रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क | Ratlam News: महू-नीमच फोरलेन पर करणी सेना परिवार का विरोध प्रदर्शन करीब 30 घंटे बाद समाप्त हो गया। 11 सूत्रीय मांगों के निराकरण का आश्वासन मिलने और 14 साल की गुमशुदा बालिका के तलाश लिए जाने के बाद प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने धरना खत्म करने की घोषणा की। इसके साथ ही फोरलेन पर डटे प्रदर्शनकारी सड़क से हट गए और यातायात सामान्य हो गया।
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यह धरना मंगलवार से शुरू होकर बुधवार शाम तक चला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने फोरलेन पर ही टेंट लगाकर रात गुजारी। सड़क पर ही बिस्तर बिछाए गए और खाना बनाकर सभी ने वहीं भोजन किया।
कलेक्टर से नहीं मिलने पर नाराजगी
धरने के दौरान करणी सेना के प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर ने कलेक्टर मिशा सिंह पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर कलेक्टर से मिलना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर उनसे मिलने नहीं आईं।
जीवनसिंह ने कहा कि “हम अपनी संवैधानिक बात रखना चाहते थे, लेकिन कलेक्टर मैडम शायद ज्यादा व्यस्त थीं। अगर वे आतीं तो हम अपनी समस्याएं बेहतर तरीके से रख सकते थे।”
नाबालिग की तलाश बनी प्रमुख मुद्दा
धरने की प्रमुख मांगों में एक 14 वर्षीय नाबालिग बालिका की गुमशुदगी का मामला भी शामिल था। जीवनसिंह ने बताया कि परिजन दो महीने से पुलिस के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी।
उन्होंने कहा कि धरना शुरू होते ही पुलिस हरकत में आई और बालिका को तलाश लिया गया। साथ ही सवाल उठाया कि क्या हर मामले में धरना देना जरूरी होगा?
प्रशासन ने दिया आश्वासन
अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि प्रदर्शनकारियों की 11 मांगों पर प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई से उन्हें अवगत कराया गया है। उन्होंने कहा कि सभी बिंदुओं पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट घेराव से पहले रोके गए प्रदर्शनकारी
करणी सेना के कार्यकर्ता 11 सूत्रीय मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट घेराव के लिए निकले थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें शहर में प्रवेश से पहले ही डोसी गांव के पास फोरलेन पर रोक दिया।
शहर के सभी एंट्री प्वाइंट पर पुलिस बल तैनात रहा और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने नहीं दिया गया।
रातभर सड़क पर डटे रहे प्रदर्शनकारी
प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर से मिलने की मांग को लेकर फोरलेन पर ही धरना जारी रखा। रातभर टेंट लगाकर वहीं डटे रहे।
जीवनसिंह ने कहा कि वे किसी प्रकार का उपद्रव नहीं कर रहे थे, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते थे।
देर रात चली अधिकारियों से चर्चा
रात करीब 1 बजे तक कलेक्टर मिशा सिंह और एसपी अमित कुमार सर्किट हाउस में मौजूद रहे, जहां करणी सेना के पदाधिकारियों के साथ चर्चा का दौर चला।

