IRCTC & Indian Railways: पटरी पर दौड़ता लग्जरी होटल है यह ट्रेन, चोंका देगी “गर्वी गुजरात” की यात्री सुविधाएं!, जानिए कब से होगी शुरू

अत्याधुनिक सुविधाओं से लेस है IRCTC की ये टूरिस्ट ट्रेन, शॉवर, क्यूबिकल्स, सेंसर-आधारित वॉशरूम, और फुट मसाजर जैसी सुविधाएं, गुजरात के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों की कराएगी सेर. नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। भारतीय रेल, पर्यटन को एक नई दिशा देने के उद्देश्य से लगातार नई पहल कर रही है। इसी कड़ी में इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) द्वारा “गर्वी गुजरात” भारत गौरव डीलक्स एसी टूरिस्ट ट्रेन (GARVI GUJARAT TRAIN) का संचालन 1 अक्टूबर 2024 से किया जाएगा। इस खास ट्रेन का उद्देश्य पर्यटकों को गुजरात के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों से परिचित कराना है। इस ट्रेन में पहली बार वडनगर को भी शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृहनगर भी है। “गर्वी गुजरात” ट्रेन की शुरुआत दिल्ली रेलवे स्टेशन से होगी। अगर आप बुकिंग करवाते है और दिल्ली नहीं पहुंच सकते तो सफदरजंग, गुड़गांव, रेवाड़ी, रींगस, फुलेरा, अजमेर रेलवे स्टेशन से आप इस ट्रेन में चढ़ सकते है और गुजरात की अपनी यात्रा पर निकल सकते है। जिसके बाद ट्रेन का स्टॉपेज अहमदाबाद, मोढेरा, पाटन, वडनगर, वडोदरा, केवड़िया, वेरावल (सोमनाथ),  दीव, द्वारका रहेगा। द्वारका के बाद ट्रेन वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएगी। इसके किराए से जुड़ी जानकारी फिलहाल रेलवे ने नहीं दी है। IRCTC की वेबसाइट या हेल्पलाइन से आप बाकी अन्य जानकारी ले सकते है। ट्रेन की सुविधाएं और प्रमुख आकर्षण“गर्वी गुजरात” भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है, जिसमें एसी-1, एसी-2 और एसी-3 श्रेणी के कोच हैं। कुल 150 पर्यटक इस ट्रेन में सफर कर सकेंगे। यात्रियों के लिए खानपान की व्यवस्था दो डाइनिंग रेस्टोरेंट्स और एक आधुनिक रसोई में की जाएगी। सुरक्षा के लिहाज से सभी कोचों में सीसीटीवी कैमरे और सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं। इस ट्रेन में शॉवर क्यूबिकल्स, सेंसर-आधारित वॉशरूम, और फुट मसाजर जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। गुजरात के प्रमुख स्थलों का दौराट्रेन की यात्रा का कुल समय 10 दिनों का है, जिसमें पर्यटक गुजरात के प्रमुख धार्मिक और विरासत स्थलों का दौरा करेंगे। अहमदाबाद में पर्यटक साबरमती आश्रम और अक्षरधाम मंदिर का दौरा करेंगे। इसके बाद मोढेरा सूर्य मंदिर, रानी की वाव, और सहस्त्रलिंग तालाब जैसे ऐतिहासिक स्थानों का भ्रमण किया जाएगा। वडनगर में कीर्ति तोरण, हाटकेश्वर मंदिर और शर्मिष्ठा झील जैसे दर्शनीय स्थल ट्रेन की यात्रा के प्रमुख आकर्षण होंगे। इसके साथ ही वडनगर रेलवे स्टेशन भी पर्यटकों को दिखाया जाएगा। पावागढ़ में महाकाली मंदिर (Pavagadh) और यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त चंपानेर पावागढ़ पुरातत्व पार्क भी यात्रा का हिस्सा होंगे। अन्य धार्मिक स्थलट्रेन की यात्रा में द्वारकाधीश मंदिर (Dwarka), नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ मंदिर (Somnath Jyotirling), और दीव किला भी शामिल हैं। केवडिया में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ और लेजर शो भी पर्यटकों को दिखाया जाएगा। यह ट्रेन लगभग 3,500 किलोमीटर का सफर तय करेगी और 10वें दिन दिल्ली लौट आएगी। भारत गौरव ट्रेनों का संचालनभारत गौरव टूरिस्ट ट्रेनें भारतीय रेल द्वारा शुरू की गई एक खास पहल है, जिसका उद्देश्य देश के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों का प्रचार-प्रसार करना है। देश भर में अब तक 24 राज्यों में 180 से अधिक भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेनों का संचालन किया जा चुका है, जिनमें 80,000 से अधिक यात्री सफर कर चुके हैं।

Spy Camera’s: UPSC की तैयारी कर रही छात्रा के बाथरूम और बेडरूम में मिले स्पाई कैमरे, मकान मालिक का बेटा गिरफ्तार!

