Ratlam News: 20,000 रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े गए सरपंच, लोकायुक्त की कार्रवाई

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: ग्राम पंचायत इटावा खुर्द, तहसील व जिला रतलाम के सरपंच घनश्याम कुमावत को लोकायुक्त उज्जैन की टीम ने बुधवार को 20,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई आवेदक विनोद डाबी की शिकायत के आधार पर की गई, जिसने बताया था कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उसकी मां सुगन बाई की दूसरी किस्त खाते में डालने के एवज में सरपंच द्वारा 20,000 रुपये की रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत की सत्यता की पुष्टि के बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप प्लान किया। आज 17 अप्रैल को ट्रैप के दौरान सरपंच घनश्याम कुमावत को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई को डीएसपी दिनेश पटेल के नेतृत्व में निरीक्षक हीना डावर, आरक्षक इसरार, प्र.आर. हितेश ललावत, अनिल अटोलिया, श्याम शर्मा और नेहा मिश्रा की टीम ने अंजाम दिया। फिलहाल लोकायुक्त की टीम आरोपी के निवास पर कार्रवाई कर रही है। इस कार्रवाई से ग्रामीण क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और पंचायत स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर नई बहस शुरू हो गई है।

MP News: अनियमितताओं के आरोपों में घिरे जामथून के सरपंच, गवानी पड़ गई सरपंची

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: जनपद पंचायत रतलाम की ग्राम पंचायत जामथून के सरपंच कचरू डाबी को विभिन्न अनियमितताओं के चलते उनके पद से हटा दिया गया है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शृंगार श्रीवास्तव ने मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत यह कार्रवाई की है।   6 वर्ष तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध   इस आदेश के तहत, कचरू डाबी अब किसी भी पंचायत के सदस्य नहीं रहेंगे और अगले 6 वर्षों तक किसी भी पंचायत चुनाव में भाग नहीं ले सकेंगे।   शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई   आधिकारिक आदेश के अनुसार, सरपंच कचरू डाबी अपने पद के दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन नहीं कर रहे थे। उन पर अनियमितताओं, लापरवाही, स्वच्छंदचारिता और उदासीनता का आरोप लगा था। इन मामलों को लेकर कई शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं, जिनकी जांच के बाद यह निर्णय लिया गया।   सरपंच पद से हटाने का कानूनी आधार   मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के अनुसार, यदि कोई सरपंच या जनप्रतिनिधि अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही करता है या अनियमितता बरतता है, तो उसे पद से हटाया जा सकता है।