Apple iPhone 16 : नई टेक्नोलॉजी और फीचर्स के साथ Apple compnay का मार्केट में धमाका, जानिए New Launch iPhone16 के ये फीचर्स!

न्यूज डेस्क। Apple ने अपने फ्लैगशिप स्मार्टफोन iPhone 16 को लॉन्च कर दिया है, और इसके साथ ही स्मार्टफोन बाजार में एक बार फिर धूम मचा दी है। iPhone 16 में बेहतरीन डिज़ाइन, तेज प्रोसेसर और दमदार कैमरा सहित कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं, जो इसे पिछले मॉडलों से कई गुना बेहतर बनाते हैं। आइए, जानते हैं (iPhone 16 Top Features ) टॉप फीचर्स और अपडेट्स की पूरी जानकारी। डिज़ाइन और डिस्प्ले: पतले बेज़ेल्स, शानदार अनुभवiPhone 16 का डिज़ाइन पहले के मॉडल्स से और भी प्रीमियम है। इसमें पहले से पतले बेज़ेल्स दिए गए हैं, जिससे स्क्रीन का इस्तेमाल अधिक बढ़ गया है। साथ ही, इसका OLED डिस्प्ले अब और भी बेहतर हो गया है, जिससे आप तेज़ और शार्प रंगों का आनंद ले सकते हैं। ProMotion टेक्नोलॉजी के साथ 120Hz का रिफ्रेश रेट गेमिंग और वीडियो स्क्रॉलिंग को और भी स्मूद बनाता है। प्रोसेसर और परफॉर्मेंस: A18 बायोनिक चिप की ताकतiPhone 16 में Apple का सबसे नया और पावरफुल A18 बायोनिक चिपसेट दिया गया है। 3nm आर्किटेक्चर पर आधारित यह प्रोसेसर न केवल फास्ट है, बल्कि इसकी बैटरी एफिशिएंसी भी काफी बेहतर है। मल्टी-टास्किंग, हाई-एंड गेम्स और हैवी एप्लिकेशंस का इस्तेमाल iPhone 16 पर बहुत ही आसान और तेज़ हो गया है। कैमरा: लो-लाइट फोटोग्राफी में शानदारकैमरा अपग्रेड्स की बात करें तो iPhone 16 में 48MP का मुख्य कैमरा दिया गया है, जो लो-लाइट कंडीशन्स में भी शानदार फोटो कैप्चर करता है। इसमें सेंसर शिफ्ट ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन फीचर है, जिससे आपकी फोटो और वीडियो और भी स्टेबल और क्लियर होती हैं। AI-सपोर्टेड फीचर्स के साथ, अब आप अपनी तस्वीरों को प्रोफेशनल क्वालिटी में बदल सकते हैं। फ्रंट कैमरा भी पहले से बेहतर किया गया है, जिससे सेल्फी और वीडियो कॉलिंग का अनुभव अपग्रेड हो गया है। बैटरी और चार्जिंग: तेज़ और टिकाऊApple ने iPhone 16 में बैटरी क्षमता को भी बढ़ाया है, जिससे यह एक दिन से ज्यादा का बैटरी बैकअप देता है। साथ ही, इसकी फास्ट चार्जिंग तकनीक और भी तेज़ हो गई है। अब यह केवल 30 मिनट में 50% तक चार्ज हो सकता है। इसके अलावा, वायरलेस और रिवर्स वायरलेस चार्जिंग की सुविधा भी दी गई है, जिससे आप अपने अन्य डिवाइसेस को भी चार्ज कर सकते हैं। iOS 18: इंटेलिजेंट और उपयोगी फीचर्स के साथiPhone 16 iOS 18 के साथ आता है, जिसमें कई नए और उन्नत फीचर्स शामिल किए गए हैं। वॉइस कंट्रोल, एन्हांस्ड प्राइवेसी सेटिंग्स और इंटेलिजेंट नोटिफिकेशन सिस्टम के साथ iPhone का उपयोग और भी सुरक्षित और सुविधाजनक हो गया है। नया *Interactive Widgets* फीचर होम स्क्रीन को और भी ज्यादा उपयोगी बना देता है, जिससे आप सीधे स्क्रीन पर एप्स को कंट्रोल कर सकते हैं। कनेक्टिविटी: 5G और Wi-Fi 7 के साथ तेज़ इंटरनेटiPhone 16 में 5G कनेक्टिविटी और भी बेहतर बनाई गई है, जिससे आप सुपरफास्ट इंटरनेट का अनुभव कर सकते हैं। इसके अलावा, नए Wi-Fi 7 सपोर्ट के साथ, आपकी ब्राउज़िंग स्पीड और भी तेज हो जाती है। सुरक्षा और प्राइवेसी: बेहतरीन सुरक्षा फीचर्सApple की हमेशा से प्राइवेसी और सुरक्षा पर खास पहचान रही है। iPhone 16 में Face ID और Touch ID दोनों के अपडेटेड वर्जन दिए गए हैं, जिससे आपकी व्यक्तिगत जानकारी पहले से भी ज्यादा सुरक्षित रहती है। iOS 18 में प्राइवेसी से जुड़े और भी कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं। कीमत और उपलब्धताiPhone 16 कई स्टोरेज ऑप्शंस में उपलब्ध है – 128GB, 256GB, 512GB और 1TB। इसकी कीमतें वेरिएंट्स के आधार पर अलग-अलग हैं, और यह Apple के आधिकारिक स्टोर्स और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। iPhone 16 – प्रीमियम अनुभव का एक नया स्तरiPhone 16 ने एक बार फिर Apple के स्मार्टफोन लाइनअप को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इसके अत्याधुनिक फीचर्स, शानदार कैमरा, बेहतरीन परफॉर्मेंस और प्रीमियम डिज़ाइन इसे एक कम्पलीट पैकेज बनाते हैं। अगर आप एक अपग्रेडेड और फीचर-पैक स्मार्टफोन की तलाश में हैं, तो iPhone 16 आपके लिए एक शानदार विकल्प है।

