Navratri 2024 : कब है घट स्थापना का शुभ मुहूर्त, इस सरल पूजा विधि से करे माता को प्रसन्न!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि (Navratri 2024) का विशेष महत्व है। यह पर्व 9 दिनों तक चलता है, जिसमें मां दुर्गा के 9 रूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। इस बार शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर 2024 से शुरू होकर 11 अक्टूबर 2024 को समाप्त होगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान विधि-विधान से पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। घट स्थापना का महत्व और शुभ मुहूर्त:नवरात्रि के पहले दिन घट या कलश स्थापना की जाती है, जिसे बेहद शुभ माना जाता है। कलश में ब्रह्मा, विष्णु, महेश और मातृगण का निवास होता है, इसलिए इसकी स्थापना से शुभ परिणाम मिलते हैं। पंडित धीरज शर्मा के अनुसार, इस वर्ष कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 3 अक्टूबर को सुबह 6:15 बजे से 7:22 बजे तक रहेगा, जिसकी कुल अवधि 1 घंटा 6 मिनट है। इसके अलावा, अभिजीत मुहूर्त में भी कलश स्थापना की जा सकती है, जो सुबह 11:46 बजे से दोपहर 12:33 बजे तक रहेगा। पूजन विधि:1. नवरात्रि के लिए एक दिन पहले जौ को पानी में भिगोकर रख दें ताकि वे अंकुरित हो सकें।2. पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें और माता दुर्गा की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें।3. बालू में पानी डालकर उसमें जौ रखें।4. घट स्थापना के लिए घट में जल, गंगाजल, सिक्का, रोली, हल्दी, दूर्वा और सुपारी डालें।5. घट के ऊपर कलावा बांधकर नारियल रखें और आम के पत्ते घट के मुंह पर लगाएं।6. एक पात्र में स्वच्छ मिट्टी डालकर 7 तरह के अनाज बोएं और उसे चौकी पर रखें।7. धूप और दीप जलाएं, बाएं तरफ धूप और दाहिने तरफ दीपक रखें।8. गणपति, नवग्रहों और माता दुर्गा का आवाहन करें और विधिपूर्वक पूजा करें।9. नवरात्रि के पूरे 9 दिन तक माता का पाठ और आराधना अवश्य करें। घट स्थापना एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, इसलिए इसे किसी जानकार पंडित से मंत्रोच्चारण के साथ करवाना चाहिए।

Maharashtra News: नरभक्षी बेटे ने खाया मां का दिल, दिमाग और लिवर!, हाईकोर्ट ने सुनाई मौत की सजा

