रतलाम में 1 मार्च को जनऔषधि दिवस पर मुफ्त स्वास्थ्य शिविर, विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे परामर्श और सस्ती जांच

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत 1 मार्च 2026 को जनऔषधि दिवस पर रतलाम में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत शास्त्री नगर स्थित जन औषधि केंद्र पर आयोजित होगा। शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा, जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर मरीजों को निशुल्क परामर्श देंगे। आयोजन का उद्देश्य आमजन को कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इन विशेषज्ञ डॉक्टरों की मिलेगी सेवा शिविर में अनुभवी चिकित्सकों की टीम मौजूद रहेगी, जिनमें— ये सभी मरीजों की जांच कर उचित सलाह और उपचार की दिशा बताएंगे। इम्युनिटी काढ़ा और स्वर्ण प्राशन भी निशुल्क शिविर में मरीजों को आयुर्वेदिक इम्युनिटी काढ़ा भी निशुल्क दिया जाएगा, जो सर्दी-खांसी, वायरल बुखार और मौसमी बीमारियों से बचाव में सहायक है।इसके साथ ही 1 से 16 वर्ष तक के बच्चों के लिए स्वर्ण प्राशन भी निःशुल्क कराया जाएगा, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता और मानसिक विकास में लाभकारी माना जाता है। महंगी जांचें अब मात्र 100 रुपए में शिविर में ब्लड शुगर, किडनी (क्रिएटिनिन), लिवर, कोलेस्ट्रॉल, न्यूरोपैथी, फेफड़ों की जांच (स्पाइरोमेट्री) और सुनने की जांच (ऑडियोमेट्री) जैसी महंगी जांचें, जिनकी सामान्य लागत करीब 2500 रुपये तक होती है, मात्र 100 रुपये में उपलब्ध कराई जाएंगी।इसके अलावा गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए सीबीसी सहित कई आवश्यक जांचें पूरी तरह मुफ्त होंगी। जनजागरूकता कार्यक्रम भी होंगे जनऔषधि दिवस के मौके पर जनजागरूकता अभियान, जन औषधि संकल्प यात्रा और स्वास्थ्य मेले जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी। यहां होगा आयोजन और संपर्क यह स्वास्थ्य शिविर शास्त्री नगर मेन रोड, साईं मंदिर के पास, रतलाम में आयोजित होगा। पंजीयन और जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति 7223841415 और 9243086062 पर संपर्क कर सकते हैं। यह शिविर उन मरीजों के लिए खास अवसर है जो कम खर्च में बेहतर स्वास्थ्य परामर्श और जांच सुविधाएं चाहते हैं।

Ratlam News: शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम बना दंत सर्जरी का भरोसेमंद केंद्र, 3 साल में 250+ मेजर और 6000+ माइनर ऑपरेशन निःशुल्क

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम का दंत चिकित्सा विभाग लगातार उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं का उदाहरण बन रहा है। विभाग में मेजर और माइनर दंत शल्य क्रियाएं नियमित रूप से और पूरी सफलता के साथ की जा रही हैं। सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य आकस्मिक घटनाओं में चेहरे और जबड़े की हड्डियां टूटने पर जिन ऑपरेशनों पर निजी चिकित्सालयों में भारी खर्च आता है, वही उपचार शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम में निःशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। दंत रोग विभाग के सह-प्राध्यापक एवं विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में सहायक प्राध्यापक डॉ. अभिषेक सिंह पायक, सीनियर रेजिडेंट डॉ. भाव्या शर्मा, जूनियर रेजिडेंट डॉ. अक्षय साहू और डॉ. आरुषी शास्त्री की टीम द्वारा यह कार्य निरंतर किया जा रहा है। चिकित्सकों की टीमवर्क और विशेषज्ञता के कारण जटिल से जटिल दंत सर्जरी भी सफलतापूर्वक की जा रही है। निजी अस्पतालों में जहां इस प्रकार के ऑपरेशनों पर लगभग 50 से 70 हजार रुपये तक का खर्च आता है, वहीं शासकीय मेडिकल कॉलेज रतलाम में यह उपचार लंबे समय से पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है। बीते तीन वर्षों में दंत चिकित्सा विभाग द्वारा 250 से अधिक मेजर सर्जिकल ऑपरेशन और 6000 से अधिक माइनर सर्जिकल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं। रतलाम के अलावा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों, नीमच, मंदसौर, जावरा, सैलाना सहित अन्य स्थानों से रेफर होकर आने वाले मरीजों को भी यहां बेहतर उपचार मिल रहा है। शासकीय मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. अनीता मूथा एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रदीप मिश्रा के मार्गदर्शन में दंत चिकित्सा विभाग द्वारा सराहनीय और उत्कृष्ट कार्य किया जा रहा है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिल रही है।

