Ratlam News: सेवा भारती के कन्या पूजन से समाज में समरसता का संदेश

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Ratlam News: सेवा भारती रतलाम द्वारा एक अनोखा कन्या पूजन आयोजन किया गया, जो समाज के पिछड़े, निर्धन, शोषित, वंचित वर्ग की बच्चियों के लिए विशेष रूप से आयोजित था। यह आयोजन समाज में समरसता और एकता का संदेश देने के उद्देश्य से किया गया। सेवा भारती रतलाम लंबे समय से रतलाम जिले में विभिन्न सेवा कार्यों का संचालन करती आ रही है। इनमें निर्धन बस्तियों में संस्कार केंद्र संचालित किए जाते हैं, जहां बच्चों को अच्छे संस्कार दिए जाते हैं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन किया जाता है। इसके अलावा नियमित रूप से स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं, जिसमें बच्चों और उनके परिवारों का स्वास्थ्य परीक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाती हैं। महिला सशक्तिकरण के लिए महिला विकास केंद्र भी संचालित किए जा रहे हैं। इस विशेष कन्या पूजन कार्यक्रम में भाग लेने वाली बच्चियां इन्हीं परिवारों से थीं। इस कार्यक्रम में समाज के प्रतिष्ठित गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया, जिन्होंने कन्या पूजन की रस्म अदा की। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता रतलाम विभाग के सहकार्यवाह आकाश चौहान थे। उन्होंने भारतीय परंपरा, शक्ति उपासना, सामाजिक समरसता और हिन्दू एकता पर अपना वक्तव्य प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथियों में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका सीमा अग्निहोत्री, वरिष्ठ चिकित्सक बी. एल. तपड़िया और युवा उद्योगपति मनीष चोपड़ा उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवा भारती रतलाम के अध्यक्ष और उद्योगपति अनुज छाजेड़ ने की। उन्होंने बताया कि संघ और सेवा भारती का कार्य समाज में सेवा के माध्यम से परिवर्तन लाना है, और सेवा भारती यह कार्य निरंतर करती आ रही है। उन्होंने कहा कि हमारे स्वयंसेवक समाज के हर सुख-दुःख में सदैव तत्पर रहते हैं, और इस कन्या पूजन के माध्यम से भी समता और सेवा का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के अंत में एसेल्स स्कूल रतलाम की दो छात्राओं ने राजस्थानी लोक नृत्य “तेरह ताली” प्रस्तुत किया, जिसके बाद मंच पर उपस्थित अतिथियों द्वारा नौ कन्याओं का पूजन कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई। कार्यक्रम का आभार आयोजन समिति संयोजक शीतल भंसाली ने व्यक्त किया। मंच संचालन सेवा भारती के सचिव मोहित कसेरा ने किया, और कार्यक्रम में भवजागरण हेतु गीत की प्रस्तुति अर्पित ने दी। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे, जिनमें विभाग सेवा प्रमुख गज, जिला सेवा प्रमुख पवन कसेरा, मनीष सोनी, नितिन फलोदिया, अभिनव बर्मेचा, वत्सल पाटनी, आशा दुबे, सुमित्रा अवतानी, निधि अग्रवाल, राकेश मोदी, राजेश बाथम और संगीता जैन सहित बड़ी संख्या में समाज जन और कार्यकर्ता उपस्थित थे। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा भारती ने समाज में सेवा और समता का संदेश दिया, और यह आयोजन विशेष रूप से समाज के वंचित वर्ग के उत्थान के लिए समर्पित रहा।

Navratri Festival: MP के रतलाम का अनोखा भैरव मंदिर, यहां गलती पर पछाड़ देते है भैरव!

