“बा-साब” का अनोखा अंदाज : ग्रामीण भाजपा प्रत्याशी मथुरालाल डामर ट्रैक्टर से पहुंचे नामांकन भरने, हजारों कार्यकर्ता हुए शामिल

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव में भाजपा के ग्रामीण प्रत्याशी मथुरालाल डामर ने गुरुवार को अपना नामांकन फार्म दाखिल किया। नामांकन भरने के दौरान पूर्व विधायक रहे मथुरालाल डामर का अनोखा अंदाज देखने को मिला। वहीं डामर रैली के  दौरान अपनी पारंपरिक वेशभूषा कुर्ता और धोती में नजर आए। नामांकन रैली सालाखेड़ी फोरलेन स्थित मिडवे होटल के पास से शुरू होकर पुराने कलेक्टर कार्यालय पर समाप्त हुई। नामांकन रैली में भाजपा जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व मंत्री हिम्मत कोठारी, आरडीए अध्यक्ष अशोक पोरवाल, जनपद अध्यक्ष साधना जायसवाल, पदमा जायसवाल आदि नेताओं ने हिस्सा लिया। रैली में सैकड़ों कार्यकर्ता अबकी बार 60 हजार पार का नारा लगाते हुए जोश के साथ शामिल हुए। नामांकन रैली का कार्यकर्ताओं द्वारा जगह – जगह भव्य स्वागत भी किया गया। प्रत्याशी मथुरालाल डामर ने पुराने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ग्रामीण विधानसभा रिटर्निंग अधिकारी त्रिलोचन गौड़ को अपना नामांकन पत्र सौंपा। वहीं पूरी नामांकन रैली में ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना कहीं नजर नहीं आए। मकवाना के नामांकन के दौरान साथ नहीं होने के सवाल पर डामर थोड़े सकपका गए और कहा की साथ ही है और पार्टी के है, बुधवार को बैठक में उपस्थित थे। प्रत्याशी डामर ने मीडिया से कहा कि में खुद एक किसान हूं और आज भी खेती करता हूं। मेरा क्षेत्र किसानों का है। जिस तरह ट्रैक्टर से नामांकन दाखिल किया है, उसी तरह ट्रैक्टर से विधानसभा पहुंचेगे। रतलाम ग्रामीण में भाजपा प्रचंड बहुमत से विजय होगी। किसान भाइयों के लिए भाजपा ने अब तक कार्य किया है। अब जो कार्य अधूरे है उनको पूरा किया जाएगा। सड़क बिजली पानी की मूलभूत सुविधाएं भाजपा शासन में मिलती आ रही है इसे और व्यवस्थित किया जाएगा।

भय्याजी ने भरी हुंकार : भाजपा प्रत्याशी चेतन्य काश्यप ने दाखिल किया नामांकन, रैली में दिखा जोश और उत्साह