UPSC छात्रा का व्हाट्सएप किसी अनजान डिवाइस पर था लॉग इन, आरोपी के लेपटॉप से मिले आपत्तिजनक वीडियो, बल्ब होल्डर में फिट था स्पाई कैमरा दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। आपके घर की बेटी अगर कहीं किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही है, तो उसे आज ही सावधान करने की जरूरत है। जी हां! किराए से रहने वाली एक छात्रा को मकान मालिक को चाबी सौंपना भारी पड़ गया। उसने सोचा भी नहीं होगा की मकान मालिक का बेटा इतना घिनौना काम करेगा। पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में सिविल सेवा परीक्षा (UPSC) की तैयारी कर रही एक छात्रा के बाथरूम और बेडरूम में स्पाई कैमरे (Spy Camera’s) मिलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मकान मालिक के बेटे करण को इस घिनौनी हरकत के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने छात्रा के गांव जाने के दौरान उसके फ्लैट में ये कैमरे लगाए थे। आरोपी करण मकान मालिक का लड़का है, जो उसी बिल्डिंग की दूसरे फ्लोर पर रहता है। इस घटना के बाद महिला सुरक्षा को लेकर काफी चिंता जताई जा रही है। यह घटनाक्रम महिलाओं की सुरक्षा और निजता के प्रति गंभीर सवाल खड़े करता है। जानकारी के अनुसार छात्रा पूर्वी दिल्ली के शकरपुर इलाके में एक किराये के फ्लैट में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। हाल ही में उसे अपने व्हाट्सएप अकाउंट में कुछ गड़बड़ी का अहसास हुआ। जब उसने इस संदिग्ध गतिविधि की जांच करवाई, तो पता चला कि उसका व्हाट्सएप किसी अनजान डिवाइस पर लॉग इन है। इसके बाद उसने सुरक्षा के लिहाज से अपने व्हाट्सएप अकाउंट को लॉग आउट किया और फ्लैट की तलाशी लेने का फैसला किया। फ्लैट की तलाशी के दौरान, छात्रा को अपने बाथरूम के बल्ब होल्डर में एक स्पाई कैमरा दिखाई दिया। यह देखकर वह हैरान रह गई और तुरंत पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब जांच की, तो उसके बेडरूम के बल्ब होल्डर में भी एक और स्पाई कैमरा पाया गया। कैसे लगाया गया कैमरापुलिस की पूछताछ में सामने आया कि मकान मालिक का बेटा करण, जो अक्सर छात्रा से उसकी फ्लैट की चाबी लेता था, इस घिनौनी साजिश का मास्टरमाइंड था। तीन महीने पहले जब छात्रा उत्तर प्रदेश स्थित अपने गांव गई थी, तब आरोपी ने यह योजना बनाई। करण ने तीन स्पाई कैमरे खरीदे और उनमें से दो कैमरे छात्रा के बेडरूम और बाथरूम में लगा दिए। कैमरों में मेमोरी कार्ड लगे थे, जो वीडियो रिकॉर्डिंग को स्टोर करते थे। करण किसी न किसी बहाने से छात्रा से फ्लैट की चाबी लेता और फिर कैमरे का डेटा अपने लैपटॉप में ट्रांसफर कर लेता। लेपटॉप में करता था लोडपूर्वी दिल्ली की पुलिस उपायुक्त अपूर्वा गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार किया है और उसके लैपटॉप से कई आपत्तिजनक वीडियो बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है।

Dehradun: 7 महीने के बच्चे के पेट में भ्रूण मिलने का दुर्लभ मामला, डॉक्टर भी हुए हैरान