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Festival: मध्यप्रदेश के रतलाम (Ratlam) में धभाई जी का वास में स्थित भैरव मंदिर एक प्राचीन और रहस्यमय स्थल है, जहां श्रद्धालु चमत्कारिक घटनाओं का अनुभव करते हैं। इस मंदिर में भगवान भैरव को “पछाड़मल” कहा जाता है, जो मान्यता अनुसार गलती करने वालों को दंड देते हैं। मंदिर में दो प्रमुख प्रतिमाएं विराजमान हैं—काला भैरव और गौरा भैरव। इनमें से एक प्रतिमा को मदिरा और दूसरी को दूध का भोग अर्पित किया जाता है। पछाड़मल भैरव मंदिर पर सेवा दे रहे रविंद्रसिंह सोनगरा के अनुसार यह मंदिर रतलाम रियासतकाल से आस्था का प्रमुख केंद्र है। नवरात्रि के दौरान यहां नौ दिन तक अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाती है, और दशहरे पर जवारों (वाड़ी) का विसर्जन विधि-विधान से किया जाता है। मंदिर की खास बात यह है कि यहां श्रद्धालुओं को मन्नत के लिए कोई महंगा चढ़ावा नहीं चढ़ाना पड़ता, बल्कि दूध, नारियल या मदिरा से ही भगवान भैरव को प्रसन्न किया जा सकता है। मंदिर के इतिहास में कई चमत्कारिक घटनाओं का उल्लेख है, जैसे गलती करने पर भैरव महाराज द्वारा व्यक्ति को दंडित किया जाना। मंदिर से जुड़े कई किस्से लोगों की आस्था को और भी गहरा करते हैं। एक उदाहरण में एक युवक मंदिर में मदिरा चढ़ाने के बाद जब घर के लिए निकला तो रास्ते में चलती साइकिल से अचानक गिर गया था, जिसे भैरव महाराज की सजा के रूप में देखा गया। देश भर से श्रद्धालु यहां अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए आते हैं, और उनका मानना है कि यहां भूत-प्रेत बाधा जैसी समस्याओं से मुक्ति मिलती है। यह मंदिर न केवल धार्मिक, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी अत्यधिक महत्वपूर्ण है। रतलाम का यह धाम आस्था और विश्वास का प्रतीक है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन करने के लिए आते हैं और अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

Ratlam News: शास्त्र पूजन एवं आरती कार्यक्रम: विहिप का शस्त्रों की महत्ता पर जोर, शहर के गरबा पांडालों में हुए शस्त्र पूजन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: देवरा देव नारायण नवयुवक मंडल और विश्व हिंदू परिषद के श्रीराम प्रखंड द्वारा शास्त्र पूजन एवं आरती का एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं और जिले के पदाधिकारियों ने शास्त्रों की पूजा की। बजरंग दल के जिला संयोजक मुकेश व्यास ने कहा कि शास्त्रों की पूजा के साथ-साथ हर घर में शस्त्रों का होना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हमारे भगवानों ने भी अधर्म और विधर्मियों का नाश करने के लिए शस्त्र उठाए थे, इसलिए सभी सनातनियों को अपने घरों में शस्त्र रखना चाहिए। कार्यक्रम में नगर निगम एमआईसी सदस्य भगत सिंह भदोरिया, जिला संयोजक मुकेश व्यास, जिला मंत्री अक्षय गोमैं, जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल, विद्यार्थी प्रमुख कृष्णा भामा, श्री राम प्रखंड के नीरज सतवानी, विजय प्रजापत अन्य प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। विशेष अतिथि के रूप में आरएसएस के नगर कार्यवाह किशन माहेश्वरी और मनीष रावल भी शामिल हुए। विशेष रूप से, विहिप द्वारा नो दिन तक अलग-अलग पंडालों में शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का उद्देश्य न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देना है, बल्कि युवाओं में शस्त्रों के प्रति जागरूकता भी फैलाना है। शास्त्रों की पूजा के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि शस्त्र केवल सुरक्षा का साधन नहीं, बल्कि धर्म और संस्कृति की रक्षा का प्रतीक भी हैं।

