Ratlam News: रतलाम में दूषित पानी का कहर: कुएं का पानी पीने से 80 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, 21 अस्पताल में भर्ती

रतलाम के पिपलोदा तहसील के आजमपुर डोडिया गांव में कथित रूप से दूषित कुएं का पानी पीने से 80 से अधिक ग्रामीण बीमार हो गए। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती, जांच जारी। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के पिपलोदा तहसील अंतर्गत ग्राम आजमपुर डोडिया में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब बड़ी संख्या में ग्रामीण अचानक उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत लेकर बीमार पड़ने लगे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गांव के कुएं का कथित रूप से दूषित पानी पीने के बाद यह स्थिति सामने आई है। करीब 800 आबादी वाले इस गांव में 80 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। इनमें से 21 मरीजों की हालत को देखते हुए पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शेष लोगों का इलाज गांव में लगाए गए अस्थायी चिकित्सा शिविर में किया गया। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग की टीमें लगातार गांव में डटी हुई हैं। जांच पूरी होने तक प्रशासन ने संबंधित कुएं को सील कर दिया है और ग्रामीणों के लिए टैंकरों से पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि पानी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी। तीन दिनों से सामने आ रहे थे बीमारी के लक्षण ग्रामीणों के मुताबिक पिछले तीन दिनों से कई लोगों को लगातार पेट दर्द, उल्टी और दस्त की शिकायत हो रही थी। जैसे ही सूचना स्वास्थ्य विभाग तक पहुंची, बीएमओ डॉ. पवन पाटीदार के निर्देश पर 108 एंबुलेंस गांव भेजी गई। इसके बाद मेडिकल टीम ने गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगाया, जहां करीब 80 ग्रामीणों की जांच की गई। मरीजों को दवाइयां देने के साथ स्वास्थ्य कर्मियों ने घर-घर जाकर सर्वे भी किया, ताकि किसी अन्य प्रभावित व्यक्ति की पहचान समय रहते हो सके। 21 मरीज अस्पताल में भर्ती स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गंभीर स्थिति वाले 21 मरीजों को पिपलोदा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इनमें शामिल हैं— डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है। दूषित कुएं के पानी की आशंका, जांच शुरू प्राथमिक जांच में ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि गांव के मीठे पानी वाले कुएं का पानी दूषित होने के कारण लोग बीमार पड़े हैं। घटना के बाद पीएचई विभाग ने कुएं के पानी के नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेज दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग की एपिडेमियोलॉजिस्ट टीम भी गांव पहुंची और प्रभावित लोगों की स्वास्थ्य जांच की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बीमारी के वास्तविक कारणों की पुष्टि की जाएगी। एहतियात के तौर पर कुआं सील, टैंकरों से पेयजल आपूर्ति स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने संबंधित कुएं को तत्काल सील कर दिया है। फिलहाल गांव में— पीएचई विभाग का कहना है कि क्लोरीनेशन और जांच रिपोर्ट संतोषजनक आने के बाद ही कुएं के पानी के उपयोग की अनुमति दी जाएगी। ग्रामीण नल-जल योजना का पानी नहीं पीते ग्रामीणों का कहना है कि गांव में दो सरकारी कुएं हैं। इनमें से एक का पानी मीठा होने के कारण अधिकांश लोग उसी का उपयोग पीने के लिए करते हैं। उनका यह भी कहना है कि नल-जल योजना के तहत मिलने वाले पानी का स्वाद उन्हें पसंद नहीं आता और उसकी आपूर्ति भी नियमित नहीं रहती। इसी वजह से अधिकांश परिवार कुएं के पानी पर निर्भर हैं। एक माह पहले पानी की जांच हुई थी ग्राम सचिव प्रकाशचंद शर्मा के अनुसार करीब एक माह पहले पीएचई विभाग ने कुएं के पानी की जांच की थी और उसे पीने योग्य बताया था। उन्होंने बताया कि कुएं की समय-समय पर सफाई भी कराई जाती है। हालांकि गर्मी के कारण इस समय कुएं में पानी की मात्रा काफी कम हो गई है। दो दिन पहले निकाली गई थी कुएं की गाद सरपंच समरथ ने बताया कि दो दिन पहले मोटर लगाकर कुएं का पानी खाली कराया गया था और गाद भी निकाली गई थी। उनके अनुसार कुएं की पूरी सफाई के लिए कई बार पूरा पानी निकालना जरूरी होता है, लेकिन इस प्रक्रिया का कुछ ग्रामीण विरोध भी करते हैं। तहसीलदार ने अस्पताल पहुंचकर लिया हालचाल घटना की सूचना मिलने के बाद पिपलोदा तहसीलदार प्रीति साठे सिविल अस्पताल पहुंचीं और भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से फिलहाल केवल सुरक्षित और उबला हुआ पानी पीने तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की अपील की है।

