Hezbollah leader Hassan Nasrallah died: जम्मू-कश्मीर में हिजबुल्ला नेता हसन नसरुल्ला की मौत पर इजराइल विरोधी प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे लोग!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। लेबनान के हिजबुल्ला नेता हसन नसरुल्ला (Hezbollah leader Hassan Nasrallah died) की हत्या के बाद जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) में शनिवार को बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। श्रीनगर के विभिन्न इलाकों में इजराइल और अमेरिका विरोधी नारे गूंज उठे, जब लोग काले झंडे लेकर सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों ने हिजबुल्ला प्रमुख की हत्या की निंदा करते हुए इजराइल और अमेरिका के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। श्रीनगर के हसनाबाद, रैनावारी, सैदाकदल, मीर बेहरी और आशाबाग जैसे इलाकों में प्रदर्शनकारियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें बच्चों समेत कई लोग शामिल थे। विरोध प्रदर्शन के चलते कई स्थानों पर ट्रैफिक बाधित हुआ, वहीं पुलिस ने शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। कश्मीरी नेताओं की प्रतिक्रियाहिजबुल्ला प्रमुख हसन नसरुल्ला की मौत पर कश्मीरी नेताओं ने भी गहरा दुख जताया। अंजुमन-ए-शरी के अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा, “हसन नसरुल्ला के खून से हजारों नसरुल्ला पैदा होंगे,” और इस घटना की कड़ी निंदा की। कई अन्य राजनीतिक और धार्मिक संगठनों ने भी इस घटना पर विरोध दर्ज कराया है। यह विरोध प्रदर्शन हिजबुल्ला और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव की पृष्ठभूमि में हुआ है, जिसने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है। जम्मू-कश्मीर में इस घटना ने स्थानीय भावनाओं को प्रभावित किया है, जिससे जनता के बीच गुस्सा और असंतोष देखने को मिला है। शांति बनाए रखने की अपीलअधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और इस तनावपूर्ण माहौल में शांति बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।

Top School In World: कैसे एक टीचर ने MP के सरकारी स्कूल को झुग्गियों से निकाल इंटरनेशनल लेवल पर पहुंचाया, आज देशभर में नाम

