बेख़ौफ गुंडागर्दी : मेला घूमने आए पति,पत्नी व मासूम बच्चों की कर दी पिटाई, सायकल स्टैंड के कर्मचारियों की करतूत

मेले में सायकल स्टैंड यानी गुंडागर्दी का लाईसेंस?, शुरुआत में ही रहवासियों से कर बैठे विवाद! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में सरेआम गुंडागर्दी की घटना सामने आई है। जहां एक तरफ पुलिस ने लिस्टेड गुंडों की परेड लगाई वहीं दूसरी और 5 घंटे बाद ही मारपीट की घटना सामने आ गई। पुलिस की चेतावनी से बेख़ौफ बदमाशों ने साथ मेला घूमने आए पति, पत्नी व मासूम बच्चों के साथ मारपीट कर उन्हें घायल कर दिया। फरियादी के अनुसार मारपीट करने वाले सभी युवक मेले में ठेके पर संचालित होने वाले सायकल स्टैंड पर काम करने वाले बताए जा रहे है।घटना की जानकारी मिलने के बाद थाना स्टेशन रोड पर बड़ी संख्या में परिजन व समाजजन पहुंचे और विरोध दर्ज करवाया। विवाद की सूचना मिलते ही थाने से चिता जवान मौके पर पहुंचे और दो बदमाशों को हिरासत में ले लिया। घटना देर रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। फरियादी महिला फलकनाज पति परवेज निवासी नाहरपुरा ने पुलिस को बताया कि पति परवेज और 3 साल की बेटी हुरेन व 1.5 साल के बेटे अजलान तीनों मेले से लोट रहे थे। तभी ओटो में बैठने के दौरान कान्वेंट तिराहे के यहां दो युवक तेज गति से बाइक चलाते हुए आए और टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों को जब पति परवेज ने सही से बाइक चलाने की बात कही तो पति के साथ मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान युवकों के अन्य साथी भी वहां पहुंचे और उन्होनें महिला समेत बच्चों के साथ भी मारपीट शुरू कर दी। विवाद होता देख आसपास लोगों ने दोनों को बचाया और पुलिस को सूचना की। पुलिस ने मौके से नकुल व गौरव नाम के युवकों को हिरासत में लिया है। अन्य बदमाश पुलिस को देखकर भाग निकले। मारपीट व टक्कर की घटना में मासूम हुरेन को होंठ में व अजलान को हाथ व मुंह में चोट आई है। वहीं दोनों पति – पत्नी भी मारपीट में घायल हुए हैं। जिनका सिविल हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। सायकल स्टैंड या गुंडागर्दी का लाईसेंस :कालिका माता मेले के दौरान सायकल स्टैंड ठेके पर देना, गुंडागर्दी के लाइसेंस देने के समान हो गया है। यहां सायकल स्टैंड पर बगैर गिनती के युवकों को वसूली पर लगाया जा रहा है। जिनमें अधिकांश गुंडा तत्व शामिल होते है। यहां मेला घूमने आने वालो से मनमर्जी के मुताबिक 20 से 50 रुपए तक वसूले जा रहे है। इस बार निगम ने चार स्थानों पर स्टैंड बनाए है। यहां स्टैंड पर काम करने या बैठेने वाले युवकों की जानकारी तक पुलिस या निगम के पास उपलब्ध नहीं है। नवरात्रि शुरू होते ही स्टैंड के कर्मचारियों ने रहवासियों के साथ गुंडागर्दी शुरू कर दी थी। जिसकी शिकायत पुलिस के पास पहुंची। जिसके बाद पुलिस ने स्टैंड संचालकों को बुलाकर समझाईश दी थी।  

गुंडों की लगाई परेड : चार थानों पर 110 गुंडों ने लगाई हाजरी, सीएसपी ने चेतवानी देकर किया रवाना