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। देहरादून (Dehradun) के स्वामी हिमालयन मेडिकल कॉलेज में एक अत्यंत दुर्लभ मामला सामने आया है, जहां 7 महीने के बच्चे के पेट में भ्रूण पाया गया। माता-पिता को बच्चे का पेट अचानक फूलता दिखने पर शक हुआ और उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया। प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों को लगा कि यह पेट में गांठ का मामला है, लेकिन एक्स-रे रिपोर्ट से पता चला कि बच्चे के पेट में भ्रूण विकसित हो रहा था। मेडिकल विशेषज्ञों के अनुसार फीटस-इन-फीटू (Fetus in Fetu) नामक यह स्थिति अत्यधिक दुर्लभ होती है, जिसमें एक भ्रूण दूसरे भ्रूण के भीतर विकसित होने लगता है। डॉक्टर संतोष सिंह के अनुसार, इस तरह के मामले लाखों में से एक बार ही देखने को मिलते हैं। बच्चे का ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया और अब वह पूरी तरह स्वस्थ है। क्या है फीटस-इन-फीटू?फीटस-इन-फीटू मानव भ्रूण विकास की एक असामान्य और दुर्लभ स्थिति है। यह लगभग 5,00,000 में से एक गर्भावस्था में होता है, जिसमें भ्रूण के भीतर एक और भ्रूण विकसित होने लगता है। इस स्थिति का पता अक्सर जन्म के बाद ही चल पाता है, जब बच्चे के पेट का आकार असामान्य रूप से बढ़ता है।

Ranveer Allahbadia OR BeerBiceps: मशहूर YouTuber के दोनों YouTube चैनल हैक, सभी वीडियो हटाए, क्या होगा आगे!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। भारत के प्रमुख YouTuber और डिजिटल Influencer रणवीर अल्लाहबादिया के दोनों YouTube चैनल्स BeerBiceps और Ranveer Allahbadia को हैकर्स ने हैक कर लिया है। हैकर्स ने उनके चैनलों का नाम बदलकर ‘@Tesla.event.trump_2024′ रख दिया। इतना ही नहीं उनके दूसरे चैनल ‘बीयर बाइसेप्स’ का नाम ‘@Elon.trump.tesla_live202 कर दिया और सभी वीडियो डिलीट कर दिए हैं। इस घटना के बाद, चैनल्स पर एक फर्जी लाइवस्ट्रीम की गई जिसमें एक AI-जनरेटेड एलन मस्क नज़र आ रहे थे, जो लोगों से क्रिप्टोक्यूरेंसी में निवेश करने के लिए कह रहे थे। यह लाइवस्ट्रीम लोगों को उनके निवेश पर दोगुना लाभ का झूठा वादा कर रही थी। YouTube ने रणवीर के दोनों चैनलों को तुरंत प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया। शुरुआत में, जब इन चैनलों को सर्च किया गया, तो YouTube ने जानकारी दी कि यह चैनल कंपनी की नीतियों के खिलाफ थे, इसलिए इन्हें हटाया गया। अब, इन चैनलों को खोजने पर एक संदेश आता है जिसमें लिखा होता है, “यह पेज नहीं मिल रहा है, कृपया कुछ और सर्च करें।” खुद दी जानकारी, करियर की चिंता!दोनों चैनल्स से सभी इंटरव्यू और पॉडकास्ट डिलीट हुए और फिर अब ये दोनों ही चैनल्स यूट्यूब से डिलीट किए जा चुके हैं। इस बात की जानकारी खुद रणवीर अल्लाहबादिया ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से दी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम की स्टोरी पर बर्गर और फ्राइज की एक तस्वीर शेयर कर लिखा, ‘मेरे दो मेन चैनलों को हैक किए जाने का जश्न मेरे पसंदीदा खाने के साथ मना रहा हूं। शाकाहारी बर्गर। बीयर बाइसेप्स की मौत मिली डाइट की मौत से। मुंबई वापस आ गया हूं।’ इसके बाद उन्होंने अपनी अगली इंस्टाग्राम स्टोरी पर अपनी एक तस्वीर शेयर की है। इस फोटो में वो आंखों पर स्लीपिंग मास्क लगाए हुए स्माइल करते हुए नजर आ रहे हैं। इसे शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ‘क्या ये मेरे यूट्यूब करियर का अंत है? आप सबको जानकर अच्छा लगा।’ बता दें, रणवीर अल्लाहबादिया और उनकी टीम इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रही है। ये लोग यूट्यूब से कॉन्टेक्ट में हैं और चैनल को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट का चैनल हुआ था हैक, चिंता बढ़ीकुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट का YouTube चैनल भी इसी प्रकार हैक हुआ था, जिससे यह अंदेशा है कि हालिया घटनाओं के पीछे भी वही साइबर अपराधी हो सकते हैं। रणवीर अल्लाहबादिया, जिन्हें ‘BeerBiceps’ के नाम से भी जाना जाता है, भारत में अपने स्वास्थ्य, फिटनेस, और मोटिवेशनल कंटेंट के लिए प्रसिद्ध हैं। उनके हैक हुए चैनलों में ‘BeerBiceps’ और ‘The Ranveer Show’ शामिल हैं, जो डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर काफी लोकप्रिय थे। यह घटना डिजिटल सिक्योरिटी पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है और YouTubers तथा अन्य कंटेंट क्रिएटर्स को अपने अकाउंट्स की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।