सेंव, साड़ी और सोने की प्रसिद्धि से ट्रिपल S नगरी कहे जाने वाले रतलाम में एक और S जुड़ा, वो S है STUDY यानी शिक्षा!, विज्ञान के शिक्षक गजेन्द्रसिंह राठौर के प्रयासों ने बनाया अव्वल… मध्यप्रदेश – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Top School In World: मध्यप्रदेश के  रतलाम का सीएम राइज विनोबा स्कूल (CM RISE SCHOOL RATLAM) न केवल प्रदेश बल्कि पूरे देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित कर चुका है। इस सरकारी स्कूल को T4 अंतर्राष्ट्रीय संस्था (T4 Education :World’s Best School Prizes 2024) द्वारा नवाचार श्रेणी में विश्वभर के टॉप 10 स्कूलों में शामिल किया गया और अंततः इसने तीसरा स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के बाद से स्कूल के छात्रों, शिक्षकों और परिजनों में गर्व है। इस स्कूल को 1991 में रतलाम की शहरी झुग्गियों में स्थापित किया गया था। इस स्कूल ने अपनी शुरुआती चुनौतियों के बावजूद, नवाचारी प्रक्रियाओं और सामुदायिक जुड़ाव के माध्यम से आज यह मुकाम हासिल किया है।  सरकारी स्कूल के एडमिशन में अब प्रवेश के लिए होड़ मची हुई है। इसके यहां तक पहुंचने के पीछे की कहानी में एक शिक्षक गजेन्द्रसिंह सिंह राठौर की भूमिका बहुत मायने रखती है। राठौर स्कूल के वाईस प्रिंसीपल भी है। साइंस टीचर गजेन्द्रसिंह राठौर (Science Teacher Gajendra Singh Rathore) के पढाने का तरीका बहुत अलग है। उनका कहना है विज्ञान रट्टा मारने का नहीं बल्कि समझने का विषय है। किताब में छपे विषयों को राठौर प्रेक्टिकल कर बच्चों को समझाते है। रॉकेट उड़ता कैसे है, घर्षण होता क्या है, भूकंप आता क्यो है ऐसे कई रहस्यों को पढ़ाने की बजाय उन्हें प्रेक्टिकल से समझाते है। राठौर ऑनलाइन भी बच्चों को विज्ञान को समझने के लिए प्रेरित करते है। नहीं बदला अंदाज, राठौर से पढ़ने का क्रेजविद्यार्थियों में राठौर से पढ़ने का अलग ही क्रेज है। जहां भी शिक्षक रहे उन्होंने अपने पढ़ाने के अंदाज नहीं बदले। पढ़ाने में इनोवेशन के तरीकों को उन्होंने यहां भी लागू रखा। उनके साथ अन्य स्टाफ ने भी सहभागिता की और गजेन्द्रसिंह के तरीकों को अपनाया। जिसकी बदौलत आज पूरे विश्व में MP का सरकारी स्कूल चमक रहा है। आपको बता दे साल 2016 में राठौर राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके है। आज भी राठौर अपने पढ़ाए विद्यार्थियों के साथ जीवंत संपर्क में रहते है। विद्यार्थी भी उनसे जीवन की कठिनाइयों से निकलने के टिप्स लेते है। परेशानियों में उनसे सलाह लेते है।अवार्ड की घोषणा के समय कार्यक्रम के दौरान राठौर भावुक हो उठे थे और उनके आंसू निकल आए थे। राठौर ने बनाई योजना, नवाचार किए लागूदो साल पहले विनोबा स्कूल में उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर ने स्कूल में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति को सुधारने के लिए वरिष्ठ शिक्षकों के साथ मिलकर “साइकिल ऑफ ग्रोथ मेकैनिज्म” योजना बनाई। इस योजना का उद्देश्य शिक्षकों के पेशेवर विकास के साथ-साथ छात्रों की भागीदारी बढ़ाना था। इसमें टीचर्स के लिए टीम हर्डल, कैप्सूल ट्रेनिंग, क्लासरूम मॉनिटरिंग, वन-ऑन-वन फीडबैक, और रीवार्ड एवं रिकग्निशन जैसी गतिविधियाँ शामिल की गईं।इसके अलावा, “विनोबा मॉडल ऑफ पैरेंटल एंगेजमेंट”, “कम्युनिटी एज ए लर्निंग रिसोर्स”, और “ट्रैकिंग डाटा के इनोवेटिव आइडिया” जैसी पहलें भी जुड़ती गईं। इन सब नवाचारों ने स्कूल में एक उत्साही और सकारात्मक वातावरण तैयार किया, जहाँ बच्चे आसानी से सीखने लगे। इस योजना को सफल बनाने में प्राचार्य संध्या वोरा, उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह राठौर, प्रधान अध्यापक अनिल मिश्रा, सीमा चौहान, हीना शाह और अन्य शिक्षकों ने नियमित रूप से योगदान दिया। इस प्रकार हुआ चयनटी फॉर एजुकेशन ने दुनिया भर के स्कूलों से फरवरी 2024 तक विभिन्न श्रेणियों में आवेदन मांगे थे। हजारों आवेदनों में से विनोबा स्कूल को “इनोवेशन” श्रेणी में चुना गया, जहाँ उप प्राचार्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक गजेंद्र सिंह राठौर को स्कूल लीडर के रूप में नामित किया गया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय शिक्षाविदों द्वारा एक घंटे का ऑनलाइन इंटरव्यू लिया गया। इंटरव्यू के बाद दस्तावेजों के आधार पर मूल्यांकन किया गया।शिक्षकों की ऑनलाइन मीटिंग और विभिन्न स्तरों के परीक्षण के बाद, 13 जून को पहले चरण में स्कूल टॉप 10 में आया और गुरुवार को टॉप 3 में जगह बनाई। प्रमुख सचिव स्कूल शिक्षा संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण शिल्पा गुप्ता, और संचालक लोक शिक्षण डीएस कुशवाह ने उन्हें इस सफलता पर बधाई दी। इनोवेशन कैटेगरी में ऐतिहासिक उपलब्धिरतलाम का यह शासकीय स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में नवीनतम तकनीक और प्रयोगात्मक तरीकों का उपयोग कर रहा है, जिससे छात्रों को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ शिक्षा दी जा रही है। गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि विद्यालय में कुल 577 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें से 525 छात्रों ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस सफलता के पीछे स्कूल के सामूहिक प्रयास और शिक्षकों की कड़ी मेहनत है। मुख्यमंत्री ने दी बधाईमध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्कूल की उपलब्धि पर बधाई दी। शहर विधायक व मंत्री चैतन्य काश्यप ने स्कूल का दौरा कर छात्रों और शिक्षकों को बधाई दी। उन्होंने इस अवसर पर स्कूल की प्राचार्य संध्या वोहरा और उप प्राचार्य गजेंद्र सिंह को विशेष रूप से सम्मानित किया। काश्यप ने कहा कि यह स्कूल प्रदेश के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और भविष्य में अन्य शासकीय स्कूलों को भी इसी प्रकार से ऊंचाइयों पर पहुंचाने का काम करेगा। सीएम राइज स्कूल: एक ड्रीम प्रोजेक्टगौरतलब है कि सीएम राइज स्कूल योजना मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के शासकीय स्कूलों को उन्नत और आधुनिक सुविधाओं से लैस कर शिक्षा के क्षेत्र में सुधार लाने का प्रयास किया गया। आज रतलाम के विनोबा स्कूल ने इस पहल की सफलता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध कर दिया है। लाइटहाउस स्कूल का दर्जाअब इस स्कूल को “लाइटहाउस” का दर्जा दिया गया है, जिसका मतलब है कि अन्य स्कूल भी इसके नवाचार और सफलता से प्रेरणा लेकर अपने छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा प्रणाली विकसित करेंगे। गजेंद्र सिंह राठौड़ के अनुसार, स्कूल की यह सफलता अभिभावकों के लिए एक संकेत है कि अब उन्हें महंगे निजी स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि सरकारी स्कूल भी उन्हें उत्कृष्ट शिक्षा प्रदान कर सकते हैं। रतलाम के इस स्कूल ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में मेहनत और दृढ़ संकल्प से … Read more

Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah: तारक मेहता शो की सोनू यानी पलक सिधवानी ने लगाए आरोप, आखिर क्यों बनाया शो छोड़ने का मन!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। लोकप्रिय टीवी शो तारक मेहता का उल्टा चश्मा(Taarak Mehta Ka Ooltah Chashmah) इन दिनों अपने कलाकारों के विवादों के कारण सुर्खियों में है। शो में सोनू भिड़े का किरदार निभा रही अभिनेत्री पलक सिधवानी ने शो के मेकर्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हाल ही में, पलक ने दावा किया कि वह शो को छोड़ना चाहती हैं, लेकिन मेकर्स उनके इस्तीफे को जानबूझकर लटका रहे हैं। प्रोडक्शन हाउस ने पलक को भेजा लीगल नोटिस मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शो के प्रोडक्शन हाउस नीला टेलीफिल्म्स ने पलक पर उनके कॉन्ट्रैक्ट का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। प्रोडक्शन हाउस का दावा है कि पलक बिना सहमति के थर्ड पार्टी गतिविधियों में शामिल हो रही थीं, जिससे शो और प्रोडक्शन को नुकसान हो रहा है। कई बार चेतावनी देने के बावजूद उन्होंने नियमों का पालन नहीं किया, जिसके बाद उन्हें लीगल नोटिस भेजा गया। पलक सिधवानी का जवाबपलक सिधवानी ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह शो को हेल्थ और प्रोफेशनल ग्रोथ के कारण छोड़ना चाहती हैं। बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में पलक ने कहा कि उन्होंने मेकर्स को अपनी इस्तीफे की जानकारी दी थी, लेकिन इसे मंजूर करने में जानबूझकर देरी की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मेकर्स उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। पलक ने कहा, “मैंने शो छोड़ने का फैसला किया क्योंकि मेरा स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है और मेरे करियर की ग्रोथ रुक गई है। मैंने कई बार प्रोडक्शन हाउस से बात की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।” क्या पलक सिधवानी शो छोड़ देंगी?पलक का कहना है कि उनका *तारक मेहता का उल्टा चश्मा* में आखिरी दिन 30 सितंबर को है। हालांकि, मेकर्स की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। अभिनेत्री के आरोपों और शो छोड़ने की खबरों से यह विवाद और गहराता दिख रहा है। निष्कर्ष  पलक सिधवानी और प्रोडक्शन हाउस के बीच चल रहा यह विवाद दर्शकों और इंडस्ट्री में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब देखना होगा कि यह मामला किस दिशा में जाता है और क्या पलक वाकई शो को छोड़ देंगी।