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। एसपी राहुल कुमार लोढा ने चुनावी दौर और त्योहारों को देखते हुए पूरे जिले में गुंडा फाइल खुलवा दी है। जिले के सभी अधिकारियों को थाने के गुंडा रजिस्टर में अंकित व्यक्तियों की गुंडा परेड करने के लिए निर्देशित किया गया है।गुरुवार को शहर के चारों थानों पर दोपहर से लगी भीड़ को देखकर हर कोई हैरान था। शाम को जब एक साथ सभी को खड़ा करके चेतवानी दी गई तब मालूम हुआ कि ये सभी गुंडा लिस्ट में लिस्टेड बदमाश है। एएसपी राकेश खाखा एवं सीएसपी अभिनव बारंगे के मार्गदर्शन में रतलाम शहर के चारो थानों पर गुंडा रजिस्टर में दर्ज 110 गुंडों को थाने पर बुलाकर गुंडा परेड कराई गई। सीएसपी अभिनव बारंगे ने सभी थानों पर पहुंचकर लिस्टेड गुंडों, हिस्ट्रीशीटर से पुछताछ कर उनको चेतावनी दी। सीएसपी ने बताया की आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान शांति भंग करने पर लिस्टेड गुंडों पर कड़ी केकार्रवाई की जाएगी। सभी 110 हिस्ट्रीशीटर, गुंडों, बदमाशों को किसी भी अवैधानिक गतिविधीयो का हिस्सा नहीं बनने की समझाईश दी गई। शहर में संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय गुंडों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक व अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान थाना प्रभारी स्टेशन रोड भुवानीराम वर्मा, थाना प्रभारी डीडी नगर सुरेंद्र गडरिया, थाना प्रभारी आईए राजेंद्र वर्मा, थाना प्रभारी माणकचौक प्रिती कटारे मौजूद रही।

सट्टे पर संग्राम : पुलिस की पकड़ से कोसों दूर बड़े सफेदपोश, बुलियन की आड़ में फल-फूल रहा MCX का काला धंधा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सेंव, साड़ी और सोना शहर की अपनी पहचान है।  इस पहचान के पीछे सोने का बड़ा रोल है, इसी सोने की आड़ में आज MCX सट्टेबाजी के काले धंधे ने जड़े जमा ली है। सेंव, साड़ी और सोने के अलावा अब “सट्टा” शहर की काली पहचान बन चुका है। पिछले 8 दिनों से थाना माणक चौक पुलिस की एमसीएक्स (MCX) सट्टेबाजों पर की गई कार्रवाई के लिए पीठ थपथपाई जा रही है। सूत्रों की माने तो अब तक MCX सट्टे में जिनको आरोपी बनाया गया है, वे सभी MCX का छोटा सट्टा करते है या करवाते है। इसके पीछे के तार बहुत लंबे और दूर तक फैले है। शहर में बुलियन व्यापार की आड़ में अवैध रूप से एमसीएक्स (MCX) का सट्टा संचालित हो रहा है। यहां व्हाइट कॉलर लोग बुलियन और सर्राफे का सफेद धंधा दिखाकर सट्टेबाजी के काले धंधे को तेजी से बढ़ा रहे है। इस काले कारोबार का महीनों का हिसाब किताब अरबों रुपयों में पहुंचता है। MCX की अवैध सट्टेबाजी से सरकार को करोड़ों के टैक्स की अलग से चपत लगाई जा रही है। इन सफेदपोश सट्टेबाजों को पुलिस या तो जानबूझकर अनदेखा कर रही है या फिर इन तक पहुंचने के पहले ही राजनीतिक रसूख आड़े आ जाता है। पब्लिक वार्ता के पास सट्टे से जुड़ी और भी कई कड़ियां है जो पाठकों तक जल्द ही पहुंचाई जाएगी। गैर कानूनी व काले कारनामे में हुई अचानक इस कार्रवाई के बाद पुलिस की भूमिका व सक्रियता पर भी सवाल उठ रहे है। थाना प्रभारी प्रीति कटारे के आने के बाद एक के बाद एक कड़ियां खुली, मगर ये केवल छोटे सटोरियों तक सीमित रही। इतने लंबे समय बाद अचानक हुई कार्रवाई से शहर में चर्चा बनी हुई है। लोगों का कहना है कि इतने समय तक पुलिस केवल पर्ची और क्रिकेट के सट्टे पर ही कार्रवाई क्यों करती थी? खेर देखना यह होगा कि क्या आगे कार्रवाई में शहर के इन व्हाइट कॉलर तक कानून का हाथ पहुंचेगा या नहीं? या फिर हर बार की तरह कार्रवाई को ठंडे बस्ते में डालकर खानापूर्ति कर दी जाएगी। क्या है बुलियन का व्यापार ? :सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं का व्यापार बूलियन मार्केट के जरिए ही होता है। सोने की खरीद दो तरह से की जाती है। आम लोग सर्राफा बाजार से सोने की खरीददारी करते हैं। वहीं कारोबारी इत्यादि लोग वायदा बाजार के जरिए सोने की खरीददारी करते हैं। बूलियन मार्केट वह जगह होती है जहां सोने-चांदी का व्यापार वायदा बाजार (फ्यूचर मार्केट) के जरिए होता है। साथ ही ओवर द काउंटर भी सोने-चांदी की खरीददारी वहां की जा सकती है। बूलियन मार्केट 24 घंटे खुला रहता है। यहां सोना व चांदी 99 प्रतिशत शुद्ध रूप में मिलती है, जो कि ईंट, सिल्ली, सिक्के या बिस्किट के रूप होती है। सोने-चांदी के औद्योगिक इस्तेमाल से इसकी कीमतों में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ऐसे में बूलियन मार्केट को सोने के इन्वेस्टमेंट के लिए सबसे सुरक्षित जगह माना जाता है। ऐसे शुरू हुआ MCX पर दबिश का दौर :माणकचौक थाना पुलिस ने एमसीएक्स सट्टा का कारोबार करने वाले फरार आरोपी को पकड़ा। पुलिस ने आरोपी का थाने से कोर्ट तक जुलूस निकाला। माणकचौक पुलिस ने एमसीएक्स का सट्टा कारोबार में फरार चल रहे आरोपी विशाल उर्फ लाला पिता अशोक दुग्गड़ निवासी भरावा की कुई को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार लाला दुग्गड़ को मुखिया बताया जा रहा है। जिसका कोर्ट तक पैदल जुलूस निकालते हुए ले जाया गया। 11 अक्टूबर को पुलिस ने चांदनीचौक क्षेत्र स्थित तालवालों की गली से सनी उर्फ बंटी (40) पिता लक्ष्मीनारायण राजोरा निवासी तेजा नगर को एमसीएक्स (MCX) का सट्टा करते पकड़ा था। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने 12 अक्टूबर को अंकित उर्फ लाला (34) पिता सुशील कुमार जैन निवासी सेठजी का बाजार, विजय (34) पिता मोहनलाल राठौर निवासी कल्याण नगर व पीयूष पिता राजेंद्र कुमार सोनी निवासी बिचलावास को गिरफ्तार किया।पूछताछ में आरोपियों ने विशाल उर्फ लाला, राहुल राठौड़, चरण सिंह जाट, कमलेश मराठा, दिनेश राठौर, संजय संघवी, अनिल कटकानी सहित अन्य का नाम बताया था। आरोपियों के कब्जे से जब्त दस्तावेजों से 56 लाख 11 हजार 739 रुपए का हिसाब मिला था। पुलिस फिलहाल फरार चल रहे और आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मचा हड़कंप : मेडीकल कॉलेज की बिल्डिंग पर चढ़ी महिला, पाइप के सहारे उतरने का कर रही थी प्रयास

