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मध्यप्रदेश चुनाव 2023 : मोदी के 25 मिनट – 25 बड़ी बातें

रतलाम की सभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निशाने पर रही कांग्रेस, गिनाई डबल इंजन सरकार की योजनाएं..“मध्यमवर्गीय परिवार” भी आया याद! – जैन, सनातन, आदिवासी व दलित सभी को साधने की कोशिश..भाजपा के कार्यकर्ताओं को दी नसीहत और दे गए एक काम!देखिए पूरा VIDEO पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/मध्यप्रदेश/रतलामस्पेशल रिपोर्ट, जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में चुनावी रंग अब चढ़ता दिख रहा है। मालवा के बिगड़ते समीकरण को साधने भाजपा के फायरब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोर्चा संभाला। मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने खुद “एमपी के मन में मोदी और मोदी के मन में एमपी” का नारा दिया। रतलाम के बंजली में प्रधानमंत्री मोदी की विशाल सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करीब 25 मिनट मंच से बोले। इन 25 मिनट में मोदी ने 25 बड़ी बातें कही जो आपको जानना जरूरी है। मोदी ने आते ही सबसे पहले रतलामी सेंव को याद किया। सेंव की तारीफ का चुनावी शगूफा बनाते हुए मोदी ने कहा कि आने वाली 3 दिसंबर को जब जीत का जश्न मनेगा तब लड्डू के साथ सेंव भी खूब खाई जाएगी। लाडली बहना व लाडली लक्ष्मी योजना का जिक्र करते मोदी ने कहा की पूरे देश में इसकी प्रशंसा। सभा में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान सहित शहर प्रत्याशी चेतन्य काश्यप, ग्रामीण प्रत्याशी मथुरालाल डामर, सैलाना की संगीता चारेल, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, महामंत्री प्रदीप उपाध्याय आदि मौजूद रहे। मंच का संचालन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किसान मोर्चा बंशीलाल गुर्जर ने किया। शुरुआत में कुछ मिनट मुख्यमंत्री ने सभा को संबोधित किया। सभा में प्रधानमंत्री को विधायक चेतन्य काश्यप ने थेवा आर्ट से रतलाम के कारीगर राजेश सोनी द्वारा बने प्रतीक चिन्ह को भेंट किया। भाषण की शुरुआत भारत माता की जय से हुई जो खत्म भी भारत माता की जय पर हुआ। अपने भाषण के शुरू में मोदी ने बांगरोद स्थित खाटूश्यामजी मंदिर व आलोट के श्री नागेश्वर तीर्थ धाम का जयकारा लगाया। इसे सीधे – सीधे असर शहर में चल रहे जैन – सनातन फेक्टर से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके अलावा दलित व आदिवासी समाज को साधने के लिए भी मोदी ने बिरसा मुंडा, रानी दुर्गावती, टंट्या मामा आदि का जिक्र किया। मोदी ने कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा की इस बार जीत केवल सीट तक सीमित नहीं होनी चाहिए। शत प्रतिशत बूथ पर कमल खिलना चाहिए। मोदी ने कार्यकर्ताओं को हर घर जा कर मोदीजी ने प्रणाम कहा है यह काम भी सौंपा। मोदी की 25 बड़ी बातें –

यह दौरा खास है! : मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली सभा रतलाम में, 4 नवंबर की तैयारियां अंतिम दौर में

