MP News: रतलाम में डीजल से भरी मालगाड़ी के टैंकर हुए बेपटरी, बाल्टियों में भरकर ले गए लोग, ट्रेन सेवाएं प्रभावित

रतलाम -पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: गुरुवार रात रतलाम-नागदा रेल मार्ग पर एक डीजल से भरी मालगाड़ी के दो टैंकर बेपटरी हो गए, जिससे एक टैंकर आधा पलट गया। हादसे की सूचना मिलते ही रतलाम रेल मंडल (Ratlam Rail Division) के अधिकारी और दुर्घटना रिलीफ ट्रेन तुरंत मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटना स्थल पर माइक से अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क किया, कि कोई भी व्यक्ति आसपास बीड़ी-सिगरेट न पिए और मालगाड़ी से दूर रहे, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके। जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीना ने बताया कि रतलाम डीआरएम रजनीश कुमार ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि उज्जैन और कोटा जाने वाली ट्रेनों के लिए डाउन लाइन पर यातायात बहाल कर दिया गया है। यह दुर्घटना रतलाम के घटला ब्रिज के पास रात लगभग 10 बजे हुई, जब मालगाड़ी रतलाम से नागदा की ओर जा रही थी। घटनास्थल रतलाम रेलवे स्टेशन (Ratlam Junction) से मात्र 1 किमी की दूरी पर स्थित है। हादसे के बाद मालगाड़ी के टैंकर को पटरी पर लाने की कोशिश जारी रही, जिससे रेलवे लाइन पर यातायात को सामान्य किया जा सके। अगले दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे ट्रेक को सही करते हुए गाड़ियों का परिचालन शुरू किया गया। डीजल रिसाव से हड़कंप, बाल्टियों में भर ले गए डीजलदुर्घटना के बाद एक टैंकर से रात भर डीजल रिसता रहा, डीजल ट्रेक के पास नालियों में बहता रहा। जिसका लोगों ने फायदा उठाया। सुबह होते ही आसपास के लोग बाल्टियां और बर्तन लेकर पहुंचे और नालियों में बह रहे डीजल को इकट्ठा कर अपने साथ ले गए। जिसके हाथ में जो आया चाहे बाल्टी हो, टंकी हो या पानी भरने का कैंपर लेकर नाली के पास पहुंच गए। यह सब रेल अधिकारियों व पुलिस के सामने होता रहा। रेलवे को हुए इस आर्थिक नुकसान का भी आंकलन किया जाएगा। रेल सेवाएं प्रभावित, कई ट्रेनें रि-शेड्यूल करना पड़ीहादसे के कारण दिल्ली-मुंबई डाउन लाइन पर ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं, जिससे कई ट्रेनें रतलाम और आसपास के स्टेशनों पर रोकी गईं। रात 12 बजे के बाद अप लाइन से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ, जिसमें मुंबई-दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों को निकालने में सफलता मिली। हालांकि, डाउन लाइन बाधित रही लेकिन अगले दिन सुबह 10 बजे तक स्थिति सामान्य कर दी गई। इससे कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। दिल्ली-मुंबई मार्ग पर मालगाड़ियां पटरी से उतरने पर डीआरएम रजनीश कुमार ने कहा कि ट्रेन के तीन डिब्बे पटरी से उतरी हैं एक तो डिब्बे को उठा लिया गया है दूसरा वाले में थोड़ा दिक्कत है और तीसरा वाला भी माइनर है वो भी जल्द उठा लिया जाएगा। सारे सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं। हम कोई ट्रेनें रद्द नहीं कर रहे हैं बस थोड़ी ट्रेनों में देरी हो सकती है। ये ट्रेन राजकोट से आ रही थी और भोपाल के पास बकनिया जा रही थी। पेट्रोलियम पदार्थ रिसाव हो रहा है लेकिन हम लोग सावधानी बरत रहे हैं। जांच की टीम काम कर रही है। पांच ट्रेनों को रि-शेड्यूल किया गया:– गाड़ी संख्या 09546 नागदा-रतलाम स्पेशल (01 घंटा देरी से)– गाड़ी संख्या 09545 रतलाम-नागदा (1.30 घंटा देरी से)– गाड़ी संख्या 19341 नागदा-बिना (1.30 घंटा देरी से)– गाड़ी संख्या 09382 रतलाम-दाहोद (02 घंटा देरी से)– गाड़ी संख्या 09350 दाहोद-आनंद (02 घंटा देरी से) प्रशासन की तत्परता और कार्रवाईरात 1 बजे कलेक्टर राजेश बाथम, अपर कलेक्टर आर.एस. मंडलोई, एसडीएम अनिल भाना और अन्य अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए। बांगरोद इंडियन ऑयल डिपो से भी अधिकारियों को बुलाया गया, और सुरक्षा के लिए आरपीएफ के जवानों को तैनात किया गया। वैगन को हटाने के लिए जेसीबी, क्रेन और पाइप की व्यवस्था की गई। साथ ही, रेत की बोरियां भी मंगवाई गईं ताकि किसी अन्य हादसे से बचा जा सके।