Train Cancelled : यात्री ध्यान दे! दिवाली के पहले कई ट्रेनें निरस्त, इन ट्रेनों के मार्ग और समय में किया परिवर्तन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Train Cancelled: उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल द्वारा प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और अन्य कार्यों के कारण रतलाम मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों पर प्रभाव पड़ेगा। इनमें से कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि अन्य के रूट बदल दिए गए हैं। ऐसे में दिवाली के लिए पहले से टिकट बुक कर चुके यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। त्योहार के दौरान यात्रा में आए इस व्यवधान से यात्रियों की कठिनाइयां बढ़ने की संभावना है। निरस्त होने वाली ट्रेनें– 16 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09061 उधना-ग़ाज़ीपुर सिटी स्पेशल– 18 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09062 गाज़ीपुर सिटी-उधना स्पेशल-17 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09525 हापा-नाहरलगुन स्पेशल– 19 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09526 नाहरलगुन-हापा स्पेशल परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेन– 18 एवं 20 अक्टूबर ट्रेन नंबर 20941 बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग कानपुर सेंट्रल-उन्नाव-मां बेल्हादेवी धाम प्रतापगढ़-जंघई के रास्ते चलाई जाएगी।– 20 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 20942 गाजीपुर सिटी-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जंघई-मां बेल्हादेवी धाम प्रतापगढ़ -उन्नाव-कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी।– 16 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09447 अहमदाबाद – पटना स्पेशल परिवर्तित मार्ग कानपुर सेंट्रल- लखनऊ- पं.दीनदयाल उपाध्याय जं के रास्ते चलाई जाएगी।– 18 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09448 पटना-अहमदाबाद स्पेशल परिवर्तित मार्ग कानपुर सेंट्रल- लखनऊ- पं.दीनदयाल उपाध्याय जं के रास्ते चलाई जाएगी।– 17 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 22468 गांधीनगर कैपिटल – वाराणसी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाराणसी – लखनऊ -कानपुर सेंट्रल- गोविंदपुरी – भीमसेन के रास्ते चलाई जाएगी।– 21 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 20416 इंदौर – वाराणसी सुपर-फास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाराणसी – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल- गोविंदपुरी – भीमसेन के रास्ते चलाई जाएगी।– 20 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 20415 वाराणसी – इंदौर सुपर-फास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाराणसी – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल- गोविंदपुरी – भीमसेन के रास्ते चलाई जाएगी।– 17 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 22969 ओखा – बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जंघई – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी।– 19 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 22970 बनारस – ओखा सुपरफास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जंघई – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी। शॉर्ट टर्मिनेट होने वाली ट्रेनें– 17 से 20 अक्टूबर तक ट्रेन नंबर 14115 डॉ. आंबेडकर नगर- प्रयागराज एक्सप्रेस खजुराहो स्टेशन तक चलेगी।– 18 से 21 अक्टूबर ट्रेन नंबर 14116 प्रयागराज -डॉ. अंबेडकरनगर एक्सप्रेस खजुराहो से चलगी।– 18 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09117 सूरत-सूबेदारगंज साप्ताहिक स्पेशल फ़तेहपुर तक चलेगी।– 19 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09118 सूबेदारगंज – सूरत साप्ताहिक स्पेशल फ़तेहपुर से चलेगी। इन ट्रेन के आने – जाने के समय में किया परिवर्तन1. वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस (11463/11465):    – वेरावल से 17 अक्टूबर 2024 से:      – नागदा आगमन: 01:32 बजे, प्रस्थान: 01:35 बजे      – उज्जैन आगमन: 02:30 बजे, प्रस्थान: 02:40 बजे    – 19 अक्टूबर 2024 से इसी समय के अनुसार चलेगी। 2. जयपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस (12719):    – 18 अक्टूबर 2024 से जयपुर से:      – उज्जैन आगमन: 02:15 बजे, प्रस्थान: 02:20 बजे  3. हिसार-हैदराबाद एक्सप्रेस (17019):    – 22 अक्टूबर 2024 से जयपुर से:      – नागदा आगमन: 01:19 बजे, प्रस्थान: 01:21 बजे      – उज्जैन आगमन: 02:15 बजे, प्रस्थान: 02:20 बजे  4. जब्बलपुर-वेरावल एक्सप्रेस (11464):    – 17 अक्टूबर 2024 से जबलपुर से:      – उज्जैन आगमन: 23:50 बजे, प्रस्थान: 00:00 बजे  5. जबलपुर-वेरावल एक्सप्रेस (11466):    – 17 अक्टूबर 2024 से जबलपुर से:      – उज्जैन आगमन: 23:50 बजे, प्रस्थान: 00:00 बजे  जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने यात्रियों से अनुरोध किया  है कि वे उपरोक्त परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। विस्तृत जानकारी के लिए यात्री [Indian Railways की वेबसाइट] (http://www.enquiry.indianrail.gov.in) पर जा सकते हैं।