ANM Bharti 2023: रतलाम में 16 जून से दस्तावेज सत्यापन शुरू, उम्मीदवार CMHO कार्यालय में हों उपस्थित

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। ANM Bharti 2023: वर्ष 2023 में कर्मचारी चयन मण्डल, भोपाल द्वारा आयोजित समूह-5 की सीधी भर्ती परीक्षा (ANM भर्ती परीक्षा 2023) में सफल उम्मीदवारों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। रतलाम जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. संध्या बेलसरे ने बताया कि 16 जून 2025 से दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया शुरू की जा रही है। यह प्रक्रिया उच्च न्यायालय, खण्डपीठ जबलपुर द्वारा डब्ल्यू.पी. क्रमांक 5747/2023 (Tabassum Quraishi & Others Vs State of MP & Others) में पारित आदेश के आधार पर की जा रही है। आदेश के ऑपरेटिंग पैरा 53 और 54 के अनुसार, ANM (महिला बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता) सीधी भर्ती परीक्षा 2023 में चयनित उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन हेतु बुलाया गया है। मेरिट लिस्ट में शामिल अभ्यर्थियों को CMHO कार्यालय रतलाम में उपस्थित होकर समस्त मूल दस्तावेजों सहित रिपोर्ट करना होगा। यह दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसका पालन नियमानुसार अनिवार्य है। क्या लाएं साथ में: अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे नियत तिथि पर ही उपस्थित हों एवं दस्तावेज पूर्ण रूप से तैयार रखें, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या विलंब से बचा जा सके।

Ratlam News:रतलाम को मिली सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात: अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और IVF का इलाज रतलाम में ही संभव

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी और अत्याधुनिक सुविधा की शुरुआत हो गई है। अब हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी की चोट, महिला रोग और IVF जैसी जटिल बीमारियों का इलाज रतलाम में ही संभव हो सकेगा। G.D. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ 8 जून को प्रातः 10:30 बजे हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी और महापौर प्रहलाद पटेल सहित कई विशिष्ट जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, सीएमएचओ डॉ. संध्या बेलसरे और रेलवे हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश बेनभी शामिल हुए।  “डॉक्टर को जो मति भगवान देता है, उससे ही मरीज ठीक होता है” – डॉ. लीला जोशी शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए पद्मश्री डॉ. जोशी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ सेवा भाव से ही मरीजों का उपचार संभव है। वहीं महापौर प्रहलाद पटेल ने जी.डी. हॉस्पिटल को रतलाम के लिए वरदान बताया और कहा कि अब गंभीर रोगों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।  24×7 सुपर स्पेशलिटी इमरजेंसी सेवा शुरू जी.डी. हॉस्पिटल में अब 24 घंटे इमरजेंसी, ICU, न्यूरोसर्जरी और हृदय रोगियों के लिए सुविधा उपलब्ध रहेगी। हॉस्पिटल में शुरू हुई कैथ-लैबमें डॉ. अनुराग जैन के नेतृत्व में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर की सेवाएं मिलेंगी। डॉ. जैन ने पहले भोपाल, अहमदाबाद और सागर जैसे शहरों में सेवाएं दी हैं। न्यूरोसर्जन डॉ. प्रतीक मालपानी की सेवाएं मिलने से अब ब्रेन हेमरेज या हेड इंजरी जैसे मामलों में हाईटेक माइक्रोस्कोप सर्जरी रतलाम में ही संभव होगी। महिलाओं के लिए IVF और दूरबीन द्वारा ऑपरेशन महिला रोगों और गर्भधारण की समस्या के लिए डॉ. राधा वर्मा द्वारा IVF सेंटर संचालित किया जा रहा है। यहां लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) से ऑपरेशन किए जा रहे हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में निम्न सेवाएं उपलब्ध हैं:  आयुष्मान योजना और फ्री इलाज की सुविधा MRI, CT स्कैन और सोनोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध हॉस्पिटल परिसर में ही MRI, CT स्कैन और सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है ताकि गंभीर मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।  रतलामवासियों के लिए अपील हॉस्पिटल के स्टाफ और प्रबंधन ने रतलाम व आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे इस आधुनिक चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाएं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बाहर न जाकर अपने ही शहर में इलाज कराएं।

