10 साल में पैरोल तक नहीं: जेल में बंद संत आसाराम बापू की रिहाई की मांग तेज, आज शहर में होगी विशाल प्रार्थना सभा

हनुमान चालीसा का पाठ करने के बाद राष्ट्रपति के नाम सौंपा जाएगा ज्ञापन पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। पूज्य संत श्री आसाराम जी बापू की शीघ्र रिहाई के लिए संतो के सानिध्य में विशाल प्रार्थना सभा का एवं सामूहिक श्री हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन आज 13 मार्च, बुधवार को दोपहर 2 बजे से श्री कालिका माता मेला प्रांगण ,रतलाम पर रखा गया है। जिसमे संतो-महात्माओं के साथ राजनेता,समाजसेवी एवं प्रबुद्धजन शामिल होंगे। प्रार्थना सभा के बाद पूज्य बापूजी की शीघ्र रिहाई के लिए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन जिलाधीश को दिया जायेगा। 31 अगस्त 2013 यही वो दिन था, जब आसाराम बापू की गिरफ्तारी हुई थी। तब से जेल के बाहर की खुली हवा बापू को फिर कभी नसीब नहीं हुई। हालांकि, इस दौरान जोधपुर सेंट्रल जेल का दरवाजा कई बार खुला. कई कैदी जेल से रिहा हो गए। यहां तक कि इस जेल में सलमान खान जैसे सेलिब्रिटी भी बाबा के रहते हुए अंदर आए और तीन दिन में ही बाहर आ गए। लेकिन आसाराम बापू को पेरोल तक नही दी गई है। शहर में होने वाली प्रार्थना सभा का आयोजक समस्त जागरूक सनातन समाज है। योग वेदांत सेवा समिति अध्यक्ष प्रेम प्रकाश बाथव ने बताया कि इस विशाल प्रार्थना सभा में श्री श्री अवधूत संत श्री नर्मदानंद जी बाबजी, श्रंगेरी मठ के दंडी स्वामी श्री आत्मानंद जी सरस्वती, श्री आनंदगिरि जी महाराज अडवानिया वाले, श्री देवस्वरूपजी महाराज  अखंड ज्ञान आश्रम रतलाम, संस्कार ऋषि श्री दिनेश व्यास (घटवास), महर्षि संजय शिवानंद दवे, साध्वी श्री राजराजेश्वरी जी, श्री हरिहर उदासीन आश्रम एवं भगवताचार्य विनोद शर्मा आदि प्रमुखजन उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा संत श्री आशारामजी आश्रम मुख्य प्रवक्ता श्रीमती नीलम दुबे सहित के कई राजनेता, समाजसेवी एवं प्रबुद्धजन इस आयोजन में शामिल होने जा रहे है। यहां संस्था द्वारा एक पीडीएफ उपलब्ध करवाई गई है जिसमें संत आसाराम बापू के केस के संबंध में कुछ तथ्य बताये गए है। नीचे लिंक के माध्यम से आप इसे पढ़ या देख सकते है। CLICK HERE👇 TO DOWNLOAD PDF FILE

सार्थक पहल: 2900 मजदूरों के हक के रुपए दिलाने के लिए मंत्री काश्यप की पहल, मुख्यमंत्री से किया आग्रह