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव के लिए रतलाम शहर से भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक चेतन्य काश्यप ने गुरुवार को नामांकन प्रस्तुत किया। नए कलेक्टोरेट में नामांकन के लिए विशाल रैली से पूर्व काश्यप श्री कालिका माता मंदिर पहुंचकर सपरिवार आशीर्वाद लिया। नामांकन रैली का मार्ग में जगह-जगह भव्य स्वागत किया गया। रैली में सांसद गुमानसिंह डामोर, महापौर प्रहलाद पटेल, जिलाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह लुनेरा, जिला प्रभारी प्रदीप पाण्डेय, जिला प्रवास प्रभारी गुजरात विधायक केयूर भाई रोकड़िया, जिला संयोजक बजरंग पुरोहित, विधानसभा संयोजक मनोहर पोरवाल, सह संयोजक प्रेम उपाध्याय, जिला महामंत्री प्रदीप उपाध्याय एवं निर्मल कटारिया, पूर्व जिलाध्सक्ष कन्हैयालाल मौर्य, पूर्व महापौर शैलेन्द्र डागा तथा निगम अध्यक्ष मनीषा शर्मा शामिल रहे। श्री कालिका माता मंदिर में ट्रस्ट अध्यक्ष राजाराम मोतियानी के नेतृत्व में काश्यप का स्वागत अभिनन्दन किया गया। काश्यप ने परिसर स्थित श्रीराम मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन वंदन भी किए। इसके बाद स्टेशन रोड़ स्थित जैन मंदिर में भी दर्शन वंदन कर आशीर्वाद लिया। नामांकन रैली भाजपा प्रत्याशी एवं विधायक काश्यप के चुनाव कार्यालय विसाजी मेंशन, स्टेशन रोड़ से आरंभ होकर दिलबहार चौराहा, टी.आई.टी. रोड़, महू रोड़ फव्वारा चौक होते हुए नए कलेक्टोरेट पहुंची। रैली से पूर्व श्रीमती नीता काश्यप एवं परिवार ने श्रीफल भेंट किया। रैली का दिलबहार चौराहा, ऑटो स्टैंड पर वार्ड पार्षद रामू डाबी एवं समस्त व्यापारीगण, ओखली रेस्टोरेंट, जीवन लॉज के सामने रजनीश गोयल, पटेल किराना के पास उजाला ग्रुप एवं कान्हा उस्ताद मित्र मण्डल, उजाला पैलेस पर अश्विन जायसवाल, अशोक भवन, सत्यनारायण मंदिर के पास नरेंद्र सोलंकी, नीलम गेस्ट हाऊस, टी.आई.टी. रोड़ पर सिंधी समाज, अनिता पाहूजा द्वारा, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के सामने, टी.आई.टी. रोड़ पर वार्ड पार्षद योगेश पापटवाल, डॉ. पाटनी वाली गली कॉर्नर, टी.आई.टी. रोड़ पर ओम अग्रवाल, पेट्रोल पंप के पास, पोहावाला के सामने राजेश माहेश्वरी, फव्वारा चौराहा पर इब्राहिम शेरानी, सुभाष मार्केट के बाहर बलवंत भाटी, समता सागर पार्किंग के बाहर मंसूर जमादार, इप्का गेस्ट हाऊस के बाहर वार्ड पार्षद परमानन्द योगी एवं एस.पी. कार्यालय के सामने लुनिया एण्ड संस परिवार सहित, धार्मिक, सामाजिक, व्यापारिक, सांस्कृतिक संगठनों, भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। कलेक्टोरेट में भाजपा प्रत्याशी काश्यप ने रिटर्निंग ऑफिसर के समक्ष नामांकन प्रस्तुत किया। इस दौरान सांसद डामोर, जिलाध्यक्ष लुनेरा, प्रवास प्रभारी रोकड़िया, महापौर पटेल उपस्थित रहै। बनाएंगे जीत का इतिहास :भाजपा प्रत्याशी के रूप में विशाल रैली के साथ नामांकन प्रस्तुत करने जाने से पहले विधायक चेतन्य काश्यप ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने भाजपा नेतृत्व को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि लगातार तीसरी बार पार्टी ने मुझ पर जो भरोसा किया है, उस पर खरा उतरेंगे। मतदाताओं के आशीर्वाद से रतलाम को नगर से महानगर बनाने का जो संकल्प हमने लिया है, उसे पूरा कर नया रतलाम बनाएंगे। उन्हें विश्वास है कि कार्यकर्ताओं ने इस बार छप्पन हज़ार से अधिक जीत का जो लक्ष्य रखा है, आमजन के आशीर्वाद से भाजपा उससे भी अधिक अंतर की जीत दर्ज कर नया इतिहास बनाएगी।

“बा” पर भरोसा : ग्रामीण से पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को भाजपा से टिकट, जमकर मना जश्न