भारत में iPhone 16 सीरीज लॉन्च: अमेरिकी कीमतों से ₹44,000 तक महंगा, असेंबलिंग के बावजूद कस्टमर्स पर भारी बोझ

न्यूज डेस्क। Apple की बहुप्रतीक्षित iPhone 16 सीरीज आज से भारत में बिक्री के लिए उपलब्ध हो गई है। इस सीरीज में iPhone 16, iPhone 16 Plus, iPhone 16 Pro, और iPhone 16 Pro Max शामिल हैं। हालांकि, भारतीय कस्टमर्स को इन मॉडल्स की खरीदारी अमेरिका की तुलना में काफी महंगी पड़ रही है। जहां iPhone 16 Pro Max की कीमत अमेरिका की तुलना में भारत में ₹44,000 अधिक है, वहीं iPhone 16 मॉडल में भी लगभग ₹13,000 का अंतर देखा जा रहा है। भारत में iPhone 16 की शुरुआती कीमत ₹79,900 रखी गई है, जबकि अमेरिका में यह $799 यानी ₹67,100 में उपलब्ध है। इसी तरह, iPhone 16 Pro Max भारत में ₹1,44,900 का है, जबकि अमेरिका में यह $1199 यानी ₹1,00,692 में मिल रहा है। यह अंतर तब भी है जब Apple अब भारत में ही कुछ मॉडल्स असेंबल कर रहा है, लेकिन टैक्स और अन्य खर्चों के कारण भारतीय ग्राहक अभी भी iPhone के लिए भारी कीमत चुका रहे हैं। हालांकि इसके बावजूद भारतीय ग्राहकों की भारी भीड़ iPhone16 खरीदने के लिए उमड़ रही है।

इप्का लेबोरेटरीज का दंगलः श्रमिकों का दिशाहीन आंदोलन कितना सही और कितना गलत?, आज हड़ताल का तीसरा दिन