पढ़िए खास खबर…आखिर क्यों मालवा में मोदी की दिलचस्पी?,भाजपा के बिगड़ते समीकरणों को मोदी फेक्टर का सहारा! पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/भोपाल/रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो चुकी है। 17 नवंबर को मतदान होना है ऐसे में सभी चुनावी पार्टियां अपने स्टार प्रचारकों को उतारने का प्लान बना रही है, जिसमें भाजपा सबसे आगे है। सत्तारुढ़ पार्टी भाजपा फिर से सत्ता पर काबिज होने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4 नवंबर को मध्यप्रदेश के रतलाम में अपनी पहली सभा को संबोधित करेंगे। 2023 के विधानसभा चुनाव की प्रदेश में पीएम की पहली सभा रतलाम में होगी। जिसमें मोदी 9 से अधिक विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशियों के समर्थन में जनता से अपील करेंगे। इसके बाद पीएम की प्रदेश में 1 और बड़ी सभा हो सकती है जो की ग्वालियर संभाग में हो सकती है। मगर दिलचस्प यह है कि इंदौर, ग्वालियर, भोपाल जैसे महानगरों को छोड़कर मोदी का पहला रुख मालवा के रतलाम में है। मोदी की सभा के जरिये सभी 16 विधानसभा सीटों पर माहौल बनाने की रणनीति भाजपा ने बनाई है।पीएम मोदी छत्तीसगढ़ से चुनावी रैली की शुरूआत कर चुके है। पीएम को स्टार प्रचारक के रूप में छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना व मिज़ोरम में भी समय देना है। एक रिपोर्ट के अनुसार मोदी पहले बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से चुनावी सभा का शंखनाद करने वाले थे, लेकिन किन्ही कारणों से यह कार्यक्रम टल गया, अब वे रतलाम आ रहे हैं। इस साल प्रधानमंत्री मोदी का मध्य प्रदेश में यह 12वां दौरा कार्यक्रम होगा। प्रधानमंत्री मोदी रतलाम के समीप ग्राम बंजली में सभा को संबोधित करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर रतलाम शहर भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने पदाधिकारियों की बैठक ली। मालवा में क्यों जरूरी मोदी फेक्टर :मध्यप्रदेश के चुनाव को भाजपा हल्के में नहीं लेना चाहती है। यही कारण है की इस बार केंद्रीय नेतृत्व सीधे तौर पर दखल दे रहा है। भाजपा का मालवा पर इस बार विशेष फोकस है, क्योंकि यहां भाजपा की परंपरागत सीटे है। मालवा के अंतर्गत आगर, देवास , धार , इंदौर , झाबुआ , मंदसौर , नीमच , राजगढ़ , रतलाम , शाजापुर , उज्जैन आदि जिले आते है। मालवा में विशेषकर जातीय समीकरण गहरा प्रभाव रखता है और इसी बेल्ट में आदिवासी बहुल आबादी क्षेत्र है। इसके अलावा इंदौर के आसपास नीमच तक राजपूत समाज का प्रभाव भी अधिक है। अपनी – अपनी मांगों को लेकर दोनों ही समाज सत्तारूढ़ दल के खिलाफ मुखर है और इनके संगठनों के नेता अब चुनावी मैदान में उतर चुके है। भाजपा और कांग्रेस के कई स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी नाराजगी व नजरअंदाजगी के चलते इनके साथ हो गए है।ऐसे में भाजपा कोई रिस्क ना लेते हुए। मालवा पर विशेष फोकस बनाए हुए। भाजपा के फायर ब्रांड नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी है, जिससे भाजपा को लगता है की मोदी फेक्टर जनता पर काम करेगा और उसका सत्ता का समीकरण नहीं बिगड़ेगा। भाजपा जीते हुए अपने गढ़ को नहीं हारना देना चाहती है। रतलाम की 5 में से 4 सीट पर असमंजस :फिलहाल रतलाम में जावरा, आलोट, सैलाना व रतलाम ग्रामीण में भाजपा के बागी और सामाजिक संगठनों के निर्दलीय प्रत्याशी एक बड़ी मुसीबत बन सकते है। हाल ही में हुए पंचायत और निकाय चुनाव में सभी लोग इसका उदाहरण देख चुके है। मंदसौर व नीमच में भी अंचल क्षेत्र भाजपा से दूरी बनाने के मूड में है। उज्जैन की बड़नगर सीट पर भी यही हाल है। झाबुआ – पेटलावद सीट पर आदिवासी प्रभाव अधिक है। सैलाना व रतलाम ग्रामीण से झाबुआ तक जयस प्रभावी है उसी तरह करणी सेना भी अपना प्रभाव बनाये हुए है। हाल ही में दोनों सामाजिक संगठनों ने राजनीति में अपना – अपना समर्थन एक दूसरे को देकर एक नई उलझन पैदा कर दी है।

शारदीय नवरात्रि 2023 : चुनावी माहौल के बीच 130 से अधिक स्थानों पर होगी मां की आराधना, पुलिस व प्रशासन की तैयारियां पूरी