Ratlam News: नगर में 2 स्थानों पर होगा आतिशबाजी के साथ रावण दहन, ट्रैफिक रूट किया डायवर्ट

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: विजयादशमी पर्व (दशहरा)पर नेहरू स्टेडियम (पोलोग्राउंड) में 51 फीट ऊंचे रावण का पुतला धूमधाम से दहन किया जाएगा। शाम 7 बजे से बैंड की सुमधुर धुन और 8 बजे भव्य आतिशबाजी के साथ रावण दहन का आयोजन होगा। नगर निगम द्वारा यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जिसमें भगवान राम की सवारी आने के बाद रावण और लंका का दहन किया जाएगा। भगवान राम की सवारी व आकर्षक झांकी नगर निगम से प्रारंभ होगी। रात करीब 9 बजे रावण का दहन किया जाएगा। दो रामरथ यात्राएं निकाली जाएंगी, जिनमें से एक नगर निगम से और दूसरी श्री राममंदिर से शुरू होगी। पहली यात्रा 5 बजे नगर निगम से शुरू होकर महलवाड़ा, पेलेस रोड, डालूमोदी बाजार, घास बाजार, चौमुखीपुल होते हुए पोलोग्राउंड पर समाप्त होगी। वहीं, दूसरी यात्रा श्री राममंदिर से 6 बजे सज्जनमील चौराहा, अलकापुरी चौराहा होते हुए बड़बड़ सभागृह पहुंचेगी, जहां रावण दहन का आयोजन होगा। साथ ही, बरबड़ मेला परिसर में 31 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन भी होगा। श्री राम नवयुवक मंडल राम मंदिर से झांकि व सवारी निकालते हुए बड़बड़ मेला ग्राउंड पहुंचेगे। जहां रात करीब 9 बजे रावण दहन का आयोजन किया जाएगा। नगर निगम महापौर प्रहलाद पटेल, निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा सहित अन्य अधिकारियों ने शहरवासियों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है। यातायात पुलिस ने कार्यक्रम के दौरान विशेष यातायात डायवर्जन की व्यवस्था की है, जिसमें यात्रा मार्गों पर भारी वाहनों और दोपहिया/चारपहिया वाहनों पर प्रतिबंध रहेगा। पार्किंग की विशेष व्यवस्था रहेगी। आम नागरिकों के लिए ये रहेगा रूटरतलाम पुलिस ने आगामी विजयादशमी पर्व पर 12 अक्टूबर 2024 को रामरथ यात्रा और रावण दहन के दौरान यातायात को सुचारु रखने के लिए विशेष रूट डायवर्जन लागू किया है। शाम 4 बजे से शुरू होने वाले इन आयोजनों में आम जनता की बड़ी भीड़ शामिल होगी। यातायात प्रतिबंध– पूरे शहर में सभी प्रकार के भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।– रामरथ यात्रा के रूट पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद रहेगी।– पोलोग्राउंड और बड़बड़ सभागृह के आसपास विशेष पार्किंग क्षेत्र तय किए गए हैं। पोलोग्राउंड के बाहर दिवाकर ऑटो पार्ट्स के पास और कांवेण्ट चौराहा बगीचे के पास दोपहिया वाहन पार्क किए जा सकेंगे।– छत्रीपुल से दो बत्ती चौराहा और महाराजा सज्जन सिंह चौराहा के बीच की सड़कें बंद रहेंगी।

Ratlam News: बाजना बस स्टेंड पर गरबे की धूम, JSK क्लब द्वारा महाआरती और कन्या पूजन आज

