सांसे ली। निर्वाचन कार्यालय के अनुसार दोपहर 3 बजे तक जिले में 68 फीसदी से अधिक वोटर अपने मताधिकार का उपयोग कर चुके है। सबसे ज्यादा वोटिंग सैलाना विधानसभा में 75.28 फीसदी दर्ज की गई जबकि सबसे कम रतलाम शहर में 58.02 फीसदी ही वोटिंग हो पाई है। आखरी समय शाम 6 बजे तक मतदान का प्रतिशत और बढ़ने की संभावनाएं है। कहीं लंबी कतारें तो कहीं इक्का दुक्का लोग:शहर में सुबह सात बजे से मतदान शुरू हो गया था। कई मतदान केंद्रों पर साढ़े सात और आठ बजे तक लाइनें लग गई तो कुछ मतदान केंद्र सुबह से दोपहर तक सुने दिखाई दिए। जिले में मतदान की स्थिति :सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक का मतदान प्रतिशत-जावरा विधानसभा 68.66%रतलाम ग्रामीण विधानसभा 73.13%रतलाम शहर विधानसभा 58.02%सैलाना विधानसभा 75.28%आलोट विधानसभा 68.66%जिले का कुल मतदान प्रतिशत 68.66% बुजुर्गों ने भी दिखाया उत्साह :बुजुर्ग मतदाताओं ने भी मतदान को लेकर खासा उत्साह दिखाया। जिन्होंने घर पर वोटिंग नहीं करके मतदान केंद्रों पर ही मतदान की बात कही थी वे बकायदा मतदान केंद्र पहुंचे। 70 साल से ऊपर के मतदाताओं में जहां उत्साह दिखाई दिया तो नव मतदाताओं ने भी अपने मनपसंद के जनप्रतिनिधि को चुनने के लिए पहली बार अपना वोट दिया। कई लोग अपने माता पिता व परिवार के साथ पहुंचे। उकाला रोड मतदान केंद्र पर एक व्यक्ति अपनी दिव्यांग मां को गोद में लेकर पहुंचा। वहीं एक पोता अपनी दादी के साथ पहुंचा जहां बैसाखी के सहारे दादी ने आकर वोट डाला।

मतदाता जागरूकता संदेश : जैन विद्या निकेतन में बनाई बच्चों ने 100 फिट की रंगोली, “छोड़ो अपने सारे काम –  पहले चलो करे मतदान”

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव शुरू होते ही प्रत्याशी अपने – अपने प्रचार में जुटे हुए है। आगामी 17 नवंबर को मतदान होना है। ऐसे में शत प्रतिशत मतदान कराने के उद्देश्य से सामाजिक संस्थाएं, प्रशासन व विद्यालय मतदाताओं में जागरूकता लाने का कार्य कर रहे है। जिससे लोगों में जागरूकता आए और वे शत प्रतिशत मतदान कर लोकतंत्र के इस उत्सव में अपनी भूमिका सुनिश्चित कर सके। इसी को लेकर शहर के सागोद रोड़ स्थित जैन विद्या निकेतन स्कूल के विधार्थियो ने करीब 100 फिट की रंगोली बनाई। मतदाता जागरूकता अभियान के तहत 50 फिट लंबी व 50 फिट चोड़ी रंगोली का निर्माण कश्यप सभागृह में किया गया। रंगोली में भारत देश के नक्शे के साथ मतदान का संदेश “छोड़ो अपने सारे काम – पहले चलो करे मतदान” लिखा गया। इसके अलावा मतदान के विषय में कई मनमोहक व आकर्षक रंगोलीयां फूलों व रंगों से विद्यार्थियों ने बनाई। स्कूल प्राचार्य मृदुला शर्मा ने बताया कि विद्यालय के सभी कक्षा के करीब 45 विद्यार्थियों ने इसमें भाग लिया। इस मौके पर विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्य एवं सभी शिक्षक उपस्थित थे।

जावरा की जंग : निर्दलीय जीवनसिंह ने बिगाड़ा दो दलों का समीकरण, जनसंपर्क में जमकर बरसे शेरपुर