महाराष्ट्र के कोल्हापुर में एक जघन्य अपराध का मामला, आरोपी ने मां के अंगों को काटकर पकाया, खून से सने उसके मुंह देखकर दंग रह गई पुलिस! पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Maharashtra News: महाराष्ट्र के कोल्हापुर का माकडवाला वसाहत इलाके (Kolhapur) में 35 साल का एक आदमी अपनी 63 वर्षीय मां से शराब पीने के रुपए मांगे। हर मां की तरह वो बुजुर्ग महिला भी उसे शराब पीने से मना कर रही थी। ये बात बेटे को इतनी नागवार गुजरी कि उसने अपनी ही मां की बेरहमी से हत्या कर दी। इस बेरहम नरभक्षी बेटे ने यहीं तक अपनी दरिंदगी नहीं दिखाई। उसका मन नहीं भरा तो उसने धारदार हथियार से अपनी मां के टुकड़े करने शुरू कर दिए। उसके शरीर के अंदरूनी अंग खींच कर बाहर निकाले। यह मामला 2017 का है, जिसमें 7 साल बाद बॉम्बे हाइकोर्ट (Bombay Highcourt) ने आरोपी सुनील कुचकोरवी को मौत की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट ने इसे ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर केस’ करार दिया, यह मानते हुए कि आरोपी के सुधारने की कोई संभावना नहीं है। न्यायाधीशों की खंडपीठ ने कहा कि यह नरभक्षण का मामला है, क्योंकि आरोपी ने अपनी मां के शरीर के अंगों जैसे दिल, दिमाग, किडनी और लिवर को निकालकर तवे पर पकाकर खाया। इस मामले में 12 लोगों ने गवाही दी, जिसमें रिश्तेदार और पड़ोसी शामिल थे। घटना ने समाज की चेतना को झकझोर दिया है। 28 अगस्त 2017 को, आरोपी सुनील कुचकोरवी ने अपनी 63 वर्षीय मां यल्लामा रामा कुचकोरवी से शराब के लिए पैसे मांगे, लेकिन जब उसने मना किया, तो बेटे ने निर्ममता से उसकी हत्या कर दी और फिर उसके शरीर को नृशंसता से काट डाला। पहले दिमाग, फिर निकाला दिल निकालाआरोपी ने पहले मां का दिमाग निकाला, फिर चाकू से दिल निकाला। इसके बाद एक-एक कर उसका लिवर, किडनी और आंत बाहर कर दी। इसके बाद उसने जो किया, उसे देखकर किसी की भी रूह कांप सकती है।  उसने अपनी मां के दिल, दिमाग, लिवर, किडनी को तवे पर गरम करके नमक-मिर्च के साथ खाना शुरू कर दिया। ये विभत्स दृश्य देख पड़ोसियों का दिल दहल उठा। आनन-फानन में लोगों ने पुलिस को बुलाया। पुलिस पहुंची तो खून से सने उसके मुंह देखकर दंग रह गई। अब तक का सबसे क्रूर कांडजघन्य हत्याकांड की जांच करने वाले पुलिस इंस्पेक्टर एसएस मोरे ने कहा था, “मैंने मुंबई और महाराष्ट्र के नक्सली इलाकों में अपने करियर में कई हत्याएं और शव देखे। लेकिन ये मामला अब तक का सबसे क्रूर था। हमने मृतक महिला के शव और उसके अंगों के सैंपल डीएनए प्रोफाइलिंग के लिए भेजे थे सभी मृतक से मेल खाते थे। हमारे पास 12 गवाह थे। इसके साथ ही क्राइम सीन और महिला के शरीर की स्थिति आरोपी की क्रूरता को साबित करने के लिए पर्याप्त थी।” मौत की सजा देने की वजहबॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा कि अपराधी सुनील कुचकोरवी के सुधार की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि उसमें नरभक्षण की प्रवृत्ति है। यदी  उसे आजीवन कारावास दिया जाता है, तो वो जेल में भी इस तरह का अपराध कर सकता है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सुनील ने 28 अगस्त, 2017 को कोल्हापुर शहर में अपने आवास पर अपनी 63 वर्षीय मां की निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद में उसने अपनी मां के शव को हथियार से काटा और उसके कई अंगों को तवे पर तलकर खा लिया।

सर्व पितृ अमावस्या : श्राद्ध कर्म में किन नियमों का करना होगा पालन और पितरों को प्रसन्न करने के क्या है उपाय?, जानिए…

