रतलाम के महू-नीमच फोरलेन पर बस और बाइक की टक्कर में युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक गंभीर घायल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने दो बार शव रखकर चक्काजाम किया और 50 लाख मुआवजे की मांग उठाई।
रतलाम- पब्लिक वार्ता,

न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के महू-नीमच फोरलेन पर गुरुवार रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। बड़ौदा फंटे के पास एक तेज रफ्तार बस ने बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें 25 वर्षीय युवक कान्हा उर्फ सोनु की मौत हो गई, जबकि उसका साथी सुखराम गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने दो बार शव रखकर फोरलेन पर चक्काजाम कर दिया।
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कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, बड़ौदा निवासी कान्हा उर्फ सोनु पिता बसंतीलाल और सुखराम पिता भगवान मालवीय जावरा की ओर से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान रात करीब 9 बजे रतलाम से जावरा जा रही मीनाक्षी बस ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल रतलाम मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही कान्हा ने दम तोड़ दिया। वहीं सुखराम की हालत गंभीर होने पर परिजन उसे अहमदाबाद रेफर कर लेकर गए।
शव रखकर किया चक्काजाम, 50 लाख मुआवजे की मांग
युवक की मौत के बाद शुक्रवार सुबह ग्रामीणों और परिजनों ने गुस्सा जाहिर किया। पोस्टमार्टम के बाद जब शव गांव ले जाया जा रहा था, तब ग्रामीणों ने बस संचालक की अन्य बसों को रोकना शुरू कर दिया। इसके बाद शव को एंबुलेंस में रखकर फोरलेन पर चक्काजाम किया गया।
ग्रामीणों की मांग थी कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाए। उनका कहना था कि परिवार बेहद गरीब है और अंतिम संस्कार तक के लिए पैसे नहीं थे।
मौके पर नामली थाना प्रभारी अमित कोरी, तहसीलदार प्राची गायगवाड़ सहित कई अधिकारी पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। बाद में बस कर्मचारियों की ओर से मृतक और घायल के परिवार को 25-25 हजार रुपए की सहायता राशि देने पर सहमति बनी।
गांव से फिर शव लेकर लौटे ग्रामीण
पहली बार समझाइश के बाद ग्रामीण शव लेकर गांव लौट गए थे, लेकिन कुछ लोग संतुष्ट नहीं हुए। वे दोबारा एंबुलेंस में शव रखकर बड़ौदा फंटे पहुंचे और फोरलेन के बीच वाहन खड़ा कर फिर से जाम लगा दिया।
करीब 20 मिनट तक सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लगा रहा। बाद में एसडीओपी किशोर पाटनवाला और ग्रामीण एसडीएम विवेक सोनकर ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हादसे के तुरंत बाद बस जब्त कर ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया था और मुआवजे की कानूनी प्रक्रिया भी की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक कान्हा अपने परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में मां, पत्नी और डेढ़ साल का बेटा है। बेटे की मौत के बाद पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण ग्रामीणों ने चंदा एकत्र कर अंतिम संस्कार कराया।
फंटे पर अव्यवस्थाओं से बढ़ रहा खतरा
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह हादसा हुआ वहां पर्याप्त लाइट व्यवस्था नहीं है। फंटे पर स्पीड ब्रेकर होने के बावजूद रोड किनारे खड़े वाहनों और ढाबों की वजह से क्रॉसिंग साफ दिखाई नहीं देती। सड़क पर लाइन मार्किंग भी नहीं है, जिससे आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल पुलिस ने बस ड्राइवर को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर लिया है। प्रशासन ने मुआवजे को लेकर कानूनी प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है। वहीं ग्रामीणों ने फंटे पर बेहतर लाइट और सुरक्षा व्यवस्था की मांग उठाई है।