भाजपा में परिवारवाद, नेताओं को बेटों के भविष्य की चिंता – जीवनसिंह शेरपुर पब्लिक वार्ता – रतलाम/जावरा,जयदीप गुर्जर। रतलाम की जावरा विधानसभा में चुनावी माहौल बड़ा ही रोचक बनता जा रहा है। निर्दलीय मैदान में उतरे जीवनसिंह शेरपुर ने दो प्रमुख दलों की मेहनत बढ़ा दी है। यहां त्रिकोणीय मुकाबले में निर्दलीय के पड़ला ज्यादा भारी नजर आ रहा है। चुनावी शोर शांत होने में 8 दिन और बाकी है। ऐसे में सभी प्रत्याशी जनता का समर्थन मांगने में अपना अपना जोर लगा रहे है। अपने बोलने के अंदाज और बेबाक छवि से जीवनसिंह की बच्चों व युवाओं में लोकप्रियता खासी बढ़ चुकी है। कई आन्दोलनों व सामाजिक मुद्दों को लेकर जीवनसिंह आगे रहे है। ऐसे में अब इस चुनाव में उसका नतीजा साफ देखा जा सकता है। निर्दलीय प्रत्याशी जीवनसिंह शेरपुर ने जावरा के कई इलाकों में जनसपंर्क किया। इस दौरान लोगों ने जेसीबी से फूलों को उड़ाकर स्वागत किया। जनसंपर्क के दौरान जीवन सिंह बोले मैं कोई नेता नहीं बुजुर्गों, माताओं का बेटा हूं मे सुख-दुख में साथ हमेशा खड़ा रहुगा है। शेरपुर ने इस दौरान कहा की आज चुनाव के दौरान कुछ मौकापरस्त लोग जो अभी-अभी आपके सामने नजर आ रहे हैं, उनको आपने पहले कभी देखा नहीं होगा। यह वही लोग हैं, जो एक बार आएंगे और फिर शक्ल तक नहीं दिखाएंगे।आप सभी लोगों को यह तय करना होगा कि आपको विकास करने वालों को वोट देना है या भ्रमित व झूठे वादे करने वाले को। इस बार दोनो पार्टियों के खिलाफ जनता चुनाव लड़ रही है, इसलिए दोनो पार्टी के उम्मीदवारों की नींद उड़ गई है। दोनों पार्टियां को अब आप की याद आ रही है।भाजपा के कुछ नेता यह नहीं चाहते हमारे परिवार के अलावा कोई सांसद या विधायक बने। इसलिए इन्हीं के पार्टी के नेताओं को चुनाव में हराने के लिए लगे रहते हैं क्योंकि इनको पता है। अगर किसी और ने चुनाव जीतकर विधानसभा का टिकट मांग लिया तो उनके बेटे का भविष्य खतरे में हो जाएगा।

कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन : पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने दिया बूथ जीतने का मंत्र, बताया कैसे लड़ना है चुनाव

कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा व नेता मयंक जाट ने भी किया संबोधित पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। कांग्रेस प्रत्याशी पारस सकलेचा के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजयसिंह रतलाम आए। यहां सैलाना फोरलेन स्थित एक गार्डन में कांग्रेस का कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन से पूर्व कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्य अतिथि दिग्विजयसिंह का स्वागत किया। कार्यकर्ता सम्मेलन में दिग्विजयसिंह ने कार्यकर्ताओं को जीत के लिए योजना बताई। युवके कांग्रेस जिलाध्यक्ष मयंक जाट ने शुरुआत में कहा कि अगर कार्यकर्ता एकजुट होकर शहर से हमारा विधायक जीता देंगे तो  सबसे अच्छी बात यह होगी कि अकेले पारस दादा विधायक नहीं रहेंगे बल्कि मैं, आप सभी को विश्वास दिलाता हूँ कि कांग्रेस का हर एक कार्यकर्ता रतलाम का विधायक होगा। आप सभी कार्यकर्ताओं से निवेदन है सबसे पहले आपअपने बूथ का ध्यान रखे क्योकि यदि आप अपना बूथ का ध्यान रखेंगे और अपना बूथ जीतेंगे तो निश्चित ही हम रतलाम की विधानसभा जीतेंगे। और यही हमारी सबसे बड़ी जीत होगी।पारस दादा ने अपने उद्बोधन में कहां की में 45 साल से युवाम चलाता हूं मुझे मालूम है कार्यकर्ता का कितना महत्व है एक बार हमने कदम उठा लिया तो एक नया इतिहास बनाएंगे। एक अहंकार का नाश करेंगे, जिसने रतलाम की राजनीति को पूंजी के अधीन कर दिया, हम उसका नाश करेंगे। युवा नेता मयंक जाट द्वारा कही गई बात पर कहा की में इस पर सहमत हूं। हमें चुनाव इसी तरीके से लड़ना है जिस तरह से हम पंच के चुनाव लड़ते हैं, वार्ड का चुनाव लड़ते हैं, बुथ का चुनाव लड़ते है। क्योंकि बुथ पर रहने वाला व्यक्ति ही संघर्ष करता है। हमारा यह प्रयास होना चाहिए कि हम बुथ स्तर पर उस कार्यकर्ता को ज्यादा से ज्यादा मजबूत करें। इस अवसर पर कांग्रेस ने समस्त प्रदेश पदाधिकारी गण, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पदाधिकारी,  युवा कांग्रेस, महिला कांग्रेस, एनएसयूआई , सेवादल , इंटक के पदाधिकारी , मंडलम, सेक्टर प्रमुख समस्त भी एल ए एवं समस्त विभाग एवं प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं पदाधिकारी गण एवं समस्त कार्यकर्ता बंधु उपस्थित रहे ।