हुकुमचंद मिल की तर्ज पर हो रतलाम की सज्जन मिल के श्रमिकों का भुगतान पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री, चेतन्य कुमार काश्यप ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलकर रतलाम की सज्जन मिल के 2900 मजदूरों की तीस वर्षों से बकाया मजदूरी एवं अन्य देनदारियों का भुगतान मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल और अधोसंरचना विकास मंडल के माध्यम से करने का आग्रह किया। काश्यप ने मुख्यमंत्री को बताया की जिस प्रकार इंदौर की हुकुमचंद मिल के मजदूरों को शासन ने सहायता की ठीक उसी प्रकार रतलाम के 2900 परिवारों पर भी ध्यान दिया जाए और उनकी सहायता की जाए। मुख्यमंत्री ने काश्यप को आश्वस्त किया कि वे सज्जन मिल की बकाया देनदारियों का भुगतान कराने के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में अधिकारियों को तुरंत निर्देशित भी किया। काश्यप ने भोपाल में कैबिनेट की बैठक के बाद आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री से मुलाकात की और आग्रह पत्र सौंपा। इस पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा हुकुमचंद मिल की देनदारी संबंधी समस्याओं का निराकरण करने की सराहना की और उनकी इस पहल को मजदूरों के हित में ऐतिहासिक निर्णय बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि सज्जन मिल 1992 से बंद पड़ी है। मिल पुर्नउत्थान करने के लिए राज्य शासन द्वारा समय-समय पर प्रयास किए गए परन्तु सफलता नहीं मिली। मिल कंपनी परिसमापन के अन्तर्गत होकर हाईकोर्ट मध्यप्रदेश में आगामी कार्रवाई हेतु विचाराधीन है। मंत्री काश्यप के अनुसार मिल की जमीन शहर के बीचों-बीच होने से उद्योग लगाने के लिए उपयुक्त नहीं है। हुकुमचंद मिल की योजना के अनुसार ही हाईकोर्ट के माध्यम से इस भूमि पर भी इन्दौर जैसा प्रकल्प लाकर मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल और अधोसंरचना विकास मंडल के माध्यम से मजदूरों, बैंकों एवं अन्य देयताओं का भुगतान कराया जा सकता है।

नशे पर एक्शन या खानापूर्ति: एमडी ड्रग्स व स्मैक के साथ दो युवक गिरफ्तार, मुख्य सरगनाओं तक पहुंचने में पुलिस अब भी नाकाम