रतलाम में 1 मार्च को जनऔषधि दिवस पर मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे परामर्श और सस्ती जांच

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत 1 मार्च 2026 को जनऔषधि दिवस पर रतलाम में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत शास्त्री नगर स्थित जन औषधि केंद्र पर आयोजित होगा। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा, जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों को निशुल्क परामर्श देंगे। आयोजन का उद्देश्य आमजन को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की मिलेगी सेवा शिविर में अनुभवी चिकित्सकों की टीम मौजूद रहेगी, जिनमें— ये सभी मरीजों की जांच कर उचित सलाह और उपचार की दिशा बताएंगे। इम्युनिटी काढ़ा और स्वर्ण प्राशन भी निशुल्क शिविर में मरीजों को आयुर्वेदिक इम्युनिटी काढ़ा भी निशुल्क दिया जाएगा, जो सर्दी-खांसी, वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक है।इसके साथ ही 1 से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन भी निःशुल्क कराया जाएगा, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक विकास में लाभकारी माना जाता है। महंगी जांचें अब मात्र 100 रुपए में शिविर में ब्लड शुगर, किडनी (क्रिएटिनिन), लिवर, कोलेस्ट्रॉल, न्यूरोपैथी, फेफड़ों की जांच (स्पाइरोमेट्री) और सुनने की जांच (ऑडियोमेट्री) जैसी महंगी जांचें, जिनकी सामान्य लागत करीब 2500 रुपये तक होती है, मात्र 100 रुपये में उपलब्ध कराई जाएंगी।इसके अलावा गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सीबीसी सहित कई आवश्यक जांचें पूरी तरह मुफ्त होंगी। जनजागरूकता कार्यक्रम भी होंगे जनऔषधि दिवस के मौके पर जनजागरूकता अभियान, जन औषधि संकल्प यात्रा और स्वास्थ्य मेले जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। यहां होगा आयोजन और संपर्क यह स्वास्थ्य शिविर शास्त्री नगर मेन रोड, साईं मंदिर के पास, रतलाम में आयोजित होगा। पंजीयन और जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति 7223841415 और 9243086062 पर संपर्क कर सकते हैं। यह शिविर उन मरीजों के लिए खास अवसर है जो कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य परामर्श और जांच सुविधाएं चाहते हैं।

Ratlam News: शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम बना दंत सर्जरी का भरोसेमंद केंद्र, 3 साल में 250+ मेजर और 6000+ माइनर ऑपरेशन निःशुल्क

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम का दंत चिकित्सा विभाग लगातार उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण बन रहा है। विभाग में मेजर और माइनर दंत शल्य क्रियाएं नियमित रूप से और पूरी सफलता के साथ की जा रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आकस्मिक घटनाओं में चेहरे और जबड़े की हड्डियां टूटने पर जिन ऑपरेशनों पर निजी चिकित्सालयों में भारी खर्च आता है, वही उपचार शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम में निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। दंत रोग विभाग के सह-प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिषेक सिंह पायक, सीनियर रेजिडेंट डॉ. भाव्या शर्मा, जूनियर रेजिडेंट डॉ. अक्षय साहू और डॉ. आरुषी शास्त्री की टीम द्वारा यह कार्य निरंतर किया जा रहा है। चिकित्सकों की टीमवर्क और विशेषज्ञता के कारण जटिल से जटिल दंत सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही है। निजी अस्पतालों में जहां इस प्रकार के ऑपरेशनों पर लगभग 50 से 70 हजार रुपये तक का खर्च आता है, वहीं शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम में यह उपचार लंबे समय से पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है। बीते तीन वर्षों में दंत चिकित्सा विभाग द्वारा 250 से अधिक मेजर सर्जिकल ऑपरेशन और 6000 से अधिक माइनर सर्जिकल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। रतलाम के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों, नीमच, मंदसौर, जावरा, सैलाना सहित अन्य स्थानों से रेफर होकर आने वाले मरीजों को भी यहां बेहतर उपचार मिल रहा है। शासकीय मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मूथा एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में दंत चिकित्सा विभाग द्वारा सराहनीय और उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।

