Ratlam News:रतलाम को मिली सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं की नई सौगात: अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और IVF का इलाज रतलाम में ही संभव

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी और अत्याधुनिक सुविधा की शुरुआत हो गई है। अब हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक, रीढ़ की हड्डी की चोट, महिला रोग और IVF जैसी जटिल बीमारियों का इलाज रतलाम में ही संभव हो सकेगा। G.D. सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का शुभारंभ 8 जून को प्रातः 10:30 बजे हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी और महापौर प्रहलाद पटेल सहित कई विशिष्ट जन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पूर्व किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, सीएमएचओ डॉ. संध्या बेलसरे और रेलवे हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश बेनभी शामिल हुए।  “डॉक्टर को जो मति भगवान देता है, उससे ही मरीज ठीक होता है” – डॉ. लीला जोशी शुभारंभ कार्यक्रम में बोलते हुए पद्मश्री डॉ. जोशी ने कहा कि चिकित्सा विज्ञान के साथ-साथ सेवा भाव से ही मरीजों का उपचार संभव है। वहीं महापौर प्रहलाद पटेल ने जी.डी. हॉस्पिटल को रतलाम के लिए वरदान बताया और कहा कि अब गंभीर रोगों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।  24×7 सुपर स्पेशलिटी इमरजेंसी सेवा शुरू जी.डी. हॉस्पिटल में अब 24 घंटे इमरजेंसी, ICU, न्यूरोसर्जरी और हृदय रोगियों के लिए सुविधा उपलब्ध रहेगी। हॉस्पिटल में शुरू हुई कैथ-लैबमें डॉ. अनुराग जैन के नेतृत्व में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर की सेवाएं मिलेंगी। डॉ. जैन ने पहले भोपाल, अहमदाबाद और सागर जैसे शहरों में सेवाएं दी हैं। न्यूरोसर्जन डॉ. प्रतीक मालपानी की सेवाएं मिलने से अब ब्रेन हेमरेज या हेड इंजरी जैसे मामलों में हाईटेक माइक्रोस्कोप सर्जरी रतलाम में ही संभव होगी। महिलाओं के लिए IVF और दूरबीन द्वारा ऑपरेशन महिला रोगों और गर्भधारण की समस्या के लिए डॉ. राधा वर्मा द्वारा IVF सेंटर संचालित किया जा रहा है। यहां लेप्रोस्कोपिक (दूरबीन विधि) से ऑपरेशन किए जा रहे हैं। आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही छत के नीचे इस सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में निम्न सेवाएं उपलब्ध हैं:  आयुष्मान योजना और फ्री इलाज की सुविधा MRI, CT स्कैन और सोनोग्राफी की सुविधा भी उपलब्ध हॉस्पिटल परिसर में ही MRI, CT स्कैन और सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है ताकि गंभीर मरीजों को जांच के लिए बाहर न जाना पड़े।  रतलामवासियों के लिए अपील हॉस्पिटल के स्टाफ और प्रबंधन ने रतलाम व आसपास के क्षेत्र के नागरिकों से अपील की है कि वे इस आधुनिक चिकित्सा सुविधा का लाभ उठाएं और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बाहर न जाकर अपने ही शहर में इलाज कराएं।

Ratlam News: रतलाम को मिली सुपर स्पेशलिटी स्वास्थ्य सुविधा की बड़ी सौगात: 8 जून को जीडी हॉस्पिटल के नए विभाग का शुभारंभ

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: रतलाम जिले के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ी राहत और सौगात लेकर आ रहा है जीडी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल। अब हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या एक्सीडेंट जैसी गंभीर परिस्थितियों में मरीजों को इंदौर, उज्जैन जैसे बड़े शहरों की ओर भागने की आवश्यकता नहीं होगी। अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित यह हॉस्पिटल अब 24×7 इमरजेंसी सेवाएं देगा। इस सुपर स्पेशलिटी विभाग का शुभारंभ 8 जून को सुबह 10 बजे किया जाएगा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. लीला जोशी होंगी, जबकि विधायक मथुरालाल डामर इसकी अध्यक्षता करेंगे। महापौर प्रहलाद पटेल, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रदीप उपाध्याय, पूर्व किसान आयोग अध्यक्ष ईश्वरलाल पाटीदार, सीएमएचओ डॉ. संध्या बेलसरे और रेलवे हॉस्पिटल के सीएमओ डॉ. राजेश कुमार बेन विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। अब 24 घंटे उपलब्ध रहेंगी ये सुपर स्पेशलिटी सेवाएं हॉस्पिटल में मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम नई तकनीकों से सुसज्जित रतलाम का पहला हॉस्पिटल स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रतलामवासियों को अब नहीं जाना पड़ेगा बाहर 80 फीट रोड स्थित जीडी हॉस्पिटल परिसर में शुरू हो रहे इस सुपर स्पेशलिटी विभाग से रतलाम और आसपास के जिलों के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। हॉस्पिटल प्रबंधन ने नागरिकों से अपील की है कि वे रतलाम में ही उपलब्ध इन उन्नत चिकित्सा सेवाओं का लाभ उठाएं और समय रहते सही इलाज पाएं।

Health Alert : पत्तागोभी का कीड़ा जो पेट के रास्ते पहुंचता है दिमाग तक, खाने से पहले रखनी होगी सावधानी