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। सनातन धर्म में सर्व पितृ अमावस्या (Sarv Pitra Amavasya) का विशेष महत्व है। यह दिन उन पितरों के श्राद्ध के लिए होता है, जिनकी मृत्यु तिथि ज्ञात नहीं होती। साल 2024 में सर्व पितृ अमावस्या 2 अक्टूबर, बुधवार को पड़ेगी। इसे पितृ विसर्जनी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन किए गए श्राद्ध कर्म और दान-पुण्य से पितृ दोष भी समाप्त होता है और पितरों को शांति मिलती है। लेकिन श्राद्ध कर्म के कुछ महत्वपूर्ण नियम होते हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। आइए जानते हैं गरुड़ पुराण के अनुसार सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या नहीं। सर्व पितृ अमावस्या पर क्या करें? 1. काले तिल का प्रयोग: श्राद्ध कर्म में काले तिल का प्रयोग अनिवार्य माना गया है। तर्पण करते समय और पिंड बनाते समय काले तिल का उपयोग अवश्य करें। मान्यता है कि काले तिल में तीर्थों का जल होता है, जिससे पितर तृप्त होते हैं।  2. ब्राह्मण भोज: इस दिन ब्राह्मणों को भोजन कराने से पितरों को शांति मिलती है। ब्राह्मण भोज पितरों की संतुष्टि के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। 3. कुश का उपयोग: श्राद्ध करते समय या तर्पण देते समय कुश का उपयोग करें। गरुड़ पुराण के अनुसार, कुश का तर्पण आत्मा को शांति प्रदान करता है। 4. भूखे को भोजन कराएं: इस दिन कोई भूखा व्यक्ति दरवाजे पर आ जाए, तो उसे भोजन जरूर कराएं। पितृ पक्ष में पितर किसी भी रूप में आ सकते हैं। 5. पंचबलि निकालें: ब्राह्मण भोज से पहले पंचबलि निकालने की परंपरा का पालन करें। पंचबलि का अर्थ है 5 प्राणियों—गाय, कुत्ता, कौवा, देवता और चींटियों के लिए भोजन निकालना। 6. गीत का पाठ करें: सर्व पितृ अमावस्या के दिन गीत का पाठ करना बहुत लाभकारी माना जाता है। 7. दान-पुण्य करें: इस दिन धन, वस्त्र, अनाज और काले तिल का दान करने से पितर खुश होते हैं और वंश वृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। सर्व पितृ अमावस्या पर क्या न करें? 1. रात्रि में भोजन न कराएं: श्राद्ध का भोजन कभी भी रात में न कराएं। यह अशुभ माना जाता है। 2. तामसिक भोजन न करें: इस दिन घर के सदस्यों को तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए। 3. मौन व्रत रखें: ब्राह्मण भोज के दौरान मौन रहना चाहिए और बिना अपशब्दों का प्रयोग किए शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना चाहिए। 4. स्टील के बर्तनों का प्रयोग न करें: श्राद्ध का भोजन केले के पत्तों या स्टील के बर्तनों में नहीं परोसना चाहिए। चांदी, तांबे, कांसे के बर्तनों में भोजन परोसें। 5. कर्ज लेकर श्राद्ध न करें: यह ध्यान रखें कि श्राद्ध का आयोजन कर्ज लेकर नहीं करना चाहिए। 6. किसी का अपमान न करें: इस दिन किसी का अपमान नहीं करना चाहिए और अपशब्दों से बचना चाहिए।

LPG Cylinder Price Hike: सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी: अक्टूबर की पहली तारीख को महंगाई का झटका, महंगे पड़ेंगे शादी – त्योहार!

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। LPG Cylinder Price Hike: अक्टूबर महीने की शुरुआत में ही महंगाई की मार ने लोगों को झटका दिया है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी कर दी है। कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत में 48.5 रुपये का इजाफा किया गया है, जो कि आज से लागू हो गया है। दिल्ली में 19 किलोग्राम सिलेंडर की नई कीमतइस बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम के कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1740 रुपये हो गई है। इसके पहले 1 सितंबर को कंपनियों ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 39 रुपये का इजाफा किया था। हालांकि, जुलाई में कंपनियों ने इन कीमतों में 30 रुपये की कटौती की थी। त्योहारों पर बढ़ेगी महंगाईत्योहारी सीजन के शुरू होने से पहले ही इस मूल्यवृद्धि ने व्यापारियों और उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त भार डाल दिया है। ऐसे में यह महंगाई का नया दौर त्योहारी खरीदारी और व्यापारियों की लागत को प्रभावित कर सकता है। घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव नहींहालांकि, इस बार घरेलू उपयोग के लिए 14.2 किलोग्राम वाले LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

Govinda injured: बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा के घुटने में लगी गोली, ICU में भर्ती, हालत खतरे से बाहर

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा (Actor Govinda) के साथ एक दुर्घटना हो गई, जिसमें उनके घुटने में गोली लग गई। यह घटना मंगलवार सुबह करीब 4.45 बजे हुई, जब वे अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर को साफ कर रहे थे। गलती से रिवॉल्वर उनके हाथ से गिर गई और गोली सीधे उनके घुटने में लग गई। घटना के तुरंत बाद, गोविंदा को मुंबई के Criti Care अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक उनके पैर से गोली निकाल दी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और उन्हें ICU में रखा गया है। अस्पताल से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन गोविंदा के परिवार ने बताया है कि वे जल्द ही इस बारे में जानकारी देंगे। गोविंदा के मैनेजर शशि सिन्हा ने बताया कि घटना के समय गोविंदा कोलकाता जाने की तैयारी कर रहे थे। उनकी पत्नी सुनीता पहले से ही कोलकाता में थीं। रिवॉल्वर साफ करते वक्त यह हादसा हुआ। उनकी बेटी इस वक्त अस्पताल में उनके साथ मौजूद है और उन्हें अगले दो दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा। इस घटना के समय गोविंदा की पत्नी सुनीता मुंबई में नहीं थीं, लेकिन अब उन्हें इस घटना की जानकारी दे दी गई है और वे जल्द ही मुंबई लौट रही हैं। गौरतलब है कि गोविंदा इस साल मार्च में एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हुए थे। उनके फैन्स और बॉलीवुड से जुड़े लोग उनकी जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला गाय को मिला ‘गौ माता’ का दर्जा

