Ratlam News: रतलाम में ‘मुस्कान अभियान’ के तहत महिला सुरक्षा व साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

— बच्चों को गुड टच-बैड टच, साइबर सेफ्टी और हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी

रतलाम- पब्लिक वार्ता,
न्यूज़ डेस्क। Ratlam News:
प्रदेशभर में 1 से 30 नवम्बर तक चल रहे मुस्कान विशेष अभियान के तहत रतलाम पुलिस द्वारा जिला स्तर पर लगातार जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही हैं। अभियान का मुख्य उद्देश्य गुम हुई बालिकाओं की खोज, महिला–बालिका सुरक्षा, तथा स्कूली बच्चों में सुरक्षा संबंधी समझ विकसित करना है।

रतलाम पब्लिक स्कूल में हुआ प्रमुख कार्यक्रम

पुलिस अधीक्षक रतलाम अमित कुमार (भापुसे) के निर्देशन में थाना औद्योगिक क्षेत्र रतलाम द्वारा रतलाम पब्लिक स्कूल में महिला सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश खाखा, नगर पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र घनघोरिया तथा डीएसपी (यातायात) आनंद स्वरूप सोनी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें विभिन्न सुरक्षा विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।

आलोट व शिवगढ़ में भी चले जागरूकता सत्र

  • एएसपी रतलाम ग्रामीण विवेक कुमार लाल, एसडीओपी आलोट पल्लवी गौर और थाना प्रभारी आलोट निरीक्षक मुनेंद्र गौतम ने नवोदय विद्यालय आलोट में बच्चों को सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की।
  • डीएसपी अनीशा जैन ने एकीकृत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्राम भामट (थाना शिवगढ़) में विद्यार्थियों को मुस्कान अभियान के उद्देश्य और सुरक्षा उपायों पर मार्गदर्शन दिया।

इन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दी गई ट्रेनिंग

  • महिला एवं बालिका सुरक्षा से जुड़े कानून और सहायता तंत्र
  • गुड टच – बैड टच की विस्तृत समझ
  • बाल अधिकार और व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय
  • साइबर क्राइम से बचाव, ऑनलाइन फ्रॉड, साइबर बुलिंग और गेमिंग एडिक्शन
  • आपात स्थिति के हेल्पलाइन नंबर — 1098, 1090, 112 आदि

अधिकारियों द्वारा बच्चों की शंकाओं का समाधान किया गया और उन्हें सतर्क, जागरूक और आत्मविश्वासी रहने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही किसी भी समस्या में तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी गई।

पूरे जिले में जारी रहेंगे कार्यक्रम

मुस्कान विशेष अभियान के अंतर्गत जिले के सभी थाना क्षेत्रों में इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम पूरे माह भर लगातार आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों तक सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी पहुँच सके।