MP News: महाकाल मंदिर में संध्या-शयन आरती पर ₹250 फीस, ‘Pay & Enter’ मॉडल पर सियासी घमासान

उज्जैन- पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग श्री महाकालेश्वर मंदिर में संध्या और शयन आरती को लेकर नई व्यवस्था लागू होने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। मंदिर समिति ने इन दोनों आरतियों में शामिल होने के लिए प्रति श्रद्धालु ₹250 शुल्क और अनिवार्य ऑनलाइन बुकिंग सिस्टम लागू कर दिया है। इसके बाद “Pay & Enter” मॉडल को लेकर आस्था और व्यवस्था के बीच बहस छिड़ गई है। क्या है नई व्यवस्था? मंदिर समिति के अनुसार अब श्रद्धालुओं को संध्या और शयन आरती में शामिल होने के लिए अधिकृत वेबसाइट के माध्यम से स्लॉट बुक करना होगा। मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक के अनुसार, इस डिजिटल व्यवस्था से पारदर्शिता, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी। मंदिर समिति का पक्ष मंदिर प्रबंधन का कहना है कि ऑनलाइन सिस्टम लागू करने से दलाल प्रथा खत्म होगी और दर्शन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी। साथ ही चलित दर्शन की व्यवस्था भी जारी रहेगी ताकि अधिक से अधिक भक्तों को दर्शन का लाभ मिल सके। विपक्ष का हमला: “आस्था पर शुल्क” प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस फैसले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि “भगवान के दरबार में भी टिकट लगाना श्रद्धालुओं का अपमान है” और इसे आस्था के खिलाफ बताया। बीजेपी के भीतर भी असहमति इस मुद्दे पर सत्तारूढ़ दल के भीतर से भी विरोध की आवाज उठी है। आलोट से बीजेपी विधायक और पूर्व सांसद डॉ. चिंतामणि मालवीय ने इस फैसले को खेदजनक बताते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को इसका विरोध करना चाहिए। सरकार ने लिया संज्ञान मामले में प्रदेश के धर्मस्व मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि यह निर्णय मंदिर समिति का है, लेकिन सरकार इस पर संज्ञान लेगी और चर्चा के बाद उचित निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार सनातन परंपराओं के प्रति प्रतिबद्ध है। भक्ति बनाम फीस: बड़ा सवाल महाकाल की नगरी में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या धार्मिक आस्था भी शुल्क आधारित मॉडल पर चलेगी? एक ओर व्यवस्था और पारदर्शिता का तर्क दिया जा रहा है, तो दूसरी ओर आम श्रद्धालु इसे “आस्था पर आर्थिक बोझ” मान रहे हैं।

MP News: विक्रमोत्सव 2025: न्यायप्रियता और आदर्शों की अमर गाथा

उज्जैन- पब्लिक। वार्ता, न्यूज़ डेस्क। MP News: सम्राट विक्रमादित्य की न्यायप्रियता, साहस और लोककल्याणकारी छवि आज भी समाज में प्रासंगिक बनी हुई है। विक्रमोत्सव 2025 के समापन समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में रतलाम के शास्त्री नगर निवासी एडवोकेट एवं पूर्व उप संचालक अभियोजन कैलाश व्यास ने कहा कि विक्रमादित्य का कार्यकाल ईसा की पहली शताब्दी का माना जाता है, फिर भी लगभग 2100 वर्षों बाद भी वे लोकमानस में न्यायप्रिय सम्राट और संरक्षक के रूप में स्थापित हैं।   व्यास ने बताया कि सम्राट विक्रमादित्य को अपने पूज्य भ्राता भृतहरि से राज्य की विरासत के साथ-साथ उच्च आदर्श भी मिले थे। भृतहरि ने कहा था कि न्यायविद एवं विद्वान की प्रशंसा हो या निंदा, वह सौ वर्ष जिए या तत्काल मृत्यु को प्राप्त हो, लेकिन उसे न्याय के मार्ग से कभी विचलित नहीं होना चाहिए।   उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान न्याय व्यवस्था में दंड का सुधारात्मक सिद्धांत, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता का अधिकार, महिलाओं एवं बच्चों के विशेष संरक्षण की अवधारणा उसी न्याय प्रणाली से प्रेरित प्रतीत होती है।   विक्रमोत्सव में न्यायविदों की गरिमामयी उपस्थिति   समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व जिला न्यायाधीश आर. एस. चुण्डावत ने विक्रमादित्य कालीन साहित्य और न्याय व्यवस्था पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में पूर्व जिला जज एस. सी. पाल, पूर्व जिला जज जे. सी. सुनहरे सहित कई विधि शोधार्थी और अभिभाषक उपस्थित रहे।   इस अवसर पर विक्रमोत्सव आयोजन समिति की ओर से कैलाश व्यास का शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मान समारोह में विनोद शर्मा, दिनेश पंडिया, रवींद्रसिंह कुशवाह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं समापन जिला विधिक सेवा अधिकारी चंद्रेश मंडलोई द्वारा आभार प्रकट करने के साथ हुआ।

Ratlam News: विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का भव्य शक्ति संगम 29 दिसंबर को उज्जैन में

रतलाम – पब्लिक वार्ता, न्यूज़ डेस्क। Ratlam News: आगामी 29 दिसंबर को उज्जैन में विश्व हिंदू परिषद मालवा प्रांत के 28 जिलों की मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी का भव्य शक्ति संगम आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को लेकर रतलाम जिले की मातृशक्ति दुर्गा वाहिनी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में मालवा प्रांत संयोजिका ज्योति प्रिया शर्मा का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।  संगम का विशेष महत्व  संयोजिका ज्योति प्रिया शर्मा ने बताया कि इस वर्ष देवी अहिल्या माता त्रिजन्म वर्ष और रानी दुर्गावती पंचजन्म जयंती वर्ष के निमित्त दुर्गा वाहिनी ने पूरे प्रांत में 110 जागरण यात्राओं का आयोजन किया। ये यात्राएं नारी शक्ति के स्वाभिमान और जागरूकता के उद्देश्य से निकाली गईं। इन यात्राओं के समापन स्वरूप यह शक्ति संगम आयोजित किया जा रहा है।  महाकाल नगरी में हजारों बहनों का मिलनशक्ति संगम में हजारों बहनें बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में एकत्र होंगी। इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में दुर्गा वाहिनी की राष्ट्रीय संयोजिका और संस्थापिका परम पूज्य साध्वी ऋतंभरा दीदी मां का सान्निध्य प्राप्त होगा। रतलाम जिले से 700 बहनों की उपस्थिति रहेगी।  बैठक में विशेष उपस्थिति  बैठक में विश्व हिंदू परिषद विभाग सह मंत्री पवन बंजारा, जिला उपाध्यक्ष राधेश्याम रावल, मातृशक्ति जिला उपाध्यक्ष मीणा दीदी भावसार, जिला मंत्री गौरव शर्मा, मातृशक्ति जिला संयोजिका सरिता दीदी, बजरंग दल जिला सह संयोजक राजा राम ओहरी, राहुल हाड़ा, दिव्या शर्मा, भूमि जाटव, पूनम बोरीवाल, ज्योति शर्मा, कल्पना प्रजापत, श्वेता शर्मा, आरती प्रजापत, सिवनी बोरासी, शर्मिला सालवी, रवीना निनामा, सीमा गेहलोत, सुगना भूरिया और प्रांजल पंचाल सहित प्रखंड स्तर की अनेक बहनों ने सहभागिता की। जानकारी जिला प्रचार प्रसार प्रमुख मोंटी जायसवाल ने दी।