जानिए किस शुभ मुहूर्त में व कैसे होगी घट स्थापना, केवल 48 मिनट का है अभिजीत मुहूर्त! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष महत्व है। साल में 4 बार नवरात्रि आते है, जिसमें शारदीय, चैत्र नवरात्रि और दो गुप्त नवरात्रि होते हैं। इस साल शारदीय नवरात्रि 15 अक्टूबर रविवार से आरंभ हो रही हैं। नवरात्रि में पूरे 9 दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। साथ ही हर साल नवरात्रि में मां दुर्गा अलग- अलग वाहनों पर सवार होकर आती हैं। जिसका विशेष महत्व होता है। इस बार मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही हैं। हाथी की सवारी पूरे साल अच्छी बारिश का प्रतीक मानी जाती है। वहीं रतलाम में चुनावी आचार संहिता के बीच इस वर्ष नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाएगा। पुलिस व प्रशासन ने आयोजन समितियों से इस संबंध में आवश्यक बैठक कर जरूरी दिशा निर्देश भी दिए है। बैठक पुराने पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित की गई। सीएसपी अभिनव बारंगे ने बताया कि शहर में शांति व सौहाद्र से नवरात्रि का त्यौहार मनाया जाएगा। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस फोर्स की तैनाती रहेगी। आचार संहिता में विशेष ध्यान रखा जाएगा। गरबा रात्रि में 10 बजे तक ही होंगे। संदिग्ध लोगों की चेकिंग इस दौरान लगातार की जाएगी। शहर में 130 से अधिक स्थानों पर माता की प्रतिमा स्थापित होने के साथ 80 से अधिक स्थानों पर गरबा का आयोजन होगा। इसके अलावा मेला स्थल का भी निरीक्षण कर वहां की सुरक्षा व्यवस्था की भी तैयारियां पूरी है। माहौल बिगाड़ने व सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार व शांति भंग करने वाले आसामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा और कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान आयोजन समिति सदस्यों के साथ ही शहर एसडीएम संजीवकुमार पांडे, आइए थाना प्रभारी राजेंद्र वर्मा, माणक चौक थाना प्रभारी प्रीति कटारे, दीनदयाल नगर थाना प्रभारी सुरेंद्र गडरिया, एसआई आशीष पाल आदि मौजूद थे। घटस्थापना या कलश स्थापना का मुहूर्त  (Kalash Sthapana Shubh Muhurat) : ज्योतिषाचार्य ने बताया कि पंचांग के अनुसार शारदीय नवरात्रि की प्रतिपदा तिथि को यानी पहले दिन कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त 15 अक्टूबर को इस प्रकार है – घटस्थापना के दौरान करें इस मंत्र का जपतदुक्तं तत्रैव कात्यायनेन प्रतिपद्याश्विने मासि भवो वैधृति चित्रयोः । आद्य पादौ परित्यज्य प्रारम्भेन्नवरान्नकमिति।। कलश या घट स्थापना (Kalash Sthapana) :ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि में कलश स्थापना का विशेष महत्व है। कलश स्थापना को घट स्थापना भी कहा जाता है। नवरात्रि की शुरुआत घट स्थापना के साथ ही होती है। घट स्थापना शक्ति की देवी का आह्वान है। मान्यता है कि गलत समय में घट स्थापना करने से देवी मां क्रोधित हो सकती है। रात के समय और अमावस्या के दिन घट स्थापित करने की मनाही है।घट स्थापना का सबसे शुभ समय प्रतिपदा का एक तिहाई भाग बीत जाने के बाद होता है। अगर किसी कारण वश आप उस समय कलश स्थापित न कर पाएं तो अभिजीत मुहूर्त में भी स्थापित कर सकते है। प्रत्येक दिन का आठवां मुहूर्त अभिजीत मुहूर्त कहलाता है। सामान्यत: यह 40 मिनट का होता है। हालांकि इस बार घट स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त उपलब्ध नहीं है। कलश स्थापना की सामग्री (Kalash Sthapana Samigri) :ज्योतिषाचार्य ने बताया कि मां दुर्गा को लाल रंग खास पसंद है इसलिए लाल रंग का ही आसन खरीदे। इसके अलावा कलश स्थापना के लिए मिट्टी का पात्र, जौ, मिट्टी, जल से भरा हुआ कलश, मौली, इलायची, लौंग, कपूर, रोली, साबुत सुपारी, साबुत चावल, सिक्के, अशोक या आम के पांच पत्ते, नारियल, चुनरी, सिंदूर, फल-फूल, फूलों की माला और श्रृंगार पिटारी भी चाहिए। कैसे करें कलश स्थापना (Kaise Karen Kalash Sthapana) :ज्योतिषाचार्य ने बताया कि नवरात्रि के पहले दिन यानी कि प्रतिपदा को सुबह स्नान कर ले।मंदिर की साफ-सफाई करने के बाद सबसे पहले गणेश जी का नाम लें और फिर मां दुर्गा के नाम से अखंड ज्योत जलाएं। कलश स्थापना के लिए मिट्टी के पात्र में मिट्टी डालकर उसमें जौ के बीज बोएं। अब एक तांबे के लोटे पर रोली से स्वास्तिक बनाएं. लोटे के ऊपरी हिस्से में मौली बांधे।अब इस लोटे में पानी भरकर उसमें कुछ बूंदें गंगाजल की मिलाएं। फिर उसमें सवा रुपया, दूब, सुपारी, इत्र और अक्षत डालें. इसके बाद कलश में अशोक या आम के पांच पत्ते लगाएं। अब एक नारियल को लाल कपड़े से लपेटकर उसे मौली से बांध दें। फिर नारियल को कलश के ऊपर रख दे।  अब इस कलश को मिट्टी के उस पात्र के ठीक बीचों बीच रख दे जिसमें आपने जौ बोएं है। कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि के नौ व्रतों को रखने का संकल्प लिया जाता है। आप चाहें तो कलश स्थापना के साथ ही माता के नाम की अखंड ज्योति भी जला सकते है।