पब्लिक वार्ता- रतलाम,जयदीप गुर्जर। मेडिकल कॉलेज में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मानसिक रूप से बीमार महिला कॉलेज की बिल्डिंग पर दिखाई दी। महिला पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास कर रही थी। इसी दौरान वह बिल्डिंग के तीसरे माले पर फंस गई। महिला को सबसे पहले मेडिकल कॉलेज के सुरक्षा गार्ड ने देखा और पुलिस चौकी पर सूचना दी। इसी दौरान महिला का बेटा भी मौके पर पहुंचा। मां की जान बचाने के लिए वह पाइप के सहारे ही ऊपर चढ़ गया और महिला को संभाला। सबकुछ होता देख मेडिकल कॉलेज परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी के एएसआई सुनील सिंह ने मौके पर फायर ब्रिगेड बुलवाई और सीढ़ी और रस्सी के सहारे बीमार महिला को नीचे उतारा गया। रेस्क्यू के बाद बीमार महिला को फिर से मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया है। जानकारी के अनुसार घटना करीब 10:30 बजे की है जब मेडिकल कॉलेज के गार्ड ने देखा कि एक महिला तीसरे माले की खिड़की के पास बैठी हुई है। मेडिकल कॉलेज स्थित पुलिस चौकी पर इसकी सूचना गार्ड ने दी। देखते ही देखते लोगों की भीड़ जमा हो गई। किसी को भी समझ नहीं आ रहा था कि महिला आखिर तीसरे माले की खिड़की के बाहर पहुंची कैसे। इसी दौरान महिला का बेटा महेश चरपोटा मौके पर पहुंचा। अपनी मां को खतरे में देख महेश पाइप के सहारे तीसरी मंजिल पर चढ़ गया और मां को जाकर संभाला। महिला के रेस्क्यू के लिए फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची और मेडिकल कॉलेज चौकी पुलिस की मदद से महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। महिला के बेटे महेश ने बताया कि वह इमलीपाड़ा बाजना के रहने वाले हैं। पिताजी की मृत्यु के बाद माता पारी बाई मानसिक रूप से बीमार हो गई है। उन्हें 17 तारीख को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया था। वह नाश्ता लेने बाहर आया था तभी उसकी मां अस्पताल की छत पर पहुंच गई और पाइप के सहारे नीचे उतरने का प्रयास करने लगी। बहरहाल गनीमत रही कि समय रहते पुलिस और फायर ब्रिगेड की मदद से महेश ने अपनी मां की जान बचा ली। अन्यथा कोई जानलेवा हादसा हो सकता था।

