Ratlam News: पंचकल्याणक महोत्सव का भव्य शुभारंभ कल से, देशभर से जुटेंगे श्रद्धालु
श्री जिनेन्द्र एवं जिनवाणी शोभा यात्रा के साथ होगा ध्वजारोहण रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: श्री आदिनाथ कुंदकुंद कहान दिगंबर जैन पारमार्थिक समिति, तत्व लहर महिला मंडल और सकल दिगंबर जैन समाज के संयुक्त तत्वावधान में कल, 10 जनवरी, पौष शुक्ल द्वादशी के दिन भगवान अजितनाथ के ज्ञानकल्याणक महोत्सव के शुभ अवसर पर रतलाम में श्री 1008 नेमीनाथ दिगंबर जिनबिंब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का भव्य शुभारंभ होगा। इस अवसर पर देशभर से सैकड़ों श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। कार्यक्रम का विस्तृत विवरण महोत्सव का शुभारंभ प्रातः मंगलाचरण और प्रभात गीत से होगा। – सुबह 6:30 बजे: शांति जाप का आयोजन सांगोद रोड स्थित ऋषभ धाम शौरीपुर नगरी में होगा। – सुबह 7 बजे: श्री जिनेन्द्र पूजन नवकार भवन में होगा। – सुबह 7:45 बजे: मंगल कलश एवं नांदी कलश विधि माता-पिता के घर राम मोहल्ला से प्रारंभ होगी। – सुबह 8:30 बजे: श्री जिनेन्द्र एवं जिनवाणी शोभा यात्रा नवकार भवन से ऋषभ धाम तक निकाली जाएगी। – सुबह 10:30 बजे: उद्घाटन समारोह। – 11:30 बजे: इंद्र प्रतिष्ठा। – दोपहर 1:30 बजे: शास्त्र प्रवचन। – 2:15 बजे: याग मंडल विधान। – शाम 6 बजे: बाल कक्षा और श्री जिनेन्द्र भक्ति। – रात्रि 7 बजे: गुरुदेवश्री के सीडी प्रवचन। – 7:30 बजे: शास्त्र प्रवचन। – 8:15 बजे: इंद्र सभा, राज सभा, सोलह स्वप्नों का प्रदर्शन और नृत्य-गान के साथ 56 कुमारिकाओं द्वारा माता की सेवा। माता की गोद भराई और मेहंदी का आयोजन महोत्सव से पूर्व, विभिन्न महिला मंडलों ने माता की गोद भराई और मेहंदी कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर तत्व लहर महिला मंडल, सकल दिगंबर महिला मंडल, विद्या सिंधु महिला मंडल, और सम्यक तरंग महिला मंडल ने अपनी विशेष प्रस्तुतियां दीं। तत्व लहर महिला मंडल की आभा अजमेरा, दीपा जैन, मेघना बड़जात्या, ललिता पाटौदी, प्रीति गोधा और श्वेता पाटनी ने सभी का आभार व्यक्त किया। समिति की अपील महोत्सव समिति के अध्यक्ष राजकुमार अजमेरा, उपाध्यक्ष कीर्ति बड़जात्या, जिनेन्द्र जैन, सुशील अजमेरा, महेंद्र अजमेरा, विजय बड़जात्या, मुकेश मोठिया, कमल पाटनी, संजय गोधा और प्रमोद पाटनी ने सकल जैन समाज और धर्मप्रेमी बंधुओं से महोत्सव में भाग लेकर धर्म लाभ लेने की अपील की है। यह पंचकल्याणक महोत्सव रतलाम शहर के लिए न केवल आध्यात्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी ऐतिहासिक होगा। श्रद्धालु इस आयोजन का लाभ लेकर धर्म, ज्ञान और भक्ति का अनुभव करेंगे।