वेतन वृद्धि पर सुनवाई तक हाईकोर्ट का स्टे, मामला अब तक है लंबित! समझिए पूरा मामला… पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पिछले 3 दिनों से देश की नामी दवा निर्माता कंपनी इप्का लेबोरेटरीज (ipca Laboratories) की रतलाम यूनिट पर अस्थाई श्रमिकों द्वारा हड़ताल सुर्खियों में बनी हुई है। संभवतः पहली बार इतना बड़ा कोई आंदोलन इस कंपनी के विरुद्ध देखा जा रहा है। जिसमें रतलाम की लेबोरेटरी में संचालित करीब 20 से ज्यादा प्लांट ठप्प पड़े है और प्रोडक्शन पर सीधा असर पड़ रहा है। हैरानी की बात है अस्थाई श्रमिकों ने वेतन वृद्धि का मामले को कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में लिखा ही नहीं। बल्कि ज्ञापन पूरी तरह उन पर हो रहे शोषण, सम्मान और अधिकारों की बात पर केंद्रित रहा। आज हड़ताल का तीसरा दिन है। हड़ताली श्रमिक अन्य श्रमिकों को कंपनी में जाने से रोक रहे है। इसको लेकर पुलिस में कुछ हड़ताली श्रमिकों पर मुकदमा भी दर्ज हुआ है।हालांकि इप्का के जनसंपर्क अधिकारी विक्रम कोठारी ने पब्लिक वार्ता को बताया की शासन जो दर तय करेगा हम उसी में भुगतान करने को तैयार है। हाईकोर्ट द्वारा स्टे देने पर श्रमिकों को पुरानी दरों से वेतन दिया गया। अगर शासन की दर बढ़ती है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। आपको बता दे इप्का लेबोरेटरीज ने रतलाम में अपना यूनिट सन 1985 में स्थापित किया था। जिसके बाद तकरीबन 39 साल से इप्का रतलाम में सफलता पूर्वक अपना प्रोडक्शन कर रहा है। वहीं रतलाम यूनिट इप्का लेबोरेटरीज की अहम यूनिट मानी जाती है। कंपनी में श्रमिकों के साथ अभद्र व्यवहार या शोषण की बातें गलत है। ऐसा है तो वे प्रबंधन में शिकायत सेल से शिकायत कर सकते है। जिस पर उचित कार्रवाई होती है।उद्योगों की किल्लत और बेरोजगारी झेल रहे रतलाम में इप्का लेबोरेटरीज रोजगार का एक प्रमुख उपक्रम है। जिले के करीब 5 हजार परिवारों का रोजगार इससे सीधा जुड़ा है। हालांकि प्रदूषण संबंधी नियमों को ताक पर रखने के मामले में इप्का कई बार सुर्खियों में भी बनी रही है। इस बार भी मजदूरों की हड़ताल का कारण कुछ ऐसा ही माना जा रहा है। आइए जानते है की आखिर मजदूरों की इप्का के खिलाफ नाराजगी कितनी जायज है और उनका यह आंदोलन कितना सही या गलत है? ठेकेदारों और श्रमिकों की लड़ाई में इप्का की फजीहत!इप्का कंपनी में स्थाई और अस्थाई दो प्रकार से वर्कर काम करते है। अस्थाई में श्रमिक भी आते है जिन्हें अपनी उपस्थिति के अनुसार दैनिक वेतन मिलता है। अस्थाई श्रमिक आउटसोर्सिंग फर्म के कांट्रेक्टर या ठेकेदार द्वारा इप्का को मुहैय्या कराए जाते है। इप्का प्रबंधन का इन श्रमिकों में प्रत्यक्ष रूप से कोई हस्तक्षेप नहीं है। ठेकेदारों के साथ विशेष अनुबंध के जरिए इप्का अपने यहां श्रमिकों को रोजगार देती है। श्रमिकों का नियमानुसार बीमा, पीएफ, वेतन आदि का जिम्मा ठेकेदार की फर्म का होता है। इन श्रमिकों पर कंट्रोल व डायरेक्शन इन्हीं ठेकेदारी फर्म के सुपरवाइजर का होता है। रतलाम में जो श्रमिक इस समय हड़ताल कर रहे है वे सभी अस्थाई और दैनिक वेतन लेने वालों में है। अधिकांश श्रमिकों को वेतन वृद्धि की जानकारी है मगर