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क: Ratlam News:  शहर में नवरात्रि की धूम बढ़ती जा रही है और पंडालों में गरबे का रंग चढ़ने लगा है। बाजना बस स्टेंड पर JSK क्लब (जय श्री कृष्णा) द्वारा 21वां गरबा महोत्सव बड़े उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। इस महोत्सव में हर रोज़ गरबा रास के जरिए पूरे इलाके में उत्सव का माहौल बना हुआ है। खासकर शाम 8 से 9 बजे के बीच छोटी-छोटी बालिकाएं भी गरबा खेलते हुए इस सांस्कृतिक आयोजन को जीवंत बना रही हैं।  गुरुवार को आयोजित आरती में भाजपा नेता जुबिन जैन, युवा मोर्चा अध्यक्ष विप्लव जैन और जिला मंत्री रवि सोनी ने विशेष अतिथि के रूप में शामिल होकर आरती का लाभ लिया। महाआरती और कन्या पूजन का आयोजनआयोजन की जानकारी देते हुए अनिल अन्ना रोतेला और शांतु भाई ग्वाली ने बताया कि JSK क्लब द्वारा हर साल की तरह इस वर्ष भी नवदुर्गा उत्सव को बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर महाआरती और कन्या पूजन का आयोजन आज महानवमी के दिन किया जाएगा। इस विशेष आयोजन के लिए सभी शहरवासियों को आमंत्रित किया गया है। आयोजन के समापन पर इनाम वितरण समारोह भी रखा गया है, जिसमें गरबे में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों को सम्मानित किया जाएगा। JSK क्लब का 21वां गरबा महोत्सवJSK क्लब के गरबा महोत्सव की पहचान न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि पूरे रतलाम में है। क्लब हर साल गरबा प्रेमियों के लिए शानदार आयोजन करता है, जिसमें नवरात्रि के नौ दिनों तक विशेष कार्यक्रम होते हैं। क्लब के आयोजक लगातार यह सुनिश्चित करते हैं कि पारंपरिक गरबे का आनंद सभी उम्र के लोग ले सकें। आज की महाआरती और कन्या पूजन के साथ इस महोत्सव का समापन होगा, लेकिन गरबे की रंगत और उत्साह अगले साल तक के लिए यादगार रहेंगे।

Ratlam News: लक्ष्मी नगर में रंगारंग भव्य गरबा आयोजन, आज अंतिम दिन फ्रिज, वाशिंग मशीन जैसे आकर्षक उपहार

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Ratlam News: शहर के लक्ष्मी नगर स्थित मां अंबे माता मंदिर में इस वर्ष का नवरात्रि महोत्सव बड़े धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। माँ अम्बे नवयुवक मंडल द्वारा आयोजित नौ दिवसीय गरबा महोत्सव आज अंतिम दिन पर पहुंचेगा। मां के दरबार में हर दिन भव्य महाआरती का आयोजन रात 8:30 बजे से शुरू हुआ, जिसके बाद रात 9 बजे से गरबा उत्सव की शुरुआत की गई। नवरात्र के अंतिम दिन यानी नवमीं पर पूरी रात मां की आराधना की जाएगी। प्रतिदिन 8 से 10 लकी ड्रा का खोले जा रहे है। जिसमें फ्रिज, टीवी, चांदी की पायल जैसे आकर्षक उपहार दिए जा रहे है। समिति के जलज सांखला ने बताया महोत्सव में गरबा खेलने वाली सभी बालिकाओं के लिए प्रोत्साहन पुरुस्कार रखे गए है। पंचमी, छठ, सप्तमी व अष्टमी पर विशेष लकी ड्रॉ का आयोजन हुआ, जिसमें मिक्सर, माइक्रो ओवन, 32 इंच स्मार्ट टीवी, वाशिंग मशीन और फ्रिज जैसे आकर्षक इनाम दिए गए। सर्वश्रेष्ठ गरबा करने वाली 10 बालिकाओं का चयन कर उन्हें चांदी के सिक्के भी वितरित किए जा रहे है। शस्त्र के साथ गरबा करते हुए भी मां की आराधना की गई। नवरात्रि के समापन के बाद कन्या भोज व विशाल महाप्रसादी भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

MP News: फटाकेदार साइलेंसर वाले वाहनों पर चला बुलडोजर, बुलेट का वायरल हुआ था वीडियो