UP News: स्कूल की तरक्की के लिए मासूम छात्र की चढ़ा दी “बलि”, स्कूल निदेशक और स्टाफ गिरफ्तार

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। UP News: हाथरस में तंत्र-मंत्र के नाम पर दूसरी कक्षा में पढ़ रहे 11 साल के बच्चे  कृतार्थ  की बलि देने की घटना ने सभी को हिला कर रख दिया है। पुलिस के मुताबिक, एक स्कूल संचालक और उसके स्टाफ ने मिलकर दूसरी कक्षा के छात्र की गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने इस मामले में स्कूल मैनेजर दिनेश बघेल, उनके पिता जशोधन समेत प्रिंसिपल लक्ष्मण सिंह, कंप्यूटर शिक्षक वीरपाल और एक अन्य टीचर रामप्रकाश को गिरफ्तार किया है और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।  हत्या का मकसद स्कूल की समृद्धि के लिए बलि देना थापुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि स्कूल के संचालक और स्टाफ ने तंत्र-मंत्र के लिए बलि देने की योजना बनाई थी। उनका मानना था कि बलि से स्कूल की सफलता और आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी। स्कूल संचालक पर कर्ज भी था, जिसके कारण वे इस तरह की अंधविश्वासी सोच में फंस गए थे।  कैसे हुआ मामला उजागरपीड़ित छात्र के पिता कृष्ण कुशवाह ने पुलिस को बताया कि स्कूल प्रशासन ने उन्हें फोन कर सूचना दी कि उनका बेटा बीमार हो गया है। जब वे स्कूल पहुंचे तो बताया गया कि निदेशक बच्चे को अस्पताल लेकर गए हैं। बाद में, बच्चे का शव स्कूल निदेशक की कार में मिला।  पहले भी हो चुकी थी हत्या की कोशिशइससे पहले भी 6 सितंबर को एक और बच्चे राज की हत्या की योजना बनाई गई थी, लेकिन वह बच गया। राज का मेडिकल टेस्ट हुआ, जिसमें गला दबाने की पुष्टि हुई थी। स्कूल के ट्यूबवेल के पास से पूजा सामग्री भी मिली, जिससे साफ हुआ कि यहां तंत्र-मंत्र किया जा रहा था।   पुलिस ने इस घिनौनी घटना की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों को जेल भेज दिया है। यह मामला अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र के नाम पर हो रही अपराधी गतिविधियों को सामने लाता है, जिससे समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है।