चुनावी रण का आगाज : मध्यप्रदेश समेत 5 राज्यों की चुनावी तारीखों का एलान, आचार संहिता लागू
जानिए चुनाव आयोग की पूरी तैयारियां

पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/भोपाल,जयदीप गुर्जर। देश के 5 राज्यों में आखिरकार विधानसभा 2023 के चुनावी रण का आगाज हो चुका है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने है। चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में दो फेज में 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी। मध्यप्रदेश में 17 नवंबर और राजस्थान में 23 नवंबर को सिंगल फेज में चुनाव होगा। वहीं मिजोरम में 7 नवंबर और तेलंगाना में 30 नवंबर को एक ही फेज में वोटिंग होगी। पांचों राज्यों का रिजल्ट एक दिन 3 दिसंबर को एक साथ घोषित होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन राज्यों में कुल 16.14 करोड़ वोटर्स हैं। इनमें 8.2 करोड़ पुरुष, 7.8 करोड़ महिला वोटर्स हैं। 2023 में 60.2 लाख नए वोटर्स है जो पहली बार वोट डालेंगे। आचार संहिता में रहेगी ये बंदिशें :नई सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं हो सकेंगी।मंत्री-विधायक सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।सरकारी योजनाओं के बैनर, पोस्टर्स, सरकारी वेबसाइट से मुख्यमंत्री,मंत्रियों व अन्य राजनेताओं के पोस्टर हटाए जाएंगे।किसी भी प्रोजेक्ट का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं हो सकेगा। आचार संहिता का इन कामों पर नहीं होगा असर :जनता को जो सरकारी योजना शुरू हो चुकी हैं, उनका लाभ मिलता रहेगा।सरकार कोई तबादला नहीं कर पाएगी, लेकिन चुनाव आयोग अफसरों के तबादले कर सकेगा।सीएम- मंत्री रूटीन काम ही कर सकेंगे।सरकारी दफ्तर में जनता से जुड़े सामान्य काम पहले जैसे ही चलते रहेंगे। 5 राज्यों में आयोग की ऐसी रहेगी व्यवस्था :5 राज्यों की 679 विधानसभा सीटों के लिए 1.77 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है। इसके अलावा 15.39 लाख वोटर ऐसे हैं, जो 18 साल पूरे करने जा रहे हैं और जिनके पहले से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।17,734 मॉडल बूथ, 621 पोलिंग बूथों को दिव्यांग कर्मचारी संभालेंगे। 8192 पोलिंग बूथों पर महिलाएं कमान संभालेंगी।1.01 लाख पोलिंग बूथ पर वेबकास्टिंग होगी। आदिवासियों के स्पेशल बूथ होंगे। 2 किलोमीटर के अंदर पोलिंग बूथ होंगे।छत्तीसगढ़-उड़ीसा बॉर्डर पर चांदमेता और जगदलपुर बस्तर में बसे तुलसी डोंगरी हिल एरिया में पहली बार पोलिंग बूथ बनाया गया है। यहां पहले ग्रामीणों को वोट करने के लिए 8 किमी चलकर बूथ तक जाना पड़ता था।राजस्थान में माझोली बाड़मेर में बूथ 5 किमी दूर था। 49 वोटर्स के लिए नया बूथ 2023 के चुनाव के लिए बनाया गया है।सी विजिल ऐप से चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। लोग ऐप के जरिए शिकायत कर सकेंगे।मध्यप्रदेश में देवगांव और मंडला जिले के बिछिया में 350 वोटर्स के लिए बूथ बनाया जाएगा। ये बूथ SDM हेडक्वॉर्टर्स से 40 किमी दूर है। मध्यप्रदेश में ही नंदिया और नर्मदापुरम के पिपरिया में जिला मुख्यालय में 165 किमी दूर पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पोलिंग पार्टी को देनवा नदी पार करके जाना होगा। इसके पहले उसे अलग गाड़ी से देनवा के किनारे तक पहुंचाया जाएगा।