DP Wires incident: डीपी वायर्स के अरविंद कटारिया और मैनेजर विजय सोनी के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मामला दर्ज, श्रम न्यायालय में भी चलेगा केस

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। औद्योगिक क्षेत्र में हुई एक मजदूर की दुखद मौत के मामले में शहर की प्रतिष्ठित डीपी वायर्स (DP Wires) लिमिटेड के मालिक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी के खिलाफ रतलाम की मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अदालत में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। यह मामला 22 वर्षीय कर्मचारी नितिन सरोज की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग द्वारा दायर किया गया है। गौरतलब है की 3 जुलाई, 2024 को नितिन सरोज, जो कि डी. पी. वायर्स में रात्रिकालीन शिफ्ट में वायर ड्राइंग मशीन पर कार्यरत था, करंट लगने से उसकी जान चली गई। घटना सुबह करीब 6 बजे हुई, जब कारखाने में बारिश का पानी फैलने से नितिन करंट की चपेट में आ गया। नितिन की शिफ्ट समाप्त होने से मात्र डेढ़ घंटा पहले ही यह हादसा हुआ था। जांच और प्रबंधन की लापरवाहीघटना की जांच औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के करखाना निरीक्षक हिमांशु सोलोमन ने की। जांच में पाया गया कि कारखाने में कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7ए-2सी एवं नियम 73 का उल्लंघन हुआ है। इसके चलते संचालक अरविंद कटारिया और प्रबंधक विजय सोनी को जिम्मेदार ठहराया गया। दोनों के खिलाफ आपराधिक वाद दायर किया गया है, जिसमें दोष सिद्ध होने पर एक लाख रुपए का जुर्माना, दो साल की सजा, या दोनों हो सकते हैं। श्रम न्यायालय में भी केसऔद्योगिक अधिनियम के अनुसार, मृतक श्रमिक के परिवार को क्षतिपूर्ति प्रदान करने का प्रावधान है। इसी के तहत नितिन के आश्रितों को मुआवजा दिलाने के लिए श्रम न्यायालय में भी मामला दर्ज किया गया है। परिवार की स्थिति और मजदूरों का आक्रोशमिर्जापुर, उत्तर प्रदेश से रतलाम आकर बसे नितिन का परिवार शिवनगर क्षेत्र में रहता है। उसके परिवार में एक 8 महीने का बेटा भी है। इस घटना के बाद उद्योग के मजदूरों में काफी आक्रोश है। उनका कहना है कि उद्योग में सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है और सभी मजदूर जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं। यह घटना न केवल उद्योग के सुरक्षा मानकों पर सवाल उठाती है, बल्कि प्रशासन और प्रबंधन की लापरवाही की भी गंभीरता को दर्शाती है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत और श्रम न्यायालय इस मामले में क्या निर्णय लेते हैं।

भारतीय रेलवे में KAVACH 4.0: नई सुरक्षा प्रणाली कवच से ट्रेनों की रफ्तार और सुरक्षा में होगा बड़ा सुधार

सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल, कवच 4.0 (Kavach 4.0) एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है। पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। भारतीय रेलवे ने देश के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक, दिल्ली-मुंबई रूट पर कवच 4.0 (Kavach 4.0) प्रणाली का सफल परीक्षण और इंस्टॉलेशन कर लिया है। इस नई स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली से न केवल ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षा भी मजबूत होगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव की उपस्थिति में सवाई माधोपुर से इंदरगढ़ सुमेरगंज मंडी सेक्शन के बीच इसका ट्रायल सफल रहा, जिससे 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा। ट्रायल के दौरान सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीड और अन्य सुरक्षा परीक्षण सफल रहे। रेलवे के इस मिशन रफ्तार के तहत 545 किमी ट्रैक पर कवच प्रणाली लागू की जा रही है, जो ट्रेन सुरक्षा में एक बड़ा कदम है। क्या है कवच 4.0?कवच 4.0 एक स्वचालित ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) प्रणाली है, जिसे भारतीय रेलवे ने स्वदेशी रूप से विकसित किया है। इसका उद्देश्य ट्रेनों के बीच संभावित टकराव की स्थिति को रोकना और लोको पायलट की गलतियों से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करना है। यह तकनीक ट्रेनों को ट्रैक पर सिग्नल पासिंग, ओवरस्पीडिंग, और दुर्घटनाओं से बचाने के लिए बनाई गई है। कैसे काम करता है कवच 4.0?कवच 4.0 सिस्टम ट्रेन की गति पर नजर रखता है और जरूरत पड़ने पर स्वचालित रूप से ब्रेक लगाता है। अगर ट्रेन की गति निर्धारित सीमा से 2 किमी/घंटा अधिक हो जाती है, तो कवच ओवरस्पीड अलार्म जारी करता है। 5 किमी/घंटा से अधिक पर सामान्य ब्रेक और 7 किमी/घंटा से अधिक पर पूर्ण ब्रेकिंग सिस्टम एक्टिव हो जाता है। अगर 9 किमी/घंटा से ज्यादा हो जाती है, तो आपातकालीन ब्रेक स्वचालित रूप से लागू हो जाता है। यह प्रणाली विशेष रूप से लो विजिबिलिटी और कोहरे की स्थिति में भी लोको पायलट की मदद करती है। कवच 4.0 का महत्व– तेज रफ्तार: इस प्रणाली के जरिए दिल्ली-मुंबई रेल मार्ग पर ट्रेनों की रफ्तार 160 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचाई जा सकती है।– सुरक्षा में बढ़ोतरी: यह तकनीक ट्रेन के टकराव, सिग्नल पासिंग और अन्य दुर्घटनाओं को रोकने में सहायक है।– स्वदेशी तकनीक: भारत में निर्मित यह प्रणाली रेलवे की आत्मनिर्भरता और तकनीकी उन्नति को दर्शाती है। पुराने और नए वर्जन में अंतरकवच 4.0, अपने पुराने संस्करणों से अधिक उन्नत है। यह सिस्टम अधिक सटीकता के साथ काम करता है और गति की छोटी से छोटी अनियमितताओं को भी तुरंत पहचान सकता है। यह संस्करण कोहरे और अन्य प्राकृतिक बाधाओं के बावजूद ट्रेनों की सुरक्षित संचालन में मददगार साबित होता है। रेल मंत्रालय के अनुसार कवच 4.0 के इंस्टॉलेशन से भारतीय रेलवे एक और कदम सुरक्षा और गति में सुधार की दिशा में बढ़ा है। अगले वर्ष तक इस नई प्रणाली के कारण दिल्ली-मुंबई रूट पर ट्रेनों की गति 160 किमी प्रति घंटे तक बढ़ने की संभावना है, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और सुरक्षा स्तर भी उन्नत होगा।

Gold Price On High: सोने की कीमत ने छुआ नया ऑल टाइम हाई, सोने पर प्रति 10 ग्राम और चांदी पर किलो के हिसाब से भाव तेज

लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना और चांदी में अभी भी निवेश का अच्छा मौका हो सकता है, सोना साल के आखिर तक 78 हजार और चांदी 1 लाख तक पहुंच सकती है! पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। सोने की कीमतें (Gold Price) आज फिर एक नए शिखर पर पहुंच गई हैं। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, मंगलवार को 24 कैरेट सोने की कीमत में 204 रुपए की बढ़त दर्ज की गई, जिसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव 74,671 रुपए हो गया। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। सोमवार को सोने की कीमत 74,467 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।  चांदी की कीमत (Silver Price) में भी उछाल देखा गया है। चांदी 312 रुपए महंगी होकर 88,068 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि सोमवार को यह 87,756 रुपए पर थी। इस साल चांदी ने 29 मई को 94,280 रुपए प्रति किलोग्राम का ऑल टाइम हाई छुआ था। सोने की कीमत में 11,319 रुपए की बढ़तसाल 2024 की शुरुआत में 1 जनवरी को सोने की कीमत 63,352 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। इसके बाद से अब तक इसमें 11,319 रुपए का इजाफा हो चुका है। इसी तरह, चांदी की कीमत भी साल के शुरुआत में 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम थी, जो अब 88,068 रुपए हो गई है। 4 महानगरों और भोपाल में सोने की कीमतें (24 सितंबर 2024) – दिल्ली: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,150 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,510 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – मुंबई: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – कोलकाता: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – चेन्नई: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,000 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,360 रुपए प्रति 10 ग्राम है। – भोपाल: 22 कैरेट सोने की कीमत 70,050 रुपए और 24 कैरेट सोने की कीमत 76,410 रुपए प्रति 10 ग्राम है। सोना साल के आखिर तक 78 हजार और चांदी 1 लाख तक पहुंच सकती है!विशेषज्ञों का मानना है कि सोने और चांदी की कीमतें आगे और बढ़ सकती हैं। HDFC सिक्योरिटीज के कमोडिटी और करेंसी हेड अनुज गुप्ता के अनुसार, सोना इस साल के अंत तक 78,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है, जबकि चांदी 1 लाख रुपए प्रति किलोग्राम तक जा सकती है। क्या हैं सोने और चांदी की कीमतों में उछाल के कारण?विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की मांग और अमेरिकी डॉलर में कमजोरी, वैश्विक अस्थिरता, और निवेशकों की रुचि में बढ़ोतरी के कारण सोने और चांदी की कीमतों में तेजी आई है। इसके अलावा, त्योहारी सीजन और शादी-ब्याह के मौसम में मांग बढ़ने से भी कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। निवेशकों के लिए सलाहविशेषज्ञ निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि अगर वे लंबी अवधि के लिए निवेश करना चाहते हैं, तो सोना और चांदी में अभी भी निवेश का अच्छा मौका हो सकता है। वहीं, शॉर्ट टर्म में निवेश करने वालों को बाजार के उतार-चढ़ाव को ध्यान में रखते हुए सावधानी से निवेश करने की सलाह दी जा रही है। सोने और चांदी की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं, और आने वाले महीनों में इनकी कीमतें और भी अधिक बढ़ने की संभावना है। ऐसे में निवेशकों को सोने और चांदी में निवेश करने से पहले बाजार की स्थिति को समझकर सही फैसला लेना चाहिए।

हिट एंड रन हड़ताल : कानून के विरोध में देशभर के ड्राइवर उतरे सड़कों पर, जरूरी सामानों की किल्लत के आसार