Kangana ranaut: BJP नेताओं के विरोध के बाद कंगना रनौत ने मांगी माफी, कृषि कानूनों पर दिया था बयान

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Kangana ranaut on Farmer Law: भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सांसद कंगना रनौत ने हाल ही में दिए गए अपने बयान पर माफी मांगी है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की मांग की थी। यह बयान देते ही विपक्षी दलों ने भाजपा और कंगना पर निशाना साधा। कंगना ने माफी मांगते हुए कहा कि यदि उनके बयान से किसी को ठेस पहुंची है तो वे अपने शब्द वापस लेती हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी मंशा किसी की भावनाओं को आहत करने की नहीं थी। भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी कंगना के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर बोलने का अधिकार नहीं है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुद्दे पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर किसानों के खिलाफ कोई कदम उठाया गया तो फिर से प्रधानमंत्री को माफी मांगनी पड़ेगी। कंगना के इस बयान से किसानों के बीच नाराजगी थी, विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा के किसानों में, जो पहले भी कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर चुके थे। कंगना ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की और कहा कि उनका सुझाव था कि किसानों को खुद प्रधानमंत्री से इन कानूनों को वापस लाने की अपील करनी चाहिए, जिससे उनकी समृद्धि बाधित न हो। यह मामला तब उठा जब कंगना ने 23 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में एक कार्यक्रम के दौरान तीनों कृषि कानूनों को फिर से लागू करने की वकालत की थी। गौरतलब है की 14 महीने के किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने नवंबर 2021 में कानूनों को वापस ले लिया था।

AIR TRAIN: दिल्ली एयरपोर्ट पर चलेगी देश की पहली एयर ट्रेन, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Air Train in Delhi:  दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI) पर यात्रियों के लिए जल्द ही एक नई और अत्याधुनिक सुविधा उपलब्ध होने वाली है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने घोषणा की है कि एयरपोर्ट के टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 और 3 के बीच अब देश की पहली एयर ट्रेन चलाई जाएगी। यह ऑटोमेटेड पीपल मूवर (APM) सिस्टम, यात्रियों को जाम और समय की कमी से बचाने के उद्देश्य से लाया जा रहा है, ताकि यात्री टर्मिनलों के बीच फ्री में सफर कर सकें और उनकी फ्लाइट छूटने का खतरा न रहे। क्या है एयर ट्रेन की खासियत?दिल्ली एयरपोर्ट पर आने वाले लाखों यात्रियों के लिए यह एक बड़ी राहत साबित होगी। इस नई *एयर ट्रेन* का मुख्य उद्देश्य टर्मिनलों के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाना है, जिससे यात्रियों को टर्मिनल 1 से टर्मिनल 2 या 3 पर पहुंचने में लगने वाले समय और जाम की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। APM की मुख्य विशेषताएं:– ऑटोमेटेड सिस्टम: यह एयर ट्रेन पूरी तरह से ऑटोमेटेड होगी, यानी इसे चलाने के लिए किसी मैन्युअल ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं होगी।– एलिवेटेड ट्रैक: एयर ट्रेन का ट्रैक *एलिवेटेड* होगा, जिससे सड़क यातायात से कोई बाधा नहीं होगी।– फ्री यात्रा: यात्रियों के लिए इस एयर ट्रेन में सफर मुफ्त होगा, जो टर्मिनलों के बीच तेजी से आवाजाही में सहायक साबित होगी।   एयर ट्रेन की लॉन्चिंग और निर्माणइस प्रोजेक्ट के लिए *डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण मॉडल* के आधार पर कार्य किया जाएगा। DIAL ने इसके लिए पहले ही टेंडर जारी कर दिए हैं और आने वाले महीनों में इस परियोजना पर तेजी से काम शुरू हो सकता है। IGI एयरपोर्ट: देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डाइंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त हवाई अड्डा है, जहां रोज़ाना हजारों यात्री घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए आते-जाते हैं। तीन टर्मिनलों वाले इस एयरपोर्ट पर यातायात में बढ़ोतरी के कारण टर्मिनल 1 और 2/3 के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की ज़रूरत महसूस की जा रही थी। एयर ट्रेन के माध्यम से यह समस्या काफी हद तक हल हो जाएगी। इस नई सुविधा से यात्रियों का सफर और भी सुगम और तेज़ हो जाएगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रेन के आने से यातायात का दबाव कम होगा और यात्रियों के लिए समय की बचत भी होगी।