आसमां से 8 लेन : 20 सितंबर से MP में शुरू होगा एक्सप्रेस वे, कितना और कैसे लगेगा टोल टैक्स, जानिए इस खबर में और देखे वीडियो

  बारिश के बीच बादलों में घिरा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे इतना खूबसूरत!, देखिए EXCLUSIVE वीडियो सिर्फ पब्लिक वार्ता पर CLICK HERE – देखे वीडियो ऊपर क्लिक करें पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। दिल्ली – मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे मध्यप्रदेश में बहुत जल्द शुरू होने जा रहा है। 8 लेन वाले प्रदेश के हिस्से में वाहनों का आवागमन 20 सितंबर से अधिकृत रूप से शुरू हो जाएगा। आपको बता दे कि प्रदेश में एक्सप्रेस वे या 8 लेन रतलाम, मंदसौर व झाबुआ जिले से गुजर रहा है। इसके शुरू होते ही पहले दिन से ही टोल-टैक्स भी लगना शुरू हो जाएगा। हालांकि बगैर किसी बड़े राजनीतिक आयोजन के ही इसे शुरू किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों इसका शुभारंभ करने की बाते शुरू से की जा रही थी। नेशनल हाईवे अथारिटी आफ इंडिया (NHAI) के एक्सप्रेस-वे एनई-4 की दिल्ली से मुंबई तक की कुल दूरी 1380 किलोमीटर है। 244.5 किलोमीटर का यह सड़क मार्ग मध्यप्रदेश के हिस्से में आता है, जिसमें 3 जिले शामिल है। रतलाम जिले में 90, झाबुआ जिले में 50.95 व मंदसौर में 102 किमी में इसकी लंबाई है। मुंबई से दिल्ली का सफर 12 से 13 घंटे, रतलाम सेंटर : एक्सप्रेस-वे से मुंबई से दिल्ली के सफर में अब केवल 12 से 13 घंटे ही लगेंगे। अभी करीब 22 घंटे तक का समय लग रहा है। खास बात यह है कि रतलाम दोनों बड़े शहरों का सेंटर पॉइंट रहेगा। आपको रतलाम से मुंबई जाना हो या दिल्ली, समय बराबर 6 – 7 घंटे लगेगा। एक्सप्रेस वे पर टू व्हीलर प्रतिबंधित रहेंगे जबकि फोर व्हीलर और अन्य वाहन के लिए गति 100 से 120 किमी प्रति घण्टे तक रहेगी। अगर आप इससे ज्यादा की स्पीड रखते है तो यहां टोल की तरह ही ऑटोमेटिक चालान भी कट जाएगा। स्पीड कंट्रोलिंग के लिए पूरे मार्ग पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है। ऐसे कटेगा टोल टैक्स : एक्सप्रेस-वे पर टोल टैक्स लागत पर आधारित होगा। जिस पार्ट में पुल-पुलियाएं व इंटरचेंज ज्यादा होंगे वहां टोल ज्यादा लगेगा। टोल की दरें सेक्शन के अनुसार होगी। राजस्थान के दौसा में यह शुरू हो चुका है। वहां वाले हिस्से के मान से देखे तो कार व हल्के वाहनों के लिए टोल 2.20 रुपये से 2.25 रुपये प्रति किलोमीटर तक की दर हो सकती है। बड़े यात्री वाहन, ट्रक के लिए यह 7 से 7.35 रुपये तक होने की संभावना है। फिलहाल MP में टोल टैक्स कितना क्या होगा इसकी जानकारी जल्द ही आधिकारिक रूप से दे दी जाएगी। 8 लेन में एंट्री के समय आपकी गाड़ी को रजिस्टर्ड कर लिया जाएगा। इसके बाद आप जहां से आउट होंगे वहां तक का चार्ज प्रति किलोमीटर के हिसाब से काट लिया जाएगा। रतलाम को मिलेगा लाभ : एक्सप्रेस वे पर दिल्ली व मुंबई का सेंटर पॉइंट रतलाम शहर होगा। जिससे इसका लाभ रतलाम को मिलने वाला है। खास बात यह है कि रतलाम से धामनोद के समीप होकर व जावरा के भूतेड़ा के समीप इंटरचेंज होने से दो स्थानों से वाहनों की एक्सप्रेस वे पर आवाजाही हो सकेगी। इससे बांंसवाड़ा, उज्जैन, आगर, इंदौर से आने वाले वाहन भी रतलाम या जावरा होकर ही निकलेंगे। रतलाम में बनने वाले मेगा इंडस्ट्रियल पार्क को भी एक्सप्रेस वे से जोड़ा जाएगा। इससे व्यापारिक व आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ेंगी। (फोटो व वीडियो : सुनील सोनार्थी)