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Maharashtra News: महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए गाय को ‘गौ माता’ का दर्जा देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वपूर्ण निर्णय पर चर्चा की गई और इसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। यह निर्णय भारतीय संस्कृति में गाय के महत्व को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। शिंदे सरकार की बड़ी घोषणामहायुती सरकार ने आदेश जारी करते हुए गाय को ‘राज्यमाता गौ माता’ का दर्जा देने का निर्णय लिया। सरकार ने कहा कि वैदिक काल से ही गाय का भारतीय संस्कृति में महत्वपूर्ण स्थान रहा है। गाय के दूध, गोबर और गोमूत्र का उपयोग न केवल मानव आहार में, बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सा, पंचगव्य उपचार और जैविक खेती में भी होता है। इसी के मद्देनज़र महाराष्ट्र सरकार ने देशी गाय को ‘गौ माता’ का दर्जा देकर उसे एक विशेष सम्मान प्रदान किया है। गाय के दूध और उत्पादों का महत्वकैबिनेट बैठक में चर्चा के दौरान यह कहा गया कि देशी गाय के दूध को स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा पंचगव्य चिकित्सा और जैविक कृषि में गाय के गोबर और गोमूत्र का प्रमुख स्थान है। इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गाय को विशेष दर्जा देने का निर्णय लिया है, जो वैदिक काल से चली आ रही परंपराओं का समर्थन करता है। आयुर्वेद और जैविक खेती में गाय का योगदानसरकार ने कहा कि आयुर्वेद और पंचगव्य चिकित्सा पद्धति में गाय से प्राप्त उत्पादों का विशेष महत्व है। गोबर और गोमूत्र का उपयोग जैविक खेती में किया जाता है, जिससे पर्यावरण को भी संरक्षण मिलता है। इस फैसले से न केवल भारतीय कृषि और चिकित्सा प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि गाय के संरक्षण और उसकी देखभाल में भी सुधार होगा। गौ माता का दर्जा: एक ऐतिहासिक कदमयह फैसला महाराष्ट्र सरकार की ओर से एक ऐतिहासिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, जो भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करने के साथ-साथ गायों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। इस निर्णय के बाद राज्यभर में गायों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनके संरक्षण के लिए विशेष योजनाएं भी शुरू की जा सकती हैं।

Tax Audit Due Date: इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की तारीख बढ़ी, जानें नई अंतिम तिथि

नई दिल्ली पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Tax audit due date: इनकम टैक्स ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने वाले करदाताओं के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने टैक्स ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की आखिरी तारीख में विस्तार कर दिया है। इससे उन करदाताओं को फायदा होगा जो रिपोर्ट फाइल करने में दिक्कतों का सामना कर रहे थे। पहले आखिरी तारीख 30 सितंबर 2024 थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 7 अक्टूबर 2024 कर दिया गया है।क्यों बढ़ाई गई तारीख?सीबीडीटी ने यह फैसला टैक्सपेयर्स द्वारा रिपोर्ट के इलेक्ट्रॉनिक सबमिशन में आ रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए लिया है। विभाग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए कहा कि ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की तिथि 7 अक्टूबर 2024 तक बढ़ा दी गई है। आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथिवित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए, जिन करदाताओं को इनकम टैक्स ऑडिट कराना आवश्यक है, उनके लिए आयकर रिटर्न (ITR) फाइल करने की आखिरी तारीख 31 अक्टूबर 2024 निर्धारित की गई है। ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने के बाद, करदाता 31 अक्टूबर तक अपना ITR फाइल कर सकते हैं। देर से फाइल करने पर लगेगा जुर्मानायदि करदाता ऑडिट रिपोर्ट 7 अक्टूबर तक दाखिल नहीं करते हैं, तो उन्हें जुर्माना भरना होगा। जुर्माने की राशि उनके कुल टर्नओवर या प्राप्तियों का 0.5% या 1,50,000 रुपये तक हो सकती है, जो भी कम हो।महत्वपूर्ण बिंदु:– ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की नई अंतिम तिथि: 7 अक्टूबर 2024।– ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि: 31 अक्टूबर 2024।– देर से फाइल करने पर जुर्माना: कुल टर्नओवर का 0.5% या 1,50,000 रुपये, जो कम हो।अधिक जानकारी के लिए करदाता आयकर विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं और समय पर अपने दस्तावेज़ जमा कर सकते हैं।