भाजपा का शंखनाद : शक्ति सम्मेलनों के साथ शुरू हुआ बूथ विजय संकल्प अभियान, ग्रामीण में कन्या पूजन से शुरुआत

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशव्यापी आव्हान पर जिले में मंगलवार को शक्ति केन्द्र स्तर पर सम्मेलन आयोजित किए गए। इन सम्मेलनों में भाजपा ने बूथ विजय संकल्प के अभियान का शंखनाद किया। रतलाम में कार्यकर्ताओं ने ‘अब की बार-छप्पन हजार पार’ का संकल्प लिया। शक्ति सम्मेलन में अलग-अलग स्थानों पर विधायक एवं पार्टी प्रत्याशी चेतन्य काश्यप, जिला चुनाव प्रभारी वड़ोदरा विधायक केयूर भाई रोकड़िया, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह लुनेरा सहित पार्टी के सभी जिला व प्रदेश पदाधिकारी शामिल हुए। प्रदेश भाजपा के निर्देशानुसार शक्ति सम्मेलन की शुरुआत सभी मण्डलों में एक साथ दोपहर 12 बजे हुई। वार्ड स्तर पर इनका आयोजन रात तक चलता रहा। 18 एवं 19 अक्टूबर को भी विभिन्न स्थानों पर शक्ति सम्मेलन आयोजित होंगे। शहर विधायक एवं पार्टी प्रत्याशी चेतन्य काश्यप श्री मालीवास स्थित धर्मशाला में वार्ड 40 के सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक मतदान सुनिश्चित कराने का आह्वान किया। मण्डल अध्यक्ष निलेश गांधी, सोमेश पालीवाल, मंगल लोढ़ा, वार्ड पार्षद धर्मेन्द्र व्यास, हेमन्त राहोरी व वार्ड संयोजक सिद्धार्थ कटारिया मंचासीन रहे। ग्रामीण में कन्या पूजन कर हुई शुरुआत :भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह लुनेरा ने शबरी मण्डल के भाटी बड़ौदिया केन्द्र पर शक्ति सम्मेलन को संबोधित किया। सम्मेलन की शुरुआत में भाजपा नेताओं द्वारा कन्या पूजन किया गया। जिलाध्यक्ष ने जिले की पांचों सीटों पर भाजपा की जीत सुनिश्चित करने का आव्हान किया। मण्डल अध्यक्ष राकेश पाटीदार, अमृतलाल पाटीदार, गणेश मुनिया, नाथुलाल गामड़, हिरालाल चौधरी एवं बिहारीलाल पाटीदार आदि उपस्थित रहे।वड़ौदरा विधायक केयूर भाई रोकड़िया की उपस्थिति में वार्ड क्र. 20 का शक्ति सम्मेलन अंगीरा धाम में संपन्न हुआ। इसमें कार्यकर्ताओं ने बूथ विजय संकल्प लिया। सम्मेलन को जिला मीडिया प्रभारी अरूण त्रिपाठी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार सोनी ने संबोधित किया। जिसके बाद वार्ड क्र. 19 का शक्ति सम्मेलन भी आयोजित हुआ, जिसे केयूर भाई, जिला सह मीडिया प्रभारी निलेश बाफना, वार्ड संयोजक राजेन्द्र सिंह चौहान ने संबोधित किया। इस दौरान विधानसभा संयोजक मनोहर पोरवाल, विधानसभा विस्तारक प्रमोद कोठारी, सह कार्यालय मंत्री राकेश नागर, प्रहलाद राठौड़, सुरेन्द्र सिंह भाटी, श्याम सोनी, वार्ड पार्षद संगीता सोनी, कविता चौहान सहित पार्टी के पंच परमेश्वर व कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

