धराड़ में बरात के दौरान विवाद ने लिया सांप्रदायिक रूप, चाकूबाजी में युवक घायल, बजरंग दल और विहिप ने बाजार बंद की चेतावनी दी। जानिए पूरा मामला।
रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क।Ratlam News: रतलाम जिले के धराड़ गांव में एक शादी समारोह के दौरान शुरू हुआ मामूली विवाद देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव में बदल गया। चाकूबाजी और पथराव की इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिससे पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
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क्या है पूरा मामला?
मंगलवार रात करीब 11:20 बजे बिलपांक थाना क्षेत्र के धराड़ में कुछ युवक भाटी बड़ोदिया रोड पर स्थित एक हेयर सैलून के बाहर खड़े थे। इसी दौरान एक मुस्लिम परिवार की बरात वहां से गुजर रही थी। आरोप है कि बरात में शामिल कुछ लोगों ने वाहन रोककर नाम पूछते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और कुछ ही देर में 15-20 लोगों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। आरोपियों ने न केवल मारपीट की बल्कि पथराव भी शुरू कर दिया। इसी दौरान चाकू निकालकर दो युवकों—आदित्य वर्मा (22) और रूपसिंह चंद्रावत (26)—पर हमला कर दिया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं।
कैसे बढ़ा तनाव?
घटना के बाद हिंदू संगठनों में भारी आक्रोश फैल गया। बजरंग दल और अन्य कार्यकर्ताओं ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर नारेबाजी की। स्थिति और बिगड़ने पर दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ, जिसमें अशोक पाटीदार, त्रिलोक प्रजापत और बादल राणा भी घायल हो गए।
पुलिस और प्रशासन का एक्शन
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। रातभर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर कुछ को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
एसडीओपी रतलाम ग्रामीण किशोर पाटनवाला के अनुसार,
“प्रारंभिक जांच में गाड़ी निकालने को लेकर विवाद सामने आया है। घायलों का इलाज जारी है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।”
संगठनों की चेतावनी और बाजार बंद
घटना के बाद विश्व हिंदू परिषद धराड़ ने अपील जारी करते हुए कहा है कि जब तक आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होगी और उनका जुलूस नहीं निकाला जाएगा, तब तक धराड़ का बाजार बंद रखा जाएगा। साथ ही प्रशासन को चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो किसी भी तोड़फोड़ की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस मुस्तैद है और लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की जा रही है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है, जबकि स्थानीय लोग भय और अनिश्चितता के माहौल में हैं।