Ratlam News: रतलाम को मिली सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधा की बड़ी सौगात: 8 जून को जीडी हॉस्पिटल के नए विभाग का शुभारंभ

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत और सौगात लेकर आ रहा है जीडी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल। अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या एक्सीडेंट जैसी गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को इंदौर, उज्जैन जैसे बड़े शहरों की ओर भागने की आवश्यकता नहीं होगी। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह हॉस्पिटल अब 24×7 इमरजेंसी सेवाएं देगा। इस सुपर स्पेशलिटी विभाग का शुभारंभ 8 जून को सुबह 10 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी होंगी, जबकि विधायक मथुरालाल डामर इसकी अध्यक्षता करेंगे। महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, सीएमएचओ डॉ. संध्या बेलसरे और रेलवे हॉस्पिटल के सीएमओ डॉ. राजेश कुमार बेन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी ये सुपर स्पेशलिटी सेवाएं हॉस्पिटल में मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नई तकनीकों से सुसज्जित रतलाम का पहला हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रतलामवासियों को अब नहीं जाना पड़ेगा बाहर 80 फीट रोड स्थित जीडी हॉस्पिटल परिसर में शुरू हो रहे इस सुपर स्पेशलिटी विभाग से रतलाम और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। हॉस्पिटल प्रबंधन ने नागरिकों से अपील की है कि वे रतलाम में ही उपलब्ध इन उन्नत चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाएं और समय रहते सही इलाज पाएं।

Ratlam News: सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन, 210 मरीजों ने लिया लाभ  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र, जिला चिकित्सालय रतलाम द्वारा बुधवार को आरोग्यम उप स्वास्थ्य केंद्र के सामने एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया गया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक चला, जिसमें 210 मरीजों ने अपनी जांच करवाई और निःशुल्क दवाइयों का लाभ उठाया।   शिविर में एचआईवी, वीडीआरएल, हेपेटाइटिस बी और सी, टीबी, रक्तचाप और शुगर जैसी प्रमुख बीमारियों की जांच की गई। मरीजों को हेल्थ काउंसलिंग के साथ 1097 टोल-फ्री हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई और एचआईवी के लक्षण एवं बचाव पर जागरूकता फैलाई गई।   शिविर में मौजूद चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का सहयोग   शिविर में BMO डॉ. देवेंद्र कुमार मौर्य की उपस्थिति में डॉ. पूजा राठौर और डॉ. प्रियांशु शर्मा ने मरीजों की जांच की। इस दौरान आईसीटीसी परामर्शदाता धर्मेंद्र बड़ोदिया, STS राहुल पाटीदार, फार्मासिस्ट संजय माली, लैब टेक्नीशियन महेश कटारा और निलेश पांचाल ने अहम भूमिका निभाई।   इसके अलावा, सीएचओ रोहित पाटीदार, ममता पाटोदी, मनीषा भाटे (एएनएम), आशा सहयोगिनी हेमलता शर्मा, आशा कार्यकर्ता और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी शिविर को सफल बनाने में योगदान दिया।   सम्पूर्ण सुरक्षा कार्यक्रम के तहत जागरूकता अभियान जारी   सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर हरीश बिसेन ने बताया कि सरकार के सम्पूर्ण सुरक्षा अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम और जागरूकता बढ़ाना है, जिससे अधिक से अधिक लोग समय पर अपनी जांच करवा सकें और उचित इलाज पा सकें।  