Anupam Kher On Currency:  अनुपम खेर की तस्वीर वाले नकली नोट से सर्राफा व्यापारी को लगा 1.6 करोड़ का चूना, पुलिस कर रही जांच

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Anupam Kher On Currency:  गुजरात के अहमदाबाद में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 500 रुपये के नकली नोटों पर महात्मा गांधी की तस्वीर की जगह बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ( Anupam Kher) की तस्वीर छपी मिली है। इन नकली नोटों की कुल कीमत 1 करोड़ 60 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में अहमदाबाद पुलिस ने हजारों नकली नोट जब्त किए हैं, जिनमें “रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया” के बजाय “रिसोल बैंक ऑफ इंडिया” लिखा हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो, अनुपम खेर ने दी प्रतिक्रियासोशल मीडिया पर इन नकली नोटों का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर खुद अभिनेता अनुपम खेर ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इन नोटों की तस्वीर शेयर की और मजाकिया अंदाज में लिखा, “लो जी कर लो बात! पांच सौ के नोट पर गांधी जी की फ़ोटो की जगह मेरी फ़ोटो???? कुछ भी हो सकता है!” गुजरात के व्यापारी को लगा भारी नुकसानइस घटना से जुड़ी जानकारी के अनुसार, अहमदाबाद के सर्राफा व्यापारी मेहुल ठक्कर के पास से ये नकली नोट बरामद हुए हैं। व्यापारी का दावा है कि उसे 1.6 करोड़ रुपये की नकदी दी जानी थी, लेकिन जब उसने बैग खोला तो उसमें से अनुपम खेर की तस्वीर वाले नकली नोट निकले। नोटों पर ‘रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया’ की जगह ‘रिसोल बैंक ऑफ इंडिया’ लिखा हुआ था और नोटों के बंडल पर ‘SBI’ की बजाय ‘Start Bank of India’ का नाम छपा हुआ था। पुलिस कर रही है जांचव्यापारी की शिकायत पर अहमदाबाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह फर्जीवाड़ा कैसे हुआ और इसके पीछे कौन है। साथ ही नकली नोटों की छपाई का स्रोत पता लगाने और इस तरह के और कितने नोट बाजार में फैल चुके हैं, इसकी भी जांच की जा रही है।

Solar Eclipse: सर्वपितृ अमावस्या पर साल का आखरी सूर्य ग्रहण, जानिए किन राशियों को करेगा प्रभावित