Pure Gold Check: शादी या त्योहार पर आप भी सोना खरीद रहे है, तो हो जाए सावधान!, खरीदने से पहले जान ले ये बातें

त्योहार और शादियों के सीजन में सोना खरीदते समय किन बातों का रखें ध्यान! जिससे आपको ना उठाना पड़े कोई नुकसान. Gold खरीदने में असली नकली के अलावा भी है जरूरी बातें… पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Gold Check: भारत में त्योहारों और शादियों का सीजन आते ही सोने की खरीदारी में बढ़ोतरी देखी जाती है। विशेष रूप से धनतेरस और दिवाली पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है। सोना सिर्फ आभूषण ही नहीं, बल्कि निवेश और पारिवारिक धरोहर का भी प्रतीक है। हालांकि, सोना खरीदते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है ताकि सही मूल्य और शुद्धता मिले। सोने की शुद्धता की जांच  सोना खरीदते समय सबसे महत्वपूर्ण बात उसकी शुद्धता की जांच करना है। इसके लिए हॉलमार्क सबसे विश्वसनीय तरीका है। हॉलमार्क यह दर्शाता है कि आपके सोने की गुणवत्ता प्रमाणित है। इसे देखते समय निम्नलिखित बातों पर ध्यान दें:  1. BIS मार्क: यह दर्शाता है कि सोने की शुद्धता को प्रमाणित किया गया है। यह ग्राहकों को विश्वास दिलाता है कि वे शुद्ध सोने के आभूषण खरीद रहे हैं।2. कैरेट की पहचान: सोने की शुद्धता को कैरेट से मापा जाता है। 22 कैरेट सोना सबसे आम है, जिसमें 91.6% सोना होता है। कैरेट को 14k, 18k और 22k के रूप में दर्शाया जाता है, जो क्रमशः 58.5%, 75%, और 91.6% सोने की मात्रा को दर्शाता है।3. UID नंबर: नया UID नंबर आभूषण के निर्माता और हॉलमार्किंग केंद्र को ट्रैक करने में मदद करता है, जिससे आभूषण की शुद्धता और पारदर्शिता की पुष्टि होती है। आभूषण खरीदते समय बिल की जांच  बिल पर सोने के वजन, एलॉय की मात्रा और हॉलमार्क के चार्ज का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। 2 ग्राम से कम वजन के आभूषणों और मेडिकल इस्तेमाल के लिए बने सोने पर हॉलमार्क अनिवार्य नहीं है। इसलिए इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही खरीदारी करें। डिजिटल और गोल्ड बॉन्ड विकल्प  फिजिकल सोने के अलावा डिजिटल गोल्ड और गोल्ड बॉन्ड भी सोने में निवेश के लोकप्रिय विकल्प हैं। ये विकल्प आपको सुरक्षित और व्यवस्थित निवेश का मौका देते हैं, जहां भंडारण और सुरक्षा की चिंता नहीं होती। सोने की खरीदारी करते समय जागरूक और समझदारी से काम लें ताकि आप अपने त्योहारों की खुशी और निवेश दोनों का आनंद उठा सकें।

Minimum Wages: केंद्र सरकार का श्रमिकों को बड़ा तोहफा, न्यूनतम मजदूरी में बढ़ोतरी, 1 अक्टूबर से लागू होंगी नई दरें