SPECIAL REPORT
मध्यप्रदेश चुनाव 2023 : मोदी के 25 मिनट – 25 बड़ी बातें

रतलाम की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर रही कांग्रेस, गिनाई डबल इंजन सरकार की योजनाएं..“मध्यमवर्गीय परिवार” भी आया याद! – जैन, सनातन, आदिवासी व दलित सभी को साधने की कोशिश..भाजपा के कार्यकर्ताओं को दी नसीहत और दे गए एक काम!देखिए पूरा VIDEO पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/मध्यप्रदेश/रतलामस्पेशल रिपोर्ट, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में चुनावी रंग अब चढ़ता दिख रहा है। मालवा के बिगड़ते समीकरण को साधने भाजपा के फायरब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाला। मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने खुद “एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी” का नारा दिया। रतलाम के बंजली में प्रधानमंत्री मोदी की विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 25 मिनट मंच से बोले। इन 25 मिनट में मोदी ने 25 बड़ी बातें कही जो आपको जानना जरूरी है। मोदी ने आते ही सबसे पहले रतलामी सेंव को याद किया। सेंव की तारीफ का चुनावी शगूफा बनाते हुए मोदी ने कहा कि आने वाली 3 दिसंबर को जब जीत का जश्न मनेगा तब लड्डू के साथ सेंव भी खूब खाई जाएगी। लाडली बहना व लाडली लक्ष्मी योजना का जिक्र करते मोदी ने कहा की पूरे देश में इसकी प्रशंसा। सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित शहर प्रत्याशी चेतन्य काश्यप, ग्रामीण प्रत्याशी मथुरालाल डामर, सैलाना की संगीता चारेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, महामंत्री प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान मोर्चा बंशीलाल गुर्जर ने किया। शुरुआत में कुछ मिनट मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। सभा में प्रधानमंत्री को विधायक चेतन्य काश्यप ने थेवा आर्ट से रतलाम के कारीगर राजेश सोनी द्वारा बने प्रतीक चिन्ह को भेंट किया। भाषण की शुरुआत भारत माता की जय से हुई जो खत्म भी भारत माता की जय पर हुआ। अपने भाषण के शुरू में मोदी ने बांगरोद स्थित खाटूश्यामजी मंदिर व आलोट के श्री नागेश्वर तीर्थ धाम का जयकारा लगाया। इसे सीधे – सीधे असर शहर में चल रहे जैन – सनातन फेक्टर से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा दलित व आदिवासी समाज को साधने के लिए भी मोदी ने बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा आदि का जिक्र किया। मोदी ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा की इस बार जीत केवल सीट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शत प्रतिशत बूथ पर कमल खिलना चाहिए। मोदी ने कार्यकर्ताओं को हर घर जा कर मोदीजी ने प्रणाम कहा है यह काम भी सौंपा। मोदी की 25 बड़ी बातें –

यह दौरा खास है! : मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सभा रतलाम में, 4 नवंबर की तैयारियां अंतिम दौर में