नई दिल्ली, पब्लिक वार्तान्यूज डेस्क| Solar Eclipse: साल 2024 का आखरी सूर्य ग्रहण सर्वपितृ अमावस्या के दिन यानी 02 अक्टूबर को होगा। इस दिन पितृ पक्ष का समापन भी होता है, जिसे तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए खास माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सूर्य ग्रहण के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्य और पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए, क्योंकि इसका शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं इस ग्रहण का असर कब और कहां दिखाई देगा? साथ ही किन राशियों को यह प्रभावित करेगा। कब और कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?हिंदू पंचांग के अनुसार, 02 अक्टूबर 2024 को सूर्य ग्रहण की शुरुआत होगी। यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। भारत में ग्रहण 2 अक्टूबर रात 9 बजकर 13 मिनट पर शुरू होगा जो मध्यरात्रि में 3 बजकर 17 मिनट पर खत्म होगा। इस वजह से इसका सूतक काल मान्य नहीं होगा। सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse 2024 Shadow) पेरू, फिजी, प्रशांत महासागर, आर्कटिक और दक्षिणी अमेरिका समिति आदि देशों में देखने को मिलेगा। मन्त्रों का करे जापसूर्य ग्रहण के समय पूजा-पाठ करना वर्जित है, लेकिन आप मन ही मन में किसी भी प्रभु के नाम का जप कर सकते हैं। इस दौरान गायत्री मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र का जप करना फलदायी साबित होता है। मान्यता है कि ऐसा करने से ग्रहण के नकारात्मक प्रभाव से बचाव होता है। ग्रहण में भोजन, दूध, लस्सी, पनीर समेत अदि चीजों में तुलसी का पत्ता या कुश डाल देना चाहिए। ऐसा करने से यह चीजें सूर्य ग्रहण के प्रभाव से मुक्त हो जाती हैं। इसके बाद श्रद्धा अनुसार गरीब लोगों में अन्न, धन और वस्त्र का दान करना चाहिए। यह राशियां होगी प्रभावितज्योतिष पंचांग के अनुसार सूर्य ग्रहण वृष, मिथुन, कर्क, सिंह कन्या वृश्चिक और मीन राशि के जातकों को शुभ साबित हो सकता है। इस अवधि में आपको काम कारोबार में खास सफलता मिल सकती है। वहीं इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। साथ ही परिवार के सदस्यों से आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है। वहीं बिजनस में आपने जो वेिश किया था उसका आपको अचानक से अभी जाकर लाभ मिल सकता है। साथ ही इस दौरान आप कोई वाहन प्रापर्टी खरीद सकते हैं। वहीं सूर्य ग्रहण मेष, तुला और मकर राशि के जातकों को नुकसानदायक सिद्ध हो सकता है। वहीं इस अवधि में इन लोगों का किसी व्यक्ति के साथ मनमुटाव हो सकता है। साथ ही धन की हानि के योग बन रहे हैं। वहीं इस समय किसी बात को लेकर मानसिक अशांति हो सकती है। साथ ही इस समय आपको वाहन सावधानी से चलाना चाहिए। क्योंकि दुर्घटना के योग बन रहे हैं। (Disclaimer: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। पब्लिक वार्ता न्यूज नेटवर्क इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करे।)

Dada Saheb Falke Award 2024: मिथुन चक्रवर्ती को मिलेगा दादा साहेब फाल्के पुरस्कार: सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Dada Saheb Falke Award 2024: भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती (mithun chakraborty) को उनकी अद्वितीय सिनेमाई यात्रा और योगदान के लिए 2024 में प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार (Dada Saheb Falke Award 2024) से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उन्हें 8 अक्टूबर 2024 को 70वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड सेरेमनी के दौरान प्रदान किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस महत्वपूर्ण घोषणा को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X  पर साझा किया। अश्विनी वैष्णव ने लिखा, “कोलकाता की सड़कों से लेकर सिनेमा की ऊंचाइयों तक का सफर तय करने वाले मिथुन दा ने हर पीढ़ी को प्रेरित किया है। यह बताते हुए मुझे गर्व हो रहा है कि दादा साहेब फाल्के चयन जूरी ने भारतीय सिनेमा में उनके उत्कृष्ट योगदान को देखते हुए यह सम्मान देने का निर्णय लिया है।” मिथुन चक्रवर्ती का सिनेमाई सफरमिथुन चक्रवर्ती का फिल्मी करियर प्रेरणादायक रहा है। उनकी पहली ही फिल्म मृगया (1977) के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसके बाद उन्होंने हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगू, कन्नड़ और पंजाबी जैसी भाषाओं में 350 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनके चर्चित और हिट फिल्मों में डिस्को डांसर, अग्निपथ, हमसे बढ़कर कौन  और वो जो हसीना जैसी फिल्में शामिल हैं। पहली फिल्म से ही जीता नेशनल अवॉर्डमिथुन ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत छोटे रोल्स से की, लेकिन उनकी पहली मुख्य भूमिका वाली फिल्म सुरक्षा (1979) ने उन्हें पहचान दिलाई। इसके बाद आई फिल्म प्रेम विवाह ने भी उनके करियर को एक नई दिशा दी। मिथुन ने बंगाली सिनेमा में भी अपनी पहचान बनाई और उनकी पहली बंगाली फिल्म नदी थेके सागर (1978) थी। मिथुन चक्रवर्ती का सिनेमा के प्रति समर्पण और मेहनत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

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