Indore News: विश्व श्रवण दिवस पर नुक्कड़ नाटक से जागरूकता, स्पीकर और ईयरफोन के अधिक प्रयोग से सुनने की क्षमता पर खतरा

इंदौर- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Indore News: डॉ. लक्ष्मीनारायण पांडे शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल परिसर में 3 मार्च 2025 को विश्व श्रवण दिवस मनाया गया। इस अवसर पर डीन डॉ. अनीता मूथा के नेतृत्व में और नाक, कान, गला रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार मौर्य तथा सहायक प्राध्यापक डॉ. पवन कुमार शर्मा, डॉ. लोकेश भालोट और डॉ. हिमानी नरेश सिंह के मार्गदर्शन में 2024 बैच के विद्यार्थियों ने एक जागरूकता नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया।   इस नाटक के माध्यम से बताया गया कि तेज आवाज में स्पीकर और ईयरफोन के लगातार इस्तेमाल से किस तरह कम उम्र में ही लोगों की सुनने की क्षमता प्रभावित हो रही है। धीरे-धीरे यह आदत बहरेपन का कारण बन सकती है। नुक्कड़ नाटक के बाद नाक, कान, गला रोग विभाग के विशेषज्ञों ने मरीजों को इससे होने वाली समस्याओं और उनके समाधान के बारे में जानकारी दी।   ### सुनने की क्षमता को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों की सलाह   – तेज आवाज में ईयरफोन या स्पीकर का कम से कम उपयोग करें।   – लगातार ईयरफोन लगाने से बचें, हर 30 मिनट में ब्रेक लें।   – अगर सुनने में दिक्कत हो रही है तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं।   – स्वस्थ कानों के लिए नियमित जांच करवाएं और संतुलित आहार लें।   कम उम्र में ही सुनने की समस्या के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, ताकि लोग अपनी सुनने की क्षमता के प्रति जागरूक हों और तेज आवाज के दुष्प्रभावों से बच सकें।

