bangladesh vs india: भारत बनाम बांग्लादेश टेस्ट के बाद क्या होगा WTC अंक तालिका पर असर?

भारतीय टीम WTC अंक तालिका में 71.67 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है, जबकि बांग्लादेश 39.29 पीसीटी के साथ छठे स्थान पर है. पब्लिक वार्ता,स्पोर्ट्स डेस्क। bangladesh vs india: भारत और बांग्लादेश के बीच कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में होने वाला टेस्ट मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की दौड़ में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल, भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में 71.67 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है, जबकि बांग्लादेश 39.29 पीसीटी के साथ छठे स्थान पर है। इस मैच के तीन संभावित परिणामों के आधार पर हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि WTC Points Table पर क्या असर पड़ेगा। अगर भारत ने जीता मैच!अगर भारत बांग्लादेश को हराने में सफल होता है, तो भारतीय टीम का पीसीटी बढ़कर 74.24 हो जाएगा। यह स्थिति भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में और मजबूत बनाएगी, और उसे पीछे छोड़ना किसी भी टीम के लिए कठिन हो जाएगा। अगर बांग्लादेश ने जीता मैच!वहीं, अगर बांग्लादेश की टीम यह मैच जीत जाती है, तो उसका पीसीटी बढ़कर 46.87 हो जाएगा, जिससे वह चौथे या पांचवें स्थान पर पहुंच सकती है। हालांकि, यह काफी कठिन प्रतीत होता है, लेकिन अगर बांग्लादेश ने यह मुकाबला अपने नाम किया, तो वह सीधा तालिका में बड़ी छलांग लगाएगी। अगर मैच रहा ड्रॉ!कानपुर के खराब मौसम को देखते हुए ड्रॉ की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यदि मैच ड्रॉ होता है, तो भारतीय टीम का पीसीटी 68.18 पर आ जाएगा, लेकिन इसके बावजूद वह शीर्ष पर बनी रहेगी। वहीं, बांग्लादेश का पीसीटी 38.54 हो जाएगा, जिससे उसकी स्थिति पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।कानपुर टेस्ट मैच का परिणाम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में अहम भूमिका निभाएगा। अगर भारतीय टीम जीतती है, तो वह अपनी स्थिति को और मजबूत करेगी, जबकि बांग्लादेश की जीत से उसे बड़ी बढ़त मिल सकती है। भारत बनाम बांग्लादेश कानपुर टेस्ट पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि बारिश खेल में खलल न डालते हुए इसे पूरा होने देगी।

भारतीय रेलवे में KAVACH 4.0: नई सुरक्षा प्रणाली कवच से ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा में होगा बड़ा सुधार

सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल, कवच 4.0 (Kavach 4.0) एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है। पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। भारतीय रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक, दिल्ली-मुंबई रूट पर कवच 4.0 (Kavach 4.0) प्रणाली का सफल परीक्षण और इंस्टॉलेशन कर लिया है। इस नई स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षा भी मजबूत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में सवाई माधोपुर से इंदरगढ़ सुमेरगंज मंडी सेक्शन के बीच इसका ट्रायल सफल रहा, जिससे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। ट्रायल के दौरान सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल रहे। रेलवे के इस मिशन रफ्तार के तहत 545 किमी ट्रैक पर कवच प्रणाली लागू की जा रही है, जो ट्रेन सुरक्षा में एक बड़ा कदम है। क्या है कवच 4.0?कवच 4.0 एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इसका उद्देश्य ट्रेनों के बीच संभावित टकराव की स्थिति को रोकना और लोको पायलट की गलतियों से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है। यह तकनीक ट्रेनों को ट्रैक पर सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीडिंग, और दुर्घटनाओं से बचाने के लिए बनाई गई है। कैसे काम करता है कवच 4.0?कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाता है। अगर ट्रेन की गति निर्धारित सीमा से 2 किमी/घंटा अधिक हो जाती है, तो कवच ओवरस्पीड अलार्म जारी करता है। 5 किमी/घंटा से अधिक पर सामान्य ब्रेक और 7 किमी/घंटा से अधिक पर पूर्ण ब्रेकिंग सिस्टम एक्टिव हो जाता है। अगर 9 किमी/घंटा से ज्यादा हो जाती है, तो आपातकालीन ब्रेक स्वचालित रूप से लागू हो जाता है। यह प्रणाली विशेष रूप से लो विजिबिलिटी और कोहरे की स्थिति में भी लोको पायलट की मदद करती है। कवच 4.0 का महत्व– तेज रफ्तार: इस प्रणाली के जरिए दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचाई जा सकती है।– सुरक्षा में बढ़ोतरी: यह तकनीक ट्रेन के टकराव, सिग्नल पासिंग और अन्य दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक है।– स्वदेशी तकनीक: भारत में निर्मित यह प्रणाली रेलवे की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति को दर्शाती है। पुराने और नए वर्जन में अंतरकवच 4.0, अपने पुराने संस्करणों से अधिक उन्नत है। यह सिस्टम अधिक सटीकता के साथ काम करता है और गति की छोटी से छोटी अनियमितताओं को भी तुरंत पहचान सकता है। यह संस्करण कोहरे और अन्य प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद ट्रेनों की सुरक्षित संचालन में मददगार साबित होता है। रेल मंत्रालय के अनुसार कवच 4.0 के इंस्टॉलेशन से भारतीय रेलवे एक और कदम सुरक्षा और गति में सुधार की दिशा में बढ़ा है। अगले वर्ष तक इस नई प्रणाली के कारण दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ने की संभावना है, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और सुरक्षा स्तर भी उन्नत होगा।

