Ratlam News: रतलाम में जीवन सिंह शेरपुर के समर्थन में ग्रामीणों का ज्ञापन, FIR निरस्त करने की मांग

Ratlam News: रतलाम के पिपलिया जोधा गांव में ग्रामीणों ने जीवन सिंह शेरपुर के खिलाफ दर्ज FIR को झूठा बताते हुए जावरा SDOP को ज्ञापन सौंपा और निष्पक्ष जांच की मांग की। रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: मध्यप्रदेश के रतलाम जिले के ग्राम पिपलिया जोधा में करणी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के खिलाफ दर्ज FIR को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में ग्रामीणों ने एकजुट होकर FIR को झूठा और निराधार बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की है। वीडियो देखे शनिवार को ग्रामीणों ने जावरा एसडीओपी को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की अपील की। ज्ञापन में ग्रामीणों का कहना है कि बाछड़ा समुदाय के कुछ लोगों द्वारा SC/ST एक्ट के तहत दर्ज कराई गई FIR पूरी तरह तथ्यहीन है और दुर्भावनापूर्ण तरीके से दर्ज की गई है। ग्रामीणों के अनुसार, इस तरह के आरोपों के जरिए जीवन सिंह शेरपुर की सामाजिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि सच्चाई सामने लाकर झूठी FIR को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए, ताकि एक निर्दोष व्यक्ति को न्याय मिल सके। आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो ग्राम पिपलिया जोधा के लोग शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

Ratlam News: रतलाम में जीवन सिंह शेरपुर पर आरोप: बाछड़ा समाज पर टिप्पणी, SC-ST एक्ट में FIR की मांग

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: जिले में बाछड़ा समाज के विरुद्ध कथित रूप से अपमानजनक और जातिसूचक टिप्पणी कर वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शेरपुर निवासी जीवन सिंह पिता शेरसिंह द्वारा सार्वजनिक रूप से समाज की छवि धूमिल करने वाले बयान दिए गए। वीडियो देखे ज्ञापन के अनुसार 30 जनवरी 2026 को माननखेड़ा पुलिस चौकी परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आरोपी ने हजारों लोगों के सामने बाछड़ा समाज के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और पूरे समुदाय को गलत तरीके से पेश किया। इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों में वायरल किया गया, जिससे समाज की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस घटना से समाज के युवक-युवतियों और छात्र-छात्राओं पर मानसिक प्रभाव पड़ा है तथा उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर अपमानजनक टिप्पणियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले में 7 फरवरी 2026 को माननखेड़ा चौकी पर शिकायत भी की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी है। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी द्वारा शिकायत करने पर जान से खत्म करने की धमकी दी गई, जिससे क्षेत्र में भय का वातावरण है। साथ ही 17 मार्च 2026 को कलेक्टर घेराव के दौरान भी आरोपी द्वारा पुनः आपत्तिजनक टिप्पणियां किए जाने की बात कही गई है। पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ितों को सुरक्षा और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।