ANM Bharti 2023: रतलाम में 16 जून से दस्तावेज सत्यापन शुरू, उम्मीदवार CMHO कार्यालय में हों उपस्थित

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ANM Bharti 2023: वर्ष 2023 में कर्मचारी चयन मण्डल, भोपाल द्वारा आयोजित समूह-5 की सीधी भर्ती परीक्षा (ANM भर्ती परीक्षा 2023) में सफल उम्मीदवारों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। रतलाम जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संध्या बेलसरे ने बताया कि 16 जून 2025 से दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह प्रक्रिया उच्च न्यायालय, खण्डपीठ जबलपुर द्वारा डब्ल्यू.पी. क्रमांक 5747/2023 (Tabassum Quraishi & Others Vs State of MP & Others) में पारित आदेश के आधार पर की जा रही है। आदेश के ऑपरेटिंग पैरा 53 और 54 के अनुसार, ANM (महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता) सीधी भर्ती परीक्षा 2023 में चयनित उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन हेतु बुलाया गया है। मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को CMHO कार्यालय रतलाम में उपस्थित होकर समस्त मूल दस्तावेजों सहित रिपोर्ट करना होगा। यह दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका पालन नियमानुसार अनिवार्य है। क्या लाएं साथ में: अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियत तिथि पर ही उपस्थित हों एवं दस्तावेज पूर्ण रूप से तैयार रखें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या विलंब से बचा जा सके।

Ratlam News:रतलाम को मिली सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात: अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और IVF का इलाज रतलाम में ही संभव

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी और अत्याधुनिक सुविधा की शुरुआत हो गई है। अब हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी की चोट, महिला रोग और IVF जैसी जटिल बीमारियों का इलाज रतलाम में ही संभव हो सकेगा। G.D. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ 8 जून को प्रातः 10:30 बजे हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी और महापौर प्रहलाद पटेल सहित कई विशिष्ट जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, सीएमएचओ डॉ. संध्या बेलसरे और रेलवे हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश बेनभी शामिल हुए।  “डॉक्टर को जो मति भगवान देता है, उससे ही मरीज ठीक होता है” – डॉ. लीला जोशी शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए पद्मश्री डॉ. जोशी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ सेवा भाव से ही मरीजों का उपचार संभव है। वहीं महापौर प्रहलाद पटेल ने जी.डी. हॉस्पिटल को रतलाम के लिए वरदान बताया और कहा कि अब गंभीर रोगों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।  24×7 सुपर स्पेशलिटी इमरजेंसी सेवा शुरू जी.डी. हॉस्पिटल में अब 24 घंटे इमरजेंसी, ICU, न्यूरोसर्जरी और हृदय रोगियों के लिए सुविधा उपलब्ध रहेगी। हॉस्पिटल में शुरू हुई कैथ-लैबमें डॉ. अनुराग जैन के नेतृत्व में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर की सेवाएं मिलेंगी। डॉ. जैन ने पहले भोपाल, अहमदाबाद और सागर जैसे शहरों में सेवाएं दी हैं। न्यूरोसर्जन डॉ. प्रतीक मालपानी की सेवाएं मिलने से अब ब्रेन हेमरेज या हेड इंजरी जैसे मामलों में हाईटेक माइक्रोस्कोप सर्जरी रतलाम में ही संभव होगी। महिलाओं के लिए IVF और दूरबीन द्वारा ऑपरेशन महिला रोगों और गर्भधारण की समस्या के लिए डॉ. राधा वर्मा द्वारा IVF सेंटर संचालित किया जा रहा है। यहां लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) से ऑपरेशन किए जा रहे हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में निम्न सेवाएं उपलब्ध हैं:  आयुष्मान योजना और फ्री इलाज की सुविधा MRI, CT स्कैन और सोनोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध हॉस्पिटल परिसर में ही MRI, CT स्कैन और सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है ताकि गंभीर मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।  रतलामवासियों के लिए अपील हॉस्पिटल के स्टाफ और प्रबंधन ने रतलाम व आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे इस आधुनिक चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाएं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बाहर न जाकर अपने ही शहर में इलाज कराएं।

Ratlam News: रतलाम को मिली सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधा की बड़ी सौगात: 8 जून को जीडी हॉस्पिटल के नए विभाग का शुभारंभ