टिकट मिलने की खबर से पहले खेत पर कर रहे थे बुवाई, सबसे पहले पंहुचे संघ कार्यालय पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए बीजेपी ने अपनी पांचवी सूची जारी कर दी है। पांचवी सूची में 92 उम्मीदवारों के नामों का ऐलान किया गया है। पांचवी सूची में नामों का ऐलान करने के साथ ही भाजपा प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर सीटों पर अपने 228 प्रत्याशियों के नामों का ऐलान कर चुकी है।भारतीय जनता पार्टी ने विधानसभा चुनाव के लिए पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को तीसरी बार रतलाम ग्रामीण विधानसभा से अपना उम्मीदवार घोषित किया। टिकट की घोषणा के दौरान मथुरालाल डामर खेत में बुवाई के काम को देख रहे थे। लिस्ट आने की सूचना के बाद उनके घर के बाहर समर्थकों का जमावड़ा लग गया। अंचल व हाईकमान के बीच डामर “मथुरा बा” के नाम से मशहूर है। डामर को भाजपा में सरल व सादगी वाला नेता कहा जाता है। भाजपा के अलावा डामर का संघ से पुराना नाता रहा है, टिकट होने के बाद देर रात सबसे पहले डामर राजस्व कॉलोनी स्थित संघ कार्यालय पहुंचे और करीब आधा घंटे से अधिक वहां रुके। जिसके बाद वे पूर्व मंत्री व वरिष्ठ भाजपा नेता हिम्मत कोठारी के निवास पर पहुंचे। पूर्व विधायक मथुरालाल डामर को भारतीय जनता पार्टी द्वारा रतलाम ग्रामीण विधानसभा से उम्मीदवारी की घोषणा के बाद समर्थकों ने उनके निवास पर पहुंच उनका स्वागत किया। सभी ने एक – दूसरे को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दी। शहर व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से कई कार्यकर्ता डामर के स्वागत के लिए पंहुचे। कार्यकर्ताओं ने “अबकी बार 60 हजार” पार का नारा लगाया। इस दौरान डामर को समर्थकों ने कंधे पर उठा लिया और ढोल की थाप पर थिरकते नजर आए। आपको बता दे वर्तमान विधायक दिलीप मकवाना भी टिकट की दौड़ में थे मगर पार्टी ने ग्रामीण में डामर पर भरोसा जताया। डामर कल रविवार को सुबह काछी बड़ौदा (रूनीजा) स्थित गणेश मंदिर, विरुपाक्ष महादेव बिलपांक व सातरूंडा स्थित कंवलका माता मंदिर पर दर्शन पूजन करेंगे। डामर के स्वागत के लिए पहुंचे समर्थकों ने पहले आतिशबाजी की और फिर ढोल की थाप पर जमकर थिरके। जश्न के दौरान भाजपा नेता, कार्यकर्ताओं के साथ धार्मिक, सामाजिक संस्थाओं के साथ समर्थक भी उपस्थित रहे। डामर के स्वागत का यह सिलसिला देर रात तक चलता रहा। इस दौरान कोई फूलों की माला, तो कोई दुप्पट्टा औढ़ाकर और साफा पहनाकर स्वागत-अभिनंदन करता दिखाई दिया। मथुरालाल डामर ने बताया कि पार्टी ने जो भरोसा जताया है, उसके लिए शीर्ष नेतृत्व का आभर है। 2013 में जो जनता ने आशीर्वाद दिया था इस बार वो दोगुना मिलेगा। गांव के किसान भाइयों, गरीबों और प्रत्येक व्यक्ति के लिए विकास कार्य करना प्राथमिकता रहेगी।

सबका कटेगा “टिकट” ? : कांग्रेस ने रतलाम शहर से प्रभु को दूर से किया प्रणाम, जावरा में जीवनसिंह शेरपुर को अघोषित कार्यकर्ता बनाकर छोड़ा

