Ratlam News: फोरलेन जाम केस: धौंसवास में अतिक्रमण हटाने के बाद हंगामा, 7 नामजद सहित कई अज्ञात पर एफआईआर

रतलाम- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: धौंसवास गांव में गुरुवार सुबह अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद फोरलेन पर चक्काजाम करने वाले लोगों पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। 7 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का केस बना है। WATCH VIDEO टेहकिकात के अनुसार, प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बन रही मालवीय समाज की धर्मशाला का निर्माण हटाया था। कार्रवाई के विरोध में समाज के लोग मंदसौर–इंदौर फोरलेन पर करीब दो घंटे बैठे रहे, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने बताया कि वीडियो फुटेज के आधार पर और लोगों की पहचान की जा रही है, जिससे आरोपियों की संख्या बढ़ सकती है। किसके खिलाफ केस दर्ज हुआ? पटवारी भरत राठौड़ की शिकायत पर नामली थाना पुलिस ने इन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है: इन सबके अलावा अज्ञात प्रदर्शनकारियों को भी आरोपी बनाया गया है। कौन-कौन से आरोप लगे? पुलिस की अगली कार्रवाई

Ratlam News: धौंसवास में सुबह 5 बजे प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, नाले पर बनी धर्मशाला ढहाई; विरोध में फोरलेन जाम

रतलाम- पब्लिक वार्ता,न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: नामली थाना क्षेत्र के ग्राम धौंसवास में गुरुवार सुबह प्रशासनिक अमले ने बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। सुबह 5 बजे ही पुलिस और प्रशासन बुलडोजर के साथ मालवीय समाज की निर्माणाधीन धर्मशाला पर पहुंचे और इसे सरकारी नाले पर कब्जे के आरोप में हटाने की कार्रवाई की। WATCH VIDEO कार्रवाई की खबर फैलते ही आक्रोश — फोरलेन पर 5 किमी लंबा जाम सुबह की इस कार्रवाई की खबर मिलते ही मालवीय समाज में नाराजगी फैल गई।सुबह 8 बजे के बाद बड़ी संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे महू-नीमच फोरलेन पर बैठ गए, जिससे हाईवे के दोनों हिस्सों पर करीब 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया।वाहन घंटों तक फंसे रहे और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात स्थिति को संभालने के लिए समाज का आरोप — “15 साल पुरानी धर्मशाला, कार्रवाई की कोई सूचना नहीं” मालवीय समाज के कैलाशचंद चौहान ने बताया कि धर्मशाला लगभग 15 वर्षों से बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने किसी प्रकार की पूर्व सूचनानहीं दी।समाजजनों के अनुसार उन्हें कार्रवाई की जानकारी सुबह 7 बजे मिली। उन्होंने मांग की कि “यदि यह अतिक्रमण है तो अन्य समाजों के अतिक्रमण भी हटाए जाएं।” प्रशासन का पक्ष — “नाले को ब्लॉक कर अवैध निर्माण” प्रशासन के मुताबिक धर्मशाला का निर्माण सरकारी नाले को ब्लॉक कर किया जा रहा था।राजस्व व पंचायत विभाग नेदो बार नोटिस जारी किए,लेकिन निर्माण नहीं रोका गया। इसके बाद शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की वैधानिक कार्रवाई की गई। जाम से हाईवे पर यातायात ठप फोरलेन जाम होने से प्रशासन स्थिति नियंत्रित करने की कोशिश में जुटा है।