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत और सौगात लेकर आ रहा है जीडी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल। अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या एक्सीडेंट जैसी गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को इंदौर, उज्जैन जैसे बड़े शहरों की ओर भागने की आवश्यकता नहीं होगी। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह हॉस्पिटल अब 24×7 इमरजेंसी सेवाएं देगा। इस सुपर स्पेशलिटी विभाग का शुभारंभ 8 जून को सुबह 10 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी होंगी, जबकि विधायक मथुरालाल डामर इसकी अध्यक्षता करेंगे। महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, सीएमएचओ डॉ. संध्या बेलसरे और रेलवे हॉस्पिटल के सीएमओ डॉ. राजेश कुमार बेन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी ये सुपर स्पेशलिटी सेवाएं हॉस्पिटल में मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नई तकनीकों से सुसज्जित रतलाम का पहला हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रतलामवासियों को अब नहीं जाना पड़ेगा बाहर 80 फीट रोड स्थित जीडी हॉस्पिटल परिसर में शुरू हो रहे इस सुपर स्पेशलिटी विभाग से रतलाम और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। हॉस्पिटल प्रबंधन ने नागरिकों से अपील की है कि वे रतलाम में ही उपलब्ध इन उन्नत चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाएं और समय रहते सही इलाज पाएं।

Ratlam News: सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन, 210 मरीजों ने लिया लाभ  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र, जिला चिकित्सालय रतलाम द्वारा बुधवार को आरोग्यम उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें 210 मरीजों ने अपनी जांच करवाई और निःशुल्क दवाइयों का लाभ उठाया।   शिविर में एचआईवी, वीडीआरएल, हेपेटाइटिस बी और सी, टीबी, रक्तचाप और शुगर जैसी प्रमुख बीमारियों की जांच की गई। मरीजों को हेल्थ काउंसलिंग के साथ 1097 टोल-फ्री हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई और एचआईवी के लक्षण एवं बचाव पर जागरूकता फैलाई गई।   शिविर में मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग   शिविर में BMO डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य की उपस्थिति में डॉ. पूजा राठौर और डॉ. प्रियांशु शर्मा ने मरीजों की जांच की। इस दौरान आईसीटीसी परामर्शदाता धर्मेंद्र बड़ोदिया, STS राहुल पाटीदार, फार्मासिस्ट संजय माली, लैब टेक्नीशियन महेश कटारा और निलेश पांचाल ने अहम भूमिका निभाई।   इसके अलावा, सीएचओ रोहित पाटीदार, ममता पाटोदी, मनीषा भाटे (एएनएम), आशा सहयोगिनी हेमलता शर्मा, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी शिविर को सफल बनाने में योगदान दिया।   सम्पूर्ण सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान जारी   सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर हरीश बिसेन ने बताया कि सरकार के सम्पूर्ण सुरक्षा अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाना है, जिससे अधिक से अधिक लोग समय पर अपनी जांच करवा सकें और उचित इलाज पा सकें।  

Indore News: विश्व श्रवण दिवस पर नुक्कड़ नाटक से जागरूकता, स्पीकर और ईयरफोन के अधिक प्रयोग से सुनने की क्षमता पर खतरा

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल परिसर में 3 मार्च 2025 को विश्व श्रवण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डीन डॉ. अनीता मूथा के नेतृत्व में और नाक, कान, गला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार मौर्य तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार शर्मा, डॉ. लोकेश भालोट और डॉ. हिमानी नरेश सिंह के मार्गदर्शन में 2024 बैच के विद्यार्थियों ने एक जागरूकता नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।   इस नाटक के माध्यम से बताया गया कि तेज आवाज में स्पीकर और ईयरफोन के लगातार इस्तेमाल से किस तरह कम उम्र में ही लोगों की सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। धीरे-धीरे यह आदत बहरेपन का कारण बन सकती है। नुक्कड़ नाटक के बाद नाक, कान, गला रोग विभाग के विशेषज्ञों ने मरीजों को इससे होने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बारे में जानकारी दी।   ### सुनने की क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों की सलाह   – तेज आवाज में ईयरफोन या स्पीकर का कम से कम उपयोग करें।   – लगातार ईयरफोन लगाने से बचें, हर 30 मिनट में ब्रेक लें।   – अगर सुनने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।   – स्वस्थ कानों के लिए नियमित जांच करवाएं और संतुलित आहार लें।   कम उम्र में ही सुनने की समस्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, ताकि लोग अपनी सुनने की क्षमता के प्रति जागरूक हों और तेज आवाज के दुष्प्रभावों से बच सकें।