Ratlam News: खुशियों की दास्तान: 6 माह की नवजात शिशु को मिला नया जीवन

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: चिकित्सा के क्षेत्र में जिला चिकित्सालय रतलाम ने एक और मिसाल कायम की है। सुवासरा, उज्जैन निवासी बेबी ऑफ भावना/नवीन (ध्रुव), उम्र 6 माह को गंभीर स्थिति में 13 फरवरी को मातृ एवं शिशु चिकित्सालय यूनिट, जिला चिकित्सालय रतलाम में भर्ती कराया गया था। परिजनों ने बताया कि इससे पहले बच्चे का नागदा और एक निजी अस्पताल में इलाज हुआ, लेकिन सुधार न होने पर वे उसे रतलाम लेकर आए।   गंभीर अवस्था में भर्ती, विशेषज्ञों ने किया सफल उपचार   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एम.एस. सागर के अनुसार, भर्ती के समय बच्चे को सीवियर निमोनिया विथ सेप्सिस विथ जीडीडी डायग्नोस किया गया था। शिशु झटकों, तेज सांस, 105 डिग्री फारेनहाइट तापमान और सेप्टिक शॉक की स्थिति में था। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने तत्काल सी-पैप मशीन से ऑक्सीजन देना शुरू किया और झटकों, तापमान और शॉक का प्रभावी प्रबंधन किया।   लगातार पांच दिन तक बनी रही गंभीर स्थिति   शिशु की हालत पांच दिन तक नाजुक बनी रही। डॉक्टरों की टीम ने सी-पैप, एंटी-कंवलजेंट, आयनोट्रॉप्स और अन्य आवश्यक उपचारों के माध्यम से उसकी स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद धीरे-धीरे सुधार दिखने लगा।   इलाज के आठवें दिन हुआ ब्लड ट्रांसफ्यूजन   शिशु की स्थिति में सुधार के बावजूद, खून की कमी के चलते आठवें दिन ब्लड ट्रांसफ्यूजन किया गया। दसवें दिन से आईवी इलाज बंद कर ओरल फीडिंग शुरू की गई। ग्यारहवें दिन से बच्चे को कटोरी-चम्मच से फीडिंग सिखाई गई।   बारहवें दिन मिली नई जिंदगी, स्वस्थ होकर डिस्चार्ज   लगातार बारह दिनों तक चले उपचार और देखभाल के बाद शिशु को स्वस्थ घोषित कर डिस्चार्ज कर दिया गया। परिजनों ने डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ का आभार व्यक्त किया और जिला चिकित्सालय में उपलब्ध उन्नत चिकित्सा सुविधाओं की सराहना की।   जिला चिकित्सालय रतलाम में पीआईसीयू की बेहतरीन चिकित्सा सुविधाएं गंभीर स्थिति में आए नवजातों को नया जीवन दे रही हैं। यह सफलता एक बार फिर रतलाम के स्वास्थ्य तंत्र की सुदृढ़ता को दर्शाती है।

Ratlam News: सुखेड़ा में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित, 202 मरीजों का हुआ परीक्षण

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। RatlamNews: जिला चिकित्सालय रतलाम के सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र द्वारा सोमवार को सुखेड़ा में एक दिवसीय नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न बीमारियों की जांच और नि:शुल्क दवाइयां वितरित की गईं।   शिविर का शुभारंभ सरपंच महावीर मेहता की उपस्थिति में किया गया। इस दौरान डॉ. प्राची पालीवाल, डॉ. अरुण पाटीदार, डॉ. प्रियांशु शर्मा, डॉ. अरुण मालपानी सहित स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लगभग 202 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में एचआईवी, वीडीआरएल, हेपेटाइटिस बी और सी, टीबी, रक्तचाप, शुगर और मलेरिया की जांच की गई।   मरीजों को नि:शुल्क दवाइयां दी गईं और स्वास्थ्य जागरूकता (IEC) सामग्री प्रदान की गई। इस दौरान एचआईवी के लक्षण, निदान और यौन रोगों की जानकारी भी दी गई। साथ ही, 1097 टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया गया, जिससे जरूरतमंद लोग मुफ्त परामर्श और सहायता प्राप्त कर सकें।   शिविर को सफल बनाने में अरविंद पाटीदार (फार्मासिस्ट), मनीष शर्मा (डीएसआरसी परामर्शदाता), लैब टेक्नीशियन सय्यद सैफ अली, एसएसके ओआरडब्ल्यू हिमांशु चौहान सहित सुखेड़ा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम का विशेष योगदान रहा। सीएचओ हेमलता शर्मा, सपना राठौर, रेखा त्रिवेदी, एएनएम विनीता मुनिया, गीता रावत, आशा सहयोगिनी पवित्रा शर्मा, और आशा कार्यकर्ता सरोज कीर, सुनीता सैनी, राधा सेन, राधा कुंवर, नीलम मकवाना ने भी अहम भूमिका निभाई।   सम्पूर्ण सुरक्षा केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर हरीश बिसेन ने बताया कि शासन द्वारा संचालित सम्पूर्ण सुरक्षा योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना और जरूरतमंद मरीजों को नि:शुल्क जांच, परामर्श व उपचार उपलब्ध कराना है।  