टिकट बंटवारे को लेकर दोनों पार्टियों में जमकर बवाल, भाजपा ग्रामीण में तो शुरू हुए उपवास पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के मुकाबलों का दौर अभी शुरू नहीं हुआ है। इससे पहले दोनों ही पार्टियों में अंदरूनी मुकाबले की अग्नि परीक्षा जारी है। भाजपा में संगठन के अच्छे मैनेजमेंट के चलते यह बाहरी स्तर पर कम दिखाई पड़ता है, मगर कांग्रेस में सबकुछ खुली किताब है। हम इधर उधर के फालतू कयास नहीं लगाएंगे जिससे आप भी बोर हो जाए। बात करते है सीधे मुद्दे की। देर रात कांग्रेस ने शहर से पारस सकलेचा को अपना दावेदार घोषित किया। सबकुछ ठीक चल रहा था मगर अचानक ही अज्ञात लोग आते है और पुतला जलाकर रवाना हो जाते है। गौरतलब है कि मयंक जाट के मैदान छोड़ने के बाद ही बाकी को अपने अपने टिकट की आस जागी थी। ऐसे में प्रकाश प्रभु राठौड़ अपनी पूरी तैयारी में थे। चुनाव नजदीक आते ही इन्होंने रतलाम के मार्केट में अपनी मार्केटिंग शुरू कर दी। सनातनी झंडा उठाकर प्रभुजी ने धार्मिक कार्यक्रमों को करते हुए अपना चेहरा चमकाया। मगर अंत में कांग्रेस ने इनको दूर प्रणाम करते हुए पारस दादा को अपना दावेदार घोषित किया। अब प्रभु राठौड़ जी के निर्दलीय मैदान में उतरने की भी फुसफुसाहट बाजार में शुरू हो रही है। खेर इतनी बड़ी कांग्रेस में शहर में पारस दादा का पुतला किसने जलाया यह दोनों पार्टियों के लिए जांच का विषय है। MP के किंग को जावरा में जगह नहीं :जातीय संगठन करणी सेना से देशभर में चमके जीवनसिंह शेरपुर ने 2023 में राजनीतिक एंट्री की शुरुआत का एलान किया। खेर यह कोई नई बात नहीं है, की कोई सामाजिक संगठन से शुरुआत करते हुए फेम बेस बनाकर राजनीति में आ रहा हो। जीवनसिंह शेरपुर ने भी ठीक वैसा ही किया। मगर राजनीति में आने से पहले से 2018 के चुनाव में जीवनसिंह ने कांग्रेस को अप्रत्यक्ष रूप से पूरा समर्थन दिया। इस बार नगरीय निकाय में भी जीवनसिंह ने यही किया। जिसके बाद जीवनसिंह ने अपनी विधानसभा की तैयारी शुरू की और कांग्रेस से टिकट की लगभग ग्यारंटी भी समझी। मगर समर्थकों में एमपी का किंग कहे जाने वाले जीवनसिंह को कांग्रेस ने जावरा में जगह नहीं दी। जिसके पीछे कारण बेदाग छवि का नहीं होना बताया जा रहा है। बरहाल जीवनसिंह का कहना है कि वे उनकी मांगों को लेकर अडिग है, इन मांगों को कांग्रेस ने अपने वचनपत्र में जगह नहीं दी है। जीवनसिंह निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने का मन बना चुके है। फिलहाल जीवनसिंह शेरपुर 80 के करीब विधानसभा सीटों पर अपनी तैयारी की बात कह रहे है। ऐसे में अब कहीं और तो नहीं मगर जावरा में त्रिकोणीय मुकाबला जरूर देखने में आ सकता है। जीवनसिंह शेरपुर के समर्थकों का मानना है कि राजपूत समाज के अलावा अन्य समाज भी उनके साथ है। खेर अब भाजपा की सूची का सभी को बेसब्री से इंतजार है। इस सूची में जावरा, आलोट और रतलाम ग्रामीण की स्थिति स्पष्ट होगी। मौजूदा रतलाम ग्रामीण विधायक दिलीप मकवाना दिल्ली-भोपाल दौड़ने में लगे है। वहीं पूर्व विधायक मथुरालाल डामर के समर्थकों का मानना है की त्याग व जनता के बीच रहने वाले “बा” को अवसर दिया जाए। ग्रामीण में मथुरालाल डामर की इस बार हवा तेज है। बात यह भी सामने आ रही है कि कई समर्थक इनके टिकट के लिए उपवास तक रख रहे है। लोग पूजा अनुष्ठान कर रहे है।