नई दिल्ली पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। केंद्र सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों  (Minimum Wages) में महत्वपूर्ण बढ़ोतरी की घोषणा की है। श्रम मंत्रालय द्वारा गुरुवार को जारी बयान के अनुसार, परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (VDA) में संशोधन कर श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में 1035 रुपये प्रतिदिन तक की वृद्धि की गई है। यह संशोधन 1 अक्टूबर 2024 से लागू होगा। पिछली बार यह बदलाव अप्रैल 2024 में किया गया था। कौन होंगे लाभार्थी?इस बढ़ोतरी का लाभ केंद्रीय क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को मिलेगा। इनमें भवन-निर्माण, लोडिंग-अनलोडिंग, सफाई, हाउसकीपिंग, खनन और कृषि जैसे क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिक शामिल हैं। सरकार ने श्रमिकों को अकुशल, अर्ध-कुशल, कुशल और उच्च कुशल के वर्गों में बांटते हुए उनके लिए अलग-अलग न्यूनतम मजदूरी दर तय की है। इसके अलावा, भौगोलिक आधार पर श्रमिकों को ए, बी और सी श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। नई न्यूनतम मजदूरी दरेंसंशोधित मजदूरी दरों के तहत, भौगोलिक क्षेत्र-ए में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 783 रुपये प्रतिदिन (20,358 रुपये प्रति माह) होगी। वहीं, अर्धकुशल श्रमिकों के लिए यह दर 868 रुपये प्रतिदिन (22,568 रुपये प्रति माह) होगी। कुशल श्रमिकों को अब 954 रुपये प्रतिदिन (24,804 रुपये प्रति माह) मिलेंगे, जबकि उच्च कुशल श्रमिकों की मजदूरी 1,035 रुपये प्रतिदिन (26,910 रुपये प्रति माह) होगी। महंगाई के साथ मजदूरी में वृद्धिकेंद्र सरकार हर साल अप्रैल और अक्टूबर में औद्योगिक श्रमिकों के लिए खुदरा महंगाई दर के आधार पर वीडीए में संशोधन करती है, ताकि श्रमिकों को महंगाई से निपटने में मदद मिल सके। इस बार की वृद्धि भी खुदरा महंगाई में पिछले छह महीने की औसत वृद्धि को ध्यान में रखते हुए की गई है। न्यूनतम मजदूरी दरों में इस बढ़ोतरी से असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को जीवन-यापन की बढ़ती लागत के मुकाबले राहत मिलेगी। केंद्र सरकार का यह कदम श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

bangladesh vs india: भारत बनाम बांग्लादेश टेस्ट के बाद क्या होगा WTC अंक तालिका पर असर?