Fake IPS Officer: बिहार में 18 साल का फर्जी आईपीएस गिरफ्तार, 2 लाख रुपये देकर बना ‘अधिकारी’

मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने 2 लाख 30 हजार रुपये में बना दिया Fake IPS Officer, अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया….. बिहार/जमुई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। बिहार के जमुई से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां सिकंदरा पुलिस ने एक फर्जी आईपीएस अधिकारी को गिरफ्तार किया है। (Fake IPS Officer) गिरफ्तार युवक, मिथलेश कुमार, लखीसराय जिले के हलसी थाना क्षेत्र के गोवर्धन बीघा गांव का निवासी है। उसने 2 लाख रुपये देकर फर्जी आईपीएस अधिकारी बनने का दावा किया। पुलिस ने मिथलेश को सिकंदरा चौक से हिरासत में लिया, जब वह आईपीएस की वर्दी पहनकर अपनी बाइक पर सवार था। कैसे खुली पोल? भीड़ के शक से हुई गिरफ्तारीमिथलेश कुमार आईपीएस की वर्दी में कमर पर पिस्टल लटकाकर सिकंदरा चौक पर रुका, जहां लोगों ने उसके हाव-भाव और वर्दी को देखकर संदेह जताया। किसी ने सिकंदरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। फर्जी आईपीएस के खुलासे! दो लाख रुपये देकर ली ‘नौकरी’गिरफ्तार मिथलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि खैरा इलाके के मनोज सिंह नामक व्यक्ति ने उसे पुलिस में नौकरी दिलाने का ऑफर दिया था। इसके बदले में मनोज सिंह ने 2 लाख 30 हजार रुपये की मांग की। मिथलेश ने अपने मामा से 2 लाख रुपये का कर्ज लिया और मनोज सिंह को दे दिया। इसके बाद, मनोज ने उसका नाप लेकर उसे आईपीएस की वर्दी, बैज और पिस्टल सौंप दी। वर्दी पहन मां का लिया आशीर्वाद, बाकी रकम देने जा रहा था तभी पकड़ा गयामिथलेश ने बताया कि वर्दी पहनकर वह अपनी मां से आशीर्वाद लेने घर गया, जिसके बाद मनोज सिंह से बाकी 30 हजार रुपये देने के लिए निकल पड़ा। सिकंदरा चौक पर थोड़ी देर के लिए रुका, तभी पुलिस ने उसे धर दबोचा। एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि युवक को फर्जी आईपीएस वर्दी में गिरफ्तार किया गया है और पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है। अगर मिथलेश की बात सही निकली, तो पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस गिरोह का पर्दाफाश करना होगी, जो बेरोजगार युवकों को ठगकर फर्जी अधिकारियों का खेल रच रहा है। जमुई पुलिस फिलहाल इस गिरोह का सुराग तलाशने में जुटी है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।

नहीं रुलाएगा प्याज! : मोदी सरकार ने प्याज के एक्सपोर्ट पर लगाया बेन, लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा फैसला

चीनी से एथोनॉल बनाने पर भी रोक, ताकि महंगाई पर किया जा सके कंट्रोल पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली,जयदीप गुर्जर। केंद्र की मोदी सरकार ने मार्च 2024 तक प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन लगाने का फैसला किया है। लोकसभा चुनाव अब केवल 4 महीने दूर है, ऐसे में माना जा रहा है की मोदी सरकार इस महाचुनाव से पहले महंगाई को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। प्याज के देश से बाहर एक्सपोर्ट पर रोक लगाने के इस फैसले से उसकी बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड  (DGFT) ने इस फैसले को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक प्याज के एक्सपोर्ट पॉलिसी में संशोधन करते हुए उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन का फैसला शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से लागू हो चुका है। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स के मुताबिक 8 दिसंबर 2023 को खुदरा बाजार में प्याज की औसत कीमत 56.82 रुपये प्रति किलो है। जबकि पिछले साल यानी 8 दिसंबर 2022 को औसतन प्याज की कीमत 28.88 रुपये प्रति किलो थी। एक साल में प्याज की कीमतों में करीब दोगुना उछाल आया है। हालांकि सरकार ने कहा कि तीन परिस्थितियों में प्याज के एक्सपोर्ट को लेकर छूट दी जा सकती है। जिसमें पहला नोटिफिकेशन के जारी होने से पहले जहाज पर प्याज की लोडिंग की जा चुकी हो। दूसरा, नोटिफिकेशन के जारी होने से पहले शिपिंग बिल भरा जा चुका हो और पोर्ट पर प्याज की लोडिंग के लिए पहुंच चुका हो। इस परिस्थिति में एक्सपोर्ट की अप्रूवल तभी मिलेगी जब अथॉरिटी ये कंफर्म कर दे कि जहाज की बर्थिंग की जा चुकी है। और तीसरी परिस्थिति ये कि एक्सपोर्ट किया जाने वाला प्याज कस्टम को सौंपा जा चुका हो और सिस्टम में उसकी एंट्री हो चुकी हो। वहीं यह छूट केवल 5 जनवरी 2024 तक ही मिल सकेगी। आपको बता दे इससे पहले केंद्र सरकार गेहूं, चावल, चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा चुकी है। गुरुवार को सरकार ने चीनी की कीमतों में उछाल के बाद गन्ने से एथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी है जिससे घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में कमी लाई जा सके।