गुंडों की लगाई परेड : चार थानों पर 110 गुंडों ने लगाई हाजरी, सीएसपी ने चेतवानी देकर किया रवाना

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। एसपी राहुल कुमार लोढा ने चुनावी दौर और त्योहारों को देखते हुए पूरे जिले में गुंडा फाइल खुलवा दी है। जिले के सभी अधिकारियों को थाने के गुंडा रजिस्टर में अंकित व्यक्तियों की गुंडा परेड करने के लिए निर्देशित किया गया है।गुरुवार को शहर के चारों थानों पर दोपहर से लगी भीड़ को देखकर हर कोई हैरान था। शाम को जब एक साथ सभी को खड़ा करके चेतवानी दी गई तब मालूम हुआ कि ये सभी गुंडा लिस्ट में लिस्टेड बदमाश है। एएसपी राकेश खाखा एवं सीएसपी अभिनव बारंगे के मार्गदर्शन में रतलाम शहर के चारो थानों पर गुंडा रजिस्टर में दर्ज 110 गुंडों को थाने पर बुलाकर गुंडा परेड कराई गई। सीएसपी अभिनव बारंगे ने सभी थानों पर पहुंचकर लिस्टेड गुंडों, हिस्ट्रीशीटर से पुछताछ कर उनको चेतावनी दी। सीएसपी ने बताया की आगामी दिनों में होने वाले विधानसभा चुनाव के दौरान शांति भंग करने पर लिस्टेड गुंडों पर कड़ी केकार्रवाई की जाएगी। सभी 110 हिस्ट्रीशीटर, गुंडों, बदमाशों को किसी भी अवैधानिक गतिविधीयो का हिस्सा नहीं बनने की समझाईश दी गई। शहर में संदिग्ध गतिविधियों में सक्रिय गुंडों के विरुद्ध प्रतिबंधात्मक व अन्य वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान थाना प्रभारी स्टेशन रोड भुवानीराम वर्मा, थाना प्रभारी डीडी नगर सुरेंद्र गडरिया, थाना प्रभारी आईए राजेंद्र वर्मा, थाना प्रभारी माणकचौक प्रिती कटारे मौजूद रही।

भाजपा को झटका : ग्रामीण में भाजपा के 30 से अधिक कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ, नाराजगी बनी वजह

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। विधानसभा चुनाव की तारीखों के एलान के बाद दल बदल की राजनीति का दौर शुरू हो चुका है। रतलाम ग्रामीण में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है। मंगलवार को जिले के सागोद गांव में 35 भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली। इसका बड़ा कारण कार्यकर्ताओं की लगातार अनदेखी बताई जा रही है। इस दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैलाश पटेल सहित कांग्रेस के अन्य नेता मौजूद रहे। कांग्रेस की सदस्यता लेने वाले दिनेश गुर्जर ने बताया कि भाजपा के शासन में रहवासी क्षेत्रों में कोई कार्य नहीं किए गए। जिस कॉलोनी में हम रहते है उसे ही अवैध घोषित करते हुए कई बार नोटिस दे दिए गए। लेकिन भाजपा के किसी नेता ने हमारी सुध नहीं ली। गौरतलब है कि सागोद गांव से भाजपा प्रत्येक चुनाव में लीड लेती है। यहां करीब 1400 वोटर्स है।

विधानसभा चुनाव 2023 : सुरक्षा बल की पहली कंपनी पहुंची रतलाम, जिले में 333 संवेदनशील और 1 अतिसंवेदनशील मतदान केंद्र

पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। जिले की कुल जनसंख्या 17 लाख 17 हजार 915 है, जिसमें से इस साल पांचों विधानसभा क्षेत्रों के 1295 पोलिंग बूथों पर 1101741 मतदाता मतदान करेंगे। उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला 550814 महिला और 550811 पुरुष मतदाता के हाथ रहेगा। इसमें पहली बार 18 वर्ष से अधिक उम्र के 40 हजार मतदाता भी शामिल होंगे। पूरे जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है। अनावश्यक भीड़ लगाने, बिना अनुमति प्रदर्शन, आयोजनों पर कार्रवाई होगी। इस बार चुनाव में 24 मतदान केंद्र मंदसौर जिले की सीमा, 20 केंद्र राजस्थान सीमा से लगे हैं जबकि 88 संवेदनशील मतदान केंद्र रहेंगे। इन केंद्रो पर पुलिस प्रशासन विशेष नजर रखेगी। जिले में कुल 333 मतदान केंद्र को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। जिले में केवल एक बूथ को अति संवेदनशील की श्रेणी में रखा गया है। यह बूथ ग्राम पंचायत करमदी है, जहां धार्मिक विवाद हुआ था। संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय सुरक्षाबलों की विशेष निगरानी में चुनाव संपन्न कराए जाएंगे। मंगलवार शाम आईटीबीपी के जवानों की एक कंपनी रतलाम पहुंची। स्थानीय पुलिस ने कंपनी के ठहरने आदि की व्यवस्थाएं की। इन कंपनियों की तैनाती संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में की जाएगी। कुछ दिनों में सुरक्षाबलों की और कंपनियां भी पहुंचने की भी संभावना है। कंपनियों के पहुंचने के बाद इनको मतदान में विशेष ड्यूटी के लिए ट्रेनिंग का दौर शुरू होगा। विशेष दिशा निर्देश देने के बाद जवानों को मतदान स्थल पर तैनात किया जाएगा। सुरक्षाबलों के जवान मतदान केंद्रों पर राइफल्स के साथ तैनात रहेंगे। इनकी तैनाती के पीछे मुख्य कारण बूथ कैप्चरिंग व संवेदनशील घटनाओं से निपटना है। इस बार चुनाव में जिलेभर में 333 मतदान केंद्र संवेदनशील की श्रेणी में रखे गए हैं जहां अतिरिक्त पुलिस की व्यवस्था की जाएगी। जिले में 25 फीसदी केंद्र संवेदनशील :आमतौर पर हर विधानसभा में 10 फीसदी मतदान केंद्रों को निर्वाचन आयोग संवेदनशील केंद्र मानकर अतिरिक्त बलों की व्यवस्था करता आया है। इस बार जिले में संवेदनशील मतदान केंद्रों की संख्या 25 फीसदी से ज्यादा है। जिले में 1295 मतदान केंद्रों में से 333 मतदान केंद्र इस श्रेणी में मिले हैं। इन मतदान केंद्र पर पुलिस और प्रशासन की तैयारियां अब दिखाई देने लगी है।

नेताजी की शिकायत! : आचार संहिता उलंघन की नागरिक एक क्लिक में करे शिकायत, 100 मिनट के अंदर निराकरण का दावा

