Ratlam News: मानगढ़ के शहीद भील क्रांतिकारियों को 112 दीपों से श्रद्धांजलि, रतलाम में आदिवासी समाज का मौन संकल्प

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रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:
17 नवंबर 1913 को मानगढ़ धाम पहाड़ी पर हुए इतिहास के सबसे बड़े नरसंहार में शहीद हुए 1507 भील आदिवासी क्रांतिकारियों को आज रतलाम के बाजना बस स्टैंड स्थित बिरसा मुंडा स्टैचू पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम में 112 दीप प्रज्वलित कर, कैंडल जलाकर और मौन धारण कर सभी शहीद पूर्वजों को नमन किया गया।

ऐतिहासिक तथ्य बताते हैं कि वर्ष 1913 में गोविंद गुरु के नेतृत्व में हजारों भील आदिवासी अपने जल–जंगल–जमीन, स्वायत शासन और अंग्रेजों के अत्याचारों के खिलाफ मानगढ़ की पहाड़ी पर एकत्र हुए थे। अंग्रेजी हुकूमत ने पहाड़ी को चारों ओर से घेरकर तोपों से लगातार फायरिंग की और पलभर में सैकड़ों आदिवासी शहीद हो गए। यह नरसंहार 1919 के जलियांवाला बाग कांड से भी बड़ा माना जाता है।

रतलाम में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में आदिवासी समाज के कई सदस्य उपस्थित रहे।
इस दौरान ध्यानवीर डामोर, आकाश संगठन के जिला अध्यक्ष ध्रुव लाल निनामा, BPVM प्रदेश संयोजक दिनेश माल, जयस नेता कालू बारोड, सरपंच छोटू भाभर, जसवंत मईडा, संजय मईडा, प्रवीण डामोर, विकास भाभर, गोपाल निनामा सहित बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार मौजूद रहे और शहीदों को नमन किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य युवा पीढ़ी को जनजातीय इतिहास, मानगढ़ की शहादत और आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली परंपरा से अवगत कराना रहा।

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