उसमें वापस कटौती क्यों हुई इसकी कोई जानकारी नहीं है। ठेकेदारों और श्रमिकों के बीच की इस लड़ाई ने इप्का प्रबंधन को फजीहत में डाल दिया है। ऐसे पकड़ा वेतनवृद्धि के मामले ने तूलदरअसल मध्यप्रदेश में 1 अप्रैल 2024 से समस्त औद्योगिक एवं असंगठित श्रमिकों को 25 प्रतिशत अधिक मजदूरी देने का आदेश जारी किया गया। साल 2014 के पश्चात प्रदेश में पहली बार मजदूरों का वेज रिवीजन किया गया। इसके अनुसार प्रदेश में श्रमिकों को मई माह में बढ़ा हुआ वेतन मिला। लेकिन इसके बाद अगले महीने वापस पुरानी दर से भुगतान किया गया। इसके बाद श्रमिकों के बीच एक अपुष्ट खबर चली की जो वेतन बढ़ाकर दिया गया उसे वापस अगले माह के वेतन से काट लिया जाएगा। जिससे इप्का के श्रमिकों में असंतोष फैला और उन्होंने मौखिक विरोध शुरू किया। श्रमिकों में कई बातों का आक्रोश पहले से भरा पड़ा था। जिसमें ठेकेदार व सुपरवाइजर द्वारा उनसे अभद्र व्यवहार करना, गाली देना, ओवरटाइम, सम्मान नहीं देने जैसी बातें है, जिनको उन्होंने अपने ज्ञापन में लिखा भी है। बस इन्हीं सब कारणों से कंपनी में कुछ श्रमिकों ने विरोध का तरीका आंदोलन और हड़ताल है, यह समझाकर बाकी श्रमिकों को अपने साथ कर लिया। यह बात इप्का प्रबंधन तक पहुंची और ठेकेदारों के द्वारा श्रमिकों को समझाने का प्रयास अपने – अपने स्तर से शुरू हुआ। इसके बाद भी ठेकेदार श्रमिकों को तार्किक स्तर पर समझाने की बजाय उन पर अधिकार और धौंस जमाने की कोशिश करते रहे। जिससे मामला और बिगड़ गया। श्रमिकों ने ठेकेदारों के अंदाज को धमकी समझ लिया और फिर क्या था हड़ताल की चिंगारी को यहां से हवा मिल गई। और देखते ही देखते श्रमिकों ने एकजुट होकर कंपनी के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया। जिसके बाद आज तीसरे दिन यानी 12 जून को कंपनी के अंदर वर्कर की कमी से प्रोडक्शन और कंपनी के रेपो पर सीधा असर पड़ रहा है। आगे जानिए क्यों है दिशाहीन आंदोलन…. हाइकोर्ट का स्टे, अगली सुनवाई 1 जुलाई को!औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र से जुड़े ट्रेंड-अनट्रेंड सभी श्रमिकों के मेहनताने में 1 अप्रैल 2024 से बढ़ोतरी की गई। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सुनवाई होने तक इस नोटिफिकेशन पर स्टे लगा दिया। दरअसल पीथमपुर औद्योगिक संगठन और मध्य प्रदेश टेक्सटाइल मिल्स एसोसिएशन द्वारा वेतन बढ़ोतरी के नोटिफिकेशन को हाईकोर्ट में याचिका दायर कर चुनौती दी गई। इसमें कहा गया  कि इस नोटिफिकेशन को लागू करने में कई तरह की दिक्कतो का सामना करना पड़ रहा है। जिसके बाद डिवीजन बेंच ने इस मामले की सुनवाई होने तक इस पर स्टे का आर्डर दे दिया। जिससे पुनः श्रमायुक्त द्वारा पुरानी वेतन दर से भुगतान जारी करने के आदेश जारी किए गए। आपको बता दे इस मामले में सुनवाई दो बार टल चुकी है। इस मामले में अगली सुनवाई 1 जुलाई 2024 को होना है। वहीं श्रमिकों के एक संगठन भारतीय मजदूर संघ ने श्रमिकों के हित में एक एप्लीकेशन कोर्ट में दाखिल कर हस्तक्षेप किया है। प्रदेश महामंत्री कुलदीपसिंह गुर्जर के माध्यम से दायर एप्लिकेशन में पुराने आदेशों का हवाला देते हुए श्रमिकों की वेतन वृद्धि पर लगी … Read more

