Pushpa Part 2 : इस दिन बॉक्स ऑफिस पर ‘पुष्पा 2’ होगी रिलीज, अल्लू अर्जुन फिर करेंगे धमाका

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Pushpa Part 2 : भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक, “पुष्पा 2: द रूल” (Pushpa 2 : The Rule) 5 दिसंबर को बड़े पर्दे पर धमाल मचाने के लिए तैयार है। टॉलीवुड के आइकॉन स्टार अल्लू अर्जुन एक बार फिर अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीतने आ रहे हैं। फिल्म निर्माताओं ने इसकी रिलीज़ डेट की आधिकारिक घोषणा कर दी है, और देशभर में इसे रिकॉर्ड संख्या में सिनेमाघरों में रिलीज़ करने की योजना बनाई जा रही है। पुष्पा 2: द रूल से उम्मीदें काफी ऊंची हैं, क्योंकि फिल्म का पहला भाग, पुष्पा: द राइज़’ (Pushpa : The Rise), जबरदस्त हिट साबित हुआ था और बॉक्स ऑफिस पर ऐतिहासिक कलेक्शन किया था। अल्लू अर्जुन की पावर-पैक परफॉर्मेंस और फिल्म के डायलॉग्स ने दर्शकों के बीच जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। फिल्म को लेकर जबरदस्त बजअल्लू अर्जुन (Allu Arjun) की स्टारडम और फिल्म के धमाकेदार ट्रेलर ने पहले ही दर्शकों के बीच जबरदस्त उत्साह पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रति उत्सुकता और ‘पुष्पा 2’ के गानों ने ट्रेंड सेट कर दिया है। फ़िल्म निर्माता इसे भारतीय सिनेमा के इतिहास की सबसे बड़ी रिलीज़ बनाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। अल्लू अर्जुन का दमदार अवतारइस बार अल्लू अर्जुन पहले से भी ज्यादा पावरफुल अंदाज़ में नजर आएंगे। फिल्म में उनके एक्शन सीक्वेंस, स्टाइल और दमदार डायलॉग्स पहले ही चर्चा का विषय बन चुके हैं। अल्लू अर्जुन के फैंस बेसब्री से उनके इस नए अवतार को देखने के लिए इंतजार कर रहे हैं। पुष्पा 2: द रूल’ का धमाका 5 दिसंबर से बॉक्स ऑफिस पर होगा, और यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म कितने रिकॉर्ड्स तोड़ने में सफल होती है। बॉक्स ऑफिस पर टूट सकते हैं रिकॉर्डफिल्म इंडस्ट्री के जानकारों का मानना है कि ‘पुष्पा 2: द रूल’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर नए रिकॉर्ड स्थापित हो सकते हैं। ट्रेंड्स के अनुसार, यह फिल्म देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बड़े पैमाने पर रिलीज़ की जाएगी। फिल्म की एडवांस बुकिंग को लेकर भी दर्शकों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

Rail Waiting Ticket: GNWL या PQWL, कौन सी टिकट होती है पहले कंफर्म, समझें ट्रेन की वेटिंग टिकटों का पूरा फंडा