भारतीय टीम WTC अंक तालिका में 71.67 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है, जबकि बांग्लादेश 39.29 पीसीटी के साथ छठे स्थान पर है. पब्लिक वार्ता,स्पोर्ट्स डेस्क। bangladesh vs india: भारत और बांग्लादेश के बीच कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में होने वाला टेस्ट मैच सिर्फ एक मुकाबला नहीं, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की दौड़ में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। फिलहाल, भारतीय टीम डब्ल्यूटीसी अंक तालिका में 71.67 पीसीटी के साथ शीर्ष पर है, जबकि बांग्लादेश 39.29 पीसीटी के साथ छठे स्थान पर है। इस मैच के तीन संभावित परिणामों के आधार पर हम यह समझने की कोशिश करेंगे कि WTC Points Table पर क्या असर पड़ेगा। अगर भारत ने जीता मैच!अगर भारत बांग्लादेश को हराने में सफल होता है, तो भारतीय टीम का पीसीटी बढ़कर 74.24 हो जाएगा। यह स्थिति भारत को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में और मजबूत बनाएगी, और उसे पीछे छोड़ना किसी भी टीम के लिए कठिन हो जाएगा। अगर बांग्लादेश ने जीता मैच!वहीं, अगर बांग्लादेश की टीम यह मैच जीत जाती है, तो उसका पीसीटी बढ़कर 46.87 हो जाएगा, जिससे वह चौथे या पांचवें स्थान पर पहुंच सकती है। हालांकि, यह काफी कठिन प्रतीत होता है, लेकिन अगर बांग्लादेश ने यह मुकाबला अपने नाम किया, तो वह सीधा तालिका में बड़ी छलांग लगाएगी। अगर मैच रहा ड्रॉ!कानपुर के खराब मौसम को देखते हुए ड्रॉ की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। यदि मैच ड्रॉ होता है, तो भारतीय टीम का पीसीटी 68.18 पर आ जाएगा, लेकिन इसके बावजूद वह शीर्ष पर बनी रहेगी। वहीं, बांग्लादेश का पीसीटी 38.54 हो जाएगा, जिससे उसकी स्थिति पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा।कानपुर टेस्ट मैच का परिणाम विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की रैंकिंग में अहम भूमिका निभाएगा। अगर भारतीय टीम जीतती है, तो वह अपनी स्थिति को और मजबूत करेगी, जबकि बांग्लादेश की जीत से उसे बड़ी बढ़त मिल सकती है। भारत बनाम बांग्लादेश कानपुर टेस्ट पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं, और उम्मीद की जा रही है कि बारिश खेल में खलल न डालते हुए इसे पूरा होने देगी।

Supriya Sule का तंज: ‘अरे मांग लेते तो सब दे देती…’ अजित पवार पर सुप्रिया की भड़ास या छलका दर्द!

पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Supriya Sule Vs Ajit Pawar:  महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए एनसीपी अजित पवार गुट और एनसीपी शरद पवार (Sharad Pawar) गुट ने पूरा दम लगा दिया है। हालांकि, लोकसभा चुनाव में भतीजे अजित पवार पर चाचा शरद पवार हावी रहे थे। महाराष्ट्र की राजनीति में भले ही पवार फैमिली एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी है, लेकिन एक परिवार के रूप में किसी सदस्य के बीच कोई खटास नहीं दिखती।   महाराष्ट्र में विधानसभा चुनावों की सरगर्मियों (Maharashtra Politics) के बीच एनसीपी संस्थापक (NCP) शरद पवार की बेटी और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने अपने भाई और राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार पर तंज कसा। उन्होंने मुंबई में आयोजित इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में कहा कि अगर दादा ने मांग लिया होता तो पार्टी उन्हें दे देती, पार्टी को तोड़ने की क्या जरूरत थी। जब उनसे पूछा गया कि उनके पिता शरद पवार उन पर ज्यादा प्यार लुटा रहे थे, जबकि पार्टी के असली उत्तराधिकारी अजित पवार थे, तो NCP (शरद पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने कहा, “अरे मांग लेता ना, सब दे देती… पार्टी तोड़ने की जरूरत ही नहीं थी। ये कौन सी बड़ी डील है… जाने की च्वाइस उनकी थी।” घर में कम से कम एक साथ : शरद पवारकुछ दिनों पहले शरद पवार ने कहा था कि वह और भतीजे अजित पवार एक परिवार के रूप में एक साथ हैं, लेकिन यह स्पष्ट कर दिया कि अजित एक अलग राजनीतिक दल का नेतृत्व कर रहे हैं। शरद पवार ने  तटीय कोंकण क्षेत्र के चिपलून में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा था कि “घरत तारि एकत्रच आहेत (कम से कम हम घर पर एक साथ हैं)। गौरतलब है की पिछले साल राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में विभाजन हो गया था। अजित पवार अपने साथ कई विधायकों को लेकर अलग हो गए। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी अजित गुट को असल एनसीपी माना। वहीं, अजित गुट ने शिंदे सरकार को समर्थन दिया। अजित पवार फिलहाल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री हैं।