गणेश चतुर्थी मुहूर्त : कब विराजमान होंगे घर में बप्पा ?, गजकेसरी व बुधादित्य का अदभुत योग

पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली, जयदीप गुर्जर। हर शुभ कार्य के पूजन में सबसे पहले भगवान श्री गणेश की पूजा की मान्यता है। उनके बाद अन्य देवताओं की पूजा की जाती हैं। किसी भी कर्मकांड में श्री गणेश की पूजा-आराधना सबसे पहले की जाती है क्योंकि गणेश जी विघ्नहर्ता हैं, और आने वाले सभी विघ्नों को दूर कर देते हैं। भगवान गणेश जी ऋद्धि-सिद्धि के स्वामी हैं। इसलिए उनकी कृपा से संपदा और समृद्धि में कमी नहीं रहती। श्री गणेश जी को दूर्वा और मोदक अत्यंत प्रिय है। भारत में हिंदू पंचांग के अनुसार 19 सितंबर मंगलवार को गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। रतलाम के ज्योतिषाचार्य पं. धीरज शर्मा के अनुसार गणेश चतुर्थी 19 सितंबर 2023 पर मंगलवार को प्रातः से दोपहर 1 बजकर 30 मिनट तक स्थापना का शुभ मुहूर्त है। इसके बाद हिन्दू कैलेंडर के अनुसार पंचमी तिथि लग जाएगी। इस बार चंद्रमा व गुरु के दृष्टि संबंध में गजकेसरी योग में श्री गणेश चतुर्थी का महापर्व मनाया जाएगा। इसके अलावा गणेश चतुर्थी में इस बार वैधृति और स्वाति नक्षत्र का योग बन रहा है। यह एक अद्वितीय मुहूर्त है। साथ ही सूर्य और बुध के आपसी राशि परिवर्तन से बुधादित्य योग पूरे 10 दिन गणेश उत्सव में बना रहेगा। इस योग में पूजन अर्चन करने से बुद्धि का बल बढ़ता है। बुद्धि का विकास होने के साथ ही वह सही दिशा में कार्य करती है। शुभ मुहूर्त चौघड़िया अनुसार सुबह 10 बजकर 30 मिनट से दोपहर 12 बजे तक लाभ व उसके बाद 1 बजकर 30 मिनट तक अमृत योग रहेगा। भक्त कि तुलसी के पत्ते (तुलसी पत्र) गणेश पूजा में इस्तेमाल नहीं करे। तुलसी को छोड़कर बाकी सब पत्र-पुष्प गणेश जी को प्रिय हैं। इसकी सावधानी जरूर रखे।

नोट बदला या नहीं ? : 2 हजार का नोट 1 अक्टूबर से हो जाएगा बंद, कितने नोट आये और कितने अब भी बाकी?