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क : Rail Waiting Ticket: भारत में ट्रेन यात्रा सबसे सस्ती और पसंदीदा साधन है, लेकिन सीटों की मांग हमेशा बनी रहती है। खासकर त्योहारों जैसे दिवाली और छठ के दौरान टिकट की मांग अपने चरम पर होती है। इस दौरान, बहुत से यात्रियों को कंफर्म टिकट नहीं मिल पाता और वे वेटिंग लिस्ट में शामिल हो जाते हैं। कई यात्री वेटिंग टिकट से परिचित होते हैं, परंतु कम ही लोग जानते हैं कि ये कितने प्रकार की होती हैं और किस वेटिंग लिस्ट से कंफर्म टिकट मिलने के चांस ज्यादा होते हैं। जब ट्रेन की सभी सीटें बुक हो जाती हैं, तब रेलवे वेटिंग टिकट जारी करता है, ताकि कोई यात्री टिकट कैंसिल करता है तो वह सीट वेटिंग लिस्ट में शामिल किसी अन्य यात्री को मिल सके। वेटिंग टिकट मुख्य रूप से चार प्रकार की होती हैं—जनरल वेटिंग लिस्ट (GNWL), रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट (RLWL), पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट (PQWL), और तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट (TQWL)। आइए, जानते हैं किस वेटिंग लिस्ट के कंफर्म होने की कितनी संभावना होती है। जनरल वेटिंग लिस्ट (GNWL)GNWL उस स्थिति में जारी की जाती है, जब यात्री ट्रेन के ओरिजिन स्टेशन से यात्रा कर रहा हो। उदाहरण के लिए, अगर आप दिल्ली से मुंबई जाने वाली ट्रेन का टिकट दिल्ली से बुक करते हैं, तो आपको GNWL मिलेगा। इस वेटिंग लिस्ट के कंफर्म होने के चांस सबसे ज्यादा होते हैं, क्योंकि इसमें ओरिजिन और डेस्टिनेशन स्टेशनों के लिए सीटों की संख्या अधिक होती है। रिमोट लोकेशन वेटिंग लिस्ट (RLWL)RLWL वेटिंग लिस्ट उन यात्रियों के लिए होती है जो बीच के महत्वपूर्ण स्टेशनों से टिकट बुक करते हैं। उदाहरण के लिए, अगर कोई व्यक्ति हावड़ा से दिल्ली जाने वाली ट्रेन में पटना से यात्रा करता है, तो उसे RLWL मिलेगा। इस लिस्ट के कंफर्म होने के चांस GNWL के मुकाबले कम होते हैं। पूल्ड कोटा वेटिंग लिस्ट (PQWL)PQWL उन यात्रियों के लिए होती है, जो ट्रेन के शुरू और अंत के बीच के स्टेशनों से यात्रा करते हैं। यह वेटिंग टिकट छोटे स्टेशनों से बुक की जाती है, और इसके कंफर्म होने की संभावना भी काफी कम होती है। तत्काल कोटा वेटिंग लिस्ट (TQWL)तत्काल कोटा में वेटिंग टिकट तब जारी की जाती है, जब तत्काल टिकट बुक करते समय कंफर्म सीट नहीं मिलती। यह सबसे कम संभावनाओं वाली वेटिंग लिस्ट होती है, क्योंकि इसके लिए कोई अलग कोटा नहीं होता।

lawrance bishnoi: लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करने वाले पुलिसकर्मी को मिलेगा 1 करोड़ 11 लाख का इनाम, क्षत्रिय करणी सेना का ऐलान

नई दिल्ली- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क : lawrance bishnoi: गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के एनकाउंटर पर इनाम की घोषणा करते हुए क्षत्रिय करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राज शेखावत ने एक बड़ा ऐलान किया है। शेखावत ने कहा कि यदि कोई पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करता है, तो उसे 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा। यह घोषणा उन्होंने हाल ही में सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो के माध्यम से की है। गोगामेड़ी की हत्या का आरोप शेखावत ने इस इनाम की घोषणा करते हुए कहा कि बिश्नोई पर क्षत्रिय करणी सेना के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या कराने का आरोप है। पिछले साल 5 दिसंबर 2023 को राजस्थान के जयपुर में गोगामेड़ी की उनके घर में घुसकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। गैंग के सदस्य गोल्डी बराड़ ने दावा किया था कि गोगामेड़ी उनके कामकाज में अड़चन डाल रहे थे और उन्हें चेतावनी देने के बाद उनकी हत्या कराई गई। शेखावत ने अपने बयान में कहा, “हमारे आदरणीय सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या लॉरेंस बिश्नोई द्वारा कराई गई थी। अब हमें भयभीत नहीं, भयमुक्त भारत चाहिए। जो भी पुलिसकर्मी लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर करेगा, उसे करणी सेना की ओर से 1 करोड़ 11 लाख, 11 हजार 1 सौ 11 रुपए का इनाम दिया जाएगा।” करणी सेना की केंद्र सरकार से मांगकरणी सेना ने केंद्र सरकार से भी यह मांग की है कि जल्द से जल्द लॉरेंस बिश्नोई का एनकाउंटर किया जाए, ताकि देश को गैंगस्टर के आतंक से मुक्ति मिल सके। इस संबंध में शेखावत ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर भी एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की है। गुजरात की जेल में बंद है बिश्नोईलॉरेंस बिश्नोई फिलहाल गुजरात की जेल में बंद है और उस पर कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। बिश्नोई का नाम कई हाई-प्रोफाइल मामलों में भी सामने आया है, जिसमें सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मामला प्रमुख है। करणी सेना द्वारा किए गए इस इनाम के ऐलान के बाद यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है और देखना होगा कि इस पर केंद्र सरकार और संबंधित एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं।