सराफा चौपाटी एसोसिएशन : चांदनी चौक में लगने वाली खान पान दुकान संचालकों ने बनाई समिति, दायित्वों की हुई घोषणा

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर के चांदनी चौक में संचालित हो रहे सराफा मार्केट में लगने वाली खान पान की दुकानों के संचालकों ने अपनी समिति का गठन किया। जिसे सराफा चौपाटी एसोसिएशन का नाम दिया गया है। एसोसिएशन के गठन के साथ ही विभिन्न दायित्वों की भी घोषणा हुई। आपको बता दे की दोपहर में सोने चांदी के खरीददारों से भरे रहने वाले चांदनी चौक में रात होते ही चौपाटी सजने लगती है। जहां खान पान के शौकीन लोग अपने परिवार के साथ आकर फ़ूड आईटम का लुत्फ उठाते है। श्री सर्राफा चौपाटी एसोसिएशन के संरक्षक के तौर पर सराफा के अध्यक्ष झमक भरगट, डॉ. राजेन्द्र शर्मा, सोनू चौरड़िया को बनाया गया। अध्यक्ष मनीष सोनी (भीमा),  उपाध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सचिव, अनिल पांड्या, सह सचिव रवि प्रजापत,  कोषाध्यक्ष, मुकेश व्यास, संगठन मंत्री कैलाश  मोरवाल, कार्यकारिणी सदस्य उमेश विश्वकर्मा व संजय शर्मा को बनाया गया। एसोसिएशन में 23 सदस्यों को शामिल किया गया है।

नहीं रुलाएगा प्याज! : मोदी सरकार ने प्याज के एक्सपोर्ट पर लगाया बेन, लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा फैसला

चीनी से एथोनॉल बनाने पर भी रोक, ताकि महंगाई पर किया जा सके कंट्रोल पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली,जयदीप गुर्जर। केंद्र की मोदी सरकार ने मार्च 2024 तक प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन लगाने का फैसला किया है। लोकसभा चुनाव अब केवल 4 महीने दूर है, ऐसे में माना जा रहा है की मोदी सरकार इस महाचुनाव से पहले महंगाई को लेकर कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। प्याज के देश से बाहर एक्सपोर्ट पर रोक लगाने के इस फैसले से उसकी बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सकेगा। डायरेक्टर जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड  (DGFT) ने इस फैसले को लेकर नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक प्याज के एक्सपोर्ट पॉलिसी में संशोधन करते हुए उसे प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्याज के एक्सपोर्ट पर बैन का फैसला शुक्रवार 8 दिसंबर, 2023 से लागू हो चुका है। डिपार्टमेंट ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स के मुताबिक 8 दिसंबर 2023 को खुदरा बाजार में प्याज की औसत कीमत 56.82 रुपये प्रति किलो है। जबकि पिछले साल यानी 8 दिसंबर 2022 को औसतन प्याज की कीमत 28.88 रुपये प्रति किलो थी। एक साल में प्याज की कीमतों में करीब दोगुना उछाल आया है। हालांकि सरकार ने कहा कि तीन परिस्थितियों में प्याज के एक्सपोर्ट को लेकर छूट दी जा सकती है। जिसमें पहला नोटिफिकेशन के जारी होने से पहले जहाज पर प्याज की लोडिंग की जा चुकी हो। दूसरा, नोटिफिकेशन के जारी होने से पहले शिपिंग बिल भरा जा चुका हो और पोर्ट पर प्याज की लोडिंग के लिए पहुंच चुका हो। इस परिस्थिति में एक्सपोर्ट की अप्रूवल तभी मिलेगी जब अथॉरिटी ये कंफर्म कर दे कि जहाज की बर्थिंग की जा चुकी है। और तीसरी परिस्थिति ये कि एक्सपोर्ट किया जाने वाला प्याज कस्टम को सौंपा जा चुका हो और सिस्टम में उसकी एंट्री हो चुकी हो। वहीं यह छूट केवल 5 जनवरी 2024 तक ही मिल सकेगी। आपको बता दे इससे पहले केंद्र सरकार गेहूं, चावल, चीनी के निर्यात पर भी रोक लगा चुकी है। गुरुवार को सरकार ने चीनी की कीमतों में उछाल के बाद गन्ने से एथेनॉल बनाने पर रोक लगा दी है जिससे घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों में कमी लाई जा सके।

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