राह वीर योजना: दुर्घटना को देखकर नहीं भागे, अस्पताल पहुंचाने पर 25 हजार आपके!, जानिए कैसे ले योजना का लाभ

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। राह वीर योजना: सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों और गंभीर चोटों को देखते हुए भारत सरकार द्वारा “Rah-Veer योजना” शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य है गोल्डन आवर में सड़क हादसे के शिकार लोगों की जान बचाने वाले “Good Samaritan” नागरिकों को प्रोत्साहित करना। परिवहन मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सड़क दुर्घटना में घायल किसी भी व्यक्ति को तुरंत प्राथमिक चिकित्सा देकर और उसे एक घंटे के भीतर अस्पताल या ट्रॉमा सेंटर पहुंचाकर उसकी जान बचाता है, तो ऐसे नागरिक को ₹25,000 का नकद पुरस्कार और प्रशंसा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। क्या है “गोल्डन आवर”? मोटर वाहन अधिनियम 2019 की धारा 2(12A) के अनुसार, “गोल्डन आवर” वह महत्वपूर्ण एक घंटा होता है जब समय पर चिकित्सा सहायता मिलने से घायल व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। योजना की मुख्य बातें: पुरस्कार पाने की प्रक्रिया: कानूनी सुरक्षा: मोटर वाहन अधिनियम 2019 की धारा 134A और 29 सितंबर 2020 को जारी नियमों के अनुसार, किसी भी Good Samaritan को कानूनी कार्यवाही से संरक्षण प्राप्त है। उनकी अनुमति के बिना उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती।

India Pakistan Ceasefire 2025: क्या होता है सीजफायर? जानिए भारत-पाक युद्धविराम का पूरा मामला

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। India Pakistan Ceasefire 2025: भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव के बीच अब एक बड़ा फैसला सामने आया है। 10 मई 2025 को भारतीय विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच सीजफायर (Ceasefire) लागू हो गया है। यह निर्णय पाकिस्तान की ओर से संघर्ष विराम की अपील के बाद लिया गया। भारत ने शाम 6 बजे के करीब इस पर सहमति जताई। क्या होता है सीजफायर? सीजफायर का मतलब होता है युद्धविराम—यानी कि दो देशों के बीच चल रही सैन्य कार्रवाई या गोलीबारी को रोक देना। यह कोई स्थायी शांति समझौता नहीं होता, बल्कि एक अस्थायी रोक होती है ताकि हालात को संभाला जा सके। इस फैसले के तहत जमीनी, हवाई और समुद्री हमलों पर पूर्ण विराम लग जाता है। सीजफायर पर भारत और पाकिस्तान की सहमति कैसे बनी? 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके बाद पाकिस्तान ने जवाबी हमले की कोशिश की, लेकिन भारत की सख्त सैन्य कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते पाकिस्तान को पीछे हटना पड़ा। 10 मई को दोपहर 3:35 बजे पाकिस्तान के डीजीएमओ ने भारतीय डीजीएमओ को फोन कर संघर्ष विराम की अपील की। इसके बाद शाम 5 बजे से संघर्ष विराम लागू करने पर सहमति बनी। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। अमेरिका की भूमिका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ’ पर लिखा कि भारत और पाकिस्तान अमेरिका की मध्यस्थता में हुए संवाद के बाद पूर्ण और तत्काल युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोनों देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत कर तनाव कम करने की अपील की थी। 12 मई को फिर होगी बातचीत विदेश सचिव मिस्री के अनुसार, 12 मई को दोपहर 12 बजे दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच फिर से बातचीत होगी ताकि सीजफायर को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। भारत का सख्त रुख विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने साफ किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपने सख्त और अडिग रुख पर कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि भारत ने आज सिर्फ गोलीबारी रोकी है, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।

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