Blast In Delhi: धमाके से दहल उठी दिल्ली, आतंकी साजिश की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां

नई दिल्ली – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Blast In Delhi: राजधानी दिल्ली के प्रशांत विहार इलाके में सीआरपीएफ स्कूल के पास हुए जोरदार धमाके ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को हिला कर रख दिया है। दिवाली से ठीक पहले हुए इस धमाके की जांच दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। घटना स्थल से सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं और आसपास के सीसीटीवी फुटेज को खंगाला जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह धमाका किसी आतंकी साजिश का हिस्सा है या किसी और कारण से हुआ है। लेकिन त्योहारों के इस मौसम में हुए इस धमाके ने एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं। सुरक्षा कड़ी, दिल्ली में हाई अलर्ट घोषितरोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में सुबह करीब 7.47 बजे हुए हुए इस धमाके के बाद दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विशेष रूप से प्रमुख बाजार क्षेत्रों जैसे चांदनी चौक, लाजपत नगर, कमला मार्केट, सरोजिनी नगर, सदर बाजार में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इन इलाकों में पुलिस की पैनी नजर संदिग्ध गतिविधियों पर बनी हुई है और सादी वर्दी में भी पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर कोई संदिग्ध वस्तु दिखाई दे, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी जाए। 13 साल बाद दिल्ली में बड़ा धमाकायह धमाका दिल्ली में लगभग 13 साल बाद हुआ है। इससे पहले, 2011 के बाद राजधानी में कोई बड़ा विस्फोट नहीं हुआ था। हालांकि, 14 जनवरी 2022 को गाजीपुर फूल मंडी के गेट पर एक बैग में आईईडी विस्फोटक मिला था, जिसे एनएसजी की टीम ने निष्क्रिय किया था। उस विस्फोटक में आरडीएक्स और अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। अब, इस हालिया धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। NIA और NSG की टीम जुटी जांच मेंपुलिस सूत्रों के मुताबिक, त्योहारों के दौरान राजधानी में आतंकी साजिश के इनपुट्स पहले से ही मिले थे, जिसके बाद से दिल्ली में अलर्ट जारी किया गया था। घटना के बाद घटनास्थल पर डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, IGL, NIA और NSG की टीमों ने जांच शुरू कर दी है। एनएसजी कमांडो ने सीआरपीएफ स्कूल के पास के इलाके में तलाशी अभियान भी चलाया है। विशेषज्ञों की जांच जारीरोहिणी के डीसीपी अमित गोयल ने बताया कि धमाके की असल वजह का पता लगाने के लिए एक्सपर्ट्स को बुलाया गया है। शुरुआती जांच में क्रूड बम जैसा मटेरियल मिलने की बात सामने आई है, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला जा रहा है ताकि धमाके के सोर्स का पता लगाया जा सके। आतंकी साजिश की जांचदिल्ली पुलिस की एटीएस घटना की जांच आतंकी हमले के एंगल से भी कर रही है। आस-पास के पुलिस थानों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं और बाजारों में पैदल गश्त बढ़ा दी गई है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि कोई भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें। नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (NSG) की टीम को भी मौके पर बुला लिया गया है। स्थानीय लोगों में दहशतविस्फोट की आवाज सुनते ही स्थानीय लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए। घटनास्थल के पास चश्मे की दुकान चलाने वाले सुमित ने कहा, “धमाका इतना जोरदार था कि मेरी दुकान के खिड़की के शीशे टूट गए और सारा सामान जमीन पर गिर गया।” वहीं, स्थानीय निवासी राकेश गुप्ता ने बताया, “सुबह करीब 7.30 बजे हमने बहुत तेज धमाके की आवाज सुनी। हमें लगा कि पास में कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है। कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं।” इस धमाके ने एक बार फिर दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है, और इस मामले में आतंकी साजिश की आशंका को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जांच जारी है, और जल्द ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