जानिए क्या है सी-विजिल एप (C – VIGIL App) और कैसे करेगा काम! पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। चुनाव आयोग की तरफ से पिछले दिनों तारीखों की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है। आचार संहिता में कई तरह के नियम होते हैं, जिनका पालन उम्मीदवारों को चुनाव होने तक करना पड़ता है। चुनाव आयोग का भी पूरा फोकस आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने पर होता है। चुनाव के दौरान कई प्रत्याशी वोटरों को लुभाने के लिए आचार संहिता का उल्लंघन करते हैं। आमजन शिकायत कहां व कैसे करनी है इस जानकारी के अभाव में शिकायत नहीं कर पाते। शिकायत के तरीके को आसान बनाने के लिए चुनाव आयोग ने सी-विजिल एप (cVIGIL app) बनाया है। आयोग का दावा है की 100 मिनट यानी 2 घंटे से भी कम समय में शिकायत का निवारण कर दिया जाएगा। हालांकि मतदाता सीधे जिला निर्वाचन अधिकारी या कलेक्टर से भी शिकायत कर सकते हैं। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी भास्कर लक्षकार ने बताया कि कोई भी व्यक्ति यदि जिले में किसी भी प्रकार की निर्वाचन संबंधी आचार संहिता का उल्लंघन देखा है तो उसकी शिकायत कॉल सेंटर 1950 पर या जिला स्तरीय कंट्रोल रूम 07412-270487 कर सकता है। शिकायत मिलते ही फ्लाइंग स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करेगी। आपको बता दे चुनावों में हर बार 300 से 800 तक शिकायतें आचार संहिता उल्लंघन की आती हैं। इनसे निपटने के लिए ही चुनाव आयोग ने पिछले कुछ साल से तकनीक का सहारा लेना शुरू किया है। इस कड़ी में आयोग का  सी-विजिल (C-VIGIL) ऐप काफी कारगर साबित हो रहा है। इस ऐप के जरिये आम लोग भी आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत कर सकते है। जानिए इस ऐप को उपयोग करने का पूरा तरीका। स्टेप बाय स्टेप इस तरह करे उपयोग :इस ऐप को आप गूगल प्ले स्टोर और एप्पल स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं। अगर आप एंड्रॉयड मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हैं तो आपको प्ले स्टोर पर जाकर C-VIGIL लिखना होगा। इसके बाद इंस्टॉल पर क्लिक करे। अगर आप आईफोन यूजर हैं तो आपको ऐप स्टोर पर जाकर यही प्रोसेस फॉलो करना होगा। शिकायत करने के लिए अपनाए यह प्रोसेस:ऐप डाउनलोड करने के बाद आपको इसे ओपन करके अपना रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान जब आप ऐप खोलेंगे तो सबसे पहले भाषा सेलेक्ट करने का विकल्प आएगा, कोई एक भाषा चुनकर आगे बढ़ें।अब दूसरे पेज पर डिस्क्लेमर होगा, जिसके नीचे I Agree का चेक बॉक्स होगा। इसे सेलेक्टर करें और इसके आगे लिखे नेक्स्ट ऑप्शन पर क्लिक करें।अब आपसे आपका मोबाइल नंबर मांगा जाएगा, मोबाइल नंबर डालकर सेंड ओटीपी पर क्लिक करें। अगर आप अपना मोबाइल नंबर डालकर रजिस्ट्रेशन नहीं चाहते हैं तो सेंड ओटीपी के नीचे लिखे Anonymous ऑप्शन पर क्लिक करें।अब आपके सामने इमेज, वीडियो और ऑडियो अपलोड करने का विकल्प आएगा। अगर आपके पास आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा कोई भी वीडियो, ऑडियो या इमेज है तो उसे संबंधित कैटिगरी में अपलोड करके सब्मिट कर दें। इस तरह आपकी शिकायत सीधे चुनाव आयोग तक पहुंच जाएगी। 100 मिनट में कार्रवाई का दावा :चुनाव आयोग का कहना है कि अगर कोई भी व्यक्ति इस ऐप के द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत करता है तो हमारी टीम 100 मिनट के अंदर उस शिकायत पर कार्रवाई करेगी। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गुप्त रखी जाएगी। चुनाव आयोग ऐप पर हुई शिकायत और कार्रवाई की जानकारी भी अपडेट करता रहेगा। यहां इस बात का ध्यान रखें कि यह ऐप ऑटोमेटिक लोकेशन रीड करता है और उसी एरिया में काम करता है जहां चुनाव होना है।मान लीजिए आप अभी दिल्ली में हैं और इस ऐप पर कुछ अपलोड करना चाहेंगे तो वह नहीं हो पाएगा। इस स्थिति में आपके सामने एक मैसेज आएगा कि अभी इस एऱिया में कोई चुनाव नहीं है।

चुनावी रण का आगाज : मध्यप्रदेश समेत 5 राज्यों की चुनावी तारीखों का एलान, आचार संहिता लागू
जानिए चुनाव आयोग की पूरी तैयारियां