ऐसा कीड़ा जो गर्म पानी में उबालने से भी नहीं मरता, जानिए पूरी खबर! पब्लिक वार्ता – हेल्थ डेस्क,जयदीप गुर्जर। कहा जाता है हरी सब्जियों का सेवन करना स्वास्थ के लिए लाभदायक होता है। मगर एक ऐसी हरी सब्जी की बात की जाए जो जानलेवा सबित हो सकती है तो हर कोई अचंभित होगा। सर्दियों का मौसम आ चुका है, सर्दियों में पत्तागोभी या बंदगोभी की आवक भी खूब होती है। पत्तागोभी (Cabbage) में अन्य सब्जियों की तरह न्यूट्रिशन और प्रोटीन से भरपूर होती है। पत्ता गोभी में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो डाइटिंग करने वालों के लिए फायदेमंद है। इन सब के बीच एक चर्चा काफी चल रही है जिसमें पत्तागोभी खाने से कीड़े दिमाग में चले जाते हैं, पत्तागोभी का कीड़ा दिमाग को गला देता है जैसी बातें सामने आ रही है। इसी बारे में हम विस्तार से जानेंगे और सावधानियों पर भी चर्चा करेंगे। ऐसा कीड़ा जो नहीं दिखतापत्तागोभी में कुछ कीड़े दिखाई देते हैं, जिनका रंग हल्का हरा और कभी-कभी सफ़ेद होता है। मगर कुछ कीड़े ऐसे भी होते हैं जो दिखाई नहीं देते जैसे कि टेपवर्म (tapeworm)। ये कीड़े और परजीवी इतने छोटे होते हैं कि इन्हें हमारी नग्न आंखों से नहीं देखा जा सकता है। यही टेपवर्म पत्तागोभी से हमारे पेट तक पहुंचता है और फिर दिमाग तक। कई रिपोर्ट्स में दावा किया जाता है कि पत्तागोभी को अगर सही तरह से पकाकर नहीं खाया जाए तो इसमें मौजूद टेपवर्म (कीड़ा) शरीर में पहुंच सकता है जो कि जानलेवा साबित हो सकता है। कहा जाता है कि यह कीड़ा खाने के साथ पेट में जाता है और फिर आंतों से होता हुआ ब्लड फ्लो की मदद से दिमाग तक पहुंच जाता है। टेपवर्म जानवरों और मनुष्यों को संक्रमित करते है। वह आंतों में रहते हैं और आपके द्वारा खाए जाने वाले पोषक तत्वों को खाते हैं जिससे उनकी कमी के कारण मतली, कमजोरी, दस्त और थकान जैसे लक्षण दिखने लगते है। आपको बता दें कि गोभी के कीड़े में रिजिस्टेंस पावर इतना ज्यादा होता है कि वह पेट में पाए जाने वाले एसिड और एंजाइम से भी नहीं मरता है। यह दिमाग पर असर डालता है। रोगी को दौरे पड़ने लगते हैं। दिमाग में कीड़े के क्या होते लक्षण?अगर टेपवर्म शरीर में पहुंच जाते हैं तो वे आंत में छेद करके ब्लड वेसिल्स तक पहुंच जाते हैं और फिर खून के साथ शरीर के दूसरे हिस्से जैसे दिमाग, लिवर और आंख में भी चले जाते है। डॉक्टर्स के अनुसार ‘पेट दर्द, मिरगी के दौरे, डायरिया, कमजोरी, उल्टी, चक्कर आना, सांस फूलने जैसी कई समस्याएं इसके लक्षण हो सकती है। यह लक्षण कई बार तुरंत, कई बार लंबे समय के बाद नजर आते है। दिमाग में कीड़े की बीमारी न्यूरोसिस्टीसर्कोसिस कहा जाता है। ऐक्सपर्टस की माने तो पत्तागोभी को ना खाना इसका उपाय नहीं है बल्कि अच्छे से साफ करने की जरूरत है। घबराने की जरूरत नहीं है। अगर किसी को यह बीमारी हो भी जाती है तो भी इसका पूरा इलाज है और कोई भी सर्जरी की जरूरत नहीं होती। समय पर इलाज ना मिलने से यह जानलेवा भी साबित हो सकती है। एक रिपोर्ट के अनुसार भारत में टेपवर्म के करीब 12 लाख से ज्यादा मरीज है। क्या रखे सावधानी?डॉक्टर्स के अनुसार कई बार टेपवर्म गर्म पानी मे उबलने से भी नहीं मरता। पत्तागोभी या जमीन में उगी किसी भी सब्जी को गुनगुने पानी में नमक डालकर 30 मिनट के लिए छोड़ दें। उसके बाद उस पानी के फेंक कर पुनः सब्ज़ियों को रगड़ के कम से कम दो बार धोकर ही इसका भोजन में इस्तेमाल करें। कीड़ों से बचे रहने के लिए ये ही सबसे कारगर उपाय हो सकता है। इसके अलावा सब्जी को ठीक से पकाया जाना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं है कि आपको पत्तागोभी खाना बिल्कुल बंद कर देना चाहिए, पर खाने से पहले उसे सही से धोना और सुरक्षात्मक उपाय करना बहुत जरूरी है। सिर्फ पत्तागोभी ही नहीं जमीन के नीचे उगने वाली सब्जियां (गाजर, आलू, मूली, अदरक) को भी खाने से पहले अच्छी तरह से साफ करना जरूरी है। गंदे पानी के संपर्क में आने के कारण इनमें भी कीड़े हो सकते हैं जिनके कारण बीमारियों के विकसित होने का जोखिम रहता है। फलों-सब्जियों की साफ-सफाई बहुत जरूरी है। (DISCLAIMER : यह लेख विभिन्न रिपोर्ट्स पर आधारित है। इस आर्टिकल में बताई विधि, तरीक़ों और सुझाव पर अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें।)