
रतलाम – पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में पटवारियों की समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर प्रांतीय पटवारी संघ रतलाम के सदस्यों ने आज कलेक्टर भू-अभिलेख, एसडीएम रतलाम शहर और जिला कोषालय अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में 15 सूत्रीय मांगों के साथ अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की गई।
मुख्य मांगें
कलेक्टर भू-अभिलेख को सौंपे गए ज्ञापन में पटवारियों ने निम्न प्रमुख मांगें रखीं:
1. भूमि रिपोर्ट फॉर्म सी की अनिवार्यता समाप्त की जाए।
2. वेब जीआईएस और सारा सॉफ्टवेयर का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए।
3. एग्रीस्टेक भत्तों का बजट सुनिश्चित किया जाए।
4. समयमान वेतनमान स्वीकृत होने के बावजूद भुगतान न होने की समस्या का समाधान किया जाए।
5. डीए एरियर और अतिरिक्त हलकों के मानदेय का जल्द भुगतान किया जाए।
6. स्वामित्व योजना और अन्य योजनाओं का मानदेय जारी किया जाए।
7. लंबित मोबाइल और लैपटॉप भुगतान जल्द किया जाए।
8. खसरा और बी-1 की अद्यतन प्रति पटवारियों को उपलब्ध कराई जाए।
9. खातेदारों की सहमति के बिना शामिलाती भूमि का हिस्सा खोलने की प्रक्रिया को रोका जाए।
एसडीएम के समक्ष रखी मांगें
एसडीएम रतलाम शहर को ज्ञापन सौंपते हुए पटवारियों ने बताया कि:
– नवंबर माह में हड़ताल अवधि का वेतन स्वीकृत किए जाने के आदेश के बावजूद अभी तक भुगतान नहीं हुआ है।
– अतिरिक्त हलकों और स्वामित्व योजना का मानदेय लंबित है।
– बिना लिखित आदेश और भत्ते के पटवारियों को कोर्ट मामलों में भेजा जा रहा है।
कोषालय अधिकारी से प्रशिक्षण की मांग
जिला कोषालय अधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में पटवारियों ने बिल और मानदेय भुगतान में आ रही त्रुटियों को लेकर कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण की मांग की। कोषालय अधिकारी ने इस पर अपनी सहमति दी।
लंबित मांगों पर चेतावनी
जिलाध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पाटीदार ने कहा कि पटवारी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं। यदि मांगों का निराकरण जल्द नहीं किया गया, तो मजबूरन चरणबद्ध आंदोलन करना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
पटवारियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति
ज्ञापन देने के दौरान जिले के सभी तहसील अध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में पटवारी उपस्थित रहे।