2 हजार रुपये का नोट बदलने की अंतिम तारीख 30 सितंबर है, आप एक दिन में 20 हजार तक बदल सकेंगे। खास बात यह है की नोट बदलने के लिए कोई फॉर्म या स्लिप नहीं भरना होगा। पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली,जयदीप गुर्जर। आज से 5 माह पूर्व यानी 19 मई 2023 को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने 2 हजार रुपये के नोट को सर्कुलेशन यानी चलन से बाहर करने का एलान किया था। आरबीआई के अनुसार 2 हजार रुपये के नोट बैंक में जाकर बदलवाना या फिर खाते में जमा करवाने को कहा गया था। साथ ही नोट बदलने के लिए आरबीआई ने बैंकों को कहा कि वो कैश डिपॉजिट नियमों का पालन करें। इसके लिए आरबीआई ने 23 मई से 30 सितंबर 2023 तक बैंकों में 2 हजार रुपये के नोटों को बदलने और जमा करने की बात कही थी। साथ ही कहा था कि पैनिक ना हो इसलिए ये नोट लीगल टेंडर में बने रहेंगे। नोट जमा करवाने के लिए अब लोगों के पास केवल 16 दिन और शेष बचे है। असुविधा और नुकसान से बचने के लिए तुरंत अपने नजदीकी बैंक में जाकर 2 हजार के नोट को बदलवाने का काम जरूर कर ले। देशभर में कितने नोट हुए जमा ? :भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने एक रिपोर्ट में बताया कि जितने भी 2 हजार रुपये के नोट चलन में थे, उनमें से 93 प्रतिशत नोट बदले जा चुके हैं या बैंकों में जमा करा दिए गए है। बैंक ने बताया कि 31 अगस्त तक केवल 24 हजार करोड़ रुपये के वैल्यू के 2 हजार रुपये के नोट ही सर्कुलेशन में थे। बैंक के आंकड़ों के अनुसार 31 अगस्त 2023 तक सर्कुलेशन से वापस आए 2 हजार रुपये के बैंक नोटों का कुल मूल्य 3.32 लाख करोड़ रुपये है। इस प्रकार, 19 मई, 2023 तक प्रचलन में 2 हजार रुपये के 93 फीसदी बैंक नोट वापस आ गए हैं। प्रमुख बैंकों से कलेक्ट किए गए आंकड़ों से पता चलता है कि सर्कुलेशन से वापस प्राप्त 2 हजार रुपये के कुल बैंक नोटों में से लगभग 87 प्रतिशत जमा किए गए है। बाकी को अन्य रुपये के बैंक नोटों से बदल दिया गया है। आंकड़ो पर गौर करें तो अभी भी लोगों के पास 0.24 लाख करोड़ रुपये यानी 24 हजार करोड़ रुपये के 2 हजार के नोट मौजूद है। ये आंकड़ा कुल नोटों का सात प्रतिशत है। (उक्त आंकड़ा एक रिपोर्ट के अनुसार) जानिए क्या है नियम! कैसे बदले नोट :लोग अपने बैंक खाते में 2 हजार के नोट जमा कर सकते हैं या किसी भी बैंक की शाखा में जाकर अपने नोट बदल सकते है। किसी भी बैंक में एक बार में 20 हजार रुपये तक यानी 2 हजार के 10 नोट बदले जा सकते है। नोट बदली के लिए कोई अतिरिक्त शुल्क या फ़ीस नहीं ली जाएगी। इसके लिए आपको कोई फॉर्म भरने की जरूरत नहीं है, ना ही कोई आईडी प्रूफ आपको देने की जरूरत है। हालांकि यदि 2 हजार का नोट आप अपने बैंक खाते में जमा कर रहे है तो इसकी कोई लिमिट नहीं है। यहां इंकम टैक्स का पैच जरूर बीच में आएगा। अगर आप दो हजार के नोट, जिसकी वैल्यू 50 हजार या उससे अधिक है। जमा करते हैं तो आपको पैन कार्ड (PAN Card) देना होगा।