Ratlam News: खुशियों की दास्तान: 6 माह की नवजात शिशु को मिला नया जीवन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: चिकित्सा के क्षेत्र में जिला चिकित्सालय रतलाम ने एक और मिसाल कायम की है। सुवासरा, उज्जैन निवासी बेबी ऑफ भावना/नवीन (ध्रुव), उम्र 6 माह को गंभीर स्थिति में 13 फरवरी को मातृ एवं शिशु चिकित्सालय यूनिट, जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि इससे पहले बच्चे का नागदा और एक निजी अस्पताल में इलाज हुआ, लेकिन सुधार न होने पर वे उसे रतलाम लेकर आए।   गंभीर अवस्था में भर्ती, विशेषज्ञों ने किया सफल उपचार   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस. सागर के अनुसार, भर्ती के समय बच्चे को सीवियर निमोनिया विथ सेप्सिस विथ जीडीडी डायग्नोस किया गया था। शिशु झटकों, तेज सांस, 105 डिग्री फारेनहाइट तापमान और सेप्टिक शॉक की स्थिति में था। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तत्काल सी-पैप मशीन से ऑक्सीजन देना शुरू किया और झटकों, तापमान और शॉक का प्रभावी प्रबंधन किया।   लगातार पांच दिन तक बनी रही गंभीर स्थिति   शिशु की हालत पांच दिन तक नाजुक बनी रही। डॉक्टरों की टीम ने सी-पैप, एंटी-कंवलजेंट, आयनोट्रॉप्स और अन्य आवश्यक उपचारों के माध्यम से उसकी स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद धीरे-धीरे सुधार दिखने लगा।   इलाज के आठवें दिन हुआ ब्लड ट्रांसफ्यूजन   शिशु की स्थिति में सुधार के बावजूद, खून की कमी के चलते आठवें दिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया। दसवें दिन से आईवी इलाज बंद कर ओरल फीडिंग शुरू की गई। ग्यारहवें दिन से बच्चे को कटोरी-चम्मच से फीडिंग सिखाई गई।   बारहवें दिन मिली नई जिंदगी, स्वस्थ होकर डिस्चार्ज   लगातार बारह दिनों तक चले उपचार और देखभाल के बाद शिशु को स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया और जिला चिकित्सालय में उपलब्ध उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की सराहना की।   जिला चिकित्सालय रतलाम में पीआईसीयू की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं गंभीर स्थिति में आए नवजातों को नया जीवन दे रही हैं। यह सफलता एक बार फिर रतलाम के स्वास्थ्य तंत्र की सुदृढ़ता को दर्शाती है।

Ratlam News: सुखेड़ा में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 202 मरीजों का हुआ परीक्षण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। RatlamNews: जिला चिकित्सालय रतलाम के सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा सोमवार को सुखेड़ा में एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न बीमारियों की जांच और नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं।   शिविर का शुभारंभ सरपंच महावीर मेहता की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान डॉ. प्राची पालीवाल, डॉ. अरुण पाटीदार, डॉ. प्रियांशु शर्मा, डॉ. अरुण मालपानी सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लगभग 202 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में एचआईवी, वीडीआरएल, हेपेटाइटिस बी और सी, टीबी, रक्तचाप, शुगर और मलेरिया की जांच की गई।   मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां दी गईं और स्वास्थ्य जागरूकता (IEC) सामग्री प्रदान की गई। इस दौरान एचआईवी के लक्षण, निदान और यौन रोगों की जानकारी भी दी गई। साथ ही, 1097 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया गया, जिससे जरूरतमंद लोग मुफ्त परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें।   शिविर को सफल बनाने में अरविंद पाटीदार (फार्मासिस्ट), मनीष शर्मा (डीएसआरसी परामर्शदाता), लैब टेक्नीशियन सय्यद सैफ अली, एसएसके ओआरडब्ल्यू हिमांशु चौहान सहित सुखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम का विशेष योगदान रहा। सीएचओ हेमलता शर्मा, सपना राठौर, रेखा त्रिवेदी, एएनएम विनीता मुनिया, गीता रावत, आशा सहयोगिनी पवित्रा शर्मा, और आशा कार्यकर्ता सरोज कीर, सुनीता सैनी, राधा सेन, राधा कुंवर, नीलम मकवाना ने भी अहम भूमिका निभाई।   सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर हरीश बिसेन ने बताया कि शासन द्वारा संचालित सम्पूर्ण सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क जांच, परामर्श व उपचार उपलब्ध कराना है।  

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