Ratlam News: रतलाम में दूषित पानी का कहर: कुएं का पानी पीने से 80 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, 21 अस्पताल में भर्ती
रतलाम के पिपलोदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव में कथित रूप से दूषित कुएं का पानी पीने से 80 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती, जांच जारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम आजमपुर डोडिया में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर बीमार पड़ने लगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गांव के कुएं का कथित रूप से दूषित पानी पीने के बाद यह स्थिति सामने आई है। करीब 800 आबादी वाले इस गांव में 80 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 21 मरीजों की हालत को देखते हुए पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष लोगों का इलाज गांव में लगाए गए अस्थायी चिकित्सा शिविर में किया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की टीमें लगातार गांव में डटी हुई हैं। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने संबंधित कुएं को सील कर दिया है और ग्रामीणों के लिए टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। तीन दिनों से सामने आ रहे थे बीमारी के लक्षण ग्रामीणों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से कई लोगों को लगातार पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हो रही थी। जैसे ही सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची, बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार के निर्देश पर 108 एंबुलेंस गांव भेजी गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया, जहां करीब 80 ग्रामीणों की जांच की गई। मरीजों को दवाइयां देने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर सर्वे भी किया, ताकि किसी अन्य प्रभावित व्यक्ति की पहचान समय रहते हो सके। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले 21 मरीजों को पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें शामिल हैं— डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है। दूषित कुएं के पानी की आशंका, जांच शुरू प्राथमिक जांच में ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि गांव के मीठे पानी वाले कुएं का पानी दूषित होने के कारण लोग बीमार पड़े हैं। घटना के बाद पीएचई विभाग ने कुएं के पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम भी गांव पहुंची और प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। एहतियात के तौर पर कुआं सील, टैंकरों से पेयजल आपूर्ति स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित कुएं को तत्काल सील कर दिया है। फिलहाल गांव में— पीएचई विभाग का कहना है कि क्लोरीनेशन और जांच रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही कुएं के पानी के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। ग्रामीण नल-जल योजना का पानी नहीं पीते ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो सरकारी कुएं हैं। इनमें से एक का पानी मीठा होने के कारण अधिकांश लोग उसी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। उनका यह भी कहना है कि नल-जल योजना के तहत मिलने वाले पानी का स्वाद उन्हें पसंद नहीं आता और उसकी आपूर्ति भी नियमित नहीं रहती। इसी वजह से अधिकांश परिवार कुएं के पानी पर निर्भर हैं। एक माह पहले पानी की जांच हुई थी ग्राम सचिव प्रकाशचंद शर्मा के अनुसार करीब एक माह पहले पीएचई विभाग ने कुएं के पानी की जांच की थी और उसे पीने योग्य बताया था। उन्होंने बताया कि कुएं की समय-समय पर सफाई भी कराई जाती है। हालांकि गर्मी के कारण इस समय कुएं में पानी की मात्रा काफी कम हो गई है। दो दिन पहले निकाली गई थी कुएं की गाद सरपंच समरथ ने बताया कि दो दिन पहले मोटर लगाकर कुएं का पानी खाली कराया गया था और गाद भी निकाली गई थी। उनके अनुसार कुएं की पूरी सफाई के लिए कई बार पूरा पानी निकालना जरूरी होता है, लेकिन इस प्रक्रिया का कुछ ग्रामीण विरोध भी करते हैं। तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल घटना की सूचना मिलने के बाद पिपलोदा तहसीलदार प्रीति साठे सिविल अस्पताल पहुंचीं और भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से फिलहाल केवल सुरक्षित और उबला हुआ पानी पीने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।