पेट्रोल पंप पर लगी लंबी लाइन, कलेक्टर ने कहा अफवाहों पर ना दे ध्यान, SSP ने चेताया! देखे वीडियो पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/रतलाम,जयदीप गुर्जर। देशभर में नए हिट एंड रन कानून के विरोध में बस और ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल ने जोर पकड़ लिया है। इसके अलावा रिक्शा, लोडिंग वाहन और निजी ट्रेवल्स के ड्राइवर्स भी हड़ताल में शामिल हो चुकेहै। देश में बेमियादी हड़ताल का सोमवार को तीसरा दिन रहा। इस दौरान 8 राज्यों मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, छत्तीसगढ़, यूपी, उत्तराखंड, पंजाब और गुजरात में ड्राइवर हड़ताल पर रहे। तीसरे विरोध ने बड़ा रूप लेते हुए इसे उग्र बना दिया। ड्राइवर्स का हड़ताल करने का मुख्य कारण उन पर लागू किया गया नया एक्ट है। इसमें भारतीय न्याय संहिता 2023 में हुए संशोधन के बाद हिट एंड रन के मामलों में दोषी ड्राइवर पर 10 लाख रुपए तक का जुर्माना और 10 साल तक कैद का प्रावधान है। देशभर में ट्रांसपोर्ट यूनियनों नए भारतीय न्याय संहिता के अधिनियम के खिलाफ अपना विरोध जता रहे हैं. उन्होंने कानून को वापस लेने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है।मध्यप्रदेश के भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य शहरों में बसें नहीं चलीं। जबकि राजस्थान में आधे दिन प्राइवेट गाड़ियां नहीं चलीं। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में ट्रक ड्राइवरों ने सड़क पर वाहन खड़े कर टायरों में आग लगा दी। पब्लिक ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के बाद आम जनता को खासी परेशानियों का सामना कर पड़ रहा है। तमाम बस ड्राइवर और ऑटो ड्राइवर हड़ताल पर चले गए हैं, जिसकी वजह से जनता परेशान है। किसी को अपने घर जाना है, तो किसी को अपने ऑफिस लेकिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट सेवा बिल्कुल ठप कर दी गई है रतलाम में भी रहा बंदजिले में भी ड्राइवर्स की हड़ताल ने जोर पकड़ा। सब्जी व अनाज मंडियों सहित जरूरी ट्रांसपोर्ट सेवाएं ठप्प रही। पेट्रोल की किल्लत के चलते पंपो पर लंबी – लंबी कतारें लग गई। हालांकि शाम को कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार व एसपी राहुल लोढा ने बयान जारी कर जरूरी वस्तुओं के ट्रांसपोर्ट चालू रहने की बात कही। कलेक्टर ने कहा कि पेट्रोल की कोई किल्लत या कमी नहीं है लोग अफवाहों पर ध्यान ना दे। वहीं एसपी ने बताया कि जो भी आवश्यक वस्तुओं के ट्रांसपोर्ट में बाधा डालेगा उस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाएगी। क्या है हिट-एंड-रन कानून?भारतीय न्याय संहिता में हिट-एंड-रन मामले के नए प्रावधानों के मुताबिक, अगर कोई आरोपी ड्राइवर सड़क हादसे के बाद अधिकारियों को बिना सूचना दिए दुर्घटना स्थल से भाग जाता है तो उसे 10 साल की जेल की सजा काटनी पड़ेगी। साथ ही साथ 1 लाख से 7 लाख तक का अनुमानित जुर्माना भी भुगतना पड़ सकता है। नए कानून को दो श्रेणियों में रखा गया है. पहला, ‘लापरवाही से मौत का कारण’, अगर कोई आरोपी ड्राइवर मौत का कारण बनता है तो वह गैर इरादतन हत्या नहीं है। उसे अधिकतम पांच साल की जेल की सजा के साथ-साथ जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। दूसरा, कोई ड्राइवर लापरवाही या असावधानी से गाड़ी चलाकर किसी की मौत का कारण बनता है और भाग जाता है। साथ ही घटना के बाद किसी पुलिस अधिकारी या मजिस्ट्रेट को घटना की रिपोर्ट नहीं करता है, तो उसे जुर्माना के साथ-साथ 10 साल तक की जेल का सामना करना पड़ेगा। मौजूदा समय में पहचान के बाद हिट-एंड-रन मामलों के आरोपियों पर धारा 304 ए के तहत मुकदमा चलाया जाता है, जिसमें अधिकतम दो साल की जेल की सजा होती है। सरकार करे विचारऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (AIMTC) ने हिट एंड रन कानून को सख्त बनाने का विरोध किया है। संगठन के आह्वान पर ही चक्का जाम और हड़ताल शुरू हुई है। AIMTC की अगली बैठक 10 जनवरी को होगी। इसमें फैसला लिया जाएगा कि अगर सरकार उनकी मांगें नहीं मानती है, तो किस तरह से सरकार के सामने अपना पक्ष रखा जाए।AIMTC के अध्यक्ष अमृत मदान ने कहा कि हिट एंड रन कानून के पीछे सरकार का इरादा अच्छा है, लेकिन प्रस्तावित कानून में कई खामियां हैं। इन पर दोबारा सोचने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान परिवहन क्षेत्र और ट्रक चालकों का है। भारत इस समय वाहन चालकों की कमी से जूझ रहा है, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। ऐसे में 10 साल की सजा के प्रावधान के बाद अब ट्रक ड्राइवर नौकरी छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। ट्रकों की हड़ताल से होगी समस्याइस हड़ताल का आम आदमी पर सीधा असर देखने को मिलेगा। ट्रकों की हड़ताल होने से दूध, सब्जी और फलों की आवक नहीं होगी और कीमतों पर इसका सीधा असर देखने को मिलेगा। वहीं, पेट्रोल-डीजल की सप्लाई रुक जाएगी, जिससे लोकल ट्रांसपोर्ट और आम लोगों को आवाजाही में दिक्कत होगी।भारत में 28 लाख से ज्यादा ट्रक हर साल 100 अरब किलोमीटर से ज्यादा की दूरी तय करते हैं। देश में 80 लाख से ज्यादा ट्रक ड्राइवर हैं, जो हर दिन जरूरत का सामान एक शहर से दूसरे शहर ट्रांसपोर्ट करते हैं। हड़ताल के कारण इतनी बढ़ी संख्या में ट्रकों के रुकने से जरूरी चीजों की किल्लत हो सकती है।

नहीं रुलाएगा प्याज! : मोदी सरकार ने प्याज के एक्सपोर्ट पर लगाया बेन, लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा फैसला