भाजपा को झटका : ग्रामीण में भाजपा के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ, नाराजगी बनी वजह

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद दल बदल की राजनीति का दौर शुरू हो चुका है। रतलाम ग्रामीण में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। मंगलवार को जिले के सागोद गांव में 35 भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली। इसका बड़ा कारण कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी बताई जा रही है। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल सहित कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे। कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले दिनेश गुर्जर ने बताया कि भाजपा के शासन में रहवासी क्षेत्रों में कोई कार्य नहीं किए गए। जिस कॉलोनी में हम रहते है उसे ही अवैध घोषित करते हुए कई बार नोटिस दे दिए गए। लेकिन भाजपा के किसी नेता ने हमारी सुध नहीं ली। गौरतलब है कि सागोद गांव से भाजपा प्रत्येक चुनाव में लीड लेती है। यहां करीब 1400 वोटर्स है।

विधानसभा चुनाव 2023 : सुरक्षा बल की पहली कंपनी पहुंची रतलाम, जिले में 333 संवेदनशील और 1 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले की कुल जनसंख्या 17 लाख 17 हजार 915 है, जिसमें से इस साल पांचों विधानसभा क्षेत्रों के 1295 पोलिंग बूथों पर 1101741 मतदाता मतदान करेंगे। उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 550814 महिला और 550811 पुरुष मतदाता के हाथ रहेगा। इसमें पहली बार 18 वर्ष से अधिक उम्र के 40 हजार मतदाता भी शामिल होंगे। पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। अनावश्यक भीड़ लगाने, बिना अनुमति प्रदर्शन, आयोजनों पर कार्रवाई होगी। इस बार चुनाव में 24 मतदान केंद्र मंदसौर जिले की सीमा, 20 केंद्र राजस्थान सीमा से लगे हैं जबकि 88 संवेदनशील मतदान केंद्र रहेंगे। इन केंद्रो पर पुलिस प्रशासन विशेष नजर रखेगी। जिले में कुल 333 मतदान केंद्र को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। जिले में केवल एक बूथ को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। यह बूथ ग्राम पंचायत करमदी है, जहां धार्मिक विवाद हुआ था। संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की विशेष निगरानी में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। मंगलवार शाम आईटीबीपी के जवानों की एक कंपनी रतलाम पहुंची। स्थानीय पुलिस ने कंपनी के ठहरने आदि की व्यवस्थाएं की। इन कंपनियों की तैनाती संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में की जाएगी। कुछ दिनों में सुरक्षाबलों की और कंपनियां भी पहुंचने की भी संभावना है। कंपनियों के पहुंचने के बाद इनको मतदान में विशेष ड्यूटी के लिए ट्रेनिंग का दौर शुरू होगा। विशेष दिशा निर्देश देने के बाद जवानों को मतदान स्थल पर तैनात किया जाएगा। सुरक्षाबलों के जवान मतदान केंद्रों पर राइफल्स के साथ तैनात रहेंगे। इनकी तैनाती के पीछे मुख्य कारण बूथ कैप्चरिंग व संवेदनशील घटनाओं से निपटना है। इस बार चुनाव में जिलेभर में 333 मतदान केंद्र संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं जहां अतिरिक्त पुलिस की व्यवस्था की जाएगी। जिले में 25 फीसदी केंद्र संवेदनशील :आमतौर पर हर विधानसभा में 10 फीसदी मतदान केंद्रों को निर्वाचन आयोग संवेदनशील केंद्र मानकर अतिरिक्त बलों की व्यवस्था करता आया है। इस बार जिले में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 25 फीसदी से ज्यादा है। जिले में 1295 मतदान केंद्रों में से 333 मतदान केंद्र इस श्रेणी में मिले हैं। इन मतदान केंद्र पर पुलिस और प्रशासन की तैयारियां अब दिखाई देने लगी है।

चकमा देकर फरार तेंदुआ : कुत्ते – बिल्ली पकड़ने के अंदाज में घूमता रहा रातभर वन अमला, पूरे संभाग में एक ट्रेंकुलाइजर गन