ABVP के विरोध के बाद जागी पुलिस, चॉकलेट – बिस्किट की तरह बिक रहा नशा पब्लिक वार्ता – रतलाम,जयदीप गुर्जर। शहर में नशे के सौदागर बेखौफ अपना धंधा जमाए हुए है। जिम्मेदार आंख बंद कर दफ्तरों में आराम कर रहे है। जिले के आलम यह है की यहां जिम्मेदारों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास तभी होता है जब कोई विरोध प्रदर्शन हो  या कोई बड़ी घटना घटित हो। 2 हफ्ते पहले विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज में बढ़ रही नशाखोरी के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। जिसके बाद पुलिस तंत्र सक्रिय हुआ। रविवार को थाना स्टेशन रोड पुलिस द्वारा अलग – अलग स्थानों से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। इससे पहले भी ड्रग्स के नशे में जान गवाने वाले कई किस्से शहर के लोगो ने सुने है। इसको लेकर पूर्व में एक बड़ा आंदोलन भी शहर में हुआ था, जब पुलिस हरकत में आई और कुछ दिनों तक लगातार कार्रवाई भी की। लेकिन पुलिस ने उसके बाद इनके ठिकानों और सरगनाओं तक पहुंचना जरूरी नहीं समझा। जिसके बाद अब फिर ड्रग्स का यह जहर शहर को खोखला करने में जुट गया है। चॉकलेट बिस्किट की तरह गांजा, अफीम, एमडी, स्मैक जैसे नशीले पदार्थ बाजार में बिक रहे है। मगर जिम्मेदारों के कान में जू तक नहीं रेंगती नजर आ रही है। पुलिस ने रविवार आधी रात में डीमार्ट बायपास व भक्तन की बावडी रोड से आरोपी जाफर पिता अल्लाहबक्श खान उम्र 22 वर्ष निवासी फिरदौस बहन का मकान, मोचीपुरा को गिरफ्तार किया। जिसके पास से पुलिस ने 31 ग्राम एमडी ड्रग्स पकड़ी। जिसकी किमती करीब 1 लाख रूपये बताई जा रही है। वहीं दूसरी और पुलिस ने दोपहर में भक्तन की बावड़ी क्षेत्र से ही एक अन्य आरोपी मोईनुद्दीन भुरा उर्फ भुरू पिता मोहम्मद हुसैन उम्र 21 वर्ष निवासी पिंजारा पोल हाथी खाना, झोपड पट्टी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी मोईनुद्दीन के पास से 30 हजार कीमत की करीब 10 ग्राम स्मैक बरामद की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धारा 8/22 एनडीपीएस एक्ट में मामला पंजीबध्द कर विवेचना शुरू कर दी है। राजस्थान से मंगवाई एमडीएमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार हुए आरोपी जाफर ने पुलिस पूछताछ में बताया की वह मोबाइल से राजस्थान के अरनोद थाना क्षेत्र के गांव देवल्दी निवासी अरबाज खान से मोबाईल पर बात कर मंगवाई थी। जो की एक अन्य आरोपी बालुराम मीणा नि. सिंगपुरा माताजी थाना अऱनोद जिला प्रतापगढ ने उसे डिलीवर की। पुलिस अब फरार आरोपी अरबाज खान व बालूराम मीणा को खोजने में जुटी है। राजस्थान का “अरनोद” है नशे का हबएमडी ड्रग्स, कोकीन, ब्राऊन शुगर जैसे घातक नशे की खेप मध्यप्रदेश के पड़ोसी राज्य राजस्थान से एंट्री कर रही है। जिस पर अंकुश लगाने में पुलिस अब तक कोई ठोस अंजाम तक नहीं पहुंची है। राजस्थान से नशा एंट्री करते हुए मध्यप्रदेश के बड़े शहरों समेत गुजरात में पहुंचता है। वहीं नशे के सरगनाओं तक पहुंचने की बात की जाए तो रतलाम पुलिस के हाथ अब तक खाली है।रतलाम पुलिस ने नशे के कारोबार पर जो कार्रवाई अब तक कि है, उनमें से अधिकांश का तार सीधे राजस्थान से जुड़ा मिला है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या रतलाम पुलिस प्रतापगढ़ से रतलाम में एंट्री कर रहे नशे के कारोबार के ठिकानों और सरगनाओं तक पहुंचेगी या इसी तरह केवल तस्करी पर कार्रवाई करते हुए अपनी पीठ थपथपाती रहेगी? सब जानकर भी है अनजान?कई मामलो में देखा गया है की तस्कर और नशाखोरी के आदि लोग जावरा के पिपलोदा से सीधे राजस्थान में एंट्री करते है। यहां से राजस्थान में पनप रही नशा कारोबार की दुनिया शुरू होती है। प्रतापगढ़ के गांव कोटड़ी, नौगावा, देवल्दी, कोटडी, धमोमर के आस पास के कई इलाके में जहरीले नशे का कारोबार वर्षो से चला रहा है। जो मध्यप्रदेश की युवा पीढ़ी को खोखला कर रहा है। गरीब तबके के लोगों को इस अवैध नशे के कारोबार में शामिल किया जाता है। गरीब युवाओं को नशीले पदार्थ को डिलीवर करने के लिए उपयोग में लिया जाता है। नशा कारोबारियों की गुंडई के कारण लोकल आदमी शिकायत से डरता है। सूत्रों की माने तो बड़े पैमाने पर चल रहे इस कारोबार को राजनीतिक शह के साथ ही विभागीय साठगांठ जान फूंके हुए है। कहा जाता है की इनका खुफिया तंत्र और ऊपर तक परोसा गया पैसा पुलिस तंत्र से ज्यादा सक्रिय है। नारकोटिक्स विभाग की अनदेखी या चुप्पी भी कई सवालों को खड़ा करती है।

साथी को श्रद्धांजलि : दिवंगत पत्रकार इंगित गुप्ता को किया नम आंखों से याद, प्रेस क्लब सहित शहर के गणमान्य रहे उपस्थित