Festival Special Train: त्योहारों पर रेलवे चलाएगा 500 से अधिक स्पेशल ट्रेन, भीड़ से बचने के लिए पहले कर ले ये काम

1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 6,000 से अधिक फेरे चलाने वाली 519 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का होगा संचालन, पश्चिम रेलवे चलाएगा 86 स्पेशल ट्रेनें। पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Festival Special Train: दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के त्योहारी सीजन में यात्रियों की सुगम आवाजाही के लिए भारतीय रेलवे Indian Railways) ने 1 अक्टूबर से 30 नवंबर 2024 तक 6,000 से अधिक फेरे चलाने वाली 519 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। रेलवे द्वारा हर साल त्योहारों के अवसर पर विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाता है, लेकिन इस बार बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए ट्रेनों की संख्या में भारी वृद्धि की गई है। 1. कुल 519 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें: भारतीय रेलवे द्वारा इस बार 519 स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाएगा, जो पूरे देश में यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाएगी।   2. 6,000 से अधिक फेरे: ये स्पेशल ट्रेनें 6,000 से अधिक फेरे लगाएंगी, जिससे लाखों यात्री अपने गंतव्यों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। 3. पश्चिम रेलवे में यह सुविधा:     – 86 स्पेशल ट्रेनें: पश्चिम रेलवे (western railways) ने 86 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की है।    – 1,380 से अधिक फेरे: इन ट्रेनों द्वारा कुल 1,382 फेरे लगाए जाएंगे, जो पूरे भारतीय रेलवे में सबसे अधिक हैं।    – मुंबई और सूरत से प्रमुख संचालन: मुंबई और सूरत/उधना से 14 जोड़ी ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इसके अलावा सूरत से होकर 20 अन्य स्पेशल ट्रेनें भी गुजरेंगी।     4. उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य राज्यों के लिए विशेष ध्यान: त्योहारों के दौरान सबसे अधिक भीड़ उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तर भारत और उत्तर-पूर्व के राज्यों की ओर बढ़ती है। रेलवे ने इन गंतव्यों के लिए अधिक ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित किया है। 5. विशेष ट्रेनों की सूची (List Of Special Train):    – मुंबई सेंट्रल, बांद्रा टर्मिनस, सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा, राजकोट, वापी और इंदौर से विभिन्न गंतव्यों के लिए विशेष ट्रेनें चल रही हैं।    – अहमदाबाद से चलने वाली ट्रेनें उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल की ओर प्रमुख गंतव्यों के लिए यात्रा करेंगी।  पश्चिम रेलवे द्वारा संचालित प्रमुख ट्रेनें:– मुंबई से देश के प्रमुख गंतव्यों तक: मुंबई से उत्तर प्रदेश, बिहार और अन्य प्रमुख राज्यों तक यात्रियों के लिए विशेष ट्रेनें संचालित हो रही हैं।– सूरत/उधना से अतिरिक्त ट्रेनों का संचालन: सूरत/उधना से 8 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं, ताकि वहां के यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके। पिछले साल की तुलना में वृद्धि:– पिछले साल भारतीय रेलवे ने कुल 4,429 फेरे लगाए थे। इस वर्ष इसमें भारी वृद्धि की गई है और कुल 6,000 फेरे लगाने का लक्ष्य रखा गया है।  यात्रियों के लिए सलाह:– चूंकि त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या अधिक होती है, इसलिए यात्रा की योजना पहले से बना लेना और समय रहते टिकट बुक करना आवश्यक है। – टिकट की बुकिंग IRCTC की वेबसाइट और रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध है।  भारतीय रेलवे द्वारा इस वर्ष फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की संख्या में वृद्धि यात्रियों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए की गई है। ये ट्रेनें यात्रियों को दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ पूजा के अवसर पर उनके गंतव्य तक आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा प्रदान करेंगी। यात्रा की योजना और ट्रेन की समय सारणी की जानकारी रेलवे की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उपलब्ध है।