Train Cancelled : यात्री ध्यान दे! दिवाली के पहले कई ट्रेनें निरस्त, इन ट्रेनों के मार्ग और समय में किया परिवर्तन

रतलाम – पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। Train Cancelled: उत्तर मध्य रेलवे प्रयागराज मंडल द्वारा प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर यार्ड रिमॉडलिंग और अन्य कार्यों के कारण रतलाम मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनों पर प्रभाव पड़ेगा। इनमें से कई ट्रेनें रद्द की गई हैं, जबकि अन्य के रूट बदल दिए गए हैं। ऐसे में दिवाली के लिए पहले से टिकट बुक कर चुके यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। त्योहार के दौरान यात्रा में आए इस व्यवधान से यात्रियों की कठिनाइयां बढ़ने की संभावना है। निरस्त होने वाली ट्रेनें– 16 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09061 उधना-ग़ाज़ीपुर सिटी स्पेशल– 18 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09062 गाज़ीपुर सिटी-उधना स्पेशल-17 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09525 हापा-नाहरलगुन स्पेशल– 19 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09526 नाहरलगुन-हापा स्पेशल परिवर्तित मार्ग से चलने वाली ट्रेन– 18 एवं 20 अक्टूबर ट्रेन नंबर 20941 बांद्रा टर्मिनस-गाजीपुर सिटी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग कानपुर सेंट्रल-उन्नाव-मां बेल्हादेवी धाम प्रतापगढ़-जंघई के रास्ते चलाई जाएगी।– 20 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 20942 गाजीपुर सिटी-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जंघई-मां बेल्हादेवी धाम प्रतापगढ़ -उन्नाव-कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी।– 16 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09447 अहमदाबाद – पटना स्पेशल परिवर्तित मार्ग कानपुर सेंट्रल- लखनऊ- पं.दीनदयाल उपाध्याय जं के रास्ते चलाई जाएगी।– 18 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09448 पटना-अहमदाबाद स्पेशल परिवर्तित मार्ग कानपुर सेंट्रल- लखनऊ- पं.दीनदयाल उपाध्याय जं के रास्ते चलाई जाएगी।– 17 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 22468 गांधीनगर कैपिटल – वाराणसी एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाराणसी – लखनऊ -कानपुर सेंट्रल- गोविंदपुरी – भीमसेन के रास्ते चलाई जाएगी।– 21 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 20416 इंदौर – वाराणसी सुपर-फास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाराणसी – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल- गोविंदपुरी – भीमसेन के रास्ते चलाई जाएगी।– 20 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 20415 वाराणसी – इंदौर सुपर-फास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग वाराणसी – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल- गोविंदपुरी – भीमसेन के रास्ते चलाई जाएगी।– 17 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 22969 ओखा – बनारस सुपरफास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जंघई – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी।– 19 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 22970 बनारस – ओखा सुपरफास्ट एक्सप्रेस परिवर्तित मार्ग जंघई – लखनऊ – कानपुर सेंट्रल के रास्ते चलाई जाएगी। शॉर्ट टर्मिनेट होने वाली ट्रेनें– 17 से 20 अक्टूबर तक ट्रेन नंबर 14115 डॉ. आंबेडकर नगर- प्रयागराज एक्सप्रेस खजुराहो स्टेशन तक चलेगी।– 18 से 21 अक्टूबर ट्रेन नंबर 14116 प्रयागराज -डॉ. अंबेडकरनगर एक्सप्रेस खजुराहो से चलगी।– 18 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09117 सूरत-सूबेदारगंज साप्ताहिक स्पेशल फ़तेहपुर तक चलेगी।– 19 अक्टूबर को ट्रेन नंबर 09118 सूबेदारगंज – सूरत साप्ताहिक स्पेशल फ़तेहपुर से चलेगी। इन ट्रेन के आने – जाने के समय में किया परिवर्तन1. वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस (11463/11465):    – वेरावल से 17 अक्टूबर 2024 से:      – नागदा आगमन: 01:32 बजे, प्रस्थान: 01:35 बजे      – उज्जैन आगमन: 02:30 बजे, प्रस्थान: 02:40 बजे    – 19 अक्टूबर 2024 से इसी समय के अनुसार चलेगी। 2. जयपुर-हैदराबाद एक्सप्रेस (12719):    – 18 अक्टूबर 2024 से जयपुर से:      – उज्जैन आगमन: 02:15 बजे, प्रस्थान: 02:20 बजे  3. हिसार-हैदराबाद एक्सप्रेस (17019):    – 22 अक्टूबर 2024 से जयपुर से:      – नागदा आगमन: 01:19 बजे, प्रस्थान: 01:21 बजे      – उज्जैन आगमन: 02:15 बजे, प्रस्थान: 02:20 बजे  4. जब्बलपुर-वेरावल एक्सप्रेस (11464):    – 17 अक्टूबर 2024 से जबलपुर से:      – उज्जैन आगमन: 23:50 बजे, प्रस्थान: 00:00 बजे  5. जबलपुर-वेरावल एक्सप्रेस (11466):    – 17 अक्टूबर 2024 से जबलपुर से:      – उज्जैन आगमन: 23:50 बजे, प्रस्थान: 00:00 बजे  जनसंपर्क अधिकारी खेमराज मीणा ने यात्रियों से अनुरोध किया  है कि वे उपरोक्त परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए अपनी यात्रा की योजना बनाएं। विस्तृत जानकारी के लिए यात्री [Indian Railways की वेबसाइट] (http://www.enquiry.indianrail.gov.in) पर जा सकते हैं।

