MP News: MP के 1100 करोड़ के चावल घोटाले में बड़ा एक्शन, महाराष्ट्र से दो राइस मिल संचालक गिरफ्तार

MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित चावल घोटाले में एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। अब तक 10 गिरफ्तारी, 5 आरोपी फरार हैं। भोपाल- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के चर्चित MP चावल घोटाले की जांच लगातार नए खुलासे कर रही है। विशेष जांच दल (SIT) ने महाराष्ट्र के गोंदिया से दो राइस मिल संचालकों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर निकला करोड़ों रुपये का फोर्टिफाइड चावल उनकी राइस मिल में खपाया गया। जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी जुगल खंडेलवाल और उनके भाई किशनलाल खंडेलवाल हैं। इस कार्रवाई के साथ अब तक इस मामले में कुल 10 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पांच आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि इस पूरे नेटवर्क में अन्य राइस मिलों की भूमिका भी सामने आ सकती है। इसी वजह से एसआईटी जांच का दायरा लगातार बढ़ा रही है। महाराष्ट्र से हुई गिरफ्तारी, एसआईटी की जांच तेज एसआईटी ने महाराष्ट्र के गोंदिया पहुंचकर जुगल खंडेलवाल और किशनलाल खंडेलवाल को गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का आरोप है कि छिंदवाड़ा स्थित एथनॉल प्लांट के नाम पर जारी किया गया करीब 40 ट्रक फोर्टिफाइड चावल, जिसकी कीमत लगभग 3 करोड़ रुपये बताई जा रही है, आरोपितों की राइस मिल में पहुंचाया गया। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल एक कड़ी है और जांच आगे बढ़ने पर अन्य राइस मिलों और संबंधित लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है।  क्या है पूरा चावल घोटाला? यह मामला 3 जून को मध्य प्रदेश के बालाघाट और सिवनी जिलों में सामने आया था। जांच में आरोप लगा कि एफसीआई (FCI) के गोदामों से निकला फोर्टिफाइड चावल अपने निर्धारित गंतव्य तक नहीं पहुंचा। जांच के मुताबिक, 12.66 करोड़ रुपये मूल्य का 54,590 क्विंटल फोर्टिफाइड चावल छिंदवाड़ा स्थित एवीजे एग्रिको ग्रुप के एथनॉल प्लांट के लिए जारी किया गया था, लेकिन वह प्लांट तक पहुंचा ही नहीं। 1100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है जांच जांच अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला केवल एक जिले तक सीमित नहीं है। यदि जांच में ये आशंकाएं सही साबित होती हैं, तो यह मध्य प्रदेश के सबसे बड़े खाद्यान्न घोटालों में से एक माना जा सकता है। एथनॉल नीति क्या कहती है? प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार, एफसीआई के गोदामों में रखा पुराना और मानव उपभोग के लिए अनुपयोगी हो चुका चावल एथनॉल उत्पादन में उपयोग किया जा सकता है। महत्वपूर्ण जानकारी जांच अभी जारी, और बढ़ सकती हैं गिरफ्तारियां एसआईटी की जांच अभी जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों, परिवहन रिकॉर्ड और संबंधित राइस मिलों की जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल जांच एजेंसियां फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हैं और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही हैं

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