वनकर्मियों के पास खुद के बचाव के लिए साधन – संसाधन नहीं, ऐसे तो कैद में होता तेंदुआ! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में देर रात तक तेंदुए की लुकाछिपी से लोगों में दहशत बनी हुई है। रविवार को तेंदुआ एक सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हुआ है। रविवार शाम से ही लेट लतीफ वन अमला तेंदुए की तलाश कर रहा है। अब तक तेंदुआ पकड़ से बाहर है। ट्रेस हुए तेंदुए के पंजे के निशान मिले है। यह नर तेंदुआ है जो कि युवा अवस्था में है। इसकी उम्र करीब डेढ़ से दो वर्ष तक बताई जा रही हैं। विभाग ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। रविवार देर रात 12 बजे करीब उड़नदस्ते ने तेंदुए को रेलवे कॉलोनी में ट्रेस किया। जिसके बाद वहां पिंजरा रखकर उसे पकड़ने की कोशिश की गई। इस दौरान तेंदुआ झाड़ियों में दुबक कर बैठा था। मगर रात 3 बजे करीब वन विभाग की टीम को चकमा देकर तेंदुआ जेवीएल की तरफ भाग निकला। वहीं डीएफओ डीएस निगवाल का कहना है की तेंदुआ शहर से बाहर निकल चुका है। मगर एहतियात के तौर पर टीम को सर्चिंग पर लगा रखा है। ड्रोन से इंडस्ट्रियल एरिया समेत आसपास के क्षेत्रों में सर्चिंग की जा रही है। उज्जैन से रेस्क्यु टीम रात 10 बजे आई जिसके बाद इंदौर से भी सोमवार तड़के 4 बजे रेस्क्यू टीम रतलाम पहुंची। खबर लिखे जाने तक तेंदुए के दिखाई देने की अफवाहों का बाजार गर्म रहा और टीम इधर से उधर मूवमेंट करती नजर आई। गौरतलब है की रविवार शाम 4 बजे करीब लोगों ने तेंदुआ देखा। तब रहवासियों की भीड़ व शोर के चलते यह और आक्रामक होकर भागता रहा। वही कॉलोनी की बाउंड्रीवॉल पर तेंदुए को देखने चढ़े सतीश मीणा पर हमला पर उसे घायल कर दिया था। इसे रेलवे अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया। जिले में एक उड़नदस्ता, जरूरी साधन तक नहीं :तेंदुए की सूचना मिलने के बाद पहुंचे वन अमले के पास जरूरी साधन तक उपलब्ध नहीं थे। जिले में जंगली जानवरों को काबू में रखने या पकड़ने के लिए केवल एक रेस्क्यू टीम है जिसे उड़नदस्ता कहा जाता है। तेंदुए की ट्रेसिंग के वक़्त यह उड़नदस्ता आलोट था। जिसे रतलाम आने में 1 घण्टे से अधिक समय लगा।ट्रेंकुलाइजर गन की बात करे तो पूरे संभाग में केवल एक गन उपलब्ध है। जिसे चलाने के लिए विशेष ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है। यह गन खुंखार जानवरों को बगैर नुकसान पहुंचाए स्थिर कर देती है। जिसमें बेहोशी की ड्रग की मात्रा व निशाना लगाने की दूरी का पैमाना तय होता है। इसकी कीमत 3 लाख से लगाकर8 लाख तक की होती है। यह गन रात में अमले के पास मौजूद होती तो तेंदुआ अभी कैद में होता। सूत्रों के अनुसार सैलाना में तेंदुआ पकड़ने के दौरान इंदौर की टीम के पास जो गन थी वह गिरकर खराब हो चुकी थी। जिसके बाद इंदौर की टीम उज्जैन से गन लेकर चली गई। रात में उज्जैन की टीम समय पर तो पहुंची मगर उसे ट्रेकुलाइस गन का इंतजार करना पड़ा। तेंदुए जैसे खतरनाक प्रजाति की सर्चिंग के दौरान वन अमले के पास ना तो खुद की सुरक्षा के लिए साधन उपलब्ध थे ना ही पैक्ड जिप्सी! ऐसे में तेंदुआ अगर इन पर हमला करता है तो भगवान ही मालिक है। जिले में लगातार हो रही तेंदुए की मूवमेंट के बाद भी जिले में संसाधनों का अभाव होना चिंता का विषय है। सूत्रों की माने तो जिला वन मुख्यालय साधनों की पूर्ति के लिए पत्र भी लिख चुका है, मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।  