पब्लिक वार्ता – रतलाम, जयदीप गुर्जर। रतलाम प्रेस क्लब ने सोमवार को क्लब के साथी व वरिष्ठ पत्रकार इंगित गुप्ता के असमय दिवंगत होने पर उनके जन्मदिन 4 मार्च को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। पॉवर हाउस रोड स्थित प्रेस क्लब भवन पर आयोजित सभा में रतलाम प्रेस क्लब के पदाधिकारियों एवं साथियों के अलावा शहर के अनेकों गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान हर आंख उनकी याद में नम रही। रतलाम प्रेस क्लब अध्यक्ष मुकेशपुरी गोस्वामी ने इस दौरान इंगित गुप्ता के बारे में बताते हुए कहा कि वे लगभग तीन दशकों से पत्रकारिता कर रहे थे। सैकड़ों बार समाज के ज्वलंत मुद्दों पर उनकी कलम से उन्होंने अपना धर्म निभाया है। उनकी ईमानदारी और व्यवहारिकता के कारण उनकी बहुत बड़ी मित्र मंडली रही। अचानक हुई दुखद चिकित्सकीय समस्याओं के चलते वे असमय ही दुनिया छोड़कर चले गए, लेकिन अपने पिता सुरेश आनंद की विरासत को आगे बढ़ाते हुए अपनी लेखनी और व्यवहार से हमेशा जीवित रहेंगे। श्री गोस्वामी ने कहा कि इस दुखद घड़ी में उनकी बेटी और परिवार के साथ पूरा रतलाम प्रेस क्लब परिवार की ही तरह खड़ा है और आगे भी रहेगा। पूर्व अध्यक्ष राजेश जैन ने भी कहा कि इंगित गुप्ता ने जीवन पर्यंत ईमानदारी से पत्रकारिता के धर्म को निभाया और इस कारण परिवार के प्रति अपनी आर्थिक जिम्मेदारी उतनी सहगता से नहीं निभा सके। लेकिन ऐसे ईमानदार व्यक्ति का जाना समाज के लिए भी क्षति है और अब समाज को मिलकर परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभानी चाहिए। जन्मदिन पर इस तरह किया गया यादइस दौरान शोक सभा में आई पत्रकार इंगित गुप्ता की बेटी काची गुप्ता और उनकी बड़ी बहन ईला अग्रवाल और रिश्तेदार अभिषेक असाठी मौजूद रहे। काची ने बताया कि 4 मार्च को श्री इंगित का जन्मदिन परिवार में हमेशा उत्सव की तरह मनता था और अब इस अवसर पर रतलाम प्रेस क्लब उन्हें याद कर रहा है। परिवार ने कहा कि किसी के जाने के बाद इतने लोगों द्वारा उन्हें स्मरण करना उपलब्धि है। इस अवसर पर वहां मौजूद लोगों ने स्वेच्छा से बिटिया की पढ़ाई आदि हेतु सहयोग भी किया। श्रद्धांजलि सभा में पूर्व महापौर शैलेंद्र डागा, चिंतक विष्णु बैरागी, पूर्व सांसद प्रतिनिधि राजीव रावत, पूर्व पार्षद सूरज जाट, जिला संघचालक सुरेंद्र सुरेका, संघ के वीरेंद्र वाफगांवकर, गोविंद काकानी, गोपाल काकानी, भाजपा नेता पवन सोमानी, कांग्रेस नेता जोएब आरिफ, फैय्याज मंसूरी, एडवोकेट उमाकांत उपाध्याय, सुनील पारिख, राकेश शर्मा, यंतेंद्र भारद्वाज, समाजसेवी कचरु राठौड़, नीलू अग्रवाल, शैलेंद्र गोठवाल समेत रतलाम प्रेस क्लब के वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सदस्य, पत्रकार आदि मौजूद थे।