पब्लिक वार्ता – नई दिल्ली/भोपाल,जयदीप गुर्जर। देश के 5 राज्यों में आखिरकार विधानसभा 2023 के चुनावी रण का आगाज हो चुका है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव होने है। चुनावों की तारीखों का ऐलान हो गया है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) राजीव कुमार ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छत्तीसगढ़ में दो फेज में 7 और 17 नवंबर को वोटिंग होगी। मध्यप्रदेश में 17 नवंबर और राजस्थान में 23 नवंबर को सिंगल फेज में चुनाव होगा। वहीं मिजोरम में 7 नवंबर और तेलंगाना में 30 नवंबर को एक ही फेज में वोटिंग होगी। पांचों राज्यों का रिजल्ट एक दिन 3 दिसंबर को एक साथ घोषित होगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि इन राज्यों में कुल 16.14 करोड़ वोटर्स हैं। इनमें 8.2 करोड़ पुरुष, 7.8 करोड़ महिला वोटर्स हैं। 2023 में 60.2 लाख नए वोटर्स है जो पहली बार वोट डालेंगे। आचार संहिता में रहेगी ये बंदिशें :नई सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की घोषणा नहीं हो सकेंगी।मंत्री-विधायक सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।सरकारी योजनाओं के बैनर, पोस्टर्स, सरकारी वेबसाइट से मुख्यमंत्री,मंत्रियों व अन्य राजनेताओं के पोस्टर हटाए जाएंगे।किसी भी प्रोजेक्ट का शिलान्यास या उद्घाटन नहीं हो सकेगा। आचार संहिता का इन कामों पर नहीं होगा असर :जनता को जो सरकारी योजना शुरू हो चुकी हैं, उनका लाभ मिलता रहेगा।सरकार कोई तबादला नहीं कर पाएगी, लेकिन चुनाव आयोग अफसरों के तबादले कर सकेगा।सीएम- मंत्री रूटीन काम ही कर सकेंगे।सरकारी दफ्तर में जनता से जुड़े सामान्य काम पहले जैसे ही चलते रहेंगे। 5 राज्यों में आयोग की ऐसी रहेगी व्यवस्था :5 राज्यों की 679 विधानसभा सीटों के लिए 1.77 लाख पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं।60.2 लाख नए मतदाता पहली बार वोट डालेंगे। इनकी उम्र 18 से 19 साल के बीच है। इसके अलावा 15.39 लाख वोटर ऐसे हैं, जो 18 साल पूरे करने जा रहे हैं और जिनके पहले से आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।17,734 मॉडल बूथ, 621 पोलिंग बूथों को दिव्यांग कर्मचारी संभालेंगे। 8192 पोलिंग बूथों पर महिलाएं कमान संभालेंगी।1.01 लाख पोलिंग बूथ पर वेबकास्टिंग होगी। आदिवासियों के स्पेशल बूथ होंगे। 2 किलोमीटर के अंदर पोलिंग बूथ होंगे।छत्तीसगढ़-उड़ीसा बॉर्डर पर चांदमेता और जगदलपुर बस्तर में बसे तुलसी डोंगरी हिल एरिया में पहली बार पोलिंग बूथ बनाया गया है। यहां पहले ग्रामीणों को वोट करने के लिए 8 किमी चलकर बूथ तक जाना पड़ता था।राजस्थान में माझोली बाड़मेर में बूथ 5 किमी दूर था। 49 वोटर्स के लिए नया बूथ 2023 के चुनाव के लिए बनाया गया है।सी विजिल ऐप से चुनावी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। लोग ऐप के जरिए शिकायत कर सकेंगे।मध्यप्रदेश में देवगांव और मंडला जिले के बिछिया में 350 वोटर्स के लिए बूथ बनाया जाएगा। ये बूथ SDM हेडक्वॉर्टर्स से 40 किमी दूर है। मध्यप्रदेश में ही नंदिया और नर्मदापुरम के पिपरिया में जिला मुख्यालय में 165 किमी दूर पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पोलिंग पार्टी को देनवा नदी पार करके जाना होगा। इसके पहले उसे अलग गाड़ी से देनवा के किनारे तक पहुंचाया जाएगा।

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