शहर में तेंदुआ : रेलवे कॉलोनी में देखने पहुंचे युवक को किया घायल, सूचना के 3 घंटे बाद तक नहीं पहुंची वन विभाग की टीम

क्या कहते है एक्सपर्ट?कम होते जंगलों और शिकार ने बढ़ाया शहर में तेंदुओं का मूवमेंट, किसी की जान लेकर उड़ेगी विभाग की सुस्ती! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में तेंदुए के घुस आने से लोगों में दहशत और अफरा तफरी मच गई। रविवार शाम 5 बजे से सोशल मीडिया पर तेंदुए की मूवमेंट के मैसेज वायरल होना शुरू हो गए। उसकी लोकेशन के बारे में जानने की कोशिश की गई तो मालूम हुआ कि तेंदुआ शहर की रेलवे कॉलोनी में डेरा डाले हुए है। जिसके बाद पुलिस के साथ ही वन विभाग की टीम को सूचना दी गई। करीब 3 घण्टे तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। लोगों की भीड़ मौके पर जमा होने लगी तो तेंदुआ गांधीनगर, मीरा कुटी की तरफ चला गया। भीड़ होने से तेंदुआ फिर से रेलवे कालोनी की रोड नंबर 13 की तरफ आ गया। इस दौरान उसे देखने आए युवक सतीश मीणा पर तेंदुए ने हमला कर दिया, जिससे कमर के पास चोट पहुंची। बाद में डीएफओ डीएस निगवाल ने पहुंचकर लोगों से जानकारी ली। इस दौरान रेलवे पुलिस व अधिकारी भी मौके पर पहुंच चुके थे। गौरतलब है कि बढ़ती घटनाओं के बाद भी वन विभाग के पास संसाधन के नाम पर सिर्फ पिंजरा ही है। ट्रेंकुलाइजेशन के लिए उज्जैन व इंदौर से टीम बुलाई गई है। डीएफओ निगवाल ने बताया की जंगली जानवर की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया वीडियो और पूछताछ में तेंदुआ ही लग रहा है जो कि जंगल के रास्ते भटक गया होगा। इंदौर व उज्जैन में टीम को सूचना कर दी गई है। तेंदुआ हिंसक जानवर है, लोग भीड़ उसे देखने के लिए भीड़ नहीं जमा करे। टीम के आने तक उसकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। दिखाई देने पर उसे रेसक्यू किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्रवासी अब डर के मारे घबराए हुए है। घटना के दौरान क्षेत्र में बिजली जाने से अंधेरा छा गया जिससे रहवासियों में और दहशत बढ़ गई। वन विभाग की सुस्ती, लगातार बढ़ रहा मूवमेंट :यहां विभाग के कई कर्मचारी ऐसे है जो हाजरी लगाने के बाद घरों में आराम फरमाते नजर आते है। तेंदुओं की रहवासी इलाकों में घुसपैठ को रोकने को लेकर विभाग के पास अब तक कोई ठोस योजना नहीं है। किसी दिन यह सुस्ती किसी नागरिक की जान लेकर ही उड़ेगी। रतलाम जिले में सैलाना, पिपलौदा क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता रहती है। 15 मार्च 2022 को रतलाम में सागोद रोड स्थित मांगलिक भवन जेएमडी में तेंदुआ घुस गया था, जो थोड़ी देर रहने के बाद वापस चला गया। हालांकि वन विभाग ने उसे जंगली बिल्ली करार देकर पल्ला झाड़ लिया था। इधर नवंबर 2019 में बड़ायला माताजी में तेंदुआ घुस आया था, जिसे पकड़कर वन विभाग की टीम ने गांधीसागर के वन क्षेत्र में छोड़ा था। इसी वर्ष मार्च से जुलाई तक सैलाना के ग्राम पंचायत पाटड़ी व बरड़ा के कई ग्रामों में रात्रि में तेंदुए ने बकरे-बकरियों व कुछ गाय-बछड़े का शिकार किया था। पांच जुलाई को तेंदुआ बोदिना में एक घर में घुसा, तब विभाग की टीम ने पिंजरा लगाकर पकड़ने के बाद देवास वनक्षेत्र में छोड़ा। यहां भी शुरुआत में वन विभाग ने तेंदुए के होने की बात से इंकार किया था। क्या कहता है एक्सपर्ट व्यू :तेज से शहरीकरण के अलावा और भी कई कारण हैं जिससे देश भर के शहरी इलाकों में तेंदुए देखे जा रहे हैं और वह मनुष्यों पर हमले भी कर रहे है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि रियल एस्टेट परियोजनाओं ने तेंदुओं के प्राकृतिक आवास को कम कर दिया है जिससे वे मनुष्यों के रिहायशी इलाकों में भटक कर आने लगे है। विशेषज्ञ कहते हैं कि अब तेंदुओं को अपने अधिकार क्षेत्र वाले जंगलों में कम शिकार मिल रहे हैं, उनका अधिकार क्षेत्र सिकुड़ता जा रहा है, आंतरिक संघर्ष बढ़ गए हैं और मानव आबादी तेजी से बढ़ रही है जिससे वह ‘तनावग्रस्त’ हो गए हैं। बाघों जैसी बड़ी पैंथेरा प्रजातियों के विपरीत तेंदुए मानव बस्तियों के आसपास भी रह सकते है। इसके अलावा शिकार की प्रजातियों की कमी के कारण भी तेंदुए कुत्तों, बकरियों और कुछ मामलों में गायों जैसे छोटे स्तनधारियों की तलाश में बस्ती क्षेत्रों में चले जाते है। एक रिपोर्ट के अनुसार आदमखोर तेंदुए जानबूझ कर मारने के इरादे से हमला करते हैं और लोगों की मौत का कारण बनते है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेंदुए आमतौर पर मनुष्यों से दूर भागते है मगर वक्त के साथ तेंदुओं के मनुष्यों के रिहाइश वाले इलाकों में आने और उन पर हमला करने की वारदात बढ़ रही है।