पढ़िए खास खबर…आखिर क्यों मालवा में मोदी की दिलचस्पी?,भाजपा के बिगड़ते समीकरणों को मोदी फेक्टर का सहारा! पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/भोपाल/रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी है। 17 नवंबर को मतदान होना है ऐसे में सभी चुनावी पार्टियां अपने स्टार प्रचारकों को उतारने का प्लान बना रही है, जिसमें भाजपा सबसे आगे है। सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को मध्यप्रदेश के रतलाम में अपनी पहली सभा को संबोधित करेंगे। 2023 के विधानसभा चुनाव की प्रदेश में पीएम की पहली सभा रतलाम में होगी। जिसमें मोदी 9 से अधिक विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के समर्थन में जनता से अपील करेंगे। इसके बाद पीएम की प्रदेश में 1 और बड़ी सभा हो सकती है जो की ग्वालियर संभाग में हो सकती है। मगर दिलचस्प यह है कि इंदौर, ग्वालियर, भोपाल जैसे महानगरों को छोड़कर मोदी का पहला रुख मालवा के रतलाम में है। मोदी की सभा के जरिये सभी 16 विधानसभा सीटों पर माहौल बनाने की रणनीति भाजपा ने बनाई है।पीएम मोदी छत्तीसगढ़ से चुनावी रैली की शुरूआत कर चुके है। पीएम को स्टार प्रचारक के रूप में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना व मिज़ोरम में भी समय देना है। एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी पहले बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से चुनावी सभा का शंखनाद करने वाले थे, लेकिन किन्ही कारणों से यह कार्यक्रम टल गया, अब वे रतलाम आ रहे हैं। इस साल प्रधानमंत्री मोदी का मध्य प्रदेश में यह 12वां दौरा कार्यक्रम होगा। प्रधानमंत्री मोदी रतलाम के समीप ग्राम बंजली में सभा को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर रतलाम शहर भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने पदाधिकारियों की बैठक ली। मालवा में क्यों जरूरी मोदी फेक्टर :मध्यप्रदेश के चुनाव को भाजपा हल्के में नहीं लेना चाहती है। यही कारण है की इस बार केंद्रीय नेतृत्व सीधे तौर पर दखल दे रहा है। भाजपा का मालवा पर इस बार विशेष फोकस है, क्योंकि यहां भाजपा की परंपरागत सीटे है। मालवा के अंतर्गत आगर, देवास , धार , इंदौर , झाबुआ , मंदसौर , नीमच , राजगढ़ , रतलाम , शाजापुर , उज्जैन आदि जिले आते है। मालवा में विशेषकर जातीय समीकरण गहरा प्रभाव रखता है और इसी बेल्ट में आदिवासी बहुल आबादी क्षेत्र है। इसके अलावा इंदौर के आसपास नीमच तक राजपूत समाज का प्रभाव भी अधिक है। अपनी – अपनी मांगों को लेकर दोनों ही समाज सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मुखर है और इनके संगठनों के नेता अब चुनावी मैदान में उतर चुके है। भाजपा और कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी नाराजगी व नजरअंदाजगी के चलते इनके साथ हो गए है।ऐसे में भाजपा कोई रिस्क ना लेते हुए। मालवा पर विशेष फोकस बनाए हुए। भाजपा के फायर ब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, जिससे भाजपा को लगता है की मोदी फेक्टर जनता पर काम करेगा और उसका सत्ता का समीकरण नहीं बिगड़ेगा। भाजपा जीते हुए अपने गढ़ को नहीं हारना देना चाहती है। रतलाम की 5 में से 4 सीट पर असमंजस :फिलहाल रतलाम में जावरा, आलोट, सैलाना व रतलाम ग्रामीण में भाजपा के बागी और सामाजिक संगठनों के निर्दलीय प्रत्याशी एक बड़ी मुसीबत बन सकते है। हाल ही में हुए पंचायत और निकाय चुनाव में सभी लोग इसका उदाहरण देख चुके है। मंदसौर व नीमच में भी अंचल क्षेत्र भाजपा से दूरी बनाने के मूड में है। उज्जैन की बड़नगर सीट पर भी यही हाल है। झाबुआ – पेटलावद सीट पर आदिवासी प्रभाव अधिक है। सैलाना व रतलाम ग्रामीण से झाबुआ तक जयस प्रभावी है उसी तरह करणी सेना भी अपना प्रभाव बनाये हुए है। हाल ही में दोनों सामाजिक संगठनों ने राजनीति में अपना – अपना समर्थन एक दूसरे को देकर एक नई उलझन पैदा कर दी है।