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। MP News: रतलाम में यातायात को सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त बनाने के लिए पुलिस ने 09 अक्टूबर 2024 को अमानक साइलेंसर वाले वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार (IPS Amit Kumar) के निर्देशन में 97 दोपहिया वाहनों की चेकिंग की गई, जिनमें से 20 वाहनों पर अवैध साइलेंसर पाए गए। इन साइलेंसरों को जप्त कर महाराजा सज्जनसिंह चौराहा स्थित चौपाटी पर बुलडोजर से नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, उप पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार रॉय और थाना प्रभारी अनोखीलाल परमार के साथ यातायात पुलिस की टीम शामिल थी। बुलेट वाले युवक को किया ट्रेकगौरतलब है की गरबा पंडाल से लौटते समय एक युवक तेज आवाज वाली बुलेट चला रहा था, जिससे लोग परेशान हो रहे थे। इस घटना का वीडियो पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद एसपी अमित कुमार के निर्देश पर युवक को ट्रैक कर बुलेट को थाने लाया गया। पुलिस ने उसका 1,000 रुपये का चालान काटा और मौके पर मैकेनिक बुलाकर साइलेंसर निकलवाया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस ने शहर भर में ऐसे अवैध साइलेंसर के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू किया, जिसमें कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और साइलेंसर जप्त कर नष्ट किए गए। कार्रवाई एक नजर में97 वाहनों की चेकिंग: विशेष अभियान के तहत, रतलाम शहर में 97 दोपहिया वाहनों की जांच की गई।20 अवैध साइलेंसर जब्त: जिन वाहनों में फटाकेदार और प्रदूषणकारी साइलेंसर लगे थे, उनके चालकों पर ध्वनि प्रदूषण के आरोप में चालान किया गया।साइलेंसर का नष्टीकरण: चालान के बाद जप्त साइलेंसरों को शहर के प्रमुख स्थल महाराजा सज्जनसिंह चौराहे पर बुलडोजर के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। पुलिस की यह कार्रवाई शहर के यातायात को सुगम और ध्वनि प्रदूषण से मुक्त करने के उद्देश्य से की गई थी। अवैध साइलेंसर से निकलने वाली तेज आवाज न केवल ध्वनि प्रदूषण फैलाती है, बल्कि शहर की शांति और लोगों की सुरक्षा के लिए भी खतरा बनती है। पुलिस ने जनता को आगाह किया कि इस तरह के अवैध साइलेंसर लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। पुलिस का सख्त रुखपुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने स्पष्ट किया कि इस तरह के वाहन जो कानून का उल्लंघन करते हैं, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य है कि रतलाम के नागरिकों को सुरक्षित और शांतिपूर्ण यातायात मिले।” इस कार्रवाई का उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना नहीं था, बल्कि शहरवासियों को जागरूक करना भी था कि अवैध साइलेंसर ध्वनि प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं और यह दूसरों की शांति और स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। रतलाम पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले साइलेंसर का उपयोग न करें। पुलिस ने यह भी कहा कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और शहर के विभिन्न हिस्सों में नियमित चेकिंग की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था को और अधिक सुगम और सुरक्षित बनाया जा सके।