Godess Worship In India : भारतीय संस्कृति में मातृपूजा का गहरा इतिहास, पांच हजार वर्ष पुरानी है परंपरा

हड़प्पा सभ्यता के एक पुरास्थल से प्राप्त एक पट्टिका पर महिषासुर का मर्दन करती हुई देवी का अंकन मिलता है, जिसे महिषासुरमर्दिनी की कहानी का प्रथम चित्रण माना जाता है – प्रोफेसर शुभम केवलिया पब्लिक वार्ता,प्रोफेसर शुभम केवलिया। Godess Worship In India: मातृपूजा भारतीय संस्कृति की एक अत्यंत प्राचीन परंपरा है, जिसकी जड़ें लगभग पांच हजार वर्ष पूर्व की सरस्वती और सिंधु नदी की घाटियों में मिलती हैं। यहां से शुरू हुई मातृदेवी की आराधना भारतीय समाज में गहराई तक व्याप्त है, जो आज भी विभिन्न पर्वों में जीवंत दिखाई देती है। पुरातात्विक उत्खननों से प्राप्त सामग्री इस बात का प्रमाण देती है कि भारतीय सभ्यता का आरंभिक स्वरूप मातृदेवियों के पूजन पर आधारित था। विशेषकर हड़प्पा (Hadappa) और मोहनजोदड़ो (Mohanajodado) से मिली मातृदेवियों की मूर्तियां इस तथ्य को और भी स्पष्ट करती हैं कि भारतीय समाज ने देवी-पूजन को अपने जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बना रखा था। प्राचीन सभ्यताओं में मातृदेवी की आराधनापुरातत्ववेत्ताओं के अनुसार, सिंधु-सरस्वती सभ्यता से पकी मिट्टी से बनी मातृदेवी की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। इन मूर्तियों में देवी के सौम्य और रौद्र दोनों रूपों को दर्शाया गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित कुल्ली पुरास्थल से मातृदेवी के चंडी स्वरूप की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं, जो देवी के शक्तिशाली और उग्र रूप की ओर इंगित करती हैं। बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज शक्तिपीठ, जो 52 शक्तिपीठों में से एक है, भी मातृदेवी की आराधना की प्राचीनता को दर्शाता है। हड़प्पा सभ्यता के एक पुरास्थल से प्राप्त एक पट्टिका पर महिषासुर का मर्दन करती हुई देवी का अंकन मिलता है, जिसे महिषासुरमर्दिनी की कहानी का प्रथम चित्रण माना जाता है। बलूचिस्तान के नौशारो क्षेत्र से मातृदेवी की मूर्तियां मिली हैं, जिनके मस्तक पर सिंदूर के प्रमाण मिले हैं। यह भारतीय संस्कृति में विवाहित स्त्रियों द्वारा सिंदूर लगाने की परंपरा को पांच हजार वर्षों पूर्व तक ले जाता है। मातृदेवियों के प्रतीक और अर्थभारतीय संस्कृति में मातृदेवियों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुरातात्विक