Ratlam News: नि क्षय मित्र अभियान के तहत इप्का लेबोरेट्री ने 100 टीबी मरीजों को फूड बास्केट दी  

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में चल रहे 100 दिवसीय नि क्षय भारत शिविर अभियान के दौरान टीबी मरीजों को पोषण सहायता प्रदान करने की मुहिम लगातार जारी है। इसी कड़ी में इप्का लेबोरेट्री द्वारा 100 फूड बास्केट जिला क्षय केंद्र रतलाम को प्रदान की गई, जिससे टीबी मरीजों को अतिरिक्त पोषण सहायता मिल सके।   अब तक 401 लोग बन चुके हैं नि क्षय मित्र   जिले में नि क्षय मित्र योजना के तहत अब तक 401 लोग जुड़ चुके हैं, जो टीबी मरीजों को पोषण आहार देकर उनकी मदद कर रहे हैं। कलेक्टर राजेश बाथम ने भी आम जनता से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने और अधिक से अधिक नि क्षय मित्र बनने की अपील की है, ताकि टीबी मरीजों को बेहतर पोषण मिल सके और उनका जल्द इलाज संभव हो।   इप्का लेबोरेट्री की सामाजिक पहल   इप्का लेबोरेट्री के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश सियाल, प्रशासकीय अधिकारी विक्रम कोठारी और डॉ. मनीष गुप्ता (मेडिकल ऑफिसर) द्वारा 100 फूड बास्केट जिला क्षय केंद्र रतलाम को सौंपी गई। इन फूड बास्केट में 5 किलो आटा, 1 किलो तुअर दाल, 1 किलो मूंगफली और 1 किलो चना शामिल है, जो हाई प्रोटीन डाइट के रूप में टीबी मरीजों के पोषण के लिए जरूरी है।   मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एम. एस. सागर ने इप्का लेबोरेट्री के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि टीबी मरीजों के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार बेहद जरूरी है, जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत हो सके।   नि क्षय पोषण योजना के तहत 1000 रुपये प्रति माह सहायता   जिला क्षय अधिकारी डॉ. अभिषेक अरोरा ने बताया कि नि क्षय पोषण योजना के अंतर्गत टीबी मरीजों को हर माह 1000 रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की जा रही है। इसके साथ ही, नि क्षय मित्र योजना के तहत कोई भी व्यक्ति टीबी मरीजों के लिए फूड बास्केट प्रदान कर सकता है।    टीबी के मरीजों को पोषण आहार क्यों जरूरी   टीबी मरीजों को स्वस्थ होने के लिए उच्च प्रोटीन युक्त आहार की आवश्यकता होती है। पोषण की कमी से इलाज की प्रभावशीलता कम हो सकती है और मरीजों की रिकवरी में देरी हो सकती है। नि क्षय मित्र योजना के तहत मिलने वाली फूड बास्केट से मरीजों को सही पोषण मिल रहा है, जिससे उनका टीबी से उबरना तेजी से संभव हो रहा है।    सीएमएचओ और जिला क्षय अधिकारी ने इप्का लेबोरेट्री का जताया आभार   सीएमएचओ डॉ. एम. एस. सागर और डॉ. अभिषेक अरोरा ने इप्का लेबोरेट्री के वाइस प्रेसिडेंट दिनेश सियाल, विक्रम कोठारी और डॉ. मनीष गुप्ता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह योगदान टीबी मरीजों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायता साबित होगा।   नि क्षय मित्र कैसे बन सकते हैं   जो भी व्यक्ति या संगठन टीबी मरीजों की मदद करना चाहता है, वह नि क्षय मित्र योजना से जुड़ सकता है। इसके तहत वे जिला क्षय केंद्र में आकर फूड बास्केट प्रदान कर सकते हैं, जिससे टीबी मरीजों को हर माह आवश्यक पोषण मिल सके।   नि क्षय अभियान के तहत जिले में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे टीबी को जड़ से खत्म किया जा सके और समाज को स्वस्थ बनाया जा सके।