Gold Theif: सोने के लिए मशहूर MP के इस शहर में दिवाली से पहले करोड़ों का सोना गायब, फरार हुआ ज्वेलर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Gold Theif: मध्य प्रदेश के रतलाम में दिवाली से पहले सोना कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। रतलाम अपने सोने (Gold) की शुद्धता के लिए देशभर में जाना जाता है। सोना कारोबारियों को करोड़ों रुपए का चूना लगा है। शहर में एक सर्राफा व्यवसायी (Ratlam Bullion Trader) अन्य सर्राफा व्यवसायियों का करीब 4 किलो सोना लेकर फरार हो गया है। पीड़ित सर्राफा व्यवसायियों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सर्राफा व्यवसायियों ने बोहरा बाखल के पास स्थित भाविक ज्वेलर्स के संचालक जीवन पिता राधेश्याम सोनी पर उनका सोना लेकर फरार होने का आरोप लगाया है। व्यवसायियों की शिकायत पर सीएसपी अभिनव वारंगे, माणक चौक थाना प्रभारी सहित पुलिस मौके पर पहुंचे। जहां सर्राफा व्यवसायियों ने पुलिस को बताया कि आरोपी जीवन सोनी (Ratlam Bullion Trader Huge Loss) ने अन्य सर्राफा व्यवसायियों से करीब 4 किलो सोने के आभूषण लिए थे। उसने ये आभूषण बेचने के लिए ले रखे थे, लेकिन वह मंगलवार दोपहर बाद से ही लापता है। करीब 4 किलो सोना लेकर  व्यवसायी फरार पीड़ित व्यवसायियों  का कहना है, “जीवन सोनी दोपहर मंगलवार, 8 अक्टूबर को दोपहर 2 से ढाई बजे के करीब शहर में देखा गया था। उसके बाद से उसका कोई अता-पता नहीं है। व्यवसायियों को शंका तब हुई, जब शाम 6:30 बजे के करीब एक सर्राफा व्यवसायी (Bullion Trader in Ratlam) ने जीवन से संपर्क करने का प्रयास किया। लगातार मोबाइल बंद मिलने पर उसकी तलाशी शुरू की तो कहीं नहीं मिला, जिसके बाद पुलिस से शिकायत की गई है।” दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन छोड़कर व्यापारी गायबरतलाम सीएसपी अभिनव वारंगे ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है, “पुलिस आरोपी व्यापारी जीवन सोनी की तलाश रही है। अभी तक की जांच में उसकी एक्टिवा महू-नीमच फोरलेन पर सागर चौपाल के पास खड़ी मिली है, जबकि उसके मोबाइल फोन की आखिरी लोकेशन घर पर मिली है। घर पर प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि लापता व्यापारी अपना एक्टिवा स्कूटर चौपाल सागर पर खडी करके गायब हुआ है। जीवन सोनी का स्कूटर बरामद कर लिया गया है, जबकि उसके मोबाइल की लोकेशन उसके घर की मिली है। आरोपी के घर पर ताला लगा है। जीवन के बारे में उसकी दुकान में काम करने वाले मुनीम को भी जानकारी नहीं है।”

Navratri Special: इस मंदिर में जिंदा और मुर्दा दोनों जाते है एक रास्ते से, श्मशान में बनते है दाल – बाटी और लड्डू जैसे व्यंजन, मां काली का अनोखा मंदिर