चीनी से एथोनॉल बनाने पर भी रोक, ताकि महंगाई पर किया जा सके कंट्रोल पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली,जयदीप गुर्जर। केंद्र की मोदी सरकार ने मार्च 2024 तक प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन लगाने का फैसला किया है। लोकसभा चुनाव अब केवल 4 महीने दूर है, ऐसे में माना जा रहा है की मोदी सरकार इस महाचुनाव से पहले महंगाई को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। प्याज के देश से बाहर एक्सपोर्ट पर रोक लगाने के इस फैसले से उसकी बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड  (DGFT) ने इस फैसले को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक प्याज के एक्सपोर्ट पॉलिसी में संशोधन करते हुए उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन का फैसला शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से लागू हो चुका है। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स के मुताबिक 8 दिसंबर 2023 को खुदरा बाजार में प्याज की औसत कीमत 56.82 रुपये प्रति किलो है। जबकि पिछले साल यानी 8 दिसंबर 2022 को औसतन प्याज की कीमत 28.88 रुपये प्रति किलो थी। एक साल में प्याज की कीमतों में करीब दोगुना उछाल आया है। हालांकि सरकार ने कहा कि तीन परिस्थितियों में प्याज के एक्सपोर्ट को लेकर छूट दी जा सकती है। जिसमें पहला नोटिफिकेशन के जारी होने से पहले जहाज पर प्याज की लोडिंग की जा चुकी हो। दूसरा, नोटिफिकेशन के जारी होने से पहले शिपिंग बिल भरा जा चुका हो और पोर्ट पर प्याज की लोडिंग के लिए पहुंच चुका हो। इस परिस्थिति में एक्सपोर्ट की अप्रूवल तभी मिलेगी जब अथॉरिटी ये कंफर्म कर दे कि जहाज की बर्थिंग की जा चुकी है। और तीसरी परिस्थिति ये कि एक्सपोर्ट किया जाने वाला प्याज कस्टम को सौंपा जा चुका हो और सिस्टम में उसकी एंट्री हो चुकी हो। वहीं यह छूट केवल 5 जनवरी 2024 तक ही मिल सकेगी। आपको बता दे इससे पहले केंद्र सरकार गेहूं, चावल, चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा चुकी है। गुरुवार को सरकार ने चीनी की कीमतों में उछाल के बाद गन्ने से एथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी है जिससे घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में कमी लाई जा सके।

बड़ी खबर : करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेवसिंह गोगामेड़ी को घर में घुसकर मारी गोली, अस्पताल में हुई मौत

पब्लिक वार्ता – जयपुर,जयदीप गुर्जर। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की जयपुर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। मंगलवार दिनदहाड़े स्कूटी सवार बदमाशों ने गोगामेड़ी पर गोलियां चलाईं। ताबड़तोड़ फायरिंग करने के बाद बदमाश फरार हो गए। घटना के बाद गोगामेड़ी को मेट्रो मास हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। गोगामेड़ी के साथ घटना के दौरान मौजूद रहे अजीतसिंह गंभीर रूप से घायल है जिनका इलाज चल रहा है। पुलिस के अनुसार श्याम नगर जनपथ पर सुखदेव सिंह गोगामेड़ी का घर है। मंगलवार दोपहर करीब 1:30 बजे उनके घर दो बदमाश पहुंचे। गोगामेड़ी के सामने आते ही बदमाशों ने फायरिंग करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि गोगामेड़ी के चार गोली लगी है। फायरिंग के बाद बदमाश भाग कर गली से निकले। एक कार को रोककर लूटने का प्रयास किया। ड्राइवर को पिस्टल दिखाई तो वह कार को भगा ले गया। इस दौरान पीछे से आ रहे हैं स्कूटी सवार को उन्होंने निशाना बनाया। स्कूटी सवार को घायल किया और स्कूटी लेकर फरार हो गए। सूचना पर श्याम नगर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। वहीं गोगामेड़ी के समर्थकों ने पुलिस के खिलाफ आक्रोश शुरू कर दिया है। उनका कहना है की काफी समय से वे सुरक्षा की मांग कर रहे थे मगर सुरक्षा नहीं मुहैया कराई गई। आपको बता दे की सुखदेव सिंह गोगामेड़ी लंबे समय से राष्ट्रीय करणी सेना से जुड़े रहे थे। उन्होंने करणी सेना संगठन में विवाद के बाद राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के नाम से अलग संगठन बना लिया था। गोगामेड़ी उसके अध्यक्ष थे। साल 2017 में फिल्म पद्मावत की जयगढ़ में शूटिंग के दौरान राजपूत करणी सेना के लोगों ने तोड़फोड़ की थी। फिल्म डायरेक्टर संजय लीला भंसाली को थप्पड़ भी मार दिया था। गोगामेड़ी फिल्म पद्मावत और गैंगस्टर आनंदपाल एनकाउंटर केस के बाद राजस्थान में हुए प्रदर्शन से वे चर्चा में आए थे।