AIR TRAIN: दिल्ली एयरपोर्ट पर चलेगी देश की पहली एयर ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Air Train in Delhi:  दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर यात्रियों के लिए जल्द ही एक नई और अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध होने वाली है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने घोषणा की है कि एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 और 3 के बीच अब देश की पहली एयर ट्रेन चलाई जाएगी। यह ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सिस्टम, यात्रियों को जाम और समय की कमी से बचाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है, ताकि यात्री टर्मिनलों के बीच फ्री में सफर कर सकें और उनकी फ्लाइट छूटने का खतरा न रहे। क्या है एयर ट्रेन की खासियत?दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी। इस नई *एयर ट्रेन* का मुख्य उद्देश्य टर्मिनलों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाना है, जिससे यात्रियों को टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 या 3 पर पहुंचने में लगने वाले समय और जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। APM की मुख्य विशेषताएं:– ऑटोमेटेड सिस्टम: यह एयर ट्रेन पूरी तरह से ऑटोमेटेड होगी, यानी इसे चलाने के लिए किसी मैन्युअल ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होगी।– एलिवेटेड ट्रैक: एयर ट्रेन का ट्रैक *एलिवेटेड* होगा, जिससे सड़क यातायात से कोई बाधा नहीं होगी।– फ्री यात्रा: यात्रियों के लिए इस एयर ट्रेन में सफर मुफ्त होगा, जो टर्मिनलों के बीच तेजी से आवाजाही में सहायक साबित होगी।   एयर ट्रेन की लॉन्चिंग और निर्माणइस प्रोजेक्ट के लिए *डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण मॉडल* के आधार पर कार्य किया जाएगा। DIAL ने इसके लिए पहले ही टेंडर जारी कर दिए हैं और आने वाले महीनों में इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो सकता है। IGI एयरपोर्ट: देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डाइंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जहां रोज़ाना हजारों यात्री घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए आते-जाते हैं। तीन टर्मिनलों वाले इस एयरपोर्ट पर यातायात में बढ़ोतरी के कारण टर्मिनल 1 और 2/3 के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की ज़रूरत महसूस की जा रही थी। एयर ट्रेन के माध्यम से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। इस नई सुविधा से यात्रियों का सफर और भी सुगम और तेज़ हो जाएगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रेन के आने से यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों के लिए समय की बचत भी होगी।

IRCTC & Indian Railways: पटरी पर दौड़ता लग्जरी होटल है यह ट्रेन, चोंका देगी “गर्वी गुजरात” की यात्री सुविधाएं!, जानिए कब से होगी शुरू

अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस है IRCTC की ये टूरिस्ट ट्रेन, शॉवर, क्यूबिकल्स, सेंसर-आधारित वॉशरूम, और फुट मसाजर जैसी सुविधाएं, गुजरात के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों की कराएगी सेर. नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। भारतीय रेल, पर्यटन को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) द्वारा “गर्वी गुजरात” भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन (GARVI GUJARAT TRAIN) का संचालन 1 अक्टूबर 2024 से किया जाएगा। इस खास ट्रेन का उद्देश्य पर्यटकों को गुजरात के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों से परिचित कराना है। इस ट्रेन में पहली बार वडनगर को भी शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहनगर भी है। “गर्वी गुजरात” ट्रेन की शुरुआत दिल्ली रेलवे स्टेशन से होगी। अगर आप बुकिंग करवाते है और दिल्ली नहीं पहुंच सकते तो सफदरजंग, गुड़गांव, रेवाड़ी, रींगस, फुलेरा, अजमेर रेलवे स्टेशन से आप इस ट्रेन में चढ़ सकते है और गुजरात की अपनी यात्रा पर निकल सकते है। जिसके बाद ट्रेन का स्टॉपेज अहमदाबाद, मोढेरा, पाटन, वडनगर, वडोदरा, केवड़िया, वेरावल (सोमनाथ),  दीव, द्वारका रहेगा। द्वारका के बाद ट्रेन वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएगी। इसके किराए से जुड़ी जानकारी फिलहाल रेलवे ने नहीं दी है। IRCTC की वेबसाइट या हेल्पलाइन से आप बाकी अन्य जानकारी ले सकते है। ट्रेन की सुविधाएं और प्रमुख आकर्षण“गर्वी गुजरात” भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें एसी-1, एसी-2 और एसी-3 श्रेणी के कोच हैं। कुल 150 पर्यटक इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। यात्रियों के लिए खानपान की व्यवस्था दो डाइनिंग रेस्टोरेंट्स और एक आधुनिक रसोई में की जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। इस ट्रेन में शॉवर क्यूबिकल्स, सेंसर-आधारित वॉशरूम, और फुट मसाजर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। गुजरात के प्रमुख स्थलों का दौराट्रेन की यात्रा का कुल समय 10 दिनों का है, जिसमें पर्यटक गुजरात के प्रमुख धार्मिक और विरासत स्थलों का दौरा करेंगे। अहमदाबाद में पर्यटक साबरमती आश्रम और अक्षरधाम मंदिर का दौरा करेंगे। इसके बाद मोढेरा सूर्य मंदिर, रानी की वाव, और सहस्त्रलिंग तालाब जैसे ऐतिहासिक स्थानों का भ्रमण किया जाएगा। वडनगर में कीर्ति तोरण, हाटकेश्वर मंदिर और शर्मिष्ठा झील जैसे दर्शनीय स्थल ट्रेन की यात्रा के प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके साथ ही वडनगर रेलवे स्टेशन भी पर्यटकों को दिखाया जाएगा। पावागढ़ में महाकाली मंदिर (Pavagadh) और यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व पार्क भी यात्रा का हिस्सा होंगे। अन्य धार्मिक स्थलट्रेन की यात्रा में द्वारकाधीश मंदिर (Dwarka), नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ मंदिर (Somnath Jyotirling), और दीव किला भी शामिल हैं। केवडिया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ और लेजर शो भी पर्यटकों को दिखाया जाएगा। यह ट्रेन लगभग 3,500 किलोमीटर का सफर तय करेगी और 10वें दिन दिल्ली लौट आएगी। भारत गौरव ट्रेनों का संचालनभारत गौरव टूरिस्ट ट्रेनें भारतीय रेल द्वारा शुरू की गई एक खास पहल है, जिसका उद्देश्य देश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का प्रचार-प्रसार करना है। देश भर में अब तक 24 राज्यों में 180 से अधिक भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेनों का संचालन किया जा चुका है, जिनमें 80,000 से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं।

DP Wires incident: डीपी वायर्स के अरविंद कटारिया और मैनेजर विजय सोनी के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज, श्रम न्यायालय में भी चलेगा केस

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। औद्योगिक क्षेत्र में हुई एक मजदूर की दुखद मौत के मामले में शहर की प्रतिष्ठित डीपी वायर्स (DP Wires) लिमिटेड के मालिक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी के खिलाफ रतलाम की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला 22 वर्षीय कर्मचारी नितिन सरोज की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दायर किया गया है। गौरतलब है की 3 जुलाई, 2024 को नितिन सरोज, जो कि डी. पी. वायर्स में रात्रिकालीन शिफ्ट में वायर ड्राइंग मशीन पर कार्यरत था, करंट लगने से उसकी जान चली गई। घटना सुबह करीब 6 बजे हुई, जब कारखाने में बारिश का पानी फैलने से नितिन करंट की चपेट में आ गया। नितिन की शिफ्ट समाप्त होने से मात्र डेढ़ घंटा पहले ही यह हादसा हुआ था। जांच और प्रबंधन की लापरवाहीघटना की जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के करखाना निरीक्षक हिमांशु सोलोमन ने की। जांच में पाया गया कि कारखाने में कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए-2सी एवं नियम 73 का उल्लंघन हुआ है। इसके चलते संचालक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी को जिम्मेदार ठहराया गया। दोनों के खिलाफ आपराधिक वाद दायर किया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर एक लाख रुपए का जुर्माना, दो साल की सजा, या दोनों हो सकते हैं। श्रम न्यायालय में भी केसऔद्योगिक अधिनियम के अनुसार, मृतक श्रमिक के परिवार को क्षतिपूर्ति प्रदान करने का प्रावधान है। इसी के तहत नितिन के आश्रितों को मुआवजा दिलाने के लिए श्रम न्यायालय में भी मामला दर्ज किया गया है। परिवार की स्थिति और मजदूरों का आक्रोशमिर्जापुर, उत्तर प्रदेश से रतलाम आकर बसे नितिन का परिवार शिवनगर क्षेत्र में रहता है। उसके परिवार में एक 8 महीने का बेटा भी है। इस घटना के बाद उद्योग के मजदूरों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है और सभी मजदूर जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। यह घटना न केवल उद्योग के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही की भी गंभीरता को दर्शाती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत और श्रम न्यायालय इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं।

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