साक्ष्यों से यह स्पष्ट होता है कि भारतीय समाज ने धरती को सृजनकर्ता के रूप में देखा और धरती को मां का स्वरूप दिया। हड़प्पा से प्राप्त एक पट्टिका पर एक स्त्री के गर्भ से एक पौधे के अंकुरण का चित्रण हुआ है, जो मातृदेवी के सृजनात्मक स्वरूप को दर्शाता है। इसी सभ्यता में सप्तमातृकाओं का भी महत्वपूर्ण स्थान रहा है। मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक मुद्रिका पर खड़ी सात मानव आकृतियों को कुछ विद्वान सप्तमातृकाओं का चित्रण मानते हैं, जो भारतीय देवी-पूजा के एक और पहलू को उजागर करती है। मथुरा और वैदिक काल की देवी-पूजामातृदेवी की मूर्तिकला में आगे का विकास लगभग दो हजार वर्ष पूर्व मथुरा में देखा गया। मथुरा के उत्खननों से दुर्गा, सरस्वती, लक्ष्मी और सप्तमातृकाओं जैसे देवी स्वरूपों की मूर्तियां प्राप्त हुई हैं। मथुरा से प्राप्त देवी की मूर्तियों ने बाद में बनने वाली मातृदेवियों की मूर्तिकला की दिशा निर्धारित की। इन मूर्तियों के माध्यम से देवी-पूजा की परंपरा पुनः प्रारंभ हुई और यह भारतीय समाज का एक स्थायी हिस्सा बनी रही। मातृपूजा: भारतीय संस्कृति की स्थायी परंपरामातृपूजा की परंपरा भारतीय जनमानस में गहराई से रची-बसी है। यह परंपरा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह भारतीय समाज की आदिकाल से चली आ रही सामाजिक संरचना का भी प्रतीक है। भारतीय समाज में मातृदेवी को धरती, शक्ति और सृजन का प्रतीक माना गया है। यह भारतीय संस्कृति की सबसे प्राचीन परंपराओं में से एक है, जिसे आज भी नवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों में पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ मनाया जाता है। भारतीय संस्कृति की यह अनूठी परंपरा हमें यह समझने का अवसर देती है कि देवी-पूजा की जड़ें कितनी गहरी हैं और यह कैसे हजारों वर्षों तक अपने अस्तित्व को बनाए रखी हैं। भारतीय समाज के लिए मातृदेवी की पूजा न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है। यह परंपरा आज भी नवरात्रि, दुर्गापूजा और अन्य उत्सवों के माध्यम से जीवित और प्रासंगिक बनी हुई है। (Disclaimer: यह लेख पुरातत्वविद व इतिहासकार प्रो. शुभम केवलिया द्वारा अद्यतन किया गया है। इस लेख में लेखक के अपने विचार और शोध है।)

Ratan Tata Died: उद्योग जगत के “रतन” ने कहा अलविदा, मशहूर उद्योगपति रतन टाटा ने86 वर्ष की आयु में ली अंतिम सांस