रतलाम – पब्लिक वार्ता,जयदीप गुर्जर। Navratri Special: नवरात्रि की धूम पूरे देशभर में है। भक्त मां दुर्गा के नो स्वरूपों की आराधना में जुट गए है। वहीं मध्यप्रदेश के रतलाम में एक ऐसा अनोखा मंदिर है, जहां जिंदा इंसान के साथ – साथ मुर्दा इंसान भी जाता है। इस मंदिर में जाने से पहले आपको जलती चिताओं के पास से गुजरना होगा। जिसके बाद आप मंदिर में पहुंचकर मां कालिका के दर्शन करेंगे। यह मंदिर रतलाम के महू रोड बस स्टैंड स्थित भक्तन की बावड़ी पर स्थित श्मशान में है। यहां मां काली के रुद्र स्वरूप की प्रतिमा स्थापित है। इसका निर्माण काले पाषाण से किया गया है। मां कालिका की मूर्ति में तेज और प्रताप ऐसा है की आप मंत्रमुग्ध हो जाए। मानो साक्षात देवी आपके सामने प्रकट है। श्मशान में स्थापित इस मंदिर की विशेषता है की यहां आने वाले मुर्दो और जिंदा इंसान दोनों का रास्ता एक है। मुर्दे यानी मृत शरीर की तो यात्रा इस मंदिर में आने के बाद समाप्त हो जाती है, मगर जीवित इंसान यहां दर्शन कर बाहर निकलकर अपनी जीवन यात्रा जारी रखता है। जीवन और मृत्यु चक्र दिखाता मंदिरधर्मशास्त्र के जानकार बताते है की श्मशान में मां कालिका का मंदिर होना जीवन और मृत्यु के चक्र का प्रतीक है। यह स्थान एक धार्मिक और आध्यात्मिक जुड़ाव को दर्शाता है, जहां जीवन के अंतिम संस्कार के साथ-साथ देवी की पूजा-अर्चना होती है। यह दर्शाता है कि मृत्यु केवल एक अंत नहीं है, बल्कि पुनर्जन्म और आत्मा की यात्रा का हिस्सा है। भक्तों के लिए, यह स्थान आशा और शांति का केंद्र है, जो उन्हें कठिन समय में संजीवनी प्रदान करता है। नवरात्रि में होती है विशेष आराधनारतलाम की मुक्तिधाम धर्मार्थ सेवा समिति के रामसिंह  भाटी, राजेंद्र पुरोहित, संदीप पांचाल, मनोज प्रजापति, संतोष ओगड़, आयुष माली, चेतन गुर्जर आदि भक्तगण सेवा देते है। इस मंदिर में हर साल चैत्र और शारदीय नवरात्रि के दौरान एकम को नहीं बल्कि अमावस्या के दिन अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है, जो यहां की विशेषता है। दोनों नवरात्रि में यहां विशेष आयोजन होते है। भक्त दूर – दराज से यहां मनोकामना लेकर आते है। दशहरे पर भव्य भंडारे की प्रसादी का आयोजन होता है। प्रसादी में दाल – बाटी व लड्डु जैसे विशेष व्यंजन बनाए जाते है। श्मशान में ही लोग इस भोजन प्रसादी को ग्रहण करते है। नवरात्रि पर यहां विशेष दर्शन व मां के विभिन्न स्वरूपों को दर्शाया जाता है। संत सोनीनाथ महाराज जी द्वारा की स्थापनामंदिर की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े भक्त राजेंद्र पुरोहित बताते है की यह मंदिर लगभग 50 साल पुराना है, जिसकी स्थापना गुरु संतश्री 1008 सोनीनाथ जी महाराज ने की थी। सोनीनाथ जी, जो स्व ब्राह्मण थे, ने अपने गुरु के आदेश पर जूते सुधारने का कार्य किया। शहर के रेलवे ग्राउंड के पास वे मोची का कार्य करते थे। वहीं उनकी दिव्यता के कारण भक्तों का जमावड़ा रहता था और दुकानदारी छोड़ सत्संग करते रहते थे। कई बार भक्तों ने उनसे कार्य छोड़कर स्थान पर विराजमान होने की अपील की लेकिन उन्होंने इंकार किया और सही समय व गुरु आज्ञा आने का कहा। जिसके बाद एक दिन उनसे जब निवेदन किया तो उन्होंने अपना काम छोड़कर संत सेवा में आने का आग्रह स्वीकार किया। उन्होंने श्मशान में रुकने की इच्छा जाहिर की तब उजाला ग्रुप के विजेंद्र जायसवाल द्वारा भक्तन बावड़ी में रुकने के लिए प्रबंध किए। महाराज ने सन 2005 में अपना मानव शरीर त्यागा और ब्रह्मलीन हुए। करीब 40 वर्षो से मंदिर समिति द्वारा महाशिवरात्रि पर छड़ी यात्रा का आयोजन किया जाता है। मां कालिका से सीधे करते थे बातसंत सोनीनाथ जी के बारे में कहा जाता है की वे भक्तों की समस्याएँ सुनकर दूर करने की क्षमता रखते थे। उन्होंने कभी चमत्कार जैसा कुछ नहीं आभास कराया लेकिन चमत्कार होता था। उनके पास ऐसी सिध्दि थी जिसके माध्यम से वे भक्तों की पीड़ा को मां कालिका से बताते और समाधान करने का विनय करते। जिसके बाद उनकी समस्याएं दूर हो जाती। भक्तों के अनुसार वे मां कालिका से सीधे जीवंत संपर्क में रहते थे और उनसे बात करते थे। यहां विराजित प्रतिमा में प्राण होने की अनुभूति भी कई भक्तों को होती है। (DISCLAIMER: इस लेख में वर्णित चमत्कारी मंदिर और संबंधित घटनाओं का विवरण भक्तों के अनुभवों और विश्वासों पर आधारित है। इसे किसी धार्मिक या वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति का अनुभव और विश्वास अलग हो सकता है। पाठकों से अनुरोध है कि वे अपनी व्यक्तिगत धारणा और निर्णय के आधार पर मंदिरों और उनकी शक्ति के बारे में सोचें। किसी भी धार्मिक स्थान पर जाने से पहले उचित सावधानी बरतें और आवश्यक शोध करें।)

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