सामाजिक समरसता : गुर्जर समाज के पटेलों के साथ वाल्मिकी समाज के पटेल का किया सम्मान, मृत्यु भोज में रखा गया आयोजन

पब्लिक वार्ता – रतलाम,कुलदीप माहेश्वरी। नगर के गुर्जर परिवार ने दिवंगत आत्मा के उत्तरकार्य के दौरान रखे गए मृत्यु भोज में एक अनूठा आयोजन किया। यहां परिवार ने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए समाज के गांव से आये पटेल यानी प्रमुखों के अलावा विशेष रूप से वाल्मीकि समाज के पटेल का भी सम्मान किया।दरअसल हरमाला रोड स्थित श्री लोकेंद्र नाथ भवन पर आयोजित पूर्व पार्षद व समाज अध्यक्ष मोहनलाल धभाई के मृत्यु (पगड़ी) भोज पर यह आयोजन किया गया। गुर्जर समाज में एक प्राचीन प्रथा से अवगत कराते हुए गुर्जर समाज युवा इकाई के द्वारा गुर्जर समाज के गांव के पटेलो का सम्मान समारोह आयोजित किया। जिसमें गुर्जर बाहुल्य गांव के गुर्जर पटेलों (प्रमुख) का स्मृति चिंह व शॉल देकर सम्मान किया। युवा इकाई अध्यक्ष व धभाई के पुत्र मुरलीधर गुर्जर ने बताया कि पुराने समय में पगड़ी भोज के समय अलग-अलग गांव से प्रतिनिधित्व करते हुए पटेल शामिल होते थे। तब उनका पगड़ी बांध करके सम्मान किया जाता था। उनकी उपस्थिति गांव की उपस्थिति को दर्ज करवाती थी। दिवंगत आत्मा की अंतिम इच्छा स्वरूप पटेल सम्मान समारोह आयोजित किया। इसके अलावा सामाजिक समरसता के भाव के उद्देश्य से वाल्मीकि समाज के प्रमुख विजय पटेल का भी सम्मान किया गया।कार्यक्रम में कनेरी, डाबड़ी, मठमठ, नौगांवा, ऊणी, उंडवा, कलमोडा, तीतरी, कालीगांव,  बगवास, बखतगढ़, बड़नगर, पेटलावद, सागोद आदि गांव के पटेलों का सम्मान किया। इस दौरान धभाई – गुर्जर परिवार के रमेशचंद्र गुर्जर, बाबूलाल गुर्जर, भरत गुर्जर व समाज के वरिष्ठ जन उपस्थित थे।