मुंबई – पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Ratan Tata Died: मशहूर उद्योगपत‍ि रतन टाटा का 86 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बुधवार को मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। कुछ दिनों पहले ही उन्हें तबीयत बिगड़ने के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वे आईसीयू में थे। इससे तीन दिन पहले उनके निधन की अफवाहें सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं, जिन्हें खुद रतन टाटा ने खारिज करते हुए कहा था कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं। रतन टाटा, जो टाटा संस के चेयरमैन थे, का पूरा नाम रतन नवल टाटा था। उनका जन्म 28 दिसंबर 1937 को मुंबई में हुआ था। वे नवल टाटा और सूनी कमिसारीट के पुत्र थे। बचपन में माता-पिता के अलग होने के बाद, उनकी देखभाल उनकी दादी नवाजबाई टाटा ने की और उन्हें औपचारिक रूप से गोद ले लिया। रतन टाटा की परवरिश उनके सौतेले भाई नोएल टाटा के साथ हुई। रतन टाटा न सिर्फ एक सफल उद्योगपति थे, बल्कि अपने परोपकारी कार्यों के लिए भी विख्यात थे। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने अद्भुत ऊंचाइयों को छुआ और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई। चाय से लेकर जैगुआर लैंड रोवर तक, नमक बनाने से लेकर हवाई जहाज उड़ाने और होटलों के ग्रुप तक, जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में टाटा समूह की उपस्थिति महत्वपूर्ण है। पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित रतन टाटा का जीवन प्रेरणादायक था। उनकी सोच और उनके निर्णय लेने की क्षमता उन्हें सबसे अलग बनाती थी। उन्होंने एक बार कहा था, “मैं सही निर्णय लेने में विश्वास नहीं करता, मैं निर्णय लेता हूं और फिर उन्हें सही साबित करता हूं।” उनका कहना था कि शक्ति और धन उनके लिए प्राथमिकता नहीं हैं, बल्कि उनका उद्देश्य समाज की भलाई करना था। रतन टाटा का जाना उद्योग जगत और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान और उनकी विरासत सदैव याद की जाएगी।

Haryana Election: बीजेपी की हरियाणा में जीत के बाद राहुल गांधी के घर भेजी गई जलेबी – राजनीतिक तंज या जीत का जश्न?

हरियाणा पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| Haryana Election: हरियाणा विधानसभा चुनाव (Harayana vidhan sabha election) में तीसरी बार ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद, बीजेपी ने एक दिलचस्प कदम उठाया। पार्टी ने दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित बीकानेरवाला स्वीट्स से कांग्रेस मुख्यालय, 24 अकबर रोड पर राहुल गांधी के लिए एक किलो जलेबी भिजवाई। यह कदम न सिर्फ राजनीतिक तंज था, बल्कि पूरे चुनावी प्रचार के दौरान चले जलेबी विवाद का अंतिम जवाब भी था। जलेबी का चुनावी विवादयह सारा मामला तब शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गोहाना की एक रैली में स्थानीय जलेबी की तारीफ करते हुए उसे ‘सबसे अच्छी’ जलेबी बताया। उन्होंने कहा कि यह जलेबी भारत ही नहीं, पूरी दुनिया में जानी चाहिए और इस दुकान को फैक्ट्री में बदल देना चाहिए, ताकि हजारों को रोजगार मिल सके। राहुल की इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरी, और चुनाव के दौरान जलेबी एक हॉट टॉपिक बन गई। (BJP) बीजेपी की राजनीतिक चालचुनाव में कांग्रेस की हार और बीजेपी की जीत के बाद, बीजेपी ने राहुल गांधी की जलेबी टिप्पणी को लेकर तंज कसते हुए उनके घर जलेबी भेजने का फैसला किया। बीजेपी ने अपने ट्विटर हैंडल से इस घटना का जिक्र करते हुए ऑर्डर का स्क्रीनशॉट भी साझा किया, जिसमें बीकानेरवाला से ऑर्डर की गई जलेबी की कीमत 609 रुपये बताई गई थी। ट्वीट में पार्टी ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी हरियाणा के समस्त कार्यकर्ताओं की तरफ से राहुल गांधी जी के लिए उनके घर पर जलेबी भिजवा दी है।” जलेबी के जरिए तंजबीजेपी नेताओं ने इस जलेबी विवाद का इस्तेमाल कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधने के लिए किया। यूपी के एक बीजेपी नेता ने चुटकी लेते हुए कहा, “राहुल गांधी को अब जलेबी कड़वी लग रही होगी।” इस तरह, चुनावी रुझानों के बाद भी जलेबी विवाद सुर्खियों में रहा और भाजपा ने इसका उपयोग अपने विपक्षी दल पर कटाक्ष करने के लिए किया। नतीजाबीजेपी की जीत के बाद इस प्रतीकात्मक कदम से यह साफ है कि भारतीय राजनीति में तंज और प्रतीकों का कितना महत्व है। जलेबी, जो आमतौर पर मिठास और खुशी का प्रतीक है, यहां राजनीतिक कटाक्ष का साधन बन गई।

“Ashtami 2024: व्रत, कन्या पूजन के महत्व और शुभ मुहूर्त जानें”

पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क| ashtami 2024: हर वर्ष नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिसमें माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। इस दौरान अष्टमी और नवमी का विशेष महत्व है, जब कन्या पूजन का आयोजन किया जाता है। (Ashtami)अष्टमी तिथि:इस वर्ष, शारदीय नवरात्रि 3 अक्टूबर से शुरू हो रही है और 12 अक्टूबर को समाप्त होगी। अष्टमी का व्रत 11 अक्टूबर को मनाया जाएगा, क्योंकि इस दिन अष्टमी तिथि सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी। कन्या पूजन का उत्तम समय:कन्या पूजन का विशेष महत्व होता है। इस बार अष्टमी पर कन्या पूजन का शुभ समय सुबह 9 बजे से 10 बजे के बीच रहेगा। व्रत और पूजा का शुभ मुहूर्त:– अष्टमी तिथि: 10 अक्टूबर दोपहर 12:23 बजे से शुरू होकर 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे समाप्त होगी।– नवमी तिथि: 11 अक्टूबर सुबह 6:52 बजे से शुरू होकर 12 अक्टूबर भोर 5:12 बजे तक रहेगी।– अष्टमी का व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए 11अक्टूबर  का दिन पूजा और हवन के लिए शुभ है। कन्याओं को विदाई:कन्या पूजन के बाद, सभी कन्याओं को विदा करते समय पान, फल, दक्षिणा और लाल चुनरी अर्पित करना न भूलें। यह माता दुर्गा की कृपा का मार्ग प्रशस्त करता है।इस नवरात्रि, श्रद्धालुओं को माता दुर्गा की आराधना में पूरी श्रद्धा के साथ शामिल होने का निमंत्रण है। नवमी तिथि के कारण महाष्टमी और महानवमी एक ही दिन हो जा रहा उन्होंने कहा कि क्षयवती नवमी तिथि के कारण महाष्टमी और महानवमी एक ही दिन हो जा रहा है। माता दुर्गा का प्राण- प्रतिष्ठा तिथि सप्तमी और मूल नक्षत्र के योग 9 अक्टूबर बुधवार को मध्याह्न मे किया जाएगा। सामान्यतः माता – बहन गोदी भरने का कार्य प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही आरम्भ कर देती है जो नवमी तक चलता है। इस हिसाब से यह कार्य 9 अक्टूबर बुधवार मध्याह्न बेला से 11 अक्टूबर शुक्रवार तक कर सकते है।

RRB RPF SI 2024: रेलवे की इस वैकेंसी में क्या है आपके आवेदन की स्थिति, आपका फॉर्म हुआ स्वीकृत या खारिज?

RRB RPF SI भर्ती के लिए लाखों उम्मीदवारों ने किया था आवेदन, अब जानिए आपका फॉर्म हुआ स्वीकृत या नहीं पब्लिक वार्ता,न्यूज डेस्क। RRB RPF SI 2024: रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने RPF सब-इंस्पेक्टर (SI) भर्ती 2024 के लिए आवेदन की स्थिति जारी कर दी है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर अपनी आवेदन स्थिति जांच सकते हैं। आवेदन की स्थिति कैसे चेक करें?1. RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।2. लॉगिन करें और आवेदन स्थिति के लिंक पर क्लिक करें।3. अपनी आवश्यक जानकारी दर्ज करें और सबमिट करें।4. आपकी आवेदन स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी। आवेदन की स्थिति के विभिन्न प्रकारअनंतिम रूप से स्वीकृत: आपका आवेदन प्रारंभिक स्क्रीनिंग पास कर गया है।शर्तों के साथ अनंतिम रूप से स्वीकृत: आपके आवेदन को कुछ शर्तों के साथ स्वीकार किया गया है।अस्वीकृत: आपका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया है। RRB जल्द ही RPF SI भर